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Ballia- बांसडीह की नायब तहसीलदार अंजू बनीं मसीहा, बाँट रहीं कंबल, ताकी ठंड से बच सकें गरीब !

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बलिया डेस्क : जो लोग प्रशासनिक अधिकारियों की फ़र्ज़ के प्रति प्रतिबद्धता को देखना चाहते हैं वह बांसडीह तहसील में नायब तहसीलदार के पद पर तैनात की गईं अंजू यादव की तरफ़ नज़र कर सकते हैं। अंजू यादव( Anju Yadav ) ने इसी साल जून में बांसडीह(Bansdih) तहसील में पदभार संभाला है। अपनी तैनाती के फौरन बाद से वह एक्शन मोड में नज़र आ रही हैं।

वह लगातार अपने इलाके का निरीक्षण कर रही हैं और ख़ामियां पाए जाने पर उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई कर रही हैं। इतना ही नहीं वह तहसील के ग़रीब-बेसहारा लोगों का भी पूरा ख़्याल रखती दिखाई दे रही हैं। वह ग़रीब-बेसहारा लोगों में कंबल बांटने का काम कर रही हैं। उनके इस काम से इलाके के लोग काफ़ी ख़ुश हैं और उनकी जमकर प्रशंसा कर रहे हैं।

बलिया ख़बर से ख़ास बातचीत में अंजू यादव ने बताया कि वह ग़रीब लोगों में कंबल बांटने का काम सरकारी योजना के तहत पिछले 4-5 दिनों से कर रही हैं। उन्होंने बताया कि जब वह विज़िट पर निकलती हैं तो अपनी गाड़ी में कंबल रख लेती हैं। इसके बाद जहां भी उन्हें कोई ग़रीब-बेसहारा व्यक्ति दिखता है तो उसे औपचारिकताओं को पूरा कर कंबल दे देती हैं।
उन्होंने बताया कि अबतक वो सौ से ज़्यादा ज़रूरतमंदों को कंबल बांट चुकी हैं।

अपनी नेक नियती ज़ाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य है कि कोई भी ग़रीब-बेसहारा व्यक्ति ठंठी के इस मौसम में बिना कंबल के सोए।

कौन हैं अंजू यादव (Anju Yadav) ?
पीसीएस (PCS)  2017 बैच में चयनित नायब तहसीलदार अंजू यादव मऊ (Mau) ज़िले के खाजा खुर्द गांव की रहने वाली हैं। बांसडीह तहसील में उनकी ये पहली पोस्टिंग है। अंजू यादव की तैनाती से पहले इस तहसील में लगभग पांच साल से नायब तहसीलदार के चार पद खाली थे। अंजू यादव को कविता लेखन में गहरी रूची है। वह खाली वक्त में अक्सर कविताएं लिखती हैं।

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बलिया में नामांकन के पहले दिन जमकर उड़ी सोशल डिस्टेंस की धज्जियां, नहीं दिखी कोई व्यवस्था

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बलिया डेस्क: नामांकन का पहला दिन और साथ में शुरू हुए नवरात्रि के पहला दिन, ऐसे में प्रत्याशी पहले देवी मंदिरों पर जाकर मत्था टेंके फिर अपने समर्थकों के साथ नामांकन करने पहुंचे। इस दौरान देवी मंदिरों में जहां प्रत्याशी तथा उनके समर्थकों की भारी भीड़ देखी गई।

वहीं जिला मुख्यालय सहित जनपद के सभी ब्लाक मंगलवार को खचाखच भरा रहा। मजे की बात यह रही कि पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी अपने पुत्र आनंद चौधरी के साथ सिटी मजिस्ट्रेट के कोर्ट पहुंचे और उन्होंने पहला नामांकन पत्र दाखिल किया। उसके बाद सपा के जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव की पत्नी रंजू देवी नामांकन के लिए पहुंची।

इनके साथ पूर्व मंत्री नारद राय व राजमंगल यादव मौजूद रहे। वहीँ वार्ड नम्बर 24 से मरगूब अख्तर तो वार्ड नंबर 16 से नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के पुत्र रणजीत चौधरी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह, सच्चितानंद तिवारी ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के पहले दिन भाजपा, कांग्रेस सपा, बसपा, आम आदमी पार्टी, जन अधिकार पार्टी, सुभासपा सहित अन्य राजनैतिक दलों के घोषित प्रत्याशियों ने नामाकन पत्र दाखिल किया।

नामांकन के दौरान टीडी कालेज चौराहा स्थित जिला मजिस्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पुलिस का पहला लगा रहा। अंदर प्रवेश करने वाले एक प्रत्याशी व एक प्रस्तावक को बकायदे चेक करने के बाद उन्हें जानें की अनुमति दी गई। जिलाधिकारी कार्यालय, अपर जिलाधिकारी कार्यालय, मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय, उपजिलाधिकारी कार्यालय, अपर जिलाधिकारी कार्यालय, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय व उप चकबंदी न्यायालय में वार्ड नंबर एक से ५८ तक क्र प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया।

जमकर उड़ी सोशल डिस्टेंस की धज्जियां
नामांकन स्थल पर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। जिसके चलते लोग कतारबद्ध तरीके से नामांकन पत्र दाखिल करते रहे। करीब सभी अधिकारियों के कोर्ट में सोशल डिस्टेंस का पालन ठीक से नहीं कराया गया। कारण यह भी है कि प्रत्याशियों के भीड़ के आगे प्रशासन को भी पीछे हटना पड़ा। सुबह से शाम तक प्रत्याशियों व प्रस्तावक की भीड़ लगी रही। अंदर और बाहर भीड़ के चलते महिलाएं पूरी तरह से कोरोना संक्रमण से भयभीत रहा। देरतक खड़े होने के बाद अधिकतर कई प्रत्याशी जमीन पर बैठ गए। अंदर-बाहर भीड़ को देख पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा।

 

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बलिया के अभिनव ने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) में हासिल की 38वीं रैंक

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बलिया। बलिया के अभिनव कुमार सिंह ने भारतीय इंजीनियरिंग सेवा (IES) में 38वां स्थान हासिल किया है। उनकी इस कामयाबी से न सिर्फ़ उनके परिवार बल्कि पूरे बलिया जिले का नाम रौशन हुआ है। सभी इस कामयाबी के लिए उन्हें बधाई दे रहे हैं।

आपको बता दें कि अभिनव की माँ शिक्षा क्षेत्र पंदह के कम्पोजिट विद्यालय जिमीचक पर बतौर शिक्षामित्र तैनात हैं और पिता पंकज सिंह पीएचसी पूर के फार्मासिस्ट हैं।

जनपद के पूर निवासी अभिनव कुमार सिंह शुरू से ही मेधावी रहे है। 10वीं तक की शिक्षा सेंट जेवियर्स स्कूल धरहरा व इंटरमीडिएट की शिक्षा सनबीम वाराणसी से पूरी करने के बाद अभिनव ने NIT जयपुर से बीटेक की पढ़ाई की। प्रतिभा के धनी अभिनव को यह सफलता पहले ही प्रयास में मिली है।

घर से मुख्य परीक्षा की तैयारी कर भारतीय इंजीनियरिंग सेवा में सफलता अर्जित करने वाले अभिनव की कामयाबी पर विशिष्ट बीटीसी वेल्फेयर एसोसियेशन पन्दह के अखिलेश कुमार सिंह व उप्र प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के जिला प्रभारी पंकज सिंह ने बधाई दी है।

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बलिया के शिशिर सिंह को मिली बड़ी कामयाबी, यूपी पीसीएस में हासिल की चौथी रैंक

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बलिया।  यूपी पीसीएस 2020 का अंतिम परिणाम जारी कर दिया है। यूपीपीएससी पीसीएस 2020 परीक्षा में दिल्ली की संचिता ने किया टॉप है। जबकि टॉप-10 में बलिया  के शिशिर कुमार सिंह ने परचम लहराया है।

कौन हैं शिशिर सिंह

बलिया शहर के हरपुर मोहल्ला निवासी ने अपनी कड़ी  मेहनत  से पीसीएस परीक्षा में चौथी रैंक लाकर जिले का नाम रोशन किया है। इससे जिले में ख़ुशी की लहर दौड़ गई है। शिशिर सिंह के पिता मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव का कार्य करते हैं।

बलिया केंद्रीय विद्यालय में दसवीं तक की पढ़ाई करने वाले शिशिर ने डीपीएस बोकारो से भी पढाई की है। वहां पर 10वीं और 12वीं परीक्षा पास करने के बाद एसएन आईआईटी में दाखिला ले लिया।  इसके बाद पीसीएस की तैयारी में लग गये। पहली कोशिश में ही वे टॉप टेन में आ गए। उन्होंने बताया कि रिजल्ट से ज्यादा ध्यान तैयारी पर युवाओं का होना चाहिए। रिजल्ट आने के बाद सबको खुशी होती है लेकिन आगे प्रशासनिक सेवा में बेहतर काम करने के बाद बधाई मिले तो उसे ही असली खुशी माना जाता है। ऐसा भी होता है की  रिजल्ट में कामयाब नहीं होने वाले बेहतर प्रशासक हो सकते हैं।

यहां देखें टॉप-10 परीक्षार्थियों के नाम-

1. संचिता (नई दिल्ली)
2.  शिवाक्षी दीक्षित (लखनऊ)
3.  मोहिर रावत ( हरियाणा)
4.   (बलिया)
5. उदित पनवार (मेरठ)
6. ललित कुमार मिश्रा (प्रयागराज)
7. प्रतीक्षा सिंह सिंह (गाजियाबाद)
8.  महीमा (अमरोहा)
9. सुधांशु नायक (गोरखपुर)
10. नेहा मिश्रा (बाराबंकी)

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