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बलिया- चंद्रशेखर यूनिवर्सिटी के स्थानांतरण को लेकर सरकार और कुलपति के बयान में फर्क क्योंं?

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बलिया डेस्क : जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के दूसरे परिसर के निर्माण को लेकर बहस लगातार बढ़ती ही जा रही है। दरअसल इसके दूसरे परिसर का निर्माण रसड़ा के कताई मिल की जमीन पर कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसको लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन और आसपास के लोगों की अलग-अलग विचारधारा सामने आ रही हैं। हालांकि रसड़ा में दूसरे परिसर के निर्माण को लेकर कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय कई बार अपनी मंशा स्पष्ट कर चुकी हैं। उनका कहना है कि विश्वविद्यालय कहीं भी स्थानांतरित नहीं हो रहा है।

आइए सबसे पहले समझते है कि आखिर ऐसी नौबत ही क्यों आई?

दरअसल विश्वविद्यालय के दूसरे दीक्षांत समारोह में पहुंची कुलाधिपति व प्रदेश की राज्यपाल आंनंदीबेन पटेल को विश्वविद्यालय में जलजमाव की समस्या से अवगत कराया गया था। विश्वविद्यालय के कुलपति ने राज्यपाल को बताया था कि कैंपस में जलजमाव की वजह से विश्वविद्यालय को 6 महीने तक भी बंद रखना पड़ जाता है।

ऐसे में संस्थान का संचालन कुशलता से नहीं हो पाता। समस्या को सुनने के बाद राज्यपाल ने विश्वविद्यालय में अपने संबोधन के दौरान कुलपति और डीएम-कमिश्नर को निर्देश देते हुए कहा था कि विश्वविद्यालय के लिए कहीं और जगह की तलाश करें। यहां उन्होंने ये भी कहा था कि भवन निर्माण या अन्य संसाधनों के लिए शासन की ओर से जारी होने वाले पैसे को पिलहाल मौजूदा विश्वविद्यालय परिसर पर खर्च न करें।

राज्यपाल के बाद बोलने आए उप मुख्यमंत्री प्रो. दिनेश शर्मा ने भी इस समस्या को संज्ञान में लेते हुए कुलपति को निर्देश दिया कि होली से पहले विश्वविद्यालय को कहीं और शिफ्ट करने का एक्शन प्लान तैयार किया जाए। राज्यपाल और उप मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद माना जा रहा है कि जल्द ही विश्वविद्यालय को कहीं और शिफ्ट कर दिया जाएगा।

परंतु इस विषय पर कुलपति प्रो. कल्पलता पांडेय अलग ही बयान सामने आया है उनका कहना है कि यदि रसड़ा में जमीन मिलती है तो विश्वविद्यालय के दूसरे परिसर का निर्माण होने से विश्वविद्यालय का दायरा तो बढ़ेगा ही, परिसर का उपयोग छात्राओं की शिक्षा के लिए किया जा सकेगा। आने वाले दिनों में बलिया के महाविद्यालयों के साथ मऊ और गाजीपुर के कालेज भी इसमें शामिल हो सकते हैं। उधर विश्वविद्यालय के भवन निर्माण के लिए 15 करोड़ स्वीकृत हुआ है। रजिस्ट्रार संजय कुमार ने बताया कि भवन निर्माण के लिए खाका तैयार हो रहा है। बहुत जल्द निर्माण कार्य भी शुरू होगा।

जानकारी के लिए बता दें कि जननायक चन्द्रशेखर विश्वविद्यालय बलिया नगर में स्थित एक राजकीय विश्वविद्यालय है, जिसकी स्थापना करोड़ों की लागत से बने भवन में 22 दिसंबर 2016 को लगभग 60 एकड़ में हुई  थी  ।विश्वविद्यालय से वर्तमान में 122 महाविद्यालय सम्बद्ध हैं। ये सभी महाविद्यालय इससे पहले बनारस के महात्मा गाँधी काशी विद्यापीठ से सम्बद्ध थे। विश्वविद्यालय बसंतपुर शहीद स्मारक परिसर में स्थापित है। विश्वविद्यालय परिसर को डूब क्षेत्र कहने पर भी बसंतपुर के लोगों ने शनिवार को बैठक कर एतराज जताया है।

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बलिया में टूटे सारे रिकॉर्ड, पहली बार 24 घंटे में 216 नए केस, एक की मौत

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बलिया डेस्क : बलिया में कोरोना वायरस की रफ्तार बेकाबू हो गई है. जिले में पहली बार 24 घंटे के भीतर 216 कोरोना वायरस के केस दर्ज किए गए हैं. वहीँ आज 1 मरीज की मौत भी हुई है. जिले में इस बीमारी से अबतक 117 लोग जान गवा चुके हैं.

जारी आकड़ों के मुताबिक जिले में आज 216 नए मामले सामने आये हैं. जिले में राज्य में कोरोना संक्रमण  के मद्देनज़र जिले में नाईट कर्फ्यू भी लगाया  गया है.

वहीं जिले में अबतक कुल 117 की जान इस बीमारी से चली गई.  जिले में अब कुल कोरोना केसों का नंबर 9118 हो गया है.  कुल केसों में से 2048 लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं.  879 केस फिलहाल ऐक्टिव हैं.

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CM योगी का आदेश, बलिया में वेंटिलेटर, L-3 बेड्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाए

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 बलिया । कोरोना से लोगों के बचाव को लेकर उप्र की योगी सरकार अलर्ट मोड़ पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए सूबे में किए गए चिकित्सा प्रबंधों की रोज समीक्षा कर रहे हैं।

राज्य में रोजाना कितने लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं और उनके इलाज के लिए जिलों में क्या क्या कदम उठाये जा रहे है  तथा प्रदेश में प्रतिदिन कितने लोगों ने टीकाकरण कराया, मुख्यमंत्री इसकी भी समीक्षा  रोज कर रहे हैं।

वहीं बलिया को लेकर सीएम योगी खास निर्देश दिया है सीएम ऑफिस के आफिसियाल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि बलिया में वेंटिलेटर व HFNC को फंक्शनल किया जाए तथा एल-3 बेड्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।  बात दें की बलिया में कोरोना के रोज औसतन 100 मरीज मिल रहे हैं , इसी को देखते हुए स्वास्थ विभाग को अलर्ट किया गया है ।

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बलिया- ऐसे में तो फिर खाली रह जाएंगे ग्राम पंचायत सदस्य के सैंकड़ो पद !

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बैरिया। पंचायत चुनाव को लेकर प्रशासनिक तैयारियां तेज चल रही हैं। वहीं, गांव देहात में उम्मीदवार भी पूरी ताकत झोंके हुए हैं। सबसे अधिक दावेदार प्रधानी व जिला पंचायत सदस्य के नजर आ रहे हैं। वहीं ग्राम पंचायत सदस्य के एक पद पर एक उम्मीदवार भी नजर नहीं आ रहे हैं। जिससे त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में ग्राम पंचायत सदस्यों की कई सीटें खाली रह सकती हैं।

कारण कि इस पद की उम्मीदवारी को लेकर लोगों में उदासीनता है। बैरिया विकासखंड में अभी तक कुल 422 ग्राम पंचायत सदस्य पदों के सापेक्ष अब तक महज 302 नामांकन पत्र ही बिके हैं। जबकि कई पदों पर एक से अधिक नामांकन पत्र भी बिके हैं। अगर एक-एक नामांकन पत्र भी मानें तो अभी तक 120 पदों के लिए कोई नामांकन पत्र नहीं बिका है।

लोगों का कहना है कि पंचायत के संचालन में ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारियों द्वारा ग्राम पंचायत सदस्यों को अहमियत न दिए जाने के चलते लोग ग्राम पंचायत सदस्य पद का चुनाव नहीं लड़ना चाहते हैं।

पिछले कई दिनों से ब्लॉक मुख्यालय पर नामांकन पत्रों की बिक्री में प्रधान के 30 पदों के लिए अब तक 466 नामांकन पत्र बिक चुके हैं, जबकि क्षेत्र पंचायत सदस्य के 73 पदों के लिए कुल 258 नामांकन पत्र बिका है। वहीं, ग्राम पंचायत सदस्य के कुल 422 पदों के सापेक्ष अब तक 302 नामांकन पत्र ही बिके हैं। हालांकि अभी चार दिन और नामांकन पत्र बिकेंगे।

 

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