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Exclusive- RTI का जवाब न देने के मामले में फंसे पूर्व ज़िलाधिकारी शाही, CJM ने मांगी रिपोर्ट

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बलिया डेस्क– पूर्व जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही एक आरटीआई का जवाब न देने के मामले में फंसते नज़र आ रहे हैं। सीजेएम कोर्ट ने उनके ख़िलाफ़ की गई शिकायत पर संज्ञान लेते हुए मामले में शहर कोतवाल से रिपोर्ट तलब की है।

आइये जानते हैं क्या है पूरा मामला?
दरअसल, 17 जनवरी 2021 को मकर संक्रांति के अवसर पर ज़िले के रामलीला मैदान में एक बड़े कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। कथित तौर पर कार्यक्रम में कोविड-19 को लेकर जारी की गई सरकारी गाइडलान का उल्लंघन कर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे। इस कार्यक्रम में कई बड़े प्रशासनिक अधिकारियों और राज्य सरकार के मंत्रियों ने भी शिरकत की थी।  इसी कार्यक्रम के संबंध में 8 फरवरी को अधिवक्ता व आरटीआई कार्यकर्ता मनोज राय हंस ने ज़िलाधिकारी कार्यालय में एक आरटीआई दायर कर कुछ जानकारियां मांगी थी।

आरटीआई में पूछा गया था कि कार्यक्रम के आयोजन की अमुमति किससे ली गई? कार्यक्रम आयोजित करने वाली कमेटी के पदाधिकारियों का नाम व पता बताएं? कार्यक्रम में कितने लोगों के उपस्थित रहने की अनुमति प्रदान की गई थी? इस कार्यक्रम में कौन-कौन लोग शामिल हुए थे, इसका ब्योरा दें? इसपर जिलाधिकारी ने बीते 15 फरवरी को यह कहते हुए आवेदन लौटा दिया कि उनके पास संबंधित कोई सूचना नहीं है। इस पर मनोज राय हंस ने जिलाधिकारी श्री शाही के खिलाफ न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहां उन्होंने 157/3 सीआरपीसी के तहत प्रार्थना पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया।

जिसपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने संज्ञान लेते हुए मामले में शहर कोतवाल से रिपोर्ट तलब की है। माना जा रहा है कि ज़िलाधिकारी ने आरटीआई का जवाब इसलिए भी नहीं दिया क्योंकि कार्यक्रम में वो ख़ुद भी शामिल थे और प्रदेश सरकार के मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला भी मौजूद थे। अगर वह कार्यक्रम का ब्योरा देते तो कथित तौर पर कोराना को लेकर जारी की गई सरकारी गाइडलाइन के उल्लंघन के मामले में उनका और मंत्री का नाम सामने आ जाता।

तिलक कुमार 

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बलिया में टूटे सारे रिकॉर्ड, पहली बार 24 घंटे में 216 नए केस, एक की मौत

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बलिया डेस्क : बलिया में कोरोना वायरस की रफ्तार बेकाबू हो गई है. जिले में पहली बार 24 घंटे के भीतर 216 कोरोना वायरस के केस दर्ज किए गए हैं. वहीँ आज 1 मरीज की मौत भी हुई है. जिले में इस बीमारी से अबतक 117 लोग जान गवा चुके हैं.

जारी आकड़ों के मुताबिक जिले में आज 216 नए मामले सामने आये हैं. जिले में राज्य में कोरोना संक्रमण  के मद्देनज़र जिले में नाईट कर्फ्यू भी लगाया  गया है.

वहीं जिले में अबतक कुल 117 की जान इस बीमारी से चली गई.  जिले में अब कुल कोरोना केसों का नंबर 9118 हो गया है.  कुल केसों में से 2048 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं.  879 केस फिलहाल ऐक्टिव हैं.

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CM योगी का आदेश, बलिया में वेंटिलेटर, L-3 बेड्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाए

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 बलिया । कोरोना से लोगों के बचाव को लेकर उप्र की योगी सरकार अलर्ट मोड़ पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए सूबे में किए गए चिकित्सा प्रबंधों की रोज समीक्षा कर रहे हैं।

राज्य में रोजाना कितने लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं और उनके इलाज के लिए जिलों में क्या क्या कदम उठाये जा रहे है  तथा प्रदेश में प्रतिदिन कितने लोगों ने टीकाकरण कराया, मुख्यमंत्री इसकी भी समीक्षा  रोज कर रहे हैं।

वहीं बलिया को लेकर सीएम योगी खास निर्देश दिया है सीएम ऑफिस के आफिसियाल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि बलिया में वेंटिलेटर व HFNC को फंक्शनल किया जाए तथा एल-3 बेड्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।  बात दें की बलिया में कोरोना के रोज औसतन 100 मरीज मिल रहे हैं , इसी को देखते हुए स्वास्थ विभाग को अलर्ट किया गया है ।

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बलिया- ऐसे में तो फिर खाली रह जाएंगे ग्राम पंचायत सदस्य के सैंकड़ो पद !

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बैरिया। पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज चल रही हैं। वहीं, गांव देहात में उम्मीदवार भी पूरी ताकत झोंके हुए हैं। सबसे अधिक दावेदार प्रधानी व जिला पंचायत सदस्य के नजर आ रहे हैं। वहीं ग्राम पंचायत सदस्य के एक पद पर एक उम्मीदवार भी नजर नहीं आ रहे हैं। जिससे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत सदस्यों की कई सीटें खाली रह सकती हैं।

कारण कि इस पद की उम्मीदवारी को लेकर लोगों में उदासीनता है। बैरिया विकासखंड में अभी तक कुल 422 ग्राम पंचायत सदस्य पदों के सापेक्ष अब तक महज 302 नामांकन पत्र ही बिके हैं। जबकि कई पदों पर एक से अधिक नामांकन पत्र भी बिके हैं। अगर एक-एक नामांकन पत्र भी मानें तो अभी तक 120 पदों के लिए कोई नामांकन पत्र नहीं बिका है।

लोगों का कहना है कि पंचायत के संचालन में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत सदस्यों को अहमियत न दिए जाने के चलते लोग ग्राम पंचायत सदस्य पद का चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं।

पिछले कई दिनों से ब्लॉक मुख्यालय पर नामांकन पत्रों की बिक्री में प्रधान के 30 पदों के लिए अब तक 466 नामांकन पत्र बिक चुके हैं, जबकि क्षेत्र पंचायत सदस्य के 73 पदों के लिए कुल 258 नामांकन पत्र बिका है। वहीं, ग्राम पंचायत सदस्य के कुल 422 पदों के सापेक्ष अब तक 302 नामांकन पत्र ही बिके हैं। हालांकि अभी चार दिन और नामांकन पत्र बिकेंगे।

 

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