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बलिया स्पेशल

बलिया- निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर बैठे बिजली कर्मचारी, ज़िले में गहराया बिजली संकट

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बलिया डेस्क : बिजली विभाग को निजी हाथों में सौंपने के फैसले से नाराज़ विद्युत कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ़ मोर्चा खोल दिया है। आज सोमवार से ज़िले की तमाम तहसीलों में बड़ी तादाद में विद्युत कर्मचारी निजीकरण के विरोध में हड़ताल पर बैठ गए हैं। विद्युत कर्मचारियों का कहना है कि जबतक सरकार निजीकरण के फैसले को वापस नहीं लेती, वह इसी तरह हड़ताल पर बैठे रहेंगे और कोई काम नहीं करेंगे। कर्मचारियों की इस हड़ताल से ज़िले में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह से पटरी से उतर गई है।

हालांकि हड़ताल को देखते हुए प्रशासन की ओर से विद्युत आपूर्ति के लिए वैकल्पिक इंतेज़ाम किए गए हैं। विद्युत उपकेन्द्रों पर निजी कंपनी के ठेका कर्मचारियों और लेखपालों को तैनात किया गया है। उपकेन्द्रों पर सुरक्षा के लिहाज़ से पुलिस की तैनाती भी की गई है। जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने बताया कि जिले में 33/11 के लगभग 44 उपकेन्द्रों पर निजी कंपनी के ठेका कर्मचारियों के साथ ही लेखपालों की तैनाती की गई है।

इसके अलावा 132 व 220 केवीए के करीब 6 या 7 स्टेशन हैं। वहां भी विकल्प के तौर पर कर्मचारियों की तैनाती की जा रही है। हालांकि सरकार की ओर से किए गए ये इंतेज़ाम पर्याप्त नहीं हैं। बिना प्रशिक्षण तैनात लेखपाल पूरी तरह से असहाय दिखाई दे रहे हैं। वहीं उपकेंद्रों पर तैनात किए गए जेई भी कार्य से दूरी बनाते नज़र आए। हड़ताल की वजह से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति पूरे दिन ठप रही। जिसके चलते लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

विद्युत कर्मचारियों ने हड़ताल का ऐलान तब किया जब बिजली कर्मचारी संगठनों व सरकार के प्रतिनिधि के बीच चली कई दौर की वार्ता विफल हो गई। रविवार की शाम को बिजली विभाग के एक्सईएन दिनेश कुमार ने बताया कि वार्ता विफल होने के बाद कर्मचारी संगठन ने मध्य रात्रि से हड़ताल का ऐलान किया है।

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बलिया

बलिया- पूर्व जिलाधिकारी (IAS) सच्चिदानंद दूबे का हृदय गति रुकने से निधन

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बलिया डेस्क: प्रदेश के कई जिलों में जिलाधिकारी के रुप में अपनी सेवाएं दे चुके पूर्व आईएएस सच्चिदानंद दूबे का लखनऊ में शुक्रवार को हृदय गति रुकने से निधन हो गया। इसकी खबर मिलते ही उनके पैतृक गांव बेरुआरबारी में शोक संवेदना व्यक्त करने वालों की भीड़ लग गयी।

आपको बता दें कि आईएएस सच्चिदानंद दूबे के दो पुत्र है। एक पुत्र इंकम टैक्स कमिश्नर गोवा है, जबकि एक पुत्र पीएफ कमिशनर लखनऊ है। उनका अंतिम संस्कार लखनऊ में ही किया गया। इधर, आईएएस सच्चिदानंद दूबे के निधन की सूचना मिलते ही उनके पैतृक आवास पर पहुंचे लोगों ने उनके अनुज शिवानंद दूबे से मिलकर शोक संवेदना व्यक्त की।

इसमें भाजपा नेता विनोदशंकर दूबे, पूर्व ब्लाक प्रमुख अनिल सिंह, गोपालजी दुबे, संजय दुबे, दिलीप दुबे, पुनीत पाठक, भासपा प्रदेश प्रवक्ता सुनील सिंह, जनार्दन उपाध्याय, प्रधानाचार्य आशीष सिंह, अमित सिंह आदि रहे।

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बलिया स्पेशल

कोराेना पॉजिटिव मरीजों को मिलेगी राहत, बलिया में बनेगी बीएसएल टू लैब

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बलिया डेस्क : प्रदेश में बढ़ते कोरोना को देखते हुए योगी सरकार ने अपनी कमर कस ली है। प्रदेश में कोरोना की जांचों में तेजी से इजाफा किया जाए इसके लिए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने आला अधिकारियों को प्रदेश में रोजाना ढ़ाई लाख जांचें कराने के आदेश दिए हैं। प्रदेश के चार जनपदों बलिया, गाजीपुर, जौनपुर और प्रतापगढ़ में बीएसएल टू लैब को बनाया जाएगा। जिससे इन जिलों में कोरोना की जांच सुविधा से हो सकेगी और अन्‍य लैब का भार भी कम होगा। इन चार जनपदों में बीएसएल टू लैब की शुरूआत होने से आरटीपीसीआर टेस्‍ट तेजी से किए जा सकेंगे।

स्‍वास्‍थ्‍य म‍हानिदेशक डॉ डीएस नेगी ने बताया कि विभाग की ओर से एक एक्‍सपर्ट कमेटी का गठन किया जिससे प्रदेश में कोरोना की रफ्तार पर लगाम लगाने और जांच, भर्ती प्रक्रिया को लेकर मुख्‍य बिन्‍दुओं पर चर्चा की गई। एक्‍सपर्ट कमेटी की बैठक में महत्‍वपूर्ण बिन्‍दुओं पर विचार कर दो प्रस्‍ताव बनाकर शासन को भेजे गए हैं। जिसमें कोरोना जांच, अस्‍पताल में भर्ती हल्‍के लक्ष्‍ण वाले रोगियों के मॉनिटरिंग कर एक हफ्ते पूरे होने के बाद कोई भी लक्ष्‍ण न दिखने पर व ऑक्‍सीजन, बीपी व कोई अन्‍य दिक्‍कत न होने पर उनकी छुट्टी कर उनको होम आइसोलेट करने का प्रस्‍ताव बनाकर भेजा गया है।

 

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बलिया स्पेशल

बलिया प्रशासन ने कोरोना को बनाया मज़ाक़, 35 लाख आबादी, महज़ 10 फीसदी जाँच !

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बलिया। कोरोना को लेकर शासन भले ही गंभीर है, लेकिन जिला प्रशासन की उदासीनता चरम पर है। कभी नाइट कफ्र्यू तो कभी मास्क के नाम पर चालान काटने का आदेश देने वाले तत्कालीन जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही और वर्तमान डीएम अदिति सिंह की देखरेख में 35 लाख की आबादी वाले जनपद बलिया में अभी तक सिर्फ तीन लाख 69 हजार 612 लोगों की ही जांच संभव हो पाई है।

गौरतलब हो कि बीते मार्च 2020 से ही जैसे-जैसे कोरोना का प्रकोप बढऩा शुरू हुआ, वैसे-वैसे कोरोना की जांच का दायरा बढ़ाने के लिए पूरी स्वास्थ्य टीम शिद्दत से जुट गई। लेकिन अफसोस जो आंकड़ा अब सामने आ रहा है उससे सिर्फ और सिर्फ जिला प्रशासन की उदासीनता ही सामने आई है।

तभी तो 35 लाख की आबादी वाले जनपद में अभी तक सिर्फ दस प्रतिशत लोगों की ही जांच हो पाई है। कुछ जानकारों की मानें तो बलिया में मौत की संख्या और कम हो सकती थी यदि वास्तव में जिला प्रशासन जांच प्रक्रिया पर जोर देते।

क्वारांटाइन किए जाएंगे प्रवासी
कोरोना संक्रमण बढऩे पर अब उप्र आने वाले प्रवासियों को कोविड- 19 प्रोटोकाल का पूरा पालन करना होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर जिले में पहले की तरह क्वारंटाइन सेंटर बनाने का निर्देश दे दिया है। इसके बाद अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अमित मोहन प्रसाद ने सभी जिलों के लिए दिशा निर्देश भी जारी कर दिया है। जिसमें प्रवासियों की जांच से लेकर क्वारंटाइन किए जाने की व्यवस्था निर्धारित की गई है।

प्रवासियों को रखा जाएगा यहां
प्रदेश के बाहर से आने वाले प्रवासियों के घर में यदि क्वारंटाइन की व्यवस्था नहीं तो ऐसी स्थिति में उन्हें इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन में रखा जाएगा।

रिपोर्ट- तिलक कुमार 

 

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