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ख़राब सड़क, ट्रेनों का न चलना और ऑनलाइन शॉपिंग बने बेल्थरा रोड के दुकानदारों की समस्या

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बलिया डेस्क : बिल्थरारोड इलाके के दुकानदारों की स्थिति ठीक नहीं है। उनकी दुकानों पर अब पहले की तरह ग्राहक खरीदारी करने नहीं आ रहे। जिसके चलते उनके सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया है। दुकानदारों का कहना है कि अब नौबत ये आ गई है कि दुकान से रोज़ का खर्च तक निकालना दुश्वार हो गया है। इलाके के दुकानदारों ने बताया कि उनकी ये हालत ऑनलाइन शॉपिंग ऐप्स के आने से हुई है।

साथ ही दुकानदारों ने अपनी दुकानदारी ठप्प होने की वजह इलाके की खराब सड़क और पैसेंजर ट्रेनों का संचालन न होना भी बताया।लॉकडाउन के चलते पहले से परेशानियों का सामना कर रहे इन दुकानदारों के सामने अब दुकान को बंद करने के सिवा कोई चारा नहीं बचा है। दुकानदारों का कहना है कि दुकान से उनकी इतनी आमदनी नहीं हो रही, जिससे वह अपने घर का खर्च चला सकें। बिना किसी मुनाफे के अगर वो दुकान सी तरह चलाते रहे तो बहुत जल्द वो भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे।

बस स्टेशन रोड स्थित हरी इलेक्ट्रॉनिक के संचालक रमेश गुप्ता का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक समानों की हो रही ऑनलाइन खरीदारी के चलते ग्राहकों का दुकान पर आना बंद हो गया है। जिसके चलते दुकान की हालत दिन-ब-दिन बिगड़ती जा रही है। नौबत ये आ गई है कि अब परिवार का रोज का खर्च भी चलाना मुश्किल हो गया है।

वहीं अमन मोबाइल के संचालक बॉबी का कहना है कि ऑनलाइन शॉपिंग ने उनका पूरा बिजनेस ही चौपट कर दिया है। दुकान में लाखों रूपये के रखे मोबाइल के बावजूद भी ग्राहकों का अता पता नहीं रहता। उन्होंने कहा कि अगर ऐसे ही रहा तो हम लोगों को अपनी-अपनी दुकान बंद कर घर पर बैठना पड़ेगा। ज़्यादातर लोग अपनी अच्छी बचत को देखते हुए ऑनलाइन शॉपिंग करने में ही लगे हुए है।

अनूप जायसवाल

रेलवे स्टेशन रोड स्थित गुप्ता इलेक्ट्रॉनिक के संचालक आलोक गुप्ता ने अपना दर्द बयां करते हुए इसके लिए इलाके की ख़राब सड़क को ज़िम्मेदार ठहराया। बता दें कि नगर के देवेंद्र डिग्री कॉलेज से चौकियामोड़ तक रोड बेहद खराब है। लगभग 4 किलोमीटर के इस इलाके में रोड पर सिर्फ गढ्ढे ही गढ्ढे नज़र आते हैं। जिसके चलते लोग यहां से गुज़रना पसंद नहीं करते। आलोक गुप्ता ने बताया कि सड़क खराब होने की वजह से लोग बिल्थरारोड आने में कतराते हैं। ज़्यादातर ग्राहक मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक समान और कपड़े की खरीदारी गांव से ही कर रहे हैं।

आलोक गुप्ता

जिसके चलते सभी दुकानदारों का दुकानदारी चौपट हो गई है। समानों की खरीदारी न होने से ज़्यादातर दुकानदार भुखमरी के कगार पर आ गए है। हालत ये है कि अब रोज़ का खर्च चलाना भी मुस्किल हो गया है। जयसवाल मेडिकल स्टोर के संचालक अनूप जायसवाल ने दुकानदारी ठप होने की वजह पैसेंजर ट्रेनों का संचालन न होना बताया। उन्होंने कहा कि ट्रेनों के ना चलने की वजह से यहां दिक्कत और बढ़ गई है। बाज़ार में दिन प्रतिदिन ग्राहकों की कमी देखी जा रही है।

एक सवाल के जवाब में मिठाई विक्रेता कहते हैं, मिठाई बनाकर क्या करें, महीने में कई दिन तो ऐसे ही बीत जाते हैं जब पूरे दिन में एक भी ग्राहक नहीं आता है। ऐसे में मिठाई बनाकर क्या करें, खराब होने का डर रहता है। पहले तो काम से फुर्सत ही नहीं थी, अब तो पूरे दिन में जैसे कोई काम ही नहीं है दुकान पर। सुबह जैसे आते हैं, वैसे ही शाम को चले जाते हैं। यह जरूर है कि शाम को लोग मिठाई-नमकीन के लिए आने शुरू होते हैं, लेकिन तब तक बाजार बंद करने का निर्धारित समय हो जाता है।

राज ट्रेडिंग कंपनी संदीप बरनवाल का कहना है कि मार्च महीने का 16 तारीख हो गया हम लोग का टारगेट 25 परसेंट तक नहीं पहुंचा ऊपर कंपनी का प्रेशर बहुत ज्यादा है लेकिन आजकल अपने रखे हुए स्टाफ को पेमेंट देना भी बहुत मुश्किल हो गया है दिमाग काम नही कर रहा।

आरटीआई कार्यकर्ता इमरान अंसारी कहते हैं, कोरोना महामारी के बाद व्यापार चौपट हो गया है। कई महीनों तक दुकानें बद रही। इसके बाद जब अनलॉक का सिलसिला शुरू हुआ तो बाजार खुले। लेकिन दुकानदार हाथ पर हाथ धरे बैठे रहते हैं। स्थिति यह हो गई है कि दुकान खोलकर तो बैठे हैं, लेकिन काम-धंधा सब चौपट हो गया है। सुबह से शाम तक गिनती के ग्राहक आते हैं। कई बार तो पूरे दिन में कोई भी नहीं आता है। व्यापारी वर्ग बड़ा आहत है। दुकान खोलना जरूरी है और उम्मीद भी होती है कि ग्राहक आएंगे। अधिकांश दुकानदारों की यही पीड़ा है कि ख़राब सड़क, ट्रेनों का न चलना और ऑनलाइन शॉपिंग  के कारण लोग बाजार में ही नहीं आते हैं। जो बहुत ही जरूरी होती है, उसी की खरीदारी करते हैं। इसलिए बाजार सूने है।

 

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चुनाव में किसी प्रकार की गड़बड़ी का प्रयास भी किया तो होगी कठोर कार्रवाई: डीएम

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बलिया : जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम अदिति सिंह व पुलिस अधीक्षक डा विपिन ताडा ने पुलिस लाइन के आईडी त्रिपाठी हाल में पंचायत चुनाव में प्रतिभाग कर रहे प्रत्याशियों के साथ बैठक की।

जिलाधिकारी ने कहा कि चुनाव के दौरान आचार संहिता का पूरी तरह पालन करना है। साथ ही कोविड-19 को लेकर भी जो गाइडलाइन है उसका भी अनुपालन करके खुद के साथ-साथ अन्य लोगों को भी सुरक्षित रखना है। जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि पंचायत चुनाव में किसी प्रकार की कोई भी गड़बड़ी करने का प्रयास तक कोई नहीं करेगा।

अन्यथा की स्थिति में कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने में सभी लोग सहयोग करेंगे। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/एडीएम रामआसरे, अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार, सभी सीओ व पंचायत चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी गण मौजूद थे।

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बलिया : पुलिस मुठभेड़ में 50 हजार का इनामिया बदमाश गिरफ्तार

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बलिया : बलिया के उभाव पुलिस को बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक डा0 विपिन ताडा के निर्देशन में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर अवैध शराब की तस्करी के विरुद्ध चलाये जा रहे अभियान के क्रम में स्वाट टीम और उभाव थाने की संयुक्त टीम ने अंतर्जनपदीय 50 हजार के इनामिया बदमाश को गिरफ्तार किया।

मुखबीर की सूचना पर पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार इनामिया बदमाश के कब्जे से कई अवैध शस्त्र, कारतूस तथा अर्ध निर्मित शस्त्र व शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं।

बता दें कि SHO उभांव ज्ञानेश्वर मिश्रा मय फोर्स व स्वाट टीम प्रभारी संजय सरोज मय फोर्स की संयुक्त टीम द्वारा मुखबिर की सूचना पर घाघरा नदी के किनारे से रात्रि करीब 03.05 बजे इनामिया अभियुक्त टेंगर नट पुत्र हरेन्द्र नट निवासी खरहाटार थाना गड़वार जनपद बलिया को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया।

बता दें कि अभियुक्त बलिया ,देवरिया और गोरखपुर में वांछित था तथा काफी दिनों से फरार चल रहा था जिसकी गिरफ्तारी पर गोरखपुर पुलिस ने  50,000/- रू0 का इनाम घोषित किया था ।

पुलिस ने अभियुक्त के कब्जे से तमंचा, रिवाल्वर, कारतूस, अर्ध निर्मित तमंचा तथा शस्त्र बनाने के उपकरण आदि बरामद किया है ।
पूछताछः-
अभियुक्त टेंगर द्वारा बताया गया कि वह घाघरा नदी के नीचे एकांत व निर्जन स्थान में छिपकर असलहा बनाता था तथा अपने गिरोह के सदस्यों को सप्लाई करता था ।

पंजीकृत अभियोगः-
1. मु0अ0सं0- 48/20 धारा 307 भादवि थाना उभांव बलिया ।
2. मु0अ0सं0- 49/20 धारा 3/5/25 आर्म्स एक्ट थाना उभांव बलिया ।
3. मु0अ0सं0- 50/20 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना उभांव बलिया ।

गिरफ्तार अभियुक्त का नाम व पता:-
1. टेंगर नट पुत्र हरेन्द्र नट निवासी खरहाटार थाना गड़वार जनपद बलिया (HS)

बरामदगी का विवरण:-
1. 02 अदद तमंचा .315 बोर
2. 04 अदद जिन्दा कारतूस .315 बोर
3. 01 अदद खोखा कारतूस .315 बोर
4. 01 अदद रिवाल्वर (5 फायरा)
5. 03 अदद अर्ध निर्मित तमंचा .12 बोर
6. 05 अदद जिन्दा कारतूस .12 बोर
7. शस्त्र बनाने के उपकरण- (पिलास,सड़सी,हथौड़ी,हेक्सा ब्लेड, रेती,छिन्नी,पाइप, कांटी, लोहे की पत्ती , शिकंजा ,निहाई लोहे की , लोहे का U आकार का ठिहा, लकड़ी का बट रिंच ,अर्ध निर्मित बाडी लोहे की, बैरल लोहे की अर्ध निर्मित पाईप 02 फीट लम्बा,सुम्मी, स्क्रू छोटा बड़ा ,रिपिट छोटी बड़ी , फुलथ्रू आदि )

अभियुक्त HS टेंगर नट का आपराधिक इतिहासः-
1. मु0अ0सं0-104/11 धारा 395/397 भादवि थाना पकड़ी बलिया ।
2. मु0अ0सं0- 156/11 धारा 395/397 भादवि थाना पकड़ी बलिया ।
3. मु0अ0सं0- 66/16 धारा 395 भादवि थाना मनियर बलिया ।
4. मु0अ0सं0- 789/14 धारा 380/506 भादवि थाना मनियर बलिया ।
5. मु0अ0सं0- 707/16 धारा 380/457 भादवि थाना रसड़ा बलिया ।
6. मु0अ0सं0- 58/17 धारा 3/25 आर्म्स एक्ट थाना रसड़ा बलिया ।
7. मु0अ0सं0- 01/18 धारा 272/273 भादवि व 60 आब0 अधि0 थाना कोतवाली बलिया ।
8. मु0अ0सं0- 01/18 धारा 457/380 भादवि थाना पकड़ी बलिया ।
9. मु0अ0सं0- 46/18 धारा 307 भादवि थाना पकड़ी बलिया ।
10. मु0अ0सं0- 736/20 धारा 395/354/342 भादवि व 7/8 पाक्सो एक्ट थाना गगहां जिला गोरखपुर
11. मु0अ0सं0- 286/20 धारा 395/411 भादवि थाना लार जिला देवरिया ।
12. मु0अ0सं0- 156/11 धारा 395/397 भादवि थाना पकड़ी बलिया ।

गिरफ्तार करने वाली पुलिस टीमः-
1. प्र0नि0 ज्ञानेश्वर मिश्रा थाना उभांव बलिया मय फोर्स ।
2. उ0नि0 संजय सरोज प्रभारी स्वाट टीम बलिया ।
3. हे0का0 अनूप सिंह SOG टीम बलिया
4. हे0का0 अतुल सिंह SOG टीम बलिया
5. हे0का0 वेदप्रकाश दूबे SOG टीम बलिया
6. कां0 विजय राय SOG टीम बलिया
7. चालक अनिल पटेल SOG टीम बलिया
8. हे0का0 शशि प्रताप सिंह सर्विलांस बलिया ।
9. का0 रोहित यादव सर्विलांस बलिया ।
10. हे0कां0 संजीव कुमार सिंह थाना उभांव बलिया
11. कां0 बृजेश सिंह थाना उभांव बलिया
12. कां0 रणजीत सिंह यादव थाना उभांव बलिया
13. चालक हे0कां0 घनश्याम मिश्रा थाना उभांव बलिया

 

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बलिया में भरपूर मात्रा में है ऑक्सीजन सिलेंडर, जानें किस अस्पताल में कितने उपलब्ध ?

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बलिया। कोरोना महामारी में प्रदेश में ऑक्सीजन की खपत ज्यादा बढ़ गई है। इसका फायदा उठाते हुए दुकानदार ऑक्सीजन सिलेंडरों की कालाबाजारी करने में लगे हैं। लेकिन बलिया में फिलहाल ऑक्सीजन सिलेंडरों की कोई कमी नहीं है और जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सीएचसी के साथ ही एल-2 अस्पतालों में भरपूर मात्रा में उपलब्ध हैं।

जानकारी के मुताबिक जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सीएचसी व एल-2 अस्पताल मिलाकर कुल 231 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं। इसमें मुख्य चिकित्साधिकारी के अधीन छोटा और बड़ा मिलाकर कुल 166 ऑक्सीजन सिलेंडर हैं। इसमें 16 बड़ा और 150 छोटा सिलेंडर है। वहीं, जिला अस्पताल में कुल 53 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं। इसमें 10 बड़ा और 43 छोटा सिलेंडर है। जिला महिला अस्पताल में कुल 12 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं जिसमें दो बड़ा और 10 छोटा है।

इस प्रकार, जिले में प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. बीपी सिंह ने बताया कि ऑक्सीजन सिलेंडरों की कमी नहीं है। वर्तमान में ऑक्सीजन सिलेंडरों का बलिया और मऊ से भरवाया जा रहा है। ऑक्सीजन समाप्त होते ही त्वरित भरवाकर मंगा लिया जा रहा है, ताकि कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी ना हो सके। वर्तमान में छोटा सिलेंडर भरवाने में करीब 200 रुपये और जीएसटी तथा बड़ा को भरवाने में करीब 336 रुपये और जीएसटी लग रहा है, जो पहले की अपेक्षा मामूली अधिक है।

108 और 102 एंबुलेंस में उपलब्ध है ऑक्सीजन सिलेंडर
बलिया के 108 और 102 एंबुलेंस प्रभारी अविनाश चंद्र मिश्रा के मुताबिक जिले में संचालित एंबुलेंस में प्रचुर मात्रा में ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध है। इस दौरान ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत 20 से 25 हो रही है। आलम यह है कि प्रतिदिन बलिया से 15 से 20 कोरोना मरीज रेफर किए जा रहे हैं। बताया कि 10 सिलेंडर को अतिरिक्त में भरवाकर रख दिया गया है।

इसके अलावा, अगर किसी एंबुलेंस में ऑक्सीजन समाप्त हो गया तो उसे वेंडर के यहां भेजने के बजाए दूूरी गाड़ी से उपलब्ध करा दिया जाता है और उस गाड़ी को वेंडर के यहां सिलेंडर के लिए भेज दिया जाता है। एंबुलेंस में ए, बी और सी तीन ऑक्सीजन सिलेंडर होते हैं। बताया कि जिले में 108 की 38 और 102 की 38 एंबुलेंस संचालित हैं। इसके अलावा, चार एडवांस लाइफ सिस्टम एंबुलेंस हैं। इसमें वेंटिनेटर की सुविधा आदि उपलब्ध है।

 

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