मुंबई की तर्ज पर अब पूर्वांचल में भी दौड़ेगी मेमू ट्रेनें

0

प्रयागराज से वाराणसी के बीच उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे स्टेशनों पर कुंभ मेले की तैयारियों और विकास कार्यों का निरीक्षण करते हुए गुरुवार को रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव मंडुवाडीह व कैंट स्टेशन पहुंचे। कैंट स्टेशन पर पत्रकारों से बताया कि पूर्वांचल के सभी रेल रूटों पर विद्युतीकरण कार्य लगभग पूरा हो गया है। जल्द ही यहां मुंबई की तर्ज पर लोकल मेमू ट्रेनें दौड़ेंगी। गाजीपुर में मेमू शेड बनेगा। इसका फायदा पूर्वांचल के जिलों से बनारस आने-जाने वालों को होगा। उन्होंने बताया कि छपरा से वाराणसी तक पहले ही विद्युतीकरण हो चुका है। वाराणसी से प्रयागराज तक भी काम पूरा हो गया है। 17 को सीआरएस निरीक्षण के बाद इससे विद्युत ट्रेनें गुजरने लगेंगी। यादव ने कहा कि वाराणसी-प्रयाग दोहरीकरण के लिए शेष काम जल्द पूरा कराया जाए। फाफामऊ से जंघई तक काम भी स्वीकृत हो गया है।

225 करोड़ से विकसित होगा सेकेंड इंट्री
चेयरमैन को कैंट स्टेशन के सेकेंड इंट्री के विस्तार के बारे में अफसरों ने जानकारी दी। बताया कि 225 करोड़ रुपये से विकसित कर वहां टिकट घर, वेटिंग हाल, रिटायरिंग रूम, भवन, पार्किंग, लिफ्ट, एस्केलेटर आदि सुविधाएं मुहैया कराई जाएंगी।

सारनाथ भी बनेगा सेटेलाइट स्टेशन
पूर्वोत्तर रेलवे के मंडुवाडीह, सिटी की तरह सारनाथ स्टेशन भी सेटेलाइट स्टेशन के तौर पर भव्य बनेगा। चेयरमैन ने बताया कि 100 करोड़ रुपये से तीनों स्टेशनों को विस्तार देने का काम चल रहा है। सारनाथ के भी प्लेटफॉर्म बढ़ाकर वहां सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

सुरक्षा प्राथमिकता, एक साल में बढ़ेगी ट्रेनों की संख्या
चेयरमैन ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा प्रमुख है। इससे कोई समझौता नहीं होगा। इसलिए मेंटेनेंस पर खास ध्यान होगा। इसके बाद ट्रेनों की समयबद्धता पर ध्यान दिया जायेगा। कहा, पिछले चार साल में रेलवे की कई परियोजनाओं पर काम शुरू हुआ। दोहरीकरण से विद्युतीकरण के कई कार्य एक साल के भीतर पूरे होंगे। इससे एक ट्रैक पर दबाव कम होगा और ट्रेनें बढ़ेंगी।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here