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बलिया स्पेशल

बलिया- जनसुनवाई के दौरान डीएम ने लेखपाल को सस्पेंड करने के दिए निर्देश

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बलिया: संपूर्ण समाधान दिवस का आयोजन मंगलवार को जिले की सभी तहसीलों में हुआ। जिलाधिकारी एसपी शाही ने सदर तहसील में जनता की शिकायतों को सुना और सम्बन्धित अधिकारियों को निस्तारण के लिए कड़े दिशा-निर्देश दिए।

कुछ शिकायती पत्रों के तत्काल समाधान के लिए उन्होंने मौके से ही जिला स्तरीय अधिकारियों की टीम बनाकर मौका मुआयना के लिए भेजा। सम्पूर्ण समाधान दिवस में सालिक राम निवासी जगदीशपुर ने वरासत लंबित रहने की शिकायत करते हुए कहा कि इसके लिए पिछले छह महीने से लेखपाल महीप सिंह दौड़ा रहे हैं।

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इस पर जिलाधिकारी ने तत्काल लेखपाल को निलंबित करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा, अविवादित वरासत के हर मामलों के निस्तारण के लिए 15 दिनों का एक विशेष अभियान चलाया गया, बावजूद इसके लंबित रहना आपत्तिजनक है। ऐसे में लापरवाह लेखपालों पर कार्रवाई होनी चाहिए। वरासत रजिस्टर की जांच भी का लेने को कहा।

जनसमस्याओं को सुनने के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि सभी अधिकारी अपने विभाग से जुड़ी समस्याओं के प्रति पूरी संवेदनशीलता से कार्यवाही करें। कोशिश करें कि जितना जल्द हो सके, गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो जाए। उन्होंने कहा कि अब निस्तारण की समीक्षा होगी और जिन अधिकारियों-कर्मचारियों की लापरवाही मिलेगी, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी।

उन्होंने पिछले सम्पूर्ण समाधान दिवस के शिकायतों के समाधान की भी समीक्षा की। जिन विभाग से जुड़ी शिकायत लंबित थी, उनको कड़ी चेतावनी दी गई कि जल्द से जल्द गुणवत्तापरक निस्तारण करा दें। जनसुनवाई के दौरान चौरा में सार्वजनिक कुंवा को पाटने की शिकायत मिलने पर जिलाधिकारी ने तहसीलदार को निर्देश दिया कि नरहीं थाना पुलिस के सहयोग से इसे तत्काल रोकवाएँ और जरूरत के हिसाब से कार्रवाई भी करें।

पटखौली गांव में शिक्षामित्र और कोटेदार का दायित्व एक ही व्यक्ति के पास कभी होने की शिकायत पर डीएसओ व बीएसए को उचित कार्यवाही कर अवगत कराने को कहा। राशन, पेंशन, अवैध कब्जे आदि से जुड़े मामले भी आए, जिनको सम्बन्धित अधिकारी को सौंपते हुए निपटाने के निर्देश दिए।

इस दौरान एसडीएम राजेश यादव, डिप्टी कलेक्टर सर्वेश यादव, तहसीलदार गुलाब चंद्रा, नायब तहसीलदार जया सिंह, सीओ जगवीर सिंह समेत जिला स्तरीय अधिकारी थे।

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बलिया

बलिया- पूर्व जिलाधिकारी (IAS) सच्चिदानंद दूबे का हृदय गति रुकने से निधन

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बलिया डेस्क: प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी के रुप में अपनी सेवाएं दे चुके पूर्व आईएएस सच्चिदानंद दूबे का लखनऊ में शुक्रवार को हृदय गति रुकने से निधन हो गया। इसकी खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव बेरुआरबारी में शोक संवेदना व्यक्त करने वालों की भीड़ लग गयी।

आपको बता दें कि आईएएस सच्चिदानंद दूबे के दो पुत्र है। एक पुत्र इंकम टैक्स कमिश्नर गोवा है, जबकि एक पुत्र पीएफ कमिशनर लखनऊ है। उनका अंतिम संस्कार लखनऊ में ही किया गया। इधर, आईएएस सच्चिदानंद दूबे के निधन की सूचना मिलते ही उनके पैतृक आवास पर पहुंचे लोगों ने उनके अनुज शिवानंद दूबे से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की।

इसमें भाजपा नेता विनोदशंकर दूबे, पूर्व ब्लाक प्रमुख अनिल सिंह, गोपालजी दुबे, संजय दुबे, दिलीप दुबे, पुनीत पाठक, भासपा प्रदेश प्रवक्ता सुनील सिंह, जनार्दन उपाध्याय, प्रधानाचार्य आशीष सिंह, अमित सिंह आदि रहे।

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बलिया स्पेशल

कोराेना पॉजिटिव मरीजों को मिलेगी राहत, बलिया में बनेगी बीएसएल टू लैब

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बलिया डेस्क : प्रदेश में बढ़ते कोरोना को देखते हुए योगी सरकार ने अपनी कमर कस ली है। प्रदेश में कोरोना की जांचों में तेजी से इजाफा किया जाए इसके लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने आला अधिकारियों को प्रदेश में रोजाना ढ़ाई लाख जांचें कराने के आदेश दिए हैं। प्रदेश के चार जनपदों बलिया, गाजीपुर, जौनपुर और प्रतापगढ़ में बीएसएल टू लैब को बनाया जाएगा। जिससे इन जिलों में कोरोना की जांच सुविधा से हो सकेगी और अन्‍य लैब का भार भी कम होगा। इन चार जनपदों में बीएसएल टू लैब की शुरूआत होने से आरटीपीसीआर टेस्‍ट तेजी से किए जा सकेंगे।

स्‍वास्‍थ्‍य म‍हानिदेशक डॉ डीएस नेगी ने बताया कि विभाग की ओर से एक एक्‍सपर्ट कमेटी का गठन किया जिससे प्रदेश में कोरोना की रफ्तार पर लगाम लगाने और जांच, भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्‍य बिन्‍दुओं पर चर्चा की गई। एक्‍सपर्ट कमेटी की बैठक में महत्‍वपूर्ण बिन्‍दुओं पर विचार कर दो प्रस्‍ताव बनाकर शासन को भेजे गए हैं। जिसमें कोरोना जांच, अस्‍पताल में भर्ती हल्‍के लक्ष्‍ण वाले रोगियों के मॉनिटरिंग कर एक हफ्ते पूरे होने के बाद कोई भी लक्ष्‍ण न दिखने पर व ऑक्‍सीजन, बीपी व कोई अन्‍य दिक्‍कत न होने पर उनकी छुट्टी कर उनको होम आइसोलेट करने का प्रस्‍ताव बनाकर भेजा गया है।

 

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बलिया स्पेशल

बलिया प्रशासन ने कोरोना को बनाया मज़ाक़, 35 लाख आबादी, महज़ 10 फीसदी जाँच !

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बलिया। कोरोना को लेकर शासन भले ही गंभीर है, लेकिन जिला प्रशासन की उदासीनता चरम पर है। कभी नाइट कफ्र्यू तो कभी मास्क के नाम पर चालान काटने का आदेश देने वाले तत्कालीन जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही और वर्तमान डीएम अदिति सिंह की देखरेख में 35 लाख की आबादी वाले जनपद बलिया में अभी तक सिर्फ तीन लाख 69 हजार 612 लोगों की ही जांच संभव हो पाई है।

गौरतलब हो कि बीते मार्च 2020 से ही जैसे-जैसे कोरोना का प्रकोप बढऩा शुरू हुआ, वैसे-वैसे कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाने के लिए पूरी स्वास्थ्य टीम शिद्दत से जुट गई। लेकिन अफसोस जो आंकड़ा अब सामने आ रहा है उससे सिर्फ और सिर्फ जिला प्रशासन की उदासीनता ही सामने आई है।

तभी तो 35 लाख की आबादी वाले जनपद में अभी तक सिर्फ दस प्रतिशत लोगों की ही जांच हो पाई है। कुछ जानकारों की मानें तो बलिया में मौत की संख्या और कम हो सकती थी यदि वास्तव में जिला प्रशासन जांच प्रक्रिया पर जोर देते।

क्वारांटाइन किए जाएंगे प्रवासी
कोरोना संक्रमण बढऩे पर अब उप्र आने वाले प्रवासियों को कोविड- 19 प्रोटोकाल का पूरा पालन करना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में पहले की तरह क्वारंटाइन सेंटर बनाने का निर्देश दे दिया है। इसके बाद अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने सभी जिलों के लिए दिशा निर्देश भी जारी कर दिया है। जिसमें प्रवासियों की जांच से लेकर क्वारंटाइन किए जाने की व्यवस्था निर्धारित की गई है।

प्रवासियों को रखा जाएगा यहां
प्रदेश के बाहर से आने वाले प्रवासियों के घर में यदि क्वारंटाइन की व्यवस्था नहीं तो ऐसी स्थिति में उन्हें इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन में रखा जाएगा।

रिपोर्ट- तिलक कुमार 

 

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