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बलिया स्पेशल

बलिया – फ़र्ज़ी मुक़दमे में फँसाना पड़ा महँगा, 3 दरोग़ा पर लटकी कार्यवाही की तलवार !

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बलिया डेस्क । आईजीआरएस का गठन इसलिए किया गया है कि ताकि किसी भी घटनाक्रम में मुख्यमंत्री स्वयं संज्ञान ले सकें। लेकिन बलिया पुलिस अधिकारियों का आलम यह है कि मुख्यमंत्री को अंधेरे में रखकर फर्जी सूचना आईजीआरएस में फीड कर दे रहे हैं। बानगी स्वरूप ताजा मामला अधिवक्ता सोनू प्रसाद गुप्त संयुक्त सचिव क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन के साथ हुआ है।

गौरतलब हो कि बीते 17 फरवरी 2020 को एक आवेदन अधिवक्ता सोनू प्रसाद गुप्त द्वारा क्रिमिनल एंड रेवेन्यू बार एसोसिएशन बलिया के अध्यक्ष एवं महासचिव को दिया गया। बार ने संज्ञान लेने के पश्चात तत्कालीन पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ को अवगत कराया कि आठ फरवरी २०२० को एडवोकेट सोनू गुप्त के बड़े भाई राजू कुमार गुप्त को व चार अन्य के विरूद्ध थाना कोतवाली में अपराध संख्या 23/20 अंतर्गत धारा 147, 307, 323, 406 घटना स्थल समय छह बजे कृष्णा टाकीज के सामने दर्ज कराया गया है।

जिसमें वादी मुकदमा के मोबाइल का लोकेशन व तनिष्क ज्वेलर्स सेंट जेवियर्स स्कूल, पेट्रोल पंप का सीसीटीवी फुटेज निकालकर घटना का पर्दाफाश कर निष्पक्ष जांच करने का आदेश दिया गया था। साथ ही एसएचओ के मोबाइल पर भी आदेश दिया गया कि निष्पक्ष जांच कर अवगत कराए।

इसके बाद एसपी कार्यालय ने मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पर मामले को दर्ज कराकर तत्कालीन शहर कोतवाल विपिन सिंह (वर्तमान में सिकंदरपुर थानाध्यक्ष) को जांच के लिए आदेश दिए। इसबीच आईजीआरएस की सूचना सोनू प्रसाद गुप्त के मोबाइल नंबर पर आई। जिसमें देखा गया कि दो-दो सूचना मिली और दोनों सूचना में नाम अलग, पिता का नाम अलग व पता अलग दर्ज किया गया है।

इस पर सोनू प्रसाद ने इसकी शिकायत वर्तमान पुलिस अधीक्षक डा. विपिन टाडा से की। लेकिन वहां कोई सुनवाई न होने के कारण सोनू ने न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जहां सीजेएम ने प्रभारी निरीक्षक विपिन सिंह, उप निरीक्षक योगेंद्र प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक रोहन राकेश सिंह के खिलाफ रिपोर्ट तलब किया है।

रिपोर्ट- तिलक कुमार

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मतदान कर्मिकों के ट्रेनिंग में 157 कर्मी अनुपस्थित, CDO बोले- ट्रेनिंग में हिस्सा लें वरना होगा मुकदमा

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बलिया: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लगे मतदान कर्मिकों का प्रशिक्षण मंडी समिति तिखमपुर में जारी है। दूसरे दिन भी दो पालियों में ट्रेनिंग दी गई, जिसमें 157 कर्मी अनुपस्थित रहे। इसमें इसमें 38 पीठासीन अधिकारी, 38 मतदान अधिकारी प्रथम, 45 मतदान अधिकारी द्वितीय, 36 मतदान अधिकारी तृतीय व 38 मतदान अधिकारी शामिल है। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि अगर अगले दिन ट्रेनिंग में प्रतिभाग नहीं किया तो निर्वाचन कार्य में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

प्रशिक्षण में निर्वाचन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण बातों को समझाते हुए अपर जिलाधिकारी राम आसरे ने कहा कि पार्टी रवानगी से पहले अपनी स्टेशनरी व मतपत्र अवश्य मिला लें। यह सही रहा तो आपकी आधी समस्या यहीं खत्म हो जाएगी। इसमें चूक हुई तो काफी दिक्कतें होगी। मतदान स्थल पर पहुंचने के बाद फिर मिला लें। इस बार चार पदों का चुनाव एक साथ है, लिहाजा सावधानी के साथ सभी दिशा-निर्देश सुन लें और समझ लें। मतदान के दिन अगर लगे कि बॉक्स भर सकता है तो थोड़ी देर पहले सेक्टर मजिस्ट्रेट को बता दें। कोरोना को लेकर सावधानी बरतने की भी बात कही। बतौर ट्रेनर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार पटेल व राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अतुल तिवारी ने पूरी निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया।

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बलिया

बलिया पुलिस ने कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन में कुल 563 व्यक्तियों का चालान किया

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बलिया डेस्क:   जिले में कोरोना के बढते मामले के बीच पिछले एक सप्ताह से कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन के सम्बन्ध में बलिया पुलिस द्वारा अब तक कुल 12 मुकदमें पंजीकृत किये गये । जिनमें अभियुक्तों की संख्या 83 है । इसी क्रम में आज बलिया पुलिस द्वारा दोपहर 02 बजे से 03 बजे तक का एक अभियान चलाया गया।

जिसमें लोगो को मास्क वितरण किया गया एवं कोरोना गाइड लाइन के विषय में समझाया व जागरूक किया गया। इसी दौरान कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन में कुल 563 व्यक्तियों का चालान किया गया। जिनसे जुर्माने के रूप में कुल 7,100 रू0 वसूला गया ।

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डीएम ने 4 अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, एक का रोका वेतन

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बलिया: कोरोना काल में लापरवाही पर जिलाधिकारी अदिति सिंह ने चार अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कोविड-19 की समीक्षा बैठक से गायब रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है। अन्यथा की स्थिति में विभागीय प्रतिकूल कार्यवाही की बात कही है। दरअसल, 14 अप्रैल की बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी विजय यादव अनुपस्थित थे,​ जिसकी वजह से एल-1 कोविड अस्पताल फेफना के कार्यों की जानकारी नहीं हो सकी। इस पर जिलाधिकारी ने डॉ यादव को कारण बताओं नोटिस जारी करने के साथ ​अग्रिम आदेश तक वेतन पर रोक लगाने का आदेश सीएमओ को दिया है। इसी प्रकार 15 अप्रैल की बैठक से एसीएमओ डॉ आरके सिंह, एसीएमओ डॉ राजनाथ व एसीएमओ डॉ जेआर ​तिवारी गायब थे। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा है कि इस महामारी की स्थिति में यह लापरवाही ठीक नहीं है।

निजी चिकित्सालय में पॉजिटिव केस मिलने पर कंट्रोल रूम को सूचना देना अनिवार्य

जिलाधिकारी अदिति सिंह ने निर्देश दिया है कि निजी चिकित्सालय में जांच के दौरान अगर कोई पॉजिटिव मिलता है तो उसकी सूचना इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर को जरूर दें। कंट्रोल रूम का नम्बर 0549822082, 05498221856, 05498223918 या 9454417979 है।

जिलाधिकारी ने कहा है कि ऐसा संज्ञान में आया है कि बिना कमाण्ड सेंटर को अवगत कराए पॉजिटिव मरीज को अन्य बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया है कि सभी निजी चिकित्सालयों को इस सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी कर दें। अगर सूचना नहीं देते हैं तो उन अस्पतालों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

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