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बलिया स्पेशल

महीनों का सफर, टूटी चप्पल, और मां के आँसू- पढ़िए बलिया पहुँचे तीन भाइयों की कहानी

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बलिया डेस्क : देश में जारी लॉकडाउन के बीच अपने घरों की ओर पलायन कर रहे मज़दूरों को कड़े संघर्षों का सामना करना पड़ रहा है। पलायन के दौरान कई मजदूर सड़क और पटरी हादसों का शिकार हो रहे हैं तो कई हजरों किलोमीटर पैदल चलने की वजह से थकन से दम तोड़ दे रहे हैं।

ऐसे में जो मज़दूर जिंदा अपने घर पहुंच रहे हैं, ये उनके लिए पुनर्जन्म के जैसा है। अमृतसर से कई महीनों का सफर तय कर बलिया पहुंचे 18 वर्षीय प्रकाश कहते हैं कि ये उनके लिए पुनर्जन्म के जैसा है। प्रकाश अपने दो भाइयों कन्हैया और धर्मेन्द्र के साथ 1300 किलोमीटर दूर अमृतसर से पैदल ही निकले थे।

टूटी चप्पल और बैग में दो जोड़ी कपड़ा रखकर अमृतसर से पैदल चले तीनो भाइयों को सफ़र के चौथे दिन जालंधर में रोक लिया गया और वहां उन्हें एक कैंप में रखा गया। जहां उनकी मुलाक़ात पांच और प्रवासी मज़दूरों से हुई जो पैदल बलिया जा रहे थे। अब आठों मज़दूर अपने घर बलिया पहुंच चुके हैं।

इन आठों को जालंधर से बक्सर जाने वाली श्रमिक ट्रेन पर बिठाया गया, जहां वो शनिवार की सुबह पहुंच गए। बक्सर से वो अपने गांव नूरपुर रविवार शाम को पहुंचे। कई महीनों के संघर्ष के बाद घर पहुंचे तीनों भाइयों ने अपने परिवार से मुलाक़ात की।

हालांकि एहतियात की वजह से वो परिवार से दूर से ही मिल सके। 40 साल की मां ने जब अपने बेटों को देखा तो अपने अपने आंसू नहीं रोक सकी। बच्चों की हालत देखकर वो फूट फूट कर रोने लगीं। प्रकाश कहते हैं, “यह हमारा पुनर्जन्म है। हम घर वापस आकर खुश हैं। कोई भोजन नहीं था, कोई निश्चितता नहीं थी।

कम से कम अब हम परिवार के साथ हैं। मैं अपनी माँ को देखने के लिए बेताब था। हमारा पूरा परिवार हमसे मिलने आया था। ” तीनों भाइयों को गाँव के ही एक स्कूल में क्वारंटीन किया गया है। उनकी बक्सर के साथ-साथ बलिया में भी जांच की गई थी। वे कहते हैं कि वे अपना क्वारंटीन पूरा करने के बाद यहां कुछ काम की तलाश करेंगे।

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बलिया : पैसे के लेन-देन पर दुकानदार की पीट-पीटकर हत्या

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बलिया के सिकंदरपुर में  पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। खबर के मुताबिक पैसे के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद नगर के गंधी मुहल्ला में सोमवार की सुबह अंडा विक्रेता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। उसका पुत्र तौहिद के साथ ही दूसरे पक्ष के दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। सूचना पर पहुंचे सीओ पवन सिंह, चौकी इंचार्ज अमरजीत यादव, थानाध्यक्ष बालमुकुंद मिश्र घायलों को सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मुर्शीद के मौत के पुष्टि की। मृतक के पुत्र ने छह लोगों के विरूद्ध तहरीर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद मुहल्ले के लोगों में आक्रोश को देखते हुए मौके पर पुलिस व पीएसी तैनात की गयी है।

नगर के गंधी मुहल्ला निवासी 46 वर्षीय मुर्शीद मुहल्ले में अंडा का दुकान चलाता था। बकरीद के दिन मुर्शीद से उसका पड़ोसी डब्लू ने शराब पीने के लिए पैसा मांगा। जब उसने देने से इनकार किया तो इस पर दोनों में विवाद हुआ था। उस समय पुलिस ने मामला शांत करा दिया था। इस बीच, सोमवार की सुबह करीब छह बजे मुर्शीद ने दुकान खोला। उसके साथ उसका पुत्र तौहिद भी था। बताया जाता है कि इसी बीच करीब नौ बजे उसका पड़ोसी डब्लू पांच-छह लोगों के साथ दुकान पर पहुंचा तथा मुर्शीद व उसके पुत्र के साथ मारपीट करने लगे। गंभीर चोट लगने से मुर्शीद की मौके पर मौत हो गयी, जबकि चार अन्य घायल हो गये। घायलों में एक पक्ष से 20 वर्षीय जाहिद,19 वर्षीय सोनू, 18 वर्षीय तौहीद उर्फ पप्पू शामिल हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को सीएचसी पहुंचाया, जहां मुर्शीद को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन लोगों का उपचार कर घर भेज दिया। पुलिस सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी के गिरफ्तार होने की बात पुलिस नहीं बता रही है।

 

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बचना नामुमकिन, आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गैर जनपद रवाना हुई टीम

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बलिया. नगर पंचायत मनियर की अधिशासी अधिकारी (ईओ) मणिमंजरी राय प्रकरण की गुत्थी सुलझाने की दिशा में पुलिस तेजी से कदम बढाने लगी है. आरोपित नगर पंचायत अध्यक्ष भीम गुप्ता, कंप्यूटर आपरेटर अखिलेश व टैक्स लिपिक विनोद अब एसओजी टीम के निशाने पर हैं. इनकी गिरफ्तारी के लिए सदर कोतवाली की दो टीमें गैर जनपद रवाना हो गई हैं. उम्मीद जताई जा रही है कि आरोपित जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में आ जाएंगे.

 

 

ईओ मणिमंजरी राय मामले को लेकर जितना विलंब हो रहा है, पुलिस की कार्यशैली पर उतने ही सवाल खडे़ हो रहे हैं. अभी पुलिस को गाजियाबाद विधि विज्ञान प्रयोगशाला से आने वाली ईओ मणिमंजरी राय, बैरिया के नायब तहसीलदार रजत सिंह व गिरफतार चालक चंदन वर्मा की मोबाइल की जांच रिपोर्ट का इंतजार है. पुलिस डिलीट डाटा को वापस लाने का प्रयास कर रही है. तीन दिनों से पुलिस अधिकारी मोबाइल लेकर विधि विज्ञान प्रयोगशाला गाजियाबाद गए हैं.

 

 

पुलिस को उम्मीद है कि डिलीट डाटा वापस आने पर काफी हद तक इस प्रकरण से पर्दा हट जाएगा. इधर पुलिस आरोपितों को पकड़ने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ रही है. सदर कोतवाल विपिन सिंह ने बताया कि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए एसओजी समेत सदर कोतवाली की दो टीमें गैर जनपद गईं हैं. जल्द ही आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

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इंटरनेशनल काता चैंपियनशिप में बलिया के खिलाड़ियों ने लहराया परचम, इतने मेडल किया अपने नाम

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बलिया डेस्क. शितोरियो कराटे स्कूल आफ इंडिया द्वारा बीते 28 से 31 जुलाई तक आयोजित एसकेएसआई इंटरनेशनल आनलाइन काता चैंपियनशिप में बलिया के खिलाड़ियों ने एक बार फिर से अपना जलवा बिखेरा है. स्टेप अप मार्शल आर्ट अकादमी से प्रशिक्षित खिलाड़ियों ने एक गोल्ड, चार सिल्वर के साथ चार ब्रांज मेडल अपने नाम कर बलिया का नाम रौशन किया हैं. खिलाड़ियों ने अपनी सफलता का श्रेय अपने कोच राजीव कुमार को दिया हैं. प्रतियोगिता में बतौर मुख्य अतिथि जापान के ग्रांड मास्टर व वर्ल्ड कराटे फेडरेशन ग्रेड ए रेफरी मुनरो कांजवा मौजूद रहे तथा इन्हीं की देखरेख में प्रतियोगिता का सफल संचालन हुआ. ज्ञात हो कि इस प्रतियोगिता में श्रीलंका, बांग्लादेश, ईरान, नेपाल, भूटान सहित देश के कुल 350 बच्चों ने प्रतिभाग किया था.

स्टेप अप मार्शल आर्ट अकादमी से प्रशिक्षित खिलाड़ी ज्योतिरादित्य को जहां गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ, वहीं आदित्य प्रताप को सिल्वर, दीपक कुमार गुप्त का सिल्वर, आकृति सिंह को सिल्वर, राजीव कुमार सिल्वर मेडल प्राप्त हुआ. जबकि कुंवर शक्ति सिंह, अर्नव सिंह, श्रीदात्रि सिंह व आदित्य राय को ब्रांज मेडल प्राप्त हुआ. प्रतियोगिता में सभी खिलाड़ी जूम एप के जरिए अपना-अपना हुनर दिखाया. कराटे की भाषा में बोले तो काता का प्रदर्शन किया. काता का प्रदर्शन कराटे का एक अहम पार्ट होता है, जिसमें खिलाड़ी यह सोचता है कि उसको सामने से या फिर पीछे से जब कोई अटैक करें तो उसको खुदका बचाव कैसे करना है और हमला करने वाले को मात कैसे देना है. इस प्रतियोगिता में भी यही हुआ, खिलाड़ियों ने जूम एप के जरिए अपना-अपना काता दिखाया. फिर जजो के पैनल जिसमें सेंसई अशोक दारदा, सेंसई लाल दारदा व राजीव कुमार शामिल रहे. खिलाड़ियों से पूछे जाने पर उन्होंने अपना श्रेय अपना कोच राजीव कुमार को दिया है, कहा कि लॉकडाउन के बावजूद कोच राजीव कुमार जिस तरह रोज हम लोगों को आनलाइन होकर प्रशिक्षण दिया है, आज उसी की देन है हम लोगों को यह उपलब्धियां हासिल हुई.

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