जनरल टिकट की जगह फोन में मैसेज दिखाकर कर सकते हैं सफर

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मोबाइल ऐप से जनरल टिकट बुक कराने के बाद अब रेलवे  स्टेशन जाकर प्रिंट लेने की जरूरत नहीं होगी। फोन पर आए मैसेज को दिखाकर ही सफर किया जा सकेगा। इसके अलावा अब स्टेशन परिसर और सफर के दौरान जनरल टिकट नहीं बनाए जा सकेंगे। जालसाजी रोकने के लिए मोबाइल ऐप की तकनीक में फेरबदल कर रेलवे जल्द ही नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी में है।  सेंटर ऑफ  रेलवे इन्फार्मेशन सिस्टम (क्रिस) की ओर से शुरू पूर्वोत्तर रेलवे के पांच स्टेशनों पर छह फरवरी से ‘यूटीएस ऑनलाइन ऐप’ लांच किया गया है। इस व्यवस्था के तहत यात्री घर बैठे टिकट बना सकते हैं।

भुगतान करने की सुविधा भी डेबिट व क्रेडिट कार्ड से दी गई है। यहां टिकट बुक कराने के बाद स्टेशन पर एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) और काउंटर घर से प्रिंट लेने की अनिवार्यता से यात्रियों को दिक्कतें हो रही है। इसी का नतीजा है कि इस सुविधा की ओर यात्रियों का रुझान अभी कम है। इसे देखते हुए मैसेज पर यात्रा की सुविधा देने की तैयारी है।

रेल प्रशासन को डर है कि मोबाइल एप में बगैर संशोधन अगर सिर्फ मैसेज से सफर की इजाजत दी गई तो कुछ लोग चेकिंग के वक्त टिकट बुक कराकर टीटीई को दिखा सकते हैं। इसे रोकने के लिए स्टेशन परिसर और सफर के समय टिकट बुक नहीं होने की तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। गूगल का इस्तेमाल कर स्टेशनों की सीमा और रेलवे ट्रैक को चिन्हित किया जाएगा।

नौ दिन में बने 37 टिकट
मोबाइल ऐप से पूर्वोत्तर रेलवे में नौ दिनों में मात्र 37 टिकट ही बुक हुए हैं जबकि 40 यात्रियों ने सफर किया है। इसमें गोरखपुर से सफर करने वाले सबसे ज्यादा 20 यात्री है।

इन स्टेशनों पर शुरू हुई सुविधा
गोरखपुर, छपरा, लखनऊ, वाराणसी, मंडुआडीह

टिकट बुक कराने का तरीका
टिकट बुक कराने के लिए मोबाइल पर ‘यूटीएस आनलाइन ऐप’ डाउनलोड करना पड़ेगा। एक आईडी बनानी होगी जिसमें मोबाइल नंबर आवश्यक होगा। रजिस्ट्रेशन के बाद 150 से 5000 रुपए तक का रीचार्ज कर सकेंगे। उसी रीचार्ज से जनरल टिकट बनेंगे। डेबिट और क्रेडिट कार्ड से भी टिकट बनाने की सुविधा है।

टिकट बुक कराते समय सबसे पहले जिस स्टेशन से सफर करेंगे वह जिस मंडल के तहत आता है उसके ऑप्शन को भरना होगा। उदाहरण के तौर पर गोरखपुर से यात्रा शुरू करनी है तो पहले लखनऊ मंडल भरना होगा इसके बाद आए आप्शन में गोरखपुर टाइप करते ही डिटेल आएगा।

अभी लागू व्यवस्था में टिकट बुक होने के बाद एक ओटीपी (वन टाइप पासवर्ड) का मैसेज मोबाइल पर आता है। जिसे बताकर रेलवे टिकट काउंटर या एटीवीएम से प्रिंट लेना होता है।

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