शहरों के नाम बदलने के बजाय शिक्षा-स्वास्थ्य में ख़र्च होता तो बदलाव आता- राजभर

INDIA

भारतीय जनता पार्टी की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने शहरों के नाम में बदलाव को लेकर योगी सरकार पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा है कि नाम बदलने को लेकर खर्च की जा रही धनराशि जन कल्याण से जुड़ी योजनाओं पर खर्च की जाती, तो देश के हालात में बदलाव आता.

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में दिव्यांगजन सशक्तिकरण मंत्री राजभर ने ट्वीट के जरिए योगी सरकार पर तीखा हमला किया.

उन्होंने कहा, ‘भारत गंगा जमुना तहजीब पर बना है. जितना खर्च नाम बदलने पर हो रहा है, उतना खर्च करके शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य में सुधार और गरीबों के कल्याण में तेजी लाई जाती तो देश के हालात में बदलाव आता.’

उन्होंने ट्वीट के अंत में लिखा है, ‘दीपावली में अली बसे, राम बसे रमजान, ऐसा होना चाहिए, अपना हिंदुस्तान.’

मंत्री राजभर के योगी सरकार पर हमले को राजनैतिक जानकार भाजपा के हालिया कदम से जोड़कर देख रहे हैं. भाजपा ने पिछले दिनों अपने मंत्रियों को लोकसभा सीटों का प्रभारी बनाया है.

राज्य मंत्री, स्वतंत्र प्रभार अनिल राजभर को घोसी लोकसभा सीट और सलेमपुर लोकसभा सीट का प्रभारी बनाया है. ओम प्रकाश के बेटे अरविंद राजभर घोसी सीट से दावेदारी कर रहे हैं. ओम प्रकाश के अनिल राजभर से रिश्ते तल्ख समझे जाते हैं.

इससे पहले ओमप्रकाश राजभर ने कहा था, ‘भाजपा ने मुगलसरांय और फैजाबाद का नाम बदल दिया. उनका कहना है कि इन जगहों के नाम मुगलों के आने के बाद बदले गए थे. इस हिसाब से भाजपा के पास तीन बड़े मुस्लिम नेता हैं. पहले इनके नाम बदले जाने चाहिए.’

राजभर ने कहा कि शहरों का नाम बदलकर सरकार पिछड़ों और शोषितों को उनकी मांगों से ध्यान भटकाना चाहती है. मुस्लिमों ने जैसी चीज हमें दी है वैसा किसी ने भी नहीं दिया है.

उन्होंने कहा, ‘क्या हमें जीटी रोड को फेंक देना चाहिए. ताजमहल को किसने बनवाया? लाल किला को किसने बनवाया?’

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