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क्रिकेट इतिहास के सबसे कम उम्र के कप्तान बने राशिद खान

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अफगानिस्तान के स्पिन गेंदबाज राशिद खान विश्व क्रिकेट में सबसे युवा कप्तान बन गए हैं। राशिद की उम्र अभी 19 साल और 159 दिन है। उन्हें असगर स्टैनिकजई के स्थान पर कप्तानी सौंपी गई है। असगर अपेंडिक्स की सर्जरी के लिए फिलहाल जिम्बाब्वे के एक अस्पताल में भर्ती हैं।

जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज को 2-0 से अपने नाम करने वाली अफगानिस्तान टीम के गेंदबाज राशिद खान ने हाल ही में अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की टी-20 गेंदबाजों की रैंकिंग में पहला स्थान हासिल किया है। इससे पहले, राशिद ने वनडे गेंदबाजों की रैंकिंग में जसप्रीत बुमराह के साथ संयुक्त रूप से पहला स्थान प्राप्त किया था।

 

सबसे युवा कप्तान :

खिलाड़ी                  देश                 उम्र

राशिद खान          अफगानिस्तान        19 साल 159 दिन

रोडनी ट्रॉट            बरमूडा                  20 साल 332 दिन

राजिन सलेह         बांग्लादेश          20 साल 297 दिन

तेतेंदा टैबू            जिम्बाब्वे              20 साल 342 दिन

नवाब पटौदी        भारत              21 साल 77 दिन

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बलिया के दो होनहारों का वॉलीबाल सीनियर नेशनल टीम में हुआ चयन, ज़िले में ख़ुशी की लहर

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बलिया डेस्क : नेशनल वॉलीबाल चैम्पियनशिप के लिए 12 सदस्यीय उत्तर प्रदेश की टीम में बलिया के दो होनहारों का चयन हुआ है। चयनित होनहारों के नाम आदित्य दूबे और तेजस्वनी सिंह है। आदित्य और तेजस्वनी भारतीय वॉलीबाल महासंघ के तत्वावधान में केआईआईटी विश्वविद्यालय (भुवनेश्वर) में 5 से 11 मार्च तक आयोजित 69वीं राष्ट्रीय सीनियर पुरूष/महिला वॉलीबाल चैम्पियनशिप में अपना जलवा दिखाएंगे।

इन दोनों का चयन 28 फरवरी को उत्तर प्रदेश वॉलीबाल एसोसिएशन की ओर से शाहजहांपुर के नायक यदुनाथ सिंह स्टेडियम में आयोजित ट्रायल में हुआ था। इस ट्रायल में हज़ारों लड़के और लड़कियों ने हिस्सा लिया था। लेकिन चयन सिर्फ 12 का हुआ और इन 12 लोगों में बलिया के आदित्य और तेजस्वनी का नाम शामिल है। जो बलियावासियों के लिए गर्व की बात है।

आदित्य दूबे दोकटी इलाके के रहने वाले हैं। उनके पिता का नाम रामप्रवेश दूबे है, जो सीएचसी सोनबरसा में कार्यरत हैं। वहीं तेजस्वनी सिंह रामनगर के रहने वाले कन्हैया सिंह की बेटी हैं। दोनों के चयन के बाद ज़िले में खुशी की लहर है। लोग इनके घर पहुंचकर इन्हें बधाई दे रहे हैं।
आदित्य ज़िले के ही नीलम देवी डिग्री कॉलेज (धतुरीटोला) में बीए अंतिम वर्ष का छात्र है।

उसने 2016 में अपने खेल की शुरूआत दोकटी में विपुलेंद्र प्रताप सिंह की ओर से आयोजित वालीवाल प्रतियोगिता को देखने के बाद की। आदित्य को डीएलडब्लू के वॉलीबाल प्रशिक्षक नवीन राय ने प्रेरित किया और उन्हीं के मार्गदर्शन में खेल की शुरूआत हुई।
वहीं तेजस्वनी के बारे में उनके कोच संजय सिंह बताते हैं कि वह शुरू से ही खेल के क्षेत्र में प्रभावशाली थी। शुरुआती पढ़ाई गांव से ही पूरी करने के बाद तेजस्वनी ने महात्मा गांधी इण्टर कालेज दलन छापरा से इंटरमीडियट किया।

अभी वह स्नातक की पढ़ाई महाविद्यालय दुबेछपरा में कर रही हैं। महाविद्यालय में पढ़ाई करते हुए तेजस्वनी ने बॉलीबाल खेलना नहीं छोड़ा। उसे अपनी कड़ी मेहनत का फल मिला और उसका चयन नेशनल बॉलीबाल टीम के लिए हो गया।

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बलिया के इस युवा को भारत सरकार ने भेजा साउथ कोरिया, पूरे जिले के लिए गर्व की बात

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बलिया के युवा लगातार अलग अलग क्षेत्रों में जिले का नाम सिर्फ देश में ही नहीं बल्कि दुनिया भर में रोशन कर रहे हैं. अब आज कल पूरे देश में बलिया के जिस युवक की चर्चा है उनका नाम है निखिलमणि तिवारी. आपको बता दें कि निखिलमणि तिवारी बलिया के चंदाडीह गांव के रहने वाले हैं और इस वक़्त वह साउथ कोरिया गए हुए हैं. दरअसल भारत सरकार के खेल मंत्रालय की तरफ से उन्हें साउथ कोरिया भेजा गया है.

दरअसल भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने 25 युवाओं का प्रतिनिधिमंडल साउथ कोरिया भेजा है. इस पचीस सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल में बलिया के निखिलमणि तिवारी भी शामिल हैं. ऐसे में निखिलमणि तिवारी के चयन से पूरे बलिया जिले और उनके गाँव के लोगों में उत्साह है. यह बलिया के सभी लोगों के लिए गर्व की बात है. आपको बता दें कि यह टीम दस दिनों के लिए साउथ कोरिया गयी हुई है.

दरअसल इस दौरान भारत के यह युवा विदेश में भारत की संस्कृति और अपने देश के विकास की गाथा का साउथ कोरिया में प्रचार और प्रसार करने का काम करेंगे. एक तरह से यह विदेश में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे. इसके साथ साथ वहां की तकनीक को समझकर उसका इस्तमाल अपने देश के विकास में किस दिशा में कर सकते हैं, उस पर यह लोग काम करेंगे.

बहरहाल, इस तरह आप अंदाज़ा लगा सकते है कि बागियों की घरती बलिया के युवा कहाँ तक पहुंचे गए हैं. इन युवाओं से बलिया के बाकी के युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए. इनसे आगे बढ़ने की उर्जा लेनी चाहिए. साथ ही इनसे हिम्मत भी मिलती है कि अगर इंसान अपने दिल में कुछ करने की चाहे और उसे हासिल करने के लिए अपनी पूरी उर्जा लगा दे तो कोई काम मुश्किल नहीं है. खैर., हमारी तरफ से निखिलमणि तिवारी को ढेरो मुबारकबाद.

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बलिया की अंजली यूपी खो-खो टीम की नई कप्तान, जिले के 8 खिलाड़ी गुजरात रवाना

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बलिया डेस्क: उत्तर प्रदेश बालिका खो-खो टीम की ज़िम्मेदारी अब बलिया की बेटी अंजलि यादव निभाएंगी. दरअसल उन्हें टीम का कप्तान बनाया गया है. बलिया के लोगों के लिए यह एक बेहद ख़ुशी और गर्व की बात आप. अपनी मेहनत और काबिलियत की बदौलत अंजलि यादव यहाँ तक पहुंची हैं और उन्हें पूरी टीम की कमान सौंप दी गयी है.

आपको बता दें कि 19 अक्टूबर से गुजरात में जूनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप का आयोजन होने जा रहा है जोकि 23 अक्टूबर तक चलेगा. यह चैंपियनशिप गुजरात के सूरत में होने वाली है जिसके हिस्सा लेने के लिए बलिया के आठ खिलाड़ी रवाना हुई हैं. इन आठ खिलाड़ियों में पांच लड़कियां हैं और तीन लड़के हैं.

लड़कियों में प्रिय राजभर, पूजा पाण्डेय, अज्ञलि यादव, मीनाक्षी शर्मा और मोहिनी गुप्ता शामिल हैं वहीँ दूसरी तरफ लड़कों में पवन कुमार के साथ साथ अजीत शर्मा राजन श्रीवास्तव शामिल हैं. इस तरह बलिया जिले के खिलाड़ियों के ऊपर यूपी टीम को जीत दिलाने की ज़िम्मेदारी है.आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश बालिका खो-खो टीम की कोच प्रिती गुप्ता को बनाया गया है.

वहीँ बलिया के खिलाड़ियों के इस मुकाम तक पहुँचने को लेकर बलिया खो-खो संघ के लोग भी काफी उत्साहित हैं और बलिया के खिलाड़ियों से उन्हें काफी उम्मीदें हैं.सभी को पूरा यकीन है कि टीम की जीत में अहम् भूमिका निभाकर यह खिलाड़ी बलिया का नाम देश भर में रोशन करेंगे.

वहीँ बलिया खो-खो संघ के अध्यक्ष कुंवर अरुण कुमार की तरफ से बलिया के खिलाड़ियों को ढ़ेरों मुबकराबाद दी हैं और होने वाली नेशनल खो-खो चैंपियनशिप में बढियां प्रदर्शन के लिए उन्हें शुभकामनाएं दी हैं. संघ के बाकी लोगों को कहना है कि बलिया के युवाओं में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. मौका जब भी मिला है बलिया के लोगों ने खुद को साबित करके दिखाया है और इस बार भी यही होगा.

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