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बलिया में ST की संख्या शून्य दिखाने से नाराज़ गोंड-खरवार समाज के लोगों ने दिया धरना

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बलिया डेस्क । तहसील मुख्यालयों की ओर से शासन को भेजी गई रिपोर्ट में ज़िले में अनुसूचित जनजाति के लोगों की मौजूदगी को शून्य दिखाने पर बवाल खड़ा हो गया है। गोंड व खरवार समाज के लोगों ने इसपर ऐतराज़ जताते हुए ज़िले में धरना प्रदर्शन शुरु कर दिया है।
ज़िले में अनुसूचित जनजाति की संख्या शून्य किए जाने से नाराज़ अखिल भारतवर्षीय गोंड महासभा ने दिन में जहां जिलाधिकारी कार्यालय का घेराव किया वहीं शाम में कलक्ट्रेट सभागार के बाहर धरना प्रदर्शन किया।

इस दौरान सभागार में डीएम समेत अन्य अधिकारियों मौजूद थे, जिसके चलते वहां हलचल तेज़ हो गई। हालात बेकाबू न हो जाएं इसके लिए एडीएम ने महासभा के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। डीएम ने आश्वासन दिया कि जिनके पास प्रमाण पत्र है, उन्हें चुनाव लड़ने से नहीं रोका जाएगा। उन्हें किसी प्रकार की बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।

प्रतिनिधिमंडल के मुताबिक़, एडीएम ने यहां ये भी आश्वासन दिया कि आरक्षण लिस्ट में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। इसे लेकर भ्रम न पालें। डीएम कार्यालय पर धरना दे रहे गोंड महासभा के जिलाध्यक्ष हरिहर गोंड ने कहा कि बैरिया व सदर तहसीलदार द्वारा वर्ष 2011 की जनगणना के सापेक्ष जनजातियों को कोई भी निर्विवादित साक्ष्य न प्रस्तुत करने के बाद शून्य दिखाकर जिला पंचायत राज अधिकारी को भेजा जा चुका है। इससे गोंड समाज को तकलीफ़ हुई है।

तहसीलदारों की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए हरिहर गोंड ने कहा कि वो नहीं चाहते कि हम चुनाव लड़ें। जिले में वर्ष 2011 की जनगणना में करीब डेढ़ लाख अनुसूचित जनजाति के लोग थे। अचानक ये कहां गायब हो गए?

उन्होंने कहा कि पिछले चुनाव में एसटी सीट पर तमाम प्रधान, जिला पंचायत सदस्य व ब्लाक प्रमुख निर्वाचित हुए। सबने अपना कार्यकाल भी पूरा किया। इसके बावजूद हमें चुनाव से बाहर करने की साज़िश रची जा रही है। अनुसूचित जनजाति के ख़िलाफ़ राज़िश रचने के आरोप में उन्होंने बैरिया तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की मांग भी की।

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डीएम ने 4 अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, एक का रोका वेतन

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बलिया: कोरोना काल में लापरवाही पर जिलाधिकारी अदिति सिंह ने चार अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कोविड-19 की समीक्षा बैठक से गायब रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है। अन्यथा की स्थिति में विभागीय प्रतिकूल कार्यवाही की बात कही है। दरअसल, 14 अप्रैल की बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी विजय यादव अनुपस्थित थे,​ जिसकी वजह से एल-1 कोविड अस्पताल फेफना के कार्यों की जानकारी नहीं हो सकी। इस पर जिलाधिकारी ने डॉ यादव को कारण बताओं नोटिस जारी करने के साथ ​अग्रिम आदेश तक वेतन पर रोक लगाने का आदेश सीएमओ को दिया है। इसी प्रकार 15 अप्रैल की बैठक से एसीएमओ डॉ आरके सिंह, एसीएमओ डॉ राजनाथ व एसीएमओ डॉ जेआर ​तिवारी गायब थे। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा है कि इस महामारी की स्थिति में यह लापरवाही ठीक नहीं है।

निजी चिकित्सालय में पॉजिटिव केस मिलने पर कंट्रोल रूम को सूचना देना अनिवार्य

जिलाधिकारी अदिति सिंह ने निर्देश दिया है कि निजी चिकित्सालय में जांच के दौरान अगर कोई पॉजिटिव मिलता है तो उसकी सूचना इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर को जरूर दें। कंट्रोल रूम का नम्बर 0549822082, 05498221856, 05498223918 या 9454417979 है।

जिलाधिकारी ने कहा है कि ऐसा संज्ञान में आया है कि बिना कमाण्ड सेंटर को अवगत कराए पॉजिटिव मरीज को अन्य बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया है कि सभी निजी चिकित्सालयों को इस सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी कर दें। अगर सूचना नहीं देते हैं तो उन अस्पतालों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

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पूरे यूपी में रविवार को लॉकडाउन का एलान, ग्रामीण क्षेत्रों में भी रहेगी बंदी

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लखनऊ: कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है।  उत्तर प्रदेश में रविवार को लॉकडाउन का एलान किया गया गया है।

इसके साथ ही मास्क नहीं लगाने पर पहली बार एक हजार का जुर्माना और दूसरी बार में दस हजार का जुर्माना भरना होगा।  पूरे उत्तर प्रदेश में रविवार को वीकएन्ड लॉक डाउन, यूपी में सभी शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में रविवार को बंदी रहेगी, आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सभी बाज़ार दफ़्तर बंद रहेंगे इस दिन व्यापक सेनेटाइजेशन अभियान चलेगा

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बलिया में कोरोना का क़हर, सिकंदरपुर के व्यापारियों ने लगाया अपना लॉकडाउन !

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सिकंदरपुर । बलिया में बढ़ते कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए पूरे बलिया जिले में नाइट कर्फ्यू लागू है। इसके उलट दिन में बाजार खुल रहे हैं और खरीदारों की भीड़ भी उमड़ रही है। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग कायम नहीं रह पाती और काफी लोग मास्क भी नहीं लगाते। इससे संक्रमण तेजी से फैलने का खतरा बरकरार है। इन हालात में जिले के सिकंदरपुर व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बाजार बंदी का फैसला किया है।

सिकंदरपुर व्यापार मंडल ने बताया है कि शुक्रवार को दिन में 1:00 बजे से लेकर सोमवार तक दुकानें तथा अन्य प्रतिष्ठान पूरी तरह से स्वैच्छिक बंदी का फैसला किया है।

वहीँ इस मामले पर उप जिलाधिकारी अभय कुमार सिंह ने बताया कि व्यापार मंडल का यह निर्णय स्वागत योग्य है। उन्होंने बताया कि शाम को 4:00 बजे से लेकर 7:00 बजे तक आवश्यक सामग्रियों की दुकानें जैसे सब्जी व किराना की दुकान खुली रहेंगी साथ ही चिकित्सा से संबंधित दुकानें खुली रहेंगी।

इस दौरान उपजिलाधिकारी ने कहा कि बिना वजह कोई भी घरों से बाहर न निकले. बहुत आवश्यक होने पर मास्क के साथ ही बाहर निकले। बता दें की जिले में गुरुवार को 24 घंटे में 298 नए केस मिले हैं।

 

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