शासन ने किया कटानरोधी कार्यो के प्रस्ताव को नामंजूर

0

बलिया। प्रदेश सरकार की स्थायी समिति ने कटानरोधी कार्यों के दोनों प्रस्ताव नामंजूर कर दिया है। साथ ही अधीक्षण अभियंता से इसे 2019 के बरसात के मौसम के बाद पेश करने का निर्देश सरकार द्वारा दिया गया है।

बताया जाता है कि इंटक के जिलाध्यक्ष विनोद सिंह ने इन दोनों कटान स्थलों पर कटानरोधी कार्यों की जरूरत का महत्व बताते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर बताया है कि अगर इस साल बरसात से पहले यहां कटानरोधी कार्य नहीं हुआ तो सांसद आदर्श ग्राम केहरपुर व एनएच 31 को बचाना कठिन हो जाएगा। विनोद सिंह ने स्पष्ट किया है कि अगर सरकार इस पर तत्काल कार्रवाई नहीं करती है तो मामले को उच्च न्यायालय में ले जाया जाएगा। बाबत बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेन्द्र सिंह ने कहा कि प्रस्ताव खारिज नही किया गया है,बल्कि यह कहा गया है कि उक्त प्रस्ताव को स्थायी संचालन समिति की अगली बैठक में प्रस्तुत करें।ऐसे में जब स्थायी संचालन समिति की बैठक होगी तब इस प्रस्ताव को प्रस्तुत किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि विगत नौ मई को 2018 को बाढ़ विभाग ने 24 करोड़ 94 लाख 83 हजार रुपये के कटानरोधी कार्य केहरपुर में एनएच 31 के किनारे को सुरक्षित करने सहित अन्य कार्यों के लिए प्रस्तावित किया गया था। वहीं गंगापुर में 13 करोड़ 63 लाख 35 हजार रुपये की लागत से होने वाले कटानरोधी कार्य का प्रस्ताव मंजूरी के लिए भेजा गया था, उसे भी स्थायी समिति द्वारा खारिज कर दिया गया। इसे भी 2019 के बरसात के बाद पेश करने को कहा गया है।

स्थायी समिति के प्रमुख मुख्यमंत्री होते हैं और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा ही इन दोनों प्रस्तावों को बरसात के बाद प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। इस बाबत बाढ़ विभाग के अधिशासी अभियंता वीरेंद्र सिंह के मोबाइल नंबर 9452058904 पर पूछने पर उन्होंने बताया कि जब स्थायी समिति ने इसे खारिज कर दिया है तो किसकी मजाल है कि इस परियोजना को दोबारा स्थायी समिति के पास रखेगा। जैसा कि निर्देश मिला है कि 2019 के बरसात के मौसम के बाद इसे स्थायी समिति के पास रखा जाय तो वैसा ही होगा।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here