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बलिया स्पेशल

बलिया- पीपा पुल का उद्घाटन करने जा रहे पूर्व मंत्री को पुलिस ने हिरासत में लिया !

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बलिया डेस्क : पीपापुल का उद्घाटन करने जा रहे पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी को पुलिस ने नरहीं थाने के पास से हिरासत में ले लिया। इस दौरान पुलिस ने अंबिका चौधरी को ये कहते हुए जाने से रोक दिया कि उक्त कार्यक्रम की अनुमति नहीं है, लिहाजा आप नहीं जा सकते, आपको हमारे साथ थाने पर बैठना होगा, इस पर अंबिका चौधरी ने थाने पर बैठने से इंकार कर दिया।

जिसके बाद पुलिस अंबिका चौधरी के काफिले के साथ लग गए और सीधे कपूरी स्थित आवास पर आकर उनको छोड़े। अंबिका चौधरी को इस तरह रोके जाने पर राजनैतिक गलियारों में चर्चाओं का बाजार गर्म है। उधर अंबिका चौधरी के कार्यक्रम स्थल पर न जाने के कारण अंतत: बसपा के युवा नेता उपेंद्र पांडेय स्वयं ही फीता काटकर पीपा पुल का उद्घाटन कर दिए।

गौरतलब हो कि उक्त पीपा पुल न होने के कारण दर्जनों गांवों के लोगों का आनाजाना दुश्वार हो गया था, खासकर दिक्कतें बरसात के समय होती थी। इसे लेकर क्षेत्रीय लोगों ने कई बार विधायक व मंत्रियों से गुहार लगाई, लेकिन कुछ नहीं हुआ। इतना ही नहीं उक्त नदी पर पीपा पुल की मांग उस समय से की जा रही थी जब देश की बागडौर पूर्व पीएम चंद्रशेखर के हाथों में थी और उनके लिए ये काम कोई बड़ी बात नहीं थी, लेकिन क्षेत्रवासियों के लिए ये दुर्भाग्य रहा और काम हुआ नहीं।

इसके बाद तत्कालीन विधायक और वर्तमान मंत्री उपेंद्र तिवारी से भी गुहार लगाई गई, लेकिन किसी के कानों में जूं नहीं रेंगा। अंतत: बसपा के युवा नेता उपेंद्र पांडेय ने बीड़ा उठाया और अपने अथक प्रयास से जनसहयोग से आखिरकार पीपा पुल का निर्माण करा ही दिया, शुक्रवार को उसका उद्घाटन होना था और कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी शिरकत करने वाले थे, जो शायद भाजपा सरकार को रास नहीं आई। लिहाजा कार्यक्रम स्थल पर पहु़ंचने से पहले ही नरहीं पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। इसके बाद जब अंबिका चौधरी कार्यक्रम स्थल पर पहुंच नहीं पाए तो अंतत: उपेंद्र पांडेय स्वयं ही पुल का उद्घाटन कर दिए।

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पंचायत चुनाव – बलिया में 129 पर्चे खारिज, 792 पदों पर नहीं हुआ कोई नामांकन

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बलिया। पंचायत चुनाव में विभिन्न पदों पर चुनाव के लिए हुए नामांकन पत्रों की जांच शनिवार को की गई। रविवार को अपराह्न तक नामांकन करने वालों को नाम वापसी का मौका दिया गया। इसके बाद तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई। जांच में कुल 129 पर्चे खारिज किए गए और प्रधान पद के चार दावेदारों ने नामांकन पत्र वापस लिया।

इसके अलावा ग्राम पंचायत सदस्य पद के 888 पदों के रिक्त रहने की संभावना है। जिले में कुल 14539 पदों के लिए त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की प्रक्रिया चल रही है। इसमें जिला पंचायत सदस्य के 58 पदों के लिए 901, बीडीसी के 1441 पदों के लिए 7210, प्रधान के 940 पदों के लिए 8920 व ग्राम पंचायत सदस्य के 12100 पदों के लिए कुल 11308 नामांकन हुए। इसमें जिला पंचायत सदस्य पद के दो, बीडीसी के 14, प्रधान के 17 व ग्राम पंचायत सदस्य पद के 96 नामांकन पत्रों को विभिन्न कमियों के कारण निरस्त कर दिया गया है।

इसके अलावा बीडीसी पद के एक व प्रधान पद के चार दावेदारों ने अपना पर्चा वापस ले लिया। इस तरह जांच में कुल 129 पर्चे खारिज हुए हैं। ग्राम पंचायतों के गठन में ग्राम पंचायत सदस्यों की अहम भूमिका होती है लेकिन इस चुनाव में इस पद को लेकर दावेदारों में उदासीनता सामने आई है। कुल 12100 पदों की तुलना में कुल 11308 नामांकन हुए थे और जांच में 96 पर्चें खारिज होने के बाद अब कुल 11212 प्रत्याशी ही बचे हैं।

ऐसी स्थिति में 888 पदों पर कोई दावेदार नहीं है। उधर, रविवार को ब्लॉकों से लेकर जिला मुख्यालय स्थित नामांकन स्थल पर चुनाव चिह्न लेने के लिए भीड़ रही। कोरोना गाइड लाइन का पालन भी नहीं दिखा।

 

 

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बलिया- जानिए कौन है प्रभावती देवी? जो जिले के कद्दावर नेता के खिलाफ चुनावी मैदान में हैं

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बलिया डेस्क: जिले में त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव की सरगर्मियां काफी तेज हो गई हैं। प्रत्याशियों के नामांकन के बाद अब चुनाव चिन्ह भी मिल चुके हैं। जिसको लेकर जनता के बीच प्रत्याशियों की पहुंचने की होड़ लगी है। आपको इस कड़ी में जिले के बांसडीह वार्ड नंबर 10 जिला पंचायत के एक सदस्य के बारे में बताते है। जिनकी दावेदारी ने इस सीट पर काफी दिलचस्प मुकाबला बना दिया है।

बांसडीह वार्ड नंबर 10 से सपा की उम्मीदवार प्रभावती देवी पत्नी रामजी यादव “बढ़ाइए कदम विकास की ओर” के नारे के साथ चुनावी मैदान में हैं। प्रभावती देवी लगातार तीन बार से चांदपुर ग्राम सभा की प्रधान भी है।

प्रभावती देवी महिला सशक्तिकरण को तो बल दे ही रही है इसके साथ-साथ उनका वादा यह भी है कि समाज के हर तबके का विकास जीतने के बाद सुनिश्चित किया जाएगा।जिससे क्षेत्र का चौमुखी विकास हो सके। वहीँ इस सीट को लेकर राजनैतिक विशेषज्ञों का दावा है कि ये सपा का गढ़ है। इस सीट पर दुसरे दल के प्रत्याशी की राह आसान नहीं होने वाली है।

वहीँ इस सीट से भाजपा के कद्दावर नेता और जिले के भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष देवेंद्र यादव मैदान में है ।  जिससे इस सीट पर मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। जातिगत आकड़ों के हिसाब से भी इस सीट पर लड़ाई काफी क्लोज होने वाली है।

आपको बता दें कि  सबसे ज्यादा इस वार्ड से वार्ड से विधानसभा के प्रभारी सपा के वरिष्ट नेता वेद प्रकाश सिंह की भी प्रतिष्ठा दाव पर लगी है। जो इलाके में समाजवादी पार्टी के कद्दावर नेता माने जाते हैं। बहरहाल, अब तो आने वाला वक्त ही बताएगा कि इस सीट पर जनता किस प्रत्याशी को  अपना सिकंदर बनाती है।

एक बात जरूर है कि जिले में पंचायती चुनाव के लिए महिलाओं ने जिस प्रकार से बढ़-चढ़कर अपनी भागीदारी दिखाई हैं। वह महिलाओं के प्रति बदलते दौर के सोच को जरूर प्रदर्शित करता है।

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मेडिकल टीम पर हमला: DM अदिति सिंह ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए एसपी से की बात

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बलिया : बैरिया क्षेत्र के मधुबनी में स्वास्थ्य विभाग की रैपिड रिस्पांस टीम पर हमला करने वाले दोषी पर कड़ी करवाई के लिए डीएम अदिति सिंह ने एसपी डॉ विपिन टाडा से बात की साथ ही कहा कि आरोपी किसी भी हाल में नहीं बचने चाहिये । बता दें की कोविड-19 महामारी में जान जोखिम में डालकर अपनी ड्यूटी करने वाले स्वास्थ्य कर्मियों के साथ बदसलूकी व हमले को पुलिस प्रशासन ने भी पूरी गंभीरता से लिया है।

इस मामले में मुकदमा भी दर्ज किया जा चुका है और दोषियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। उधर, घटना के तुरंत बाद जिलाधिकारी अदिति सिंह ने एसडीएम और सीओ को मौके पर भेजा। जिलाधिकारी के साथ सीडीओ प्रवीण वर्मा ने भी सम्बन्धित डॉक्टर व स्वास्थ्य स्टाफ के साथ बात कर उनका हाल जाना।

इसके बाद दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक से बात की। माना जा रहा है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी, ताकि इस तरह की अराजकता फैलाने वालों के लिए नजीर बन सके।

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