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अब बलिया शहर से जुड़ेगा यह 2 गाँव, चुनाव की तैयारी कर रहे उम्मीदवारों की बढ़ी चिंता !

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बलिया डेस्क :  नगर के सीमा विस्तार की पहल में तेजी आई है। नगर पालिका परिषद के बोर्ड की बैठक में पारित प्रस्ताव में शहर से सटे कुल 25 गांवों को जोडऩे की संस्तुति की गई थी। लेकिन उसमें बदलाव करते हुए दो और ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है। शंकरपुर व हनुमानगंज को विशेष रूप से जोड़ा गया है।

ऐसे में अब कुल 27 गांव नगर पालिका परिषद से जुड़ेंगे। नगर पालिका परिषद ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। अब प्रशासन स्तर से राजस्व सहित अन्य आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया तेज हो गई है। जहां एक तरफ नगर पालिका परिषद से कुल 27 गांव जोडऩे की प्रक्रिया चल रही है। वहीं दूसरी ओर इन गांवों से चुनाव की तैयारी कर रहे प्रत्याशियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।

हालांकि यह उम्मीद जताई जा रही है कि इस बार के ग्राम पंचायत चुनाव में इन सभी गांवों में पंचायत के चुनाव होंगे। सीमा विस्तार में अंतिम मुहर लगने के बाद आगामी नगर पालिका परिषद के चुनाव में इन गांवों का अस्तित्व अब नगर पालिका परिषद से जाना जाएगा।

ये हैं गांवों का नाम
जमुआ, सहोदरा, जमुआ गोपालपुरा, माफी पिपरा, सहरसपाली, अगरसंडा, निधरिया, मुरकी, बहेरी, जलालपुर, माल्देपुर, सरफुद्दीनपुर, उमरगंज, परमांदापुर, रामपुर महावल, बहादुरपुर, पटखौली, जीराबस्ती, हनुमानगंज, सोनाडाबर, परिखरा, रघुनाथपुर, टकरसन, मझौली, शंकरपुर व हनुमानगंज।

ये बोले जिलाधिकारी
जिलाधिकारी श्रीहरिप्रताप शाही ने कहा कि नगर पालिका परिषद बोर्ड की बैठक में सीमा विस्तार के लिए पारित प्रस्ताव संबंधित कागजात मिल गए हैं। शासन स्तर से कुछ जानकारी मांगी गई है। राजस्व विभाग की ओर से सीमा विस्तार की दिशा में कारगर पहल की गई है। ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्मा ने कहा कि नगर पालिका के विस्तार के लिए प्रस्ताव बोर्ड की बैठक में पारित हुआ था, शासन स्तर पर जो भी रिपोर्ट मांगी जा रही है, उसको प्राथमिकता के आधार पर दिए जा रहे हैं। इसको लेकर राजस्व विभाग की तरफ से भी कार्रवाई तेजी से चल रही है। शहर से इन गांवों के जुडऩे से विकास की गति और तेजी होगी।

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पंचायत चुनाव- बैरिया के ये मतदान केंद्र अतिसंवेदनशील प्लस की सूची में शामिल

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बैरिया डेस्क : पंचायत चुनाव के मद्देनज़र प्रसाशन की तैयारी युद्ध स्तर पर जारी है। मतदान केंद्र एवं बूथों की संख्या को अंतिम रूप दिया जा चुका है। इसी के साथ ही पिछले चुनाव में हुए तनाव व छिटपुट घटनाओं के आधार पर निर्वाचन कार्यालय की ओर से संवदेनशील, अतिसंवेदनशील एवं अतिसंवेदनशील प्लस केंद्रों की प्राथमिक सूची भी तैयार की गई है। बैरिया विकास खंड अंतर्गत कुल 30 ग्राम पंचायतों के 62 मतदान केंद्रों के 206 बूथों पर एक लाख 32 हजार 797 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। रेवती थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत  दुर्जनपुर में बीते 15 अक्तूबर को हुई गोली कांड के बाद शासन-प्रशासन की नजर इस ग्राम पंचायत पर है।

मतदान केंद्र जूनियर हाईस्कूल दुर्जनपुर के छह बूथों को अतिसंवेदनशील प्लस और इसी ग्राम पंचायत अंतर्गत बैरिया थाना क्षेत्र के मतदान केंद्र प्राथमिक पाठशाला हनुमानगंज के दो बूथों को भी अतिसंवेदनशील प्लस बनाया गया है। इसके अलावा, मतदान केंद्र श्रीनगर नंबर एक के छह बूथ, मतदान केंद्र जूनियर हाईस्कूल बालिका विद्यालय बलिहार, मतदान केंद्र जूनियर हाईस्कूल रानीगंज बाजार के पांच बूथ, मतदान केंद्र प्राथमिक पाठशाला भुवालछपरा नौरंगा के दो बूथ, प्राथमिक पाठशाला चक्की नौरंगा भगवानपुर के एक बूथ, जूनियर हाईस्कूल नौरंगा के सात बूथ को अति संवेदनशील प्लस बनाया गया है।

श्रीकांतपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत हाईस्कूल के चार बूथ, प्राथमिक पाठशाला शिवरहिया व प्राथमिक पाठशाला दुखहरनगिरी के मठिया, प्राथमिक पाठशाला सबलपुर के एक बूथ, लार्डकृष्ण एकेडमी केहरपुर के चार बूथ, प्राथमिक पाठशाला बैजनाथपुर के तीन बूथ, पंचायत भवन भुवालछपरा के तीन बूथ, प्राथमिक पाठशाला दलपतपुर के तीन बूथ को अतिसंवेदनशील बनाया गया है। इसी तरह प्राथमिक पाठशाला अधिसिझुआ, गुमानी के डेरा, प्राइमरी पाठशाला मानगढ़, प्राइमरी पाठशाला नंबर दो, पंचायत भवन मानगढ़, शिवाल के दो बूथ, प्राइमरी पाठशाला नौकागांव पश्चिमी, प्राइमरी पाठशाला शिवचक, प्राइमरी पाठशाला श्रीनगर नईबस्ती, श्रीनगर नंबर दो, प्राइमरी पाठशाला तालिबपुर, जूनियर हाईस्कूल जवाहर टोला, कन्या जूनियर हाईस्कूल करमानपुर, प्राइमरी पाठशाला सुघरछपरा, प्राइमरी पाठशाला

भीखाछपरा, प्राइमरी पाठशाला उपाध्यायपुर, पंचायत भवन कोटवां, प्राइमरी पाठशाला रानीगंज बाजार, प्राइमरी पाठशाला बैजनाथ छपरा, प्राइमरी पाठशाला मधुबनी, कन्या प्राइमरी पाठशाला मधुबनी मठिया, डॉ भीमराव अंबेडकर जूनियर हाईस्कूल, प्राइमरी पाठशाला विशुनपुरा, प्राइमरी पाठशाला चाईछपरा, प्राइमरी पाठशाला गंगापुर, जूनियर हाईस्कूल हेमंतपुर, प्राइमरी पाठशाला जमालपुर, प्राइमरी पाठशाला

चकिया, प्राइमरी पाठशाला चकिया बालपर, कन्या प्राथमिक पाठशाला चकिया, प्राइमरी पाठशाला चकगिरधर, प्राइमरी पाठशाला गोविंदपुर, प्राइमरी पाठशाला चरजपुरा, प्राइमरी पाठशाला टेंगरही, प्राइमरी पाठशाला चांदपुर, जूनियर हाईस्कूल चांदपुर, प्राइमरी पाठशाला दयाछपरा नंबर एक और नंबर दो, जूनियर हाईस्कूल दयाछपरा, जूनियर हाईस्कूल बुधनचक, प्राइमरी पाठशाला पांडेयपुर, रामपुरमिश्र, जूनियर हाईस्कूल पांडेयपुर, संपूर्णानंद इंटर कॉलेज दुबेछपरा और प्राथमिक पाठशाला प्रसाद छपरा को संवेदनशील बनाया गया है।

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जानें कौन हैं बलिया के रामरतन हलवाई, जिनका जिक्र कर सीएम योगी ने विपक्ष को घेरा ?

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बलिया डेस्क : इस वक़्त पूरे देश में एक तरफ़ जहाँ भारत सरकार द्वारा लाए गाए तीन कृषि क़ानून पर बात हो रही है तो दूसरी तरफ़ किसान आंदोलन की भी चर्चा में है. ऐसे किसान संगठनों और विपक्षी पार्टियाँ इसकी मुख़ालफ़त कर रही हैं. इस बीच आज विधानपरिषद में कृषि क़ानून के फ़ायदे गिनाए और बलिया के एक गाजर वाले का उदाहरण दिया. सीएम योगी ने नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी को आड़े हाथों लेते हुए बलिया के हलवाई का ज़िक्र किया.

दरअसल इस हलवाई की दुकान बलिया के बांसडीह विधानसभा क्षेत्र के सहतवार कस्बे में स्थित है. उन्होंने रामरतन के काला गाजर के हलवा के जरिए कृषि क़ानून का बचाव किया. उन्होंने बताया कि रामरतन हलवा वाले कांट्रैक्ट फार्मिंग के जरिए किसानों से फायदा लेते हैं. उन्होंने आगे बताया कि इससे उन किसानों के खेत का मालिकाना हक नहीं छीन गया है.

कौन हैं रामरतन?

रामरतन के गाजर के हलवा की दुकान 100 वर्ष से अधिक पुरानी है. हालाँकि रामरतन का निधन हुए 60 साल ज़्यादा हो गया है लेकिन इस  नाम से यह दुकान दूसरी तीसरी पीढ़ी चला रही है. रामरतन के जमाने में दुकान खपरैल में थी, अब पक्का निर्माण हो चुका है.

मूल दुकान अब भी सहतवार बाजार में है. जबकि बाजार के अन्य हिस्सों में उनके परिवार के सदस्यों की कई और दुकानें भी हैं. सबसे पुरानी दुकान पर रामरतन की मौत के बाद उनके पुत्र जगन्नाथ ने दुकान संभाली. जगन्नाथ तीन भाई हैं, जबकि बेटे सात हैं. जगन्नाथ की मौत के बाद उनके पुत्र मोतीलाल प्रसाद मूल दुकान पर बैठते हैं.

वहीं लोग बताते हैं कि प्रसिद्ध संत चैनराम बाबा को भोग इसी दुकान की मिठाई और सीज़न में गाजर से लगाते थे. अभी भी हर रोज़ मिट्टी के पात्र में यहां से मिठाई-हलवा जाता है और चैनराम बाबा को पहला प्रसाद चढ़ता है. सीज़न में हर रोज़ यहाँ एक कुंतल काला गाजर की खपत है. नवम्बर से मार्च तक गाजर का हलवा बनता है.

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बलिया में आमरण अनशन, कुलपति के खिलाफ लामबंद हुए छात्रनेता !

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बलिया डेस्क : जननायक चंद्रशेखर विश्वविद्यालय के कुलपति के खिलाफ इन दिनों छात्रनेता लामबंद है। गुरुवार को टीडी कालेज चौराहे पर जहां छात्र नेता आमरण अनशन करते रहे। वहीं कुंवर सिंह चौराहे पर जिला प्रशासन का छात्र नेताओं ने पुतला जलाया। कहीं बुद्धि-शुद्धि यज्ञ तो कहीं प्राचार्य का क्रम चलता रहा।

छात्र के आंदोलन को बंद कराने के लिए सिटी मजिस्ट्रेट व सीओ सिटी छात्र नेताओं से लंबी वार्ता करते रहे। प्रशासन के सामने छात्र नेताओं ने चुनौती देते हुए कहा कि जब तक हमारी मांगें पूरी नहीं होगी।

हमारा आंदोलन इसी प्रकार चलता रहेगा। टीडी कालेज चौराहे पर ध्वनी यंत्र लगाकर सुबह से देरशाम तक विभिन्न कालेजों से जुड़े छात्र नेताओं ने संबोधन करते रहे। सवाल यह है कि डीएम कार्यालय पर छात्र नेता मंच रस बनाकर टीडी कालेज चौराहे पर ही आमरण अनशन शुरू कर दिया।

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