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उत्तर प्रदेश

राज्यसभा चुनाव: यूपी की सियासत में बड़ा उलटफेर, अखिलेश के डिनर में पहुंचे राजा भैया

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उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव को लेकर जारी जोड़ तोड़ के बीच बड़ा उलटफेर हुआ है. अखिलेश यादव ने इस चुनाव में मायावती से बीएसपी उम्मीदवार भीमराव आंबेडकर को जिताने का वादा किया था लेकिन अब तक उन्हें जिताने के लिए जरूरी 37 वोटों का इंतजाम नहीं हो पा रहा था.

इस बीच आज निर्दलीय विधायक राजा भैया और उनके समर्थक विधायक अखिलेश यादव के डिनर में पहुंच गए. मतलब ये हुआ कि चुनाव में बीएसपी के उम्मीदवार को जिताने के लिए अखिलेश यादव के खाते में 2 वोट और जुड़ गए हैं.

https://twitter.com/pankajjha_/status/976488322137694208

अभी बीएसपी के 19, समाजवादी पार्टी के 9, कांग्रेस के 7 और आरएलडी के एक विधायक को मिलाकर 36 वोट हो रहे थे यानी जरूरी 37 से 1 कम लेकिन अब 2 विधायकों के जुड़ने से बीएसपी के उम्मीदवार के पक्ष में 38 वोट पड़ने की उम्मीद जताई जा रही यानी बीएसपी की जीत तय मानी जा सकती है.

भतीजे अखिलेश का साथ देंगे चाचा शिवपाल
अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने भी अब साफ कर दिया है कि राज्यसभा चुनाव में वो अखिलेश के साथ हैं. शिवपाल यादव ने कहा कि वो और समाजवादी पार्टी के सभी विधायक 23 मार्च को वोट डालने जाएंगे. हालांकि शिवपाल यादव आज अखिलेश यादव की डिनर पार्टी में नहीं पहुंचे.

 

बीएसपी उम्मीदवार को जिताने उतरे कांग्रेस के दिग्गज
यूपी राज्यसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी को कांग्रेस के वोट दिलवाने के लिए पार्टी के चार बड़े नेता राजधानी में मौजूद रहेंगे. कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया, संजय सिंह, राज बब्बर और तिवारी खुद राजधानी में मौजूद रहेंगे. सात विधायकों वाली कांग्रेस ने पहले ही बीएसपी प्रत्याशी भीमराव आंबेडकर को समर्थन देने का फैसला कर लिया था.

 

एसपी के कुछ विधायक क्रॉस वोटिंग कर सकते हैं: सूत्र
भारतीय जनता पार्टी के कुछ नेताओं का दावा है कि नरेश अग्रवाल के करीबी एसपी के कुछ विधायक क्रास वोटिंग कर सकते हैं, जबकि एसपी का खेमा अपनी प्रत्याशी जया बच्चन और बीएसपी प्रत्याशी भीमराव आंबेडकर की जीत के प्रति आश्वस्त है.

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पंचायत चुनाव- आरक्षण सूची के इंतजार के बीच चुनाव चिह्न तय, ग्राम प्रधान पद के लिए सबसे अधिक सिम्बल !

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प्रदेश में इस समय त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को तैयारियां रफ्तार से चल रही हैं। मतदान की प्रक्रिया को अधिसूचना का इंतजार है। इस बार मतदान के दौरान ग्राम प्रधान के पद पर 45 लोग चुनाव लड़ने का एक गांव से प्रवाधान होगा। प्रधानी के चुनाव में 45 लोग दावेदार हो सकेंगे। इनके लिये अलग-अलग चुनाव चिह्न का मतपत्र होगा।  बता दें कि इस बार चुनाव के लिये मतपत्र पर तोप से लेकर हवाई जाहज (प्लेन) तक का चिह्न भी रहेगा। इसके अलावा उगता सूरज, हल जोतता किसान, इमली, अनार, पुस्तक जैसे चिह्न रहेंगे। जिनके माध्यम से प्रधानों की पांच वर्ष के लिये किस्मत लिखी जायेगी।

तीनों चुनाव के अलग-अलग होंगे मतपत्र

त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव होने वाला है। इसके लिये तीन प्रकार के अलग-अलग मतपत्र मिलेंगे। जिसमें ग्राम प्रधान पद के लिये अलग, वार्ड सदस्य के लिये अलग, जिला पंचायत सदस्य पद के लिये अलग मतपत्र मिलेगा। तीनों मतपत्रों के अलग-अलग रंग होंगे, जिन पर मतदान करके मतपेटिका में मतपत्र डाला जायेगा। बदायूं के सहायक चुनाव अधिकारी डॉ. पीएस पटेल कहते हैं कि निर्वाचन आयोग से मतपत्र आ गये हैं, चुनाव चिह्न प्रकाशित हैं। चुनाव में काफी ज्यादा संख्या में चुनाव चिह्न हैं और अलग-अलग पद के लिये मतपत्र आये हैं। प्लेन और हल जोतता किसान जैसे कई चिह्न पुराने भी हैं। बाकी कुछ नये चिह्न आये हैं। प्रशासन निर्वाचन की तैयारियां जोरशोर से कर रहा है।

किस पद के लिए क्या चुनाव चिह्न : 

ग्राम पंचायत सदस्य के लिए आम, पेंसिल, ओखली, फरसा, अंगूर, बंदूक, केला, बैडमिंटन का बल्ला, गुलाब का फूल, ब्रुश, घड़ा, ब्लैकबोर्ड, डमरू, रिक्शा, तंबू, शंख, नल और सुराही चिह्न तय हैं।

जिला पंचायत का चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशियों के लिए कुल 53 प्रतीक चिह्न उपलब्ध होंगे। इनमें आरी, गिटार, उगता सूरज, घुड़सवार, कप और प्लेट, चश्मा, कलम और दवात, छड़ी, कुल्हाड़ी, छाता, केतली, झोपड़ी, कैंची, टाइपराइटर, क्रेन, टेलीफोन, खजूर का पेड़, टेलीविजन, गमला, ट्रैक्टर, ढ़ोलक, रोड रोलर, तरकस, लट्टू, तराजू, लाऊडस्पीकर, ताला चाभी, वृक्ष, थरमस, शेर, नाव, सितारा, पिस्टल, सिर पर कलश लिए स्त्री, फसल काटता किसान, सीटी, फावड़ा बेल्चा, सैनिक, बल्ला, स्कूटर, मछली, हथठेला, रेडियो, हल, हेलीकाप्टर, सीमेंट की बोरी, कटहल, सूटकेस, मेज, हैंगर, मोबाइल फोन, लहसुन और सपेरा शामिल हैं।

ग्राम प्रधान पद के लिए अनाज ओसाता हुआ किसान, गले का हार, इमली, घंटी, कन्नी, चारपाई, कार, चूड़ियां, किताब, छत का पंखा, कैमरा, टेबिल लैंप, कैरम बोर्ड, टोकरी, कोट, डेस्क, खड़ाऊं, ड्रम, गदा, तांगा, तोप, फूल और घास, त्रिशूल, बल्लेबाज, दरवाजा, बस, धनुष, बांसुरी, धन का पेड़, बाल्टी, पत्तियां, बिजली का खंभा, पहिया, बिजली का बल्ब, पालकी, बेंच, पुल, बैलगाड़ी, फावड़ा, भवन, फुटबाल, भुट्टा, मोटर साइकिल, ऊन का गोला, मोमबत्ती, कंघा, रिंच, गुब्बारा, लिफाफा, गैस सिलेंडर, वायबुयान, टमाटर, हथौड़ा, दीवार घड़ी, आइस क्रीम, प्रेशर कुकर और अलमारी चिह्न तय हैं। क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के लिए 36 प्रतीक चिह्न आवंटित किए गए हैं। इनमें अनार, गेंद और हाकी, अलाव और आदमी, चकला बेलन, अंगूठी, चिड़िया का घोसला, आटा चक्की, जीप, ईंट, टार्च, कढ़ाही, टेबिल फैन, कांच का गिलास, टैंक, कुंआ, टोपी, केला का पेड़, तलवार, गुल्ली डंडा, दमकल, नारियल, लेटर बाक्स, पतंग, शहनाई, पानी का जहाज, सरौता, प्रेस, सिलाई मशीन, फ्राक, स्टूल, भगौना, स्लेट, रेल का इंजन, हंसिया, लड़का लड़की और हारमोनियम शामिल हैं।

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उत्तर प्रदेश

पंचायत चुनाव के लिए 75 जिलों की परिसीमन सूची जारी, आरक्षण लिस्ट पर टिकीं सबकी नजरें !

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लखनऊ डेस्क : पंचायत चुनाव की आरक्षण लिस्ट का इंतज़ार ख़त्म होने का नाम नहीं ले रहा इसी बीच पंचायतीराज विभाग ने  उत्तर प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए बुधवार को 75 जिलों की परिसीमन सूची जारी कर दी.  इस बार क्षेत्र पंचायत सदस्यों की संख्या काम होने के साथ ही ग्राम पंचायत वार्डों की संख्या में भी कटौती कर दी गई है. यही वजह है कि चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों में निराशा का माहौल है. दरअसल, नई सूची के अनुसार कई दावेदारों को दूसरे ग्राम पंचायत से चुनाव (UP Panchayat Election) लड़ना पड़ सकता है या फिर नई ग्राम पंचायत से चुनाव लड़ना होगा.

परिसीमन के बाद इस बार 2015 के मुकाबले जिला पंचायतों के 3120 वॉर्डों की संख्या घटाकर 3051 कर दी गई है. दूसरी तरफ इस बार 59,074 ग्राम पंचायतों की जगह 58,194 ग्राम पंचायतों में प्रधान चुने जाएंगे. परिसीमन के बाद वर्ष 2015 की तुलना में ग्राम पंचायत वॉर्डों की संख्या 7,44,558 से घटाकर 7,31,813 कर दी गई है. लिहाजा इस बार ग्राम पंचायतों में वॉर्डों की संख्या 12,745 कम हो गई है. इसी तरह 77,801 क्षेत्र पंचायत सदस्यों की संख्या में कटौती करते हुए 75,805 की गई है.

परिसीमन सूची के अनुसार, जिला पंचायत सदस्यों की संख्या 3120 से कम करते हुए 3051 की गई है. हालांकि 36 जिले ऐसे भी हैं, जहां जिला पंचायत सदस्यों की संख्या में किसी प्रकार का बदलाव नहीं किया गया है. तीन जिले ऐसे भी हैं जहां इस बार 2015 की तुलना में अधिक जिला पंचायत सदस्य चुने जाएंगे. इसमें गोंडा में 51 की जगह 65, मुरादाबाद में 34 की जगह 39 और संभल में 27 की जगह 35 जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित होंगे.

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UP Panchayat Election- आज जारी हो सकती है आरक्षण की नई नीति, हो सकते हैं ये बदलाव !

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लखनऊ डेस्क : यूपी में पंचायत चुनाव को लेकर आज वार्डों के आरक्षण की नई नीति जारी हो सकती है. ग्राम प्रधानों व ग्राम पंचायत सदस्यों के चुनाव के लिए चक्रानुक्रम आरक्षण लागू हो सकता है. इसके अलावा बीडीसी, जिला पंचायत सदस्य, जिला पंचायत अध्यक्ष, ब्लाक प्रमुख के निर्वाचन क्षेत्र में आरक्षण में बदलाव संभव है.

बता दें कि 25 दिसंबर को ग्राम प्रधानों का कार्यकाल खत्म हो चुका है. इस बार प्रदेश में 57,207 ग्राम प्रधान चुने जाएंगे. 2015 में किसी ग्राम पंचायत में प्रधान पद एससी के लिए लागू था तो इस बार उसे आरक्षित नहीं किया जाएगा. ग्राम पंचायतों की सूची में अंकित किया जाएगा कि 1995 में कौन सी ग्राम पंचायत किस वर्ग के लिए आरक्षित थी.

खर्च की सीमा तय
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में 58 हजार से ज्यादा ग्राम पंचायतें हैं. 826 ब्लॉक है और 75 जिला पंचायतें हैं. ये सभी चुनाव बैलेट पेपर से होंगे और इसमें पार्टी का सिंबल अलाउ नहीं किया जाएगा. वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष के लिए खर्च की सीमा 4 लाख तय की गई है, और ग्राम प्रधानों के लिए खर्च की सीमा 75 हजार तय की गई है.

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