अपने ही सरकार से नाखुश कार्यकर्ताओं ने सड़क जाम कर किया प्रदर्शन

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बलिया। हद तो यहां तब हो गई जब हाइवे पर भाजपा के कार्यकर्ता सैकड़ो आमजन के साथ एनएच 31 पर जाम लगा कर धरना पर बैठ गए। आजिज आए सैकड़ो ग्रामीण कर्णछपरा गांव के सामने, एनएच 31 पर स्थित राघव सिंह के डेरा पर जाम लगा कर धरना पर बैठ गए।

लगभग चार घंटे भीषण जाम के बाद धरना स्थल पर पहुंचे विधायक सुरेंद्र सिंह ने धरनारत लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि इस सड़क के मरम्मत की मांग को लेकर आप धरना पर बैठे है, यह मेरे लिए बहुत ही शर्म की बात है। आपके बीच में शर्मिंदा हूं क्योंकि आपने मुझे विधायक बनाया है। इसलिए यह जिम्मेदारी मेरी है। मैं आज ही आपके बीच ऐलान करता हूं कि अगर 31 जनवरी तक यह सड़क नहीं बनी तो मैं एक फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने खुद धरना पर बैठ जाऊंगा।

कहा कि अगर एनएचआई का आफिस बलिया में होता तो अब तक मैं आरपार कर दिया होता, सड़क ही नहीं विभाग का शरीर भी ठीक हो गया होता। मैं और सांसद जी ने जिलाधिकारी एवं संबधित अधिकारियों से कई बार कहा है कि इस सड़क को टीक करा दें। किंतु इस पर ध्यान नहीं दिया गया। अगर इस बीच में सड़क की मरम्मत नहीं होती तो निर्णय एक फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय के सामने होगा। विधायक के अनुरोध पर धरनारत लोगों ने एक फरवरी तक के लिए अपना धरना स्थगित कर दिया।

आन्दोलन का नेतृत्व कर रहे भाजपा युवामोर्चा के जिला मंत्री हरि सिंह का कहना था कि एनएच बैरिया से मांझी तक गड्ढे में तब्दील हो गया है। चलना मुश्किल हो गया है। रोज दुर्घटना मे लोग घायल हो रहे है।

उनका कहना था कि इस मार्ग की रिपेरिंग के लिए ढाई साल पहले से लगातार अब तक एनएचआई के उच्चाधिकारियों से लगायत जिलाधिकारी व सम्पूर्ण समाधान दिवस पर एक दर्जन बार प्रार्थना पत्र दिया गया। हर बार आश्वासन मिला लेकिन सड़क पर कोई काम नहीं हुआ। सड़क और बद से बदतर होती गई।

एनएच जाम की सूचना पाकर मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक/ क्षेत्राधिकारी बैरिया उमेश कुमार, तहसीलदार बैरिया राम नारायण वर्मा, एसएचओ बैरिया अनिल चन्द्र तिवारी सहित अधिकारी पहुंच कर आन्दोलित लोगों से वार्ता किए लेकिन आन्दोलन लोग जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा एनएआई के उच्चाधिकारियों के आने की मांग पर अड़े रहे। धरना में प्रवीण सिंह, पूर्व प्रधान विनोद सिंह, प्रधान संजय सिंह चौहान, उपेन्द्र सिंह, सुरेश सिंह नेता, अरबिन्द बिन्द, अन॔त बिन्द, राणा प्रताप सिंह बबलू, डा जितेन्द्र सिंह, श्री राम सिंह, रंजन सिंह, बंटी सिंह, धर्मेन्द्र, डीडी सिंह, छोटकन सिंह, कैलाश राम, गमगम सिंह, अशोक राम, स्वामी नाथ राम आदि लोग तथा दो सौ से अधिक महिलाएं रहीं ।

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