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बलिया

दर्ज मुकदमा वापस हो, रोजी-रोटी का प्रबंध करें हम शराब का धंधा छोड़ देंगे

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बलिया डेस्क। अवैध कच्ची शराब के विरूद्ध औचक छापेमारी से इतर रेवती  पुलिस ने सोमवार को अलग पहल करते हुए रेवती क्षेत्र के भाखर (खरिका) में चौपाल का आयोजन कर अवैध शराब के धंधे में लिप्त लोगों को इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया। सोशल डिस्टेंसिंग के तहत आयोजित चौपाल के दौरान प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि आप सभी यह धन्धा छोड़कर अलग धन्धे की तालाश करें अन्यथा की स्थिति में कड़ी कार्यावाही की जाएगी। इस दौरान कारोबारियों ने धंधा छोड़ने में रोजी रोटी को बाधक बताते हुए कहा कि प्रत्येक परिवार के करीब तीन – चार सदस्यों पर इतने मुकदमे दर्ज हैं। जिसकी प्रत्येक माह पैरवी करने में हजारों रुपए खर्च होते हैं।

 

 

क्या बोले शराब निर्माता

शराब निर्माताओं ने शर्त रखा कि परिजनों पर दर्ज मुकदमा खत्म कराया जाय तथा रोजी – रोटी का सरकार प्रबंध करें। हम शराब का धंधा छोड़ देंगे। एसएचओ ने कहा कि आपकी बातों को उच्चाधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा, लेकिन मेरे रहते क्षेत्र में यह धन्धा नहीं होगा। चौपाल में मौजूद ग्रापए बांसडीह के अध्यक्ष पुष्पेंद्र तिवारी”सिन्धु”ने कहा कि यह धन्धा आपके प्रगति का बाधक है। समाज में आप सभी की स्थिति क्या है आप सभी को पता है।ऐसे में आप सब समूह आदि बनाकर विभिन्न कार्य करें। आपकी आवाज सरकार तक पहुंचाया जाएगा। इस मौके पर एसआई गजेन्द्र राय,सुर्यकांत पाण्डेय,मयाशंकर दूबे, ग्रापए तहसील आदि ने भी अपना-अपना विचार रखें।

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बलिया

नगर पालिका बलिया के लिपिक सस्पेंड, बार-बार कर रहे थे आदेशों की अवहेलना

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बलिया। बार-बार नोटिस के बावजूद आदेशों की अवहेलना करने पर नगर पालिका अध्यक्ष अजय कुमार ने रेंट लिपिक व निर्माण लिपिक प्रमोद कुमार को सस्पेंड कर दिया है। नगर पालिका अध्यक्ष अजय कुमार ने पत्र में उल्लेख किया है कि बीते 14 अगस्त 2020 को मांगी गई सूचना आप द्वारा आज तक प्रस्तुत नहीं किया गया। एक आख्या कार्यालय अधीक्षक के माध्यम से प्रस्तुत किया गया है जो अत्यंत ही भ्रामक है। नगर क्षेत्र के दुकानों का आवंटन की मूल पत्रावली एवं संपत्ति रजिस्टर नगरपालिका परिषद के संपत्तियों को आन लाइन करने के लिए आपसे बार-बार कहने के बाद भी नहीं कराया जा रहा है। पीडब्लूसी के रूप में निर्माण की पत्रावलियां जिस पर मेरा हस्ताक्षर होना है। बार-बार मांगने के बाद भी आप द्वारा प्रस्तुत नहीं किए जाने पर आपको अंतिम नोटिस बीते चार सितंबर को दिया गया। तत्पश्चात भी आप द्वारा आज तक पत्रावलियां मेरे समक्ष प्रस्तुत नहीं की गई। बार-बार नोटिसों के बाद आप द्वारा मेरे आदेशों की अवहेलना किया जा रहा है तथा पत्रावलियों के रख रखाव एवं कार्यों में लापरवाही की जा रही है। अतएव उप्र नगर पालिका अधिनियम-1916 की धारा ‘6क’ के अंतर्गत आपको उपर्युक्त स्थितियों में निलंबित किया जाता है।

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बलिया- घर में घुसकर गर्भवती महिला से रे’प की कोशिश, पुलिस पर भी लगाया ये आरोप!

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बलिया। बलिया में बदमाशों के हौसले कितने बुलंद इसका ताज़ा उदहारण बलिया के रेवती थाना क्षेत्र में देखने को  मिला।  यहाँ की निवासी गर्भवती महिला सरोज देवी  ( बदला हुआ नाम)  ने गुरुवार को एसपी से मिलने पहुची थी जहाँ उसने अपनी इज्जत बचाने की गुहार पुलिस कप्तान से लगाई है।

एसपी को दिए गए पत्र में सरोज देवी ( बदला हुआ नाम) ने जिक्र किया कि गांव के कुछ लोग किसी बात को लेकर बीते नौ अगस्त को घर में घुसे और मेरे पति, देवर, ससुर को बुरी तरह से मारपीट कर घायल कर दिया था।

उस समय पुलिस के यहां गुहार लगाया था लेकिन पुलिस पर आरोप लगाते हुए महिला ने कहा कि पुलिस ने तहरीर बदलवाकर एनसीआर दर्ज कर आरोपियों को बचाने का प्रयास किया।जिससे आरोपियों का मन बढ़ गया और दुबारा  बीते 13 सितंबर को आरोपियों ने पति की अनुपस्थिति में घर में घुसकर गर्भवती महिला के साथ जोर जबर्दस्ती करने लगा।

महिला के चिल्लाने पर उसका देवर आ गया फिर पति के आ जाने से उपरोक्त लोग एक बार फिर सभी लोगों को मारपीट कर घायल कर दिया। आरोप है कि आरोपियों ने गर्भवती महिला को धमकाया और इज्ज़त लुटने की धमकी देकर चले गए ।

इसके बाद मामला जब थाने में गया तो पुलिस ने एक बार फिर बलात्कार का प्रयास वाली बात तहरीर से हटवाकर मारपीट का मुकदमा दर्ज कर एक बार फिर आरोपी को बचाने का प्रयास किया। महिला ने एसपी से  मांग कि है कि उसके साथ न्याय किया जाए अन्यथा वे आत्मदाह के लिए बाध्य होंगे।

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बलिया

मंत्री जी आप के क्षेत्र के नगर पंचायत में बाबू का काम कर रहे है सफाई कर्मचारी !

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बलिया। हमेशा से राजनैतिक सुर्खियों में रहने वाला फेफना विधानसभा क्षेत्र में स्थित आदर्श नगर पंचायत चितबड़ागांव जो इन दिनों अपने हाल पर आंसू बहाने को विवश है। जबकि इस क्षेत्र से विधायक उपेंद्र तिवारी जो वर्तमान सरकार में प्रभावशाली मंत्री भी है।

बावजूद नगर पंचायत कार्यालय में बाबू, कर्मचारी व चालकों व सफाई कर्मचारियों की भारी कमी है। यही नहीं अभी यहां स्थायी रूप से अधिशासी अधिकारी की भी तैनाती नहीं है। हालांकि प्रशासन द्वारा बलिय नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार चितबड़ागांव का सौंपा गया है।

लेकिन वह भी विगत 25 दिनों से नगर पंचायत में नहीं पहुंच रहे हैं। जिसके कारण विभागीय कार्य ठप पड़ा हुआ है। कार्यालय के बाबू फाइल लेकर बलिया आते हैं और श्री विश्वकर्मा से फाइलों पर दस्तखत करवाकर पुन: वह चितबड़ागांव जाते हैं। लेकिन आखिर कब तक यह सिलसिला चलता रहेगा। कार्यालय में मृत और जन्म प्रमाणपत्र में विलंब इसलिए हो रहा है कि यहां अस्थायी रूप से कोई अधिकारी की तैनाती नहीं है।

बुधवार को बलिया खबर ने चितबड़ागांव नगर पंचायत का हाल जाना तो यहां देखा गया कि एक कमरे में बाबू  फाइलों को निबटाने में लगे हुए थे। वहीं दूसरी ओर एक कमरे में सफाई कर्मचारी असगर व भक्त मोहन सिंह कर का काम देख रहे गणेश गोंड बाबूओं का काम कर रहे थे। वहीं ईओ का चेंबर बंद पड़ा हुआ था। एक कमरे में कंप्यूटर आपरेटर काम काज निबटा रहे थे और कुछ फरियादी, ईओ व चेयरमैन का बंद दरवाजा देख निराशा होकर वापस लौट गए।

ईओ पर आखिर कौन मेहरबान- बलिया जिले में कुल सात विधानसभा है, उनमें नगर विधानसभा व फेफना विस क्षेत्र से चुने गए विधायक प्रदेश सरकार में मंत्री है। दोनों विधानसभाओं में गौर करें तो बलिया नगर पालिका परिषद व चितबड़ागांव नगर पंचायत दोनों की कमान आखिर ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्ता को ही क्यों सौंपी गई है। मंत्रियों के क्षेत्र में ईओ की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

सरकार ने वाहन तो दिया लेकिन चालक नहीं – नगर पंचायत चितबड़ागांव में जेसीबी, ट्रैक्टर, टेंपो, ई-रिक्शा, लोडर सहित कई वाहन सरकार की मेहरबानी से मिला। लेकिन उनकी जगह एक भी चालक नहीं है। किसी तरीके से नगर पंचायत व्यवस्था को सुचारू रूप से चला रही है। यहां पंप आपरेटर की भी कमी है। दो पंप आपरेटर के सहारे 15 वार्डों में पानी की आपूर्ति की जा रही है।

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आबादी 50हजार और सफाई कर्मचारी मात्र 60- नगर पंचायत चितबड़ागांव में कुल 15 वार्ड है। इन वार्डों पर यदि गौर करें तो यहां की आबादी लगभग 50 हजार के उपर है। वहीं दस हजार घर भी है। वार्डों व मुहल्लों की सफाई में मात्र 60 कर्मचारी ही लगाए गए हैं। आप समझ सकते हैं कि इन वार्डों की सफाई किस तरीके से हो रही होगी।

चेयरमैन व ईओ के लिए न तो वाहन है और न ही चालक- नगर पंचायत में चेयरमैन और ईओ के लिए न तो कोई वाहन है और न ही कोई चालक। आखिर कैसे 15 वार्डों में चेयरमैन व ईओ सफाई कार्यों का जायजा लेंगे। अपने समय में चितबड़ागांव नगर पंचायत में मानक के अनुरूप कर्मचारी, बाबू, चालक व व्यवस्थाएं बेहतर रहती थी। लेकिन विगत 15 वर्षों से नगर पंचायत का हाल खराब है। उसको ठीक करने के लिए अभी तक शासन व प्रशासन की तरफ से कोई विशेष पहल नहीं हो पा रही है।

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