Connect with us

बलिया स्पेशल

रसड़ा के बुनियादी समस्याओं के सामाधान के लिए उठायी आवाज

Published

on

बलिया। जनपद का सबसे पुराना रसड़ा तहसील शासन व प्रशासन की घोर उदासीनता के कारण उपेक्षा का शिकार बनकर रह गया है। नतीजा यह है कि यहां लगभग तीस पैतीस वर्षो से भारी मांग के बावजूद भी सरकारों द्वारा यहां मुंसफी न्यायालय की पुर्नस्थापना, राजकीय बालिका इंटर कालेज के भवन का निर्माण आदि तमाम बुनियादी मसलों का हल नहीं निकाला गया। जिससे रसड़ा क्षेत्र के लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

इस सम्बंध में बताते है कि आजादी के बाद के दशक में रसड़ा में मुंसफी न्यायालय आबाद थी। जिसे किसी कारणवश यहा से जिला मुख्यालय के स्थानांतरित कर दिया गया। जिसके कारण रसड़ा क्षेत्रवासियों को न्याय पाने के लिये अनावश्यक धन व समय का नुकसान कर बलिया जाना पड़ता है।

इसी प्रकार 90 के दशक में रसड़ा में स्थापित राजकीय बालिका इंटर कालेज को निजी भवन न दिये जाने से यह विद्यालय तहसील के जर्जर भवनोें में जान जोखिम में लेकर संचालित किया जाता है। जबकि इस विद्यालय को पुराने तहसील के भूमि के कुछ हिस्सों में नामांतरण कर यदि भवन का स्वरूप दे दिया जाता तो निश्चित तौर पर यह विद्यालय बालिका शिक्षा और सरकार के पढ़े बेटियां, बढे़ बेटियां के संकल्प की दिशा में बरदान साबित होता।

इस सम्बंध में बसपा के जिलाध्यक्ष अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ हाजी नुरूल बसर अंसारी, बीरबल राम, सपा के विधानसभा अध्यक्ष विजयशंकर यादव, सजपा के जिलाध्यक्ष बलवंत सिंह, प्रमुख समाजसेवी संजीव कुमार सिंह सब्लू, प्रबंधक अवधेश सिंह, ग्राम प्रधान शिवेंद्र बहादुर सिंह, अधिवक्ता संघ के पूर्व अध्यक्ष प्रमोद सिंह, छात्रनेता आनंद सिंह मान ने शासन प्रशासन से रसड़ा के बुनियादी समस्याओं के सम्बंध में समन्वय समिति बनाकर मुंसफी न्यायालय, राजकीय बलिका इंटर कालेज जैसी अन्य मांगों पर तत्काल अमल करने की मांग की है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

featured

नगर पंचायत अध्यक्ष ने पेश की मिसाल, दिखाया सत्ता में रहकर इस तरह किया जाता है काम

Published

on

बेल्थरा रोड डेस्क : बलिया जिले में सबसे चर्चित नगर पंचायत अध्यक्ष अपने काम से जिले के लोगों का दिल जीत रहे हैं। कोरोना लॉकडाउन की मार झेल रहे बलिया के लोगों के लिए बिल्थरा रोड के आदर्श नगर पंचायत के चेयरमैन दिनेश कुमार गुप्ता फरिश्ता बनकर सामने आए हैं।

वो ज़िले के तमाम असहाय लोगों की बढ़- चढ़कर मदद कर रहे हैं। उन्होंने अपने काम से एक बेहतरीन मिसाल पेश की है। जिसकी चर्चा विपक्षी पार्टी के लोग भी दबी जुबान में कर रहे हैं।

दिनेश कुमार गुप्ता ने लॉकडाउन से बेहाल लोगों के लिए अपने इलाके में दो हज़ार से ज्यादा राहत पैकेट्स बांटे हैं। गरीबों की मदद के लिए उन्होंने सहायता धनराशि भी दी है। इसके साथ ही उन्होंने गरीबों के  इलाज के लिए आर्थिक सहायता भी की  हैं।

दिनेश कुमार ने अपने इस राहत कार्य में समाज के लगभग तमाम  श्रमिक तबकों का ख्याल रखा है। उन्होंने उन फेरी वालों के लिए भी राशन का इंतजाम किया है, जिनका काम लॉकडाउन की वजह से बंद हो गया। वहीं प्रवासी मज़दूरों की बात की जाए तो चेयरमैन ने उनके लिए भोजन का इंतजाम किया है और बेघर मज़दूरों के लिए अस्थाई रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है।

इसके साथ चेयरमैन ने नगर पंचायत के सभी कर्मचारियों के लिए ग्लव्स, मास्क, सनेटाइजर और कर्मचारियों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित भी किया है । चेयरमैन द्वारा नगर के प्रत्येक वार्ड को दवा छिड़क कर सेनिटाइज भी कराया जा रहा है।

अपने इस राहत कार्य में उन्होंने ज़िले के कई माननीय सदस्यों को भी जोड़ा है। जिसमें अधिशासी अभियंता, अपर अभियंता, सभी वार्डों के सभासद और कई कारोबारी शामिल हैं। चेयरमैन इन सभी के साथ मिलकर लोगों की मदद कर रहे हैं।

दिनेश कुमार गुप्ता का ये राहत कार्य सिर्फ बलिया तक ही सीमित नहीं है, उन्होंने समस्त देश की सेवा के भाव से प्रधानमंत्री राहत कोष में भी 1 लाख 11 हज़ार रुपए का योगदान किया है।

दिनेश कुमार की तारीफ़ करते हुए समाजिक कार्यकर्ता मोईद अहमद बताते हैं की ‘दिनेश ने बतौर चेयरमैन पहले कार्यकाल के दौरान बहोत काम कराया। उन्होंने बताया कि उस दौरान इलाक़े की कोई ऐसी गली नहीं थी, जिसे चेयरमैन ने पक्का ना कराया हो। बिजली की समस्या का भी बेहतरीन ढंग से निदान किया लेकिन बीजेपी की सरकार आने के बाद शायद पैसे की कमी चलते वो इलाक़े में उतना ज़्यादा काम नहीं करा सके जितना होना चाहिये था।’

कौन हैं दिनेश कुमार गुप्ता?

इतिहास में ग्रेजुएट दिनेश कुमार गुप्ता बिल्थरा रोड के आदर्श नगर पंचायत के वर्तमान अध्यक्ष हैं। वो लगातार दूसरी बार यहाँ से अध्यक्ष बने हैं। पहला चुनाव उन्होंने निर्दलीय लड़ा था, जिसके बाद 2014 में वो बीजेपी में शामिल हो गए।

राजनीति में आने से पहले ही वो समाज सेवा का काम करते रहे हैं। उनके मुताबिक़, वो राजनीति में समाज सेवा के भाव से ही आए हैं। उनकी छवि एक धर्मनिरपेक्ष नेता के रूप में है। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों के बीच उनकी अच्छी पैठ मनी जाती है। दिनेश कुमार गुप्ता को क्रिकेट और योगा से भी काफ़ी लगाव है।

(इस रिपोर्ट को जीशान के सहयोग से तैयार किया गया है) 

Continue Reading

बलिया स्पेशल

एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू बोले – समाजवादी हूं, अखिलेश ही हैं हमारे नेता

Published

on

बलिया- एमएलसी रविशंकर सिंह पप्पू ने भाजपा में शामिल होने को लेकर चल रहे कयास को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि वह सपा में ही हैं और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ही हमारे नेता हैं। उन्होंने आगे कहा की बाबा चंद्रशेखर के समय से ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से उनके निजी संबंध हैं। उनसे मुलाकात का यह मतलब नहीं है कि वह भाजपा में जाने वाले हैं। इस मुलाकात को राजनीतिक रूप से नहीं देखना चाहिए।

बलिया के फतेहबहादुर सिंह कांप्लेक्स में सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में एमएलसी पप्पू सिंह ने एक सवाल के जवाब में कहा कि वे सपा से ही विधान परिषद का चुनाव लड़ेंगे। अखिलेश यादव के नेतृत्व में सपा मजबूत हो रही है।

भाजपा के लिए बड़ी चुनौती सपा ही है। कांग्रेस को लेकर सवाल पूछने पर कहा कि प्रियंका क्षमतावान नेता हैं। वह जनता के बीच लगातार रहकर काम कर रही हैं। जनता के बीच रहने वाला ही करिश्मा करता है।

कहा कि हाल के दिनों में मोदी सरकार की लोकप्रियता बढ़ी है। लॉकडाउन को लेकर केंद्र सरकार के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि देश चलाने के लिए आर्थिक हितों की उपेक्षा नही की जा सकती। लॉकडाउन खोला जाना परिस्थितियों के अनुसार सही कदम है। उन्होंने 20 लाख करोड़ के पैकेज और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के फैसलों की भी सराहना की।

लॉकडाउन को लेकर कांग्रेस की ओर से की जा रही भाजपा सरकार की आलोचना पर कहा कि देश इस समय कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसी स्थिति में राजनैतिक बात करना व राजनीति करना सही नहीं है। राहुल गांधी के बयान पर कहा कि राहुल जी को बताना चाहिए कि देश को इस समय क्या करना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि पूर्व प्रधानमंत्री चंद्रशेखर के पुत्र नीरज शेखर के सपा से त्यागपत्र देने व भाजपा में शामिल होने के बाद से कयासबाजी हो रही थी कि पप्पू सिंह भी भाजपा में शीघ्र शामिल हो जायेंगे। इनके मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात के बाद इस कयासबाजी को काफी बल भी मिला था।

Continue Reading

बलिया स्पेशल

बिजली की चपेट में आने से दो की मौत, परिजनों में मचा कोहराम

Published

on


सिकन्दरपुर/बांसडीह. जनपद के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में बिजली की चपेट में आने से दो लोगों की मौत हो गयी. सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया.

सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सभा कोथ अंतर्गत फलपुरवा गांव निवासी बृजेश राम 50 पुत्र स्व जमुना राम रविवार की शाम अपने घर पर पंखा लगा रहे थे कि इसबीच बिजली की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हो गए. परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर अंत्य परीक्षण के लिए भेज दिया.

 

बांसडीह प्रतिनिधि के अनुसार:
कोतवाली क्षेत्र के खेवसर गांव में रविवार की देररात बिजली की करेंट लगने से एक बीस वर्षीय युवती की मौत हो गई. सूचना पाकर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिये जिला अस्पताल भेज दिया. खेवसर निवासी मंगलदेव राम की पुत्री रेनु उम्र 20 वर्ष बल्ब जलाने के लिये स्विच आन करने गई तो वहां खुले तार की जद में आ गयी. खुले तार के टच होने से पूरे शरीर मे करेंट उत्तर गया. रेनु वहीं गिर गई, परिजनों ने किसी तरह तार छुड़वाया, लेकिन तब तक कुमारी रेनू की मौत हो चुकी थी. इसकी सूचना परिजनों ने स्थानीय प्रशासन को दूर भाष से दिए. मौके पर पहुंचे तहसीलदार गुलाब चंद्रा व कोतवाली प्रभारी राजेश सिंह ने शव को कब्जे में ले अंत परीक्षण के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया.

Continue Reading

Trending