बलिया- राशन की ऑनलाइन दुकानों में राशन माफिया और आपूर्ति विभाग की मिलीभगत से घालमेल किया जा रहा

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तहसील क्षेत्र में राशन की ऑनलाइन दुकानों में राशन माफिया और आपूर्ति विभ्ााग की मिलीभ्ागत से घ्ाालमेल किया जा रहा। कई निरस्त व निलंबित सस्ते-गल्ले की दुकानों को आॅन लाइन के विपरीत दूसरी दुकानों से सम्बद्ध कर कर राशन माफिया राशन की कालाबाजारी कर मालामाल हो रहे। इस खेल में सफेदपोशों के लोग भी बढ़चढ़ कर हिस्सा ले रहे। ऐसे में राशन माफियों के वर्चस्व से राशन वितरण प्रणाली लचर हो गई है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए शासन के निर्देश पर राशन की दुकानों को आॅनलाइन किया गया है। लेकिन इसे नजरंदाज कर राशन माफियाओं के मिलीभगत से तहसील क्षेत्र में दर्जन भर सस्ते-गल्ले दुकानों को ऑन लाइन दुकानों के विपरीत दुकानों से सम्बद्ध किया गया है। श्रीकांतपुर के प्रधान मालती सिंह ने उपजिलाधिकारी बैरिया को दिए पत्रक में शिकायत किया है कि उनके ग्राम पंचायत की निरस्त बेबी देवी की दुकान विगत तीन वर्ष पूर्व से दूसरे न्याय पंचायत करमानपुर में एक ही दुकान पर सम्बद्ध चली आ रही है, जबकि श्रीकांतपुर ग्राम पांच में अन्य दो दुकानें मौजूद है।
वहीं, दुर्जनपुर के कार्ड धारक की शिकायत पर जिलापूर्ति अधिकारी ने लिखित जानकारी दिया है कि उपजिलाधिकारी ने ऑन लाइन दुकान के विरुद्ध दुकान सम्बद्ध किया है। यहां तक की निरस्तीकरण के विरुद्ध अपील की सुनवाई करते हुए मंडलायुक्त ने 17 जनवरी को दिए अपने फैसले में एसडीएम को निस्तारण करने की आदेश के साथ ही निस्तारण तक वितरण व्यवस्था यथावत रखने का आदेश दिया था। बावजूद मंडलायुक्त के आदेश के विपरीत दुकान दूसरे दुकान से सम्बद्ध कर दी गई।

ऐसी कई दुकानें है जो राशन माफियाओं के साथ ही सफेदपोशों की शह पर निलंबित व निरस्त दुकानों को सम्बद्ध किया गया है। विभागीय सूत्र बताते है कि ऑन लाइन दुकान के विपरीत दुकान सम्बद्ध कराने पर सम्बद्ध दुकानदार सफेदपोशों से ताल्लुक रखने वाले लोगो को हर माह हिस्सेदारी देते है। ऐसे हालात में कार्डधारकों की शिकायत के बाद भी दुकानदारों की सेहत पर असर नहीं पड़ता। इस बाबत पूर्ति निरीक्षक बैरिया सूर्यनाथ पुष्कर ने स्वीकार किया कि कुछ दुकानें लिंक शाप व्यवस्था के विपरीत है, लेकिन उच्चधिकारी से आदेश मिला है कि सभी दुकानों को आनलाइन कर दिया जाए। बहुत जल्द इस निर्देश पर अमल किया जाएगा।

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