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बलिया में अब महिलाएं वसूलेगी बिजली बिल, इन पांच ब्लाकों का हुआ चयन

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बलिया डेस्क : बलिया के सभी ग्रामीण इलाकों में अब बिजली बिल जमा करने का कार्य महिला स्वयं सहायता/समूहों (एसएचजी) के जरिए किया जाएगा. एसएचजी को हर बिल पर कमीशन दिया जाएगा. राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और पावर कॉरपोरेशन के बीच जल्द ही इसको लेकर एमओयू किया जाएगा.

प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में बिजली के बिल की वसूली बहुत कम हो रही है, हजारों की संख्या में ऐसे गांव है, जहां लाइनलॉस 40 से 50 प्रतिशत से भी ज्यादा है. फिलहाल पावर कॉरपोरेशन की ओर से निर्धारित एजेंसी के कर्मचारी गांव में बिजली का बिल वितरण करने और बिल जमा करने जाते हैं.

लेकिन गांव से उनका सीधा संबंध नहीं होने के कारण बिल की वसूली संतोषजनक नहीं हो रही है, महिलाओं को स्वरोजगार देने के लिए योगी सरकार ने यह काम एसएचजी से कराने का निर्णय लिया है. गांवों में अब एसएचजी की महिलाएं घर-घर जाकर बिजली का बिल जमा करने का कार्य भी करेंगी.

प्रथम चरण के बाद द्वितीय चरण में प्रदेशभर में व्यवस्था होंगी लागू
गौरतलब हो कि स्वयं सहायता के जरिए बिजली बिल वसूली करने का काम प्रथम चरण में लखनऊ, बाराबंकी, हरदोई एवं मथुरा जिले को पायलट प्रॉजेक्ट के तौर चयनित किए गए थे. नतीजा बढ़िया निकलने के बाद अब इस पूरे प्रदेश में लागू किया जा रहा है. इसके तहत अब पूरे प्रदेश के हर एक जनपद में स्वयं सहायता महिलाओं द्वारा बिजली बिल वसूलने का काम किया जाएगा.

इन ब्लाकों का हुआ चयन
सहायता/समूहों (एसएचजी) के जरिए बिजली बिल वसूलने का काम जनपद के पांच ब्लाकों में पहले शुरू किया जाएगा, जिसमें नगरा, रसड़ा, चिलकहर, गड़वार व सीयर ब्लाक शामिल है.

क्या बोलीं  संयुक्त मजिस्ट्रेट अन्नपूर्णा गर्ग
बिजली बिल वसूली के साथ-साथ बैंकिंग आदि का कार्य स्वयं सहायता की महिलाओं द्वारा किया जाना है, लेकिन अभी तक शासन से कोई लेटर नहीं आया है, आने के बाद ही प्रोजेक्ट पर काम शुरू होगा.

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बलिया : पैसे के लेन-देन पर दुकानदार की पीट-पीटकर हत्या

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बलिया के सिकंदरपुर में  पीट-पीटकर हत्या का मामला सामने आया है। खबर के मुताबिक पैसे के लेन-देन को लेकर हुए विवाद के बाद नगर के गंधी मुहल्ला में सोमवार की सुबह अंडा विक्रेता की पीट-पीटकर हत्या कर दी। उसका पुत्र तौहिद के साथ ही दूसरे पक्ष के दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। सूचना पर पहुंचे सीओ पवन सिंह, चौकी इंचार्ज अमरजीत यादव, थानाध्यक्ष बालमुकुंद मिश्र घायलों को सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने मुर्शीद के मौत के पुष्टि की। मृतक के पुत्र ने छह लोगों के विरूद्ध तहरीर दी है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद मुहल्ले के लोगों में आक्रोश को देखते हुए मौके पर पुलिस व पीएसी तैनात की गयी है।

नगर के गंधी मुहल्ला निवासी 46 वर्षीय मुर्शीद मुहल्ले में अंडा का दुकान चलाता था। बकरीद के दिन मुर्शीद से उसका पड़ोसी डब्लू ने शराब पीने के लिए पैसा मांगा। जब उसने देने से इनकार किया तो इस पर दोनों में विवाद हुआ था। उस समय पुलिस ने मामला शांत करा दिया था। इस बीच, सोमवार की सुबह करीब छह बजे मुर्शीद ने दुकान खोला। उसके साथ उसका पुत्र तौहिद भी था। बताया जाता है कि इसी बीच करीब नौ बजे उसका पड़ोसी डब्लू पांच-छह लोगों के साथ दुकान पर पहुंचा तथा मुर्शीद व उसके पुत्र के साथ मारपीट करने लगे। गंभीर चोट लगने से मुर्शीद की मौके पर मौत हो गयी, जबकि चार अन्य घायल हो गये। घायलों में एक पक्ष से 20 वर्षीय जाहिद,19 वर्षीय सोनू, 18 वर्षीय तौहीद उर्फ पप्पू शामिल हैं। सूचना पर पहुंची पुलिस ने सभी को सीएचसी पहुंचाया, जहां मुर्शीद को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि तीन लोगों का उपचार कर घर भेज दिया। पुलिस सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि समाचार लिखे जाने तक किसी के गिरफ्तार होने की बात पुलिस नहीं बता रही है।

 

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बलिया में तैनात संयुक्त मजिट्रेट विपिन कुमार जैन, अन्नपूर्णा गर्ग का तबादला !

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उत्तर  प्रदेश सरकार ने बुधवार रात 17 आईएएस समेत 15 पीसीएस अफसरों के तबादले कर दिए। इनमें 2016 बैच के आईएएस अफसर भी हैं, जिन्हें चार वर्ष की सेवा पूरी होने पर बीती एक जनवरी को सीनियर टाइमस्केल दिया गया था। ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के पद पर तैनात इन अफसरों को अब मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) बनाया गया है। नौ जिलों में सीडीओ तैनात किये गए हैं। पांच प्रतीक्षारत अफसरों को भी तैनाती दी गई है।  इसमें बलिया में तैनात संयुक्त मजिट्रेट विपिन कुमार जैन, अन्नपूर्णा गर्ग का भी तबादला किया गया है, अन्नपूर्णा गर्ग-ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बलिया को अब सीडीओ अंबेडकरनगर बनाया गया है तो वहीँ विपिन कुमार जैन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बलिया को सीडीओ प्रतापगढ़ बनाया गया है।

देखें पूरी लिस्ट 

 
1-अन्नपूर्णा गर्ग-ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बलिया : सीडीओ अंबेडकरनगर
2-विपिन कुमार जैन ज्वाइंट मजिस्ट्रेट बलिया : सीडीओ प्रतापगढ़
3-अश्विनी कुमार पांडे-ज्वाइंट मजिस्ट्रेट चित्रकूट -सीडीओ बलिया 
4-अमित आसरी-ज्वाइंट मजिस्ट्रेट फर्रुखाबाद-सीडीओ चित्रकूट 
5-अतुल वत्स-ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मऊ-सीडीओ सुलतानपुर
6-डॉ.अंकुर लाठर ज्वाइंट मजिस्ट्रेट मऊ : सीडीओ अमेठी 
7-महेंद्र कुमार-सीडीओ चित्रकूट-विशेष सचिव कृषि उत्पादन आयुक्त शाखा
8-अमित पाल सीडीओ प्रतापगढ़ : विशेष सचिव माध्यमिक शिक्षा 
9-गजल भारद्वाज ज्वाइंट मजिस्ट्रेट ललितपुर : सीडीओ रामपुर 
10-कविता मीणा ज्वाइंट मजिस्ट्रेट भदोही : सीडीओ बहराइच 
11-इंद्रजीत सिंह ज्वाइंट मजिस्ट्रेट इटावा : सीडीओ गोरखपुर 
12-डॉ.मुथु कुमार स्वामी बी. प्रतीक्षारत : विशेष सचिव अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास 
13-श्याम सुंदर शर्मा (प्रतीक्षारत) : सचिव उत्तर प्रदेश राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग
14-मनोज कुमार प्रतीक्षारत : निदेशक कृषि विपणन एवं विदेश व्यापार 
15-गुर्राला श्रीनिवासुलू प्रतीक्षारत : विशेष सचिव वित्त 
16-अरविंद कुमार चौहान सीडीओ बहराइच : विशेष सचिव (समाज कल्याण)
17-घनश्याम मीणा (प्रतीक्षारत) : सीडीओ कुशीनगर 

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कौन हैं बलिया के विंग कमांडर मनीष सिंह, जो राफेल उड़ाकर ला रहे हैं?

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बलिया : आज का दिन भारत के साथ साथ बलिया के लिए भी बेहद ख़ास है. दरअसल एक तरफ़ जहाँ आज फ़्रांस से भारत के लिए राफेल विमान ने उड़ान भरी तो दूसरी तरफ़ ख़ास बात यह है कि इन पाँच विमान में एक विमान उड़ा ला रहे हैं विंग कमांडर मनीष सिंह. आपको बता दें कि विंग कमांडर मनीष सिंह बलिया से ताल्लुक़ रखते हैं. वह बांसडीह तहसील के छोटे से गांव बकवां के रहने वाले हैं. वहीं मनीष सिंह के पिता मदन सिंह भी सेना से रिटायर हुए हैं. मनीष के राफेल उड़ाकर भारत लाए जाने से बकवा गांव में खुशी की लहर है। जिले के लोगों का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है।

वायु सेना के पायलटों का जो दल फ्रांस से राफेल विमान ला रहा है, उसमें जिले के आर्मी से रिटायर मदन सिंह के बेटे विंग कमांडर मनीष सिंह भी शामिल हैं। मनीष के छोटे भाई अनीश सिंह ने बताया कि भैया आज यानी मंगलवार को अबुधाबी में थे तो उनसे हम लोगों ने कुशलक्षेम जानने के लिए बात की थी। उन्होंने बताया कि आज अबुधाबी से भारत के लिए उड़ने वाले हैं। अनीश ने बताया कि सैनिक स्कूल कुंजपुरा हरियाणा से शिक्षा लेने के बाद वायुसेना में मनीष का चयन एनडीए के जरिये हुआ था।

कौन हैं विंग कमांडर मनीष सिंह?

बांसडीह के बकवा गांव के रहने वाले  फौजी मदन सिंह के पुत्र मनीष सिंह अपने भाई बहनों में सबसे बड़े हैं। गांव की गलियों से निकल कर विंग कमांडर के पद तक पहुंचे मनीष की शुरुआती शिक्षा गांव के एक निजी स्कूल नूतन शिक्षा निकतन में हुई। छठवीं कक्षा तक गांव में पढ़ाई करने के बाद उनकी उच्च शिक्षा करनाल के कुंजपुरा स्थित सैनिक स्कूल से हुई, जहां इनके पिता सेना में सेवारत रहे।

वह 2003 में बतौर फ्लाइट लेफ्टिनेंट वायुसेना में भर्ती हुए थे। फिलहाल विंग कमाण्डर हैं। इससे पहले वह गोरखपुर में तैनात थे। उन्हें राफेल उड़ाने का प्रशिक्षण लेने के फ्रांस भेजा गया था। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद राफेल को भारत लाने वाले दल में उनका चयन किया जाना पूरे परिवार के लिए गर्व की बात है। दो भाई और दो बहन में सबसे बड़े मनीष के राफेल उड़ाकर भारत लाए जाने से बकवा गांव में खुशी की लहर है। मनीष के पिता मदन सिंह को अपने बेटे पर गर्व है। गांव के समाजसेवी संतोष सिंह ने कहा कि पूरा गांव आने लाल के लिए फूले नहीं समा रहा है।

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