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बलिया स्पेशल

RTI के तहत सूचना न देना बलिया डीएम को पड़ा भारी, लगा 25 हजार का जुर्माना !

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बलिया डेस्क : आरटीआई के तहत सूचना न देना जिलाधिकारी को भारी पड़ गया। बलिया के इतिहास में पहली बार जनपद के कलेक्टर के उपर राज्य सूचना आयोग ने तय समय पर सूचना न देने के जुर्म में 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। राज्य सूचना आयोग की इस कार्रवाई के बाद जिले के अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति है।

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक अधिवक्ता सोनू प्रसाद गुप्त ने चार दिसंबर 2017 को छह बिंदुओं पर सूचना मांगी थी। सूचना के क्रम में उन्होंने सूचना मांगी थी कि नगर क्षेत्र बलिया की हृदयस्थली शहीद पार्क चौक जिसमें गांधी जी की प्रतिमा स्थापित है, इसके लिए कितने वर्ग फीट जमीन आवंटित है।

स्थापित प्रतिमा के पूर्वी छोर पर किसके आदेश से शौचालय का निर्माण किया गया है। जो शौचालय का निर्माण किया गया है किस संस्था के द्वारा निर्माण हुआ है। जिस जमीन पर शौचालय का निर्माण हुआ है वह जमीन किसके नाम से रजिस्ट्री है या फिर लीज या पट्टे पर दिया गया है कृपया दस्तावेज उपलब्ध करावें।

शहीद पार्क चौक में जो शौचालय बनाया गया है, क्या वह व्यवसाय के रूप में प्रति व्यक्ति 15 रुपए शौच के लिए लिया जाता है। लेकिन बीते तीन साल में सोनू गुप्त को सूचना उपलब्ध नहीं कराई गई। जिससे नाराज सोनू गुप्त ने राज्य सूचना आयोग का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद राज्य सूचना आयोग ने कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी पर 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।

दूसरी तरफ आरटीआई मांगने वाले आवेदक अभिकर्ता सोनू प्रसाद गुप्त ने बताया कि शहीद चौक बलिया की हृदयस्थली है और ऐसी जगह पर शौचालय का निर्माण सरासर देश के शहीदों का अपमान है। मेरे द्वारा जब इन बिंदुओं पर सूचना मांगी गई तो शायद जिलाधिकारी को डर हो गया कि कहीं वे फंस न जाए। लिहाजा सूचना उपलब्ध नहीं करा रहे हैं। लेकिन राज्य सूचना आयोग की कार्रवाई के बाद लग रहा अब सूचना मिल जाएगी। वहीँ इस बाबत जिलाधिकारी श्री हरिप्रताप शाही ने इस तरह का कोई भी पत्र मिलने से इनकार किया है ।

रिपोर्ट -तिलक कुमार 

बलिया स्पेशल

मतदान कर्मिकों के ट्रेनिंग में 157 कर्मी अनुपस्थित, CDO बोले- ट्रेनिंग में हिस्सा लें वरना होगा मुकदमा

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बलिया: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लगे मतदान कर्मिकों का प्रशिक्षण मंडी समिति तिखमपुर में जारी है। दूसरे दिन भी दो पालियों में ट्रेनिंग दी गई, जिसमें 157 कर्मी अनुपस्थित रहे। इसमें इसमें 38 पीठासीन अधिकारी, 38 मतदान अधिकारी प्रथम, 45 मतदान अधिकारी द्वितीय, 36 मतदान अधिकारी तृतीय व 38 मतदान अधिकारी चतुर्थ शामिल है। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि अगर अगले दिन ट्रेनिंग में प्रतिभाग नहीं किया तो निर्वाचन कार्य में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

प्रशिक्षण में निर्वाचन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण बातों को समझाते हुए अपर जिलाधिकारी राम आसरे ने कहा कि पार्टी रवानगी से पहले अपनी स्टेशनरी व मतपत्र अवश्य मिला लें। यह सही रहा तो आपकी आधी समस्या यहीं खत्म हो जाएगी। इसमें चूक हुई तो काफी दिक्कतें होगी। मतदान स्थल पर पहुंचने के बाद फिर मिला लें। इस बार चार पदों का चुनाव एक साथ है, लिहाजा सावधानी के साथ सभी दिशा-निर्देश सुन लें और समझ लें। मतदान के दिन अगर लगे कि बॉक्स भर सकता है तो थोड़ी देर पहले सेक्टर मजिस्ट्रेट को बता दें। कोरोना को लेकर सावधानी बरतने की भी बात कही। बतौर ट्रेनर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार पटेल व राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अतुल तिवारी ने पूरी निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया।

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बलिया

बलिया पुलिस ने कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन में कुल 563 व्यक्तियों का चालान किया

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बलिया डेस्क:   जिले में कोरोना के बढते मामले के बीच पिछले एक सप्ताह से कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन के सम्बन्ध में बलिया पुलिस द्वारा अब तक कुल 12 मुकदमें पंजीकृत किये गये । जिनमें अभियुक्तों की संख्या 83 है । इसी क्रम में आज बलिया पुलिस द्वारा दोपहर 02 बजे से 03 बजे तक का एक अभियान चलाया गया।

जिसमें लोगो को मास्क वितरण किया गया एवं कोरोना गाइड लाइन के विषय में समझाया व जागरूक किया गया। इसी दौरान कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन में कुल 563 व्यक्तियों का चालान किया गया। जिनसे जुर्माने के रूप में कुल 7,100 रू0 वसूला गया ।

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डीएम ने 4 अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, एक का रोका वेतन

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बलिया: कोरोना काल में लापरवाही पर जिलाधिकारी अदिति सिंह ने चार अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कोविड-19 की समीक्षा बैठक से गायब रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है। अन्यथा की स्थिति में विभागीय प्रतिकूल कार्यवाही की बात कही है। दरअसल, 14 अप्रैल की बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी विजय यादव अनुपस्थित थे,​ जिसकी वजह से एल-1 कोविड अस्पताल फेफना के कार्यों की जानकारी नहीं हो सकी। इस पर जिलाधिकारी ने डॉ यादव को कारण बताओं नोटिस जारी करने के साथ ​अग्रिम आदेश तक वेतन पर रोक लगाने का आदेश सीएमओ को दिया है। इसी प्रकार 15 अप्रैल की बैठक से एसीएमओ डॉ आरके सिंह, एसीएमओ डॉ राजनाथ व एसीएमओ डॉ जेआर ​तिवारी गायब थे। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा है कि इस महामारी की स्थिति में यह लापरवाही ठीक नहीं है।

निजी चिकित्सालय में पॉजिटिव केस मिलने पर कंट्रोल रूम को सूचना देना अनिवार्य

जिलाधिकारी अदिति सिंह ने निर्देश दिया है कि निजी चिकित्सालय में जांच के दौरान अगर कोई पॉजिटिव मिलता है तो उसकी सूचना इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर को जरूर दें। कंट्रोल रूम का नम्बर 0549822082, 05498221856, 05498223918 या 9454417979 है।

जिलाधिकारी ने कहा है कि ऐसा संज्ञान में आया है कि बिना कमाण्ड सेंटर को अवगत कराए पॉजिटिव मरीज को अन्य बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया है कि सभी निजी चिकित्सालयों को इस सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी कर दें। अगर सूचना नहीं देते हैं तो उन अस्पतालों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

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