सलेमपुर सीट से पहली महिला उमीदवार, जानें कौन हैं धर्म गुरु पूजा पांडेय ?

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बलिया- लोकसभा चुनाव के लिए शिवपाल यादव की प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (प्रसपा) और डॉ. अय्यूब की पीस पार्टी गठबंधन ने सलेमपुर लोकसभा सीट से धर्म गुरु पूजा पांडेय को अपना प्रत्याशी बनाया है. जिसको लेकर इलाके में काफ़ी चर्चा हैं.

पूजा पांडेय सामाजिक कार्यकर्ता के साथ-साथ धर्म गुरु भी हैं. इसी के साथ सलेमपुर लोकसभा सीट में पूजा पांडेय के नाम एक रिकॉर्ड तो दर्ज हो ही गया. वो इस सीट से किसी भी पार्टी की पहली महिला प्रत्याशी हैं.

पूजा पांडेय का ये दावा है की वो 5 साल की उम्र से शिवसाधक हैं, बचपन से ही प्रवचन के साथ साथ सामाजिक कार्यों को भी कर रही हैं. अपने जीवन की तकरीबन आधी उम्र सामाजिक कार्यों में समर्पित कर चुकी पूजा पांडेय ज्योतिष विज्ञान में स्नातक हैं. बलिया के बांसडीह विधानसभा की रहने वाली पूजा कई सामाजिक, धार्मिक संगठनों की सदस्य होने के साथ आयुर्वेदिक मेडिसिन का व्यवसाय भी करती हैं. इस वजह से समाज में उनकी काफी पकड़ है.

राजनीति में आने के मकसद पर बात करते हुए पूजा पाण्डेय ने बलिया ख़बर को बताया ‘मैं यहाँ सिर्फ इसी मकसद से आई हूँ कि अपने घर को साफ़ करना है’. सलेमपुर के नेताओं और अपने विरोधियों पर बिना नाम लिए निशाना साधते हुए, उन्होंने कहा- यहाँ बड़े-बड़े मगरमच्छ आते हैं और जनता को खा कर निगल जाते हैं, मैं सिर्फ उन मगरमच्छो से जनता को बचाने आई हूँ”

आप को बता दें की सलेमपुर लोकसभा सीट से अब तक भाजपा ने पूर्व सांसद रविन्द्र कुशवाहा को प्रत्याशी बनाया हैं, वहीँ गठबंधन की तरफ से बसपा प्रदेश अध्यक्ष के नाम को लेकर चर्चा जोरो पर है हालाँकि पार्टी ने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है. वहीँ कांग्रेस ने भी अभी इस सीट को लेकर पूरी तरह पत्ते नहीं खोले है.

जानकारी के लिए बता दें कि सलेमपुर संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत 5 विधानसभा क्षेत्र भाटपार रानी, सलेमपुर (अनुसूचित जाति), बेल्थरा रोड (अनुसूचित जाति), सिकंदरपुर और बांसडीह आते हैं.

2017 विधानसभा चुनाव की बात करें तो देवरिया जिले में पड़ने वाले भाटपार रानी और बलिया जिले में आने वाले बांसडीह विधानसभा क्षेत्र पर समाजवादी पार्टी ने कब्ज़ा किया था तो वहीँ देवरिया का सलेमपुर, बलिया का बेल्थरा रोड और सिकंदरपुर भाजपा के कब्ज़े में है.

एक तरह से देखा जाए तो सलेमपुर लोकसभा सीट पर पिछले 30 सालों में समाजवादी पार्टी का दबदबा रहा है. बीजेपी तो पिछली बार मोदी लहर में यह सीट निकालने में कामयाब रही है. इस बदले समीकरण में बीजेपी के लिए यह सीट निकाल पाना आसान नहीं दिख रहा.

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