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बलिया

मंत्री जी आप के क्षेत्र के नगर पंचायत में बाबू का काम कर रहे है सफाई कर्मचारी !

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बलिया। हमेशा से राजनैतिक सुर्खियों में रहने वाला फेफना विधानसभा क्षेत्र में स्थित आदर्श नगर पंचायत चितबड़ागांव जो इन दिनों अपने हाल पर आंसू बहाने को विवश है। जबकि इस क्षेत्र से विधायक उपेंद्र तिवारी जो वर्तमान सरकार में प्रभावशाली मंत्री भी है।

बावजूद नगर पंचायत कार्यालय में बाबू, कर्मचारी व चालकों व सफाई कर्मचारियों की भारी कमी है। यही नहीं अभी यहां स्थायी रूप से अधिशासी अधिकारी की भी तैनाती नहीं है। हालांकि प्रशासन द्वारा बलिय नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार चितबड़ागांव का सौंपा गया है।

लेकिन वह भी विगत 25 दिनों से नगर पंचायत में नहीं पहुंच रहे हैं। जिसके कारण विभागीय कार्य ठप पड़ा हुआ है। कार्यालय के बाबू फाइल लेकर बलिया आते हैं और श्री विश्वकर्मा से फाइलों पर दस्तखत करवाकर पुन: वह चितबड़ागांव जाते हैं। लेकिन आखिर कब तक यह सिलसिला चलता रहेगा। कार्यालय में मृत और जन्म प्रमाणपत्र में विलंब इसलिए हो रहा है कि यहां अस्थायी रूप से कोई अधिकारी की तैनाती नहीं है।

बुधवार को बलिया खबर ने चितबड़ागांव नगर पंचायत का हाल जाना तो यहां देखा गया कि एक कमरे में बाबू  फाइलों को निबटाने में लगे हुए थे। वहीं दूसरी ओर एक कमरे में सफाई कर्मचारी असगर व भक्त मोहन सिंह कर का काम देख रहे गणेश गोंड बाबूओं का काम कर रहे थे। वहीं ईओ का चेंबर बंद पड़ा हुआ था। एक कमरे में कंप्यूटर आपरेटर काम काज निबटा रहे थे और कुछ फरियादी, ईओ व चेयरमैन का बंद दरवाजा देख निराशा होकर वापस लौट गए।

ईओ पर आखिर कौन मेहरबान- बलिया जिले में कुल सात विधानसभा है, उनमें नगर विधानसभा व फेफना विस क्षेत्र से चुने गए विधायक प्रदेश सरकार में मंत्री है। दोनों विधानसभाओं में गौर करें तो बलिया नगर पालिका परिषद व चितबड़ागांव नगर पंचायत दोनों की कमान आखिर ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्ता को ही क्यों सौंपी गई है। मंत्रियों के क्षेत्र में ईओ की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

सरकार ने वाहन तो दिया लेकिन चालक नहीं – नगर पंचायत चितबड़ागांव में जेसीबी, ट्रैक्टर, टेंपो, ई-रिक्शा, लोडर सहित कई वाहन सरकार की मेहरबानी से मिला। लेकिन उनकी जगह एक भी चालक नहीं है। किसी तरीके से नगर पंचायत व्यवस्था को सुचारू रूप से चला रही है। यहां पंप आपरेटर की भी कमी है। दो पंप आपरेटर के सहारे 15 वार्डों में पानी की आपूर्ति की जा रही है।

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आबादी 50हजार और सफाई कर्मचारी मात्र 60- नगर पंचायत चितबड़ागांव में कुल 15 वार्ड है। इन वार्डों पर यदि गौर करें तो यहां की आबादी लगभग 50 हजार के उपर है। वहीं दस हजार घर भी है। वार्डों व मुहल्लों की सफाई में मात्र 60 कर्मचारी ही लगाए गए हैं। आप समझ सकते हैं कि इन वार्डों की सफाई किस तरीके से हो रही होगी।

चेयरमैन व ईओ के लिए न तो वाहन है और न ही चालक- नगर पंचायत में चेयरमैन और ईओ के लिए न तो कोई वाहन है और न ही कोई चालक। आखिर कैसे 15 वार्डों में चेयरमैन व ईओ सफाई कार्यों का जायजा लेंगे। अपने समय में चितबड़ागांव नगर पंचायत में मानक के अनुरूप कर्मचारी, बाबू, चालक व व्यवस्थाएं बेहतर रहती थी। लेकिन विगत 15 वर्षों से नगर पंचायत का हाल खराब है। उसको ठीक करने के लिए अभी तक शासन व प्रशासन की तरफ से कोई विशेष पहल नहीं हो पा रही है।

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बलिया

गड्ढामुक्त करने वाली योगी सरकार के शासन में सड़क की स्थिति और बिगड़ गई- रोहित सिंह

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बलिया डेस्क : बलिया दुबहर,भड़सरा,धरनीपुर सहित आधा दर्जन गाँवों में युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने द्वार-द्वार पाँव-पाँव अभियान के तहत जनता से भेंट कर उत्तर प्रदेश सरकार की गलत नीतियों पर चर्चा किया।

गाँव-गाँव पाँव-पाँव अभियान के तहत जनसंपर्क कर युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की योगी आदित्यनाथ सरकार के कार्यकाल में अपराध अपने चरम पर पहुँच चुका है।श्री सिंह ने कहा की जबसे योगी मुख्यमंत्री बने हैं एसा कोई दिन नहीं है जिस दिन प्रदेश में हत्या,अपहरण,लूट या बलात्कार की घटना रुकी हो।

श्री सिंह ने कहा की मुख्यमंत्री बिहार में चुनाव प्रचार के दौरान नौजवानों को रोजगार देने की बात कह रहे हैं और पिछले साढ़े तीन साल से उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं एक भी नियुक्ति नहीं निकली।श्री सिंह ने कहा की 100 दिन में प्रदेश को गड्ढामुक्त करने वाली भाजपा सरकार के शासन में सड़क की स्थिति और बिगड़ गई है।

श्री सिंह ने कहा की किसानों को उनके फसल का लागत मूल्य नहीं मिल रहा है,मज़दूर को रोज़गार गारंटी नहीं है और नौजवान निराश हो चुका है।श्री सिंह ने कहा की युवा चेतना 2022 में प्रदेश में महापरिवर्तन हेतु संकल्पित है जनता को सहयोग करना होगा।

युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की 2021 मार्च के बाद पूरे पूर्वांचल में परिवर्तन रथ लेकर निकलेंगे।श्री सिंह ने कहा की भाजपा सरकार की हिटलरशाही के खिलाफ नौजवानों को आगे आना होगा।इस अवसर पर राकेश यादव,पिंकु पासवान,कप्तान सिंह,बैजू राय,आदित्य चौबे आदि उपस्थित रहे।

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बलिया की अफसर बेटी बनी डिप्टी एसपी, ट्रेनिंग पूरी करने के बाद यहाँ मिली पहली पोस्टिंग !

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बलिया डेस्क : पूरे बलिया वासियों के लिए बड़े ही फक्र की बात है. अपने जिले की बेटी आस्था ने पीपीएस की ट्रेनिंग पूरी कर ली है और अब उनकी पहली तैनाती वाराणसी में हुई है. आपको बता दें कि अफसर बेटी आस्था को सीओ लाइन का पदभार मिला है. वहीँ आस्था की पहली ही तैनाती काशीनगरी में हुई है, इससे घर वालों की ख़ुशी दोगुनी हो गयी है.

इलाके के लोगों के साथ साथ घर परिवार वालों ने आस्था के सुनहरे भविष्य की कामना की और उन्हें खूब दुआएं दीं. अफसर बेटी आस्था के पिता का नाम है डॉ परशुराम जायसवाल, जोकि बलिया के रसड़ा के रहने वाले हैं और अपने पूरे परिवार वालों के साथ शहर के चमन सिंह बाग रोड में रहते हैं. उनकी बेटी आस्था का चयन पीसीएस के 2016 में चयन हुआ था.

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आस्था ने डिप्टी एसपी रैंक हासिल की और उनकी ट्रेनिंग मुरादाबाद अकादमी में हुई. अब उनकी ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें पहली तैनाती भी मिल गयी है. अपनी पहली तैनाती पर आस्था जायसवाल का कहना है कि अपराध और अपराधियों पर नकेल कसने के साथ साथ महिला विरोधी अपराधों को रोकना उनकी प्राथमिकता रहेगी.

ऐसे में घर वालों को भी आस्था से काफी उम्मीदें हैं. आस्था को पहली तैनाती मिलने के बाद उनके घर पर मुबारकबाद देने वालों को तांता लगा रहा. सभी ने आस्था को उज्जवल भविष्य की कामना की और वह यूँ ही बलिया और अपने घर वालों का नाम रोशन करते रहें, ऐसी शुभकामनाएं दीं.

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कल तक बचाव करने वाले बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह अब आरोपी को लेकर दिया ये बयान

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जो विधायक कल तक जहां मुख्य आरोपी के बचाव में बयानबाजी कर रहे थे, वही बैरिया विधायक सुरेंद्र सिंह प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह से मिलने के बाद अब अपना सुर बदल लिया है। प्रदेश अध्यक्ष के सामने सफाई देते हुए बताया कि आरोपी के पक्ष में बयान देने का मेरे उपर झूठा आरोप लगाया जा रहा है। जो जैसा करेगा वह वैसा भरेगा। कानून सबके लिए बराबर है। ऐसे में सवाल उठना जरूरी है कि क्या बैरिया विधायक अब मुख्य आरोपी धीरेंद्र सिंह से दूरी बनाना चाह रहे हैं ? या फिर पार्टी उन्हें निकाल देने की धमकी दिखाए हैं, इसलिए थोड़ा नरम पड़ गए हैं! यदि सच में दूरी बनाना चाह रहे हैं तो पूरे क्षत्रिय समाज उनसे नाराज हो जाएगा। वहीं यदि विधायक यदि पार्टी के हाईकमान की बात मानकर धीरेंद्र को बीच राह में छोड़ दें तो क्षत्रिय समाज उनसे नाराज हो जाएंगे। ऐसे में मौजूदा समय विधायक सुरेंद्र सिंह के लिए मुश्किलों से भरा है। क्या करेंगे

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