सरकारी विद्यालय में अफसरों के सामने अश्लील डांस, विडियो वायरल, मचा हंगामा !

BALLIA SPECIAL

बलिया के रेवती शिक्षा क्षेत्र अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय आसमानठोठा में ग्राम प्रधान और जिलाध्यक्ष प्रधान संघ द्वारा विद्यालय संचालन के समय ही निजी कार्यक्रम के तहत विद्यालय प्रांगण में कम्बल वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। जहां पठन पाठन को पूरी तरह के बाधित तो हुई ही, वहीं कार्यक्रम में भीड़ जुटाने और मेहमानों का मनोरंजन हो इसके लिये स्टेज पर बार बालाओं के लटके झटके भी खूब लगवाये। जहां बालाओं के डांस पर खूब नोट बरसाये गये। जहां डीपीआरओ एसओ रेवती जैसे जिम्मेदार भी उठाते रहे डांस का लुफ्त उठाने का मामला प्रकाश में आया है।

मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा क्षेत्र रेवती के प्राथमिक विद्यालय आसमान ठोठा के प्रांगण में बच्चों के पठन-पठान के दौरान ग्राम प्रधान और जिला अध्यक्ष प्रधान संघ के द्वारा विद्यालय के समय मे ही निजी कार्यक्रम कम्बल वितरण समारोह आयोजित कर बच्चो के पठन पाठन में बाधा उत्पन्न कर दी।

यही नही मेहमानों को नाश्ता पानी कराने के लिये दो कक्षो से बच्चो को निकाल कर उसमें सामान रखने का काम किया गया । बेवश नौनिहाल एक ही कमरे में बैठकर पढ़ाई किये । ग्राम प्रधान ने कार्यक्रम में भीड़ जुटे और मेहमानों का मनोरंजन हो इसके लिये स्टेज पर बार बालाओं के लटके झटके भी खूब लगवाये ।

विद्यालय के मैदान में हो रहे अश्लील गानों और नृत्यों के बीच नौनिहाल क्या पढ़े होंगे, इस का सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। वहीं कार्यक्रम आयोजन का कहना है कि इस कार्यक्रम से बच्चों के पढ़ाई में किसी प्रकार का कोई खलल नहीं हुआ हैं

इस संबंध में जब बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ संतोष कुमार राय का कहना है कि विद्यालय का प्रशासनिक प्रमुख हेडमास्टर होता है। अगर विद्यालय में कोई ऐसा कार्यक्रम आयोजित होने था तो वह विद्यालय के समय के बाद उच्चाधिकारियों से अनुमति के बाद कराने की अनुमति देते । प्रथम दृष्टया हेडमास्टर दोषी प्रतीत हो रहे है। खण्ड शिक्षा अधिकारी से इसकी जांच कराने के बाद अवश्य कार्यवाई की जाएगी

शिक्षा के मंदिर में निजी कार्यक्रम और उसमें भी अश्लील डांस का परोसा गया; भोग जहां पूर्व सांसद से लेकर डीपीआरओ बलिया, थानाध्यक्ष रेवती और चौकी इंचार्ज के साथ ही ब्लाक प्रमुख , कई प्रधान व अन्य मेहमानों का मनोरंजन कर रहा था तो हैरानी इस बात की हो रही है इन लोगो के दिमाग मे यह बात क्यो नही आयी कि बार बालाओं के ठुमको और अश्लील गीतों से बगल में पढ़ रहे नौनिहालों पर क्या असर पड़ेगा । डीपीआरओ बलिया तो इस बात का संज्ञान ले सकते थे ये तो प्रशासनिक अधिकारी थे। बाकी लोग तो राजनीतिज्ञ थे ।

सवाल यह उठता है कि जब प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस अधिकारी जब दोनों मिलकर बार बालाओं के डांस का लुफ्त उठा रहे हो तो रोकेगा कौन ? प्राथमिक विद्यालय के प्रांगण में बार बालाओं के डांस पर खूब नोट बरसाये जा रहे है ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *