सपा-बसपा गठबंधन तय, पूर्वांचल की 26 सीटों पर ये पार्टी यहाँ से लड़ेगी चुनाव !

BALLIA SPECIAL
यूपी में BJP की बढ़ी मुश्किलें, 2019 लोकसभा में सपा-बसपा का साथ लड़ना तय दिल्ली में शुक्रवार को अखिलेश यादव और मायावती के बीच हुई बैठक के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) और बहुजन समाज पार्टी (बसपा) का 2019 लोकसभा चुनाव में साथ लड़ना तय हो गया है।
सूत्रों के मुताबिक, दोनों पार्टियां 37-37 सीटों पर चुनाव लड़ सकती हैं, जबकि दो से तीन सीटें राष्ट्रीय लोकदल को दी जा सकती हैं। वहीं दोनों ही पार्टियां कांग्रेस के साथ चुनाव लड़ने के पक्ष में नहीं हैं।
हालांकि रायबरेली और अमेठी में दोनों पार्टियां कांग्रेस का समर्थन कर सकती हैं। सीट शेयरिंग पर अंतिम फैसला 15 जनवरी के बाद लिया जाएगा।
2014 लोकसभा चुनाव के नतीजे को देखते हुए ऐसी अटकलें लगाई जा रही हैं कि पूर्वांचल की ज़्यादातर सीटों से बसपा चुनाव लड़ सकती है। पिछले चुनाव में पूर्वांचल की 26 सीटों में से ज़्यादातर सीटों पर बसपा दूसरे स्थान पर थी। वहीं कुछ जगहों पर सपा भी दूसरा स्थान पाने में कामयाब रही थी।
आज़मगढ़ लोकसभा सीट पर तो सपा से मुलायम सिंह यादव ने जीत भी दर्ज की थी। इस लिहाज़ से इस सीट पर गठबंधन का उम्मीदवार सपाई हो सकता है। इसके साथ ही गाज़ीपुर, बलिया और लालगंज में सपा की दावेदारी मज़बूत है। इन तीनों जगहों पर पिछले चुनाव में सपा दूसरे स्थान पर थी।  गाज़ीपुर में सपा की शिवकन्या दूसरे स्थान पर थीं बसपा प्रत्यासी कैलाश नाथ सिंह यादव तीसरे स्थान पर थे। ऐसे में एस सीट से सपा का चुनाव लड़ना तय है।
बलिया की बात करें तो यहां 2014 लोकसभा चुनाव में भरत सिंह ने जीत हासिल की थी, जबकि सपा प्रत्याशी नीरज शेखर दूसरे नंबर पर रहे थे। कौमी एकता दल के प्रत्याशी अफजाल अंसारी तीसरे और बसपा प्रत्याशी वीरेंद्र पाठक चौथे नंबर पर थे। लेकिन कौमी एकता दल के बसपा में शामिल होने के बाद बसपा यहां मजबूत हो गई है, इसके बावजूद इस सीट पर सपा की दावेदारी ज़यादा मज़बूत दिख रही है। लालगंज की बात करें तो यहां पिछले चुनाव में सपा दूसरे और बसपा तीसरे स्थान पर थी।
इस लिहाज़ से यहां भी गठबंधन की ओर से सपा उम्मीदवार को टिकट मिलने की संभावना ज़्यादा है। इसके साथ ही सपा की दावेदारी इलाहाबाद, जौनपुर, गोरखपुर और बस्ती में भी मज़बूत है।  वहीं देवरिया, सलेमपुर, कुशीनगर, महाराजगंज, घोसी, वाराणसी, मिर्ज़ापुर, चंदौली, प्रतापगढ़, फतेहपुर, भदोही, मछलीशहर, संतकबीरनगर और डुमरियागंज लोकसभा सीटों पर बसपा की दावेदारी मज़बूत है।
पिछले चुनाव में इन सभी सीटों पर बसपा के उम्मीदवार दूसरे स्थान पर रहे थे। दोनों ही पार्टियों के साथ आने से बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।  गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बसपा ने सपा उम्मीदवार को वोट देने की अपील की थी। कैराना लोकसभा उपचुनाव में रालोद उम्मीदवार को सपा-बसपा और कांग्रेस ने समर्थन दिया। तीनों जगहों पर बीजेपी को करारी शिकस्त का सामना करना पड़ा था।

 

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