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बलिया स्पेशल

बलिया- राम मंदिर के लिए टीचर ने चंदा देने से किया मना, गुस्साए RSS संचालित स्कूल ने नौकरी से निकाला

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बलिया डेस्क : बलिया में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा संचालित एक विद्यालय से एक टीचर को सिर्फ इसलिए निकाल दिया गया क्योंकि उसने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए हज़ार रुपए का चंदा देने से मना कर दिया।

जिला मुख्यालय के जगदीशपुर मोहल्ले में स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में आचार्य के पद पर कार्यरत यृशवंत प्रताप सिंह ने समाचार एजेंसी पीटीआई को बताया कि चंदा न देने पर स्कूल प्रशासन ने उन्हें नौकरी से निकाल दिया और उनकी 8 महीने की सैलरी भी रोक ली।
मामले की पूरी जानकारी देते हुए सिंह ने बताया कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए विद्यालय की तरफ से चंदा वसूली के लिए उन्हें रसीद बुक दी गई थी।

उन्होंने इसके लिए काफी मेहनत की और तकरीबन 80 हजार रुपए चंदा वसूल कर विद्यालय को दे दिए। इसके बाद स्कूल में संघ के ज़िला प्रचारक सत्येंद्र की एंट्री हो गई। उन्होंने यहां आते ही मुझपर हज़ार रुपए चंदा देने का दबाव बनाना शुरु कर दिया। लेकिन जब मैंने चंदा देने से मना किया तो स्कूल प्रशासन ने उनके साथ ‘गलत व्यवहार’ किया और उन्हें स्कूल की नौकरी से निकाल दिया।

उन्होंने इस मामले में जिलाधिकारी कार्यालय में लिखित शिकायत देकर इंसाफ़ की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि अगर उन्हें न्याय नहीं मिला तो वे अदालत जाएंगे। वहीं स्कूल प्रशासन ने सिंह के आरोपों को निराधार बताया है। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य धीरेंद्र ने इस मामले पर कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा एकत्र करने के उद्देश्य से विद्यालय के सभी कर्मचारियों को उनकी क्षमता के हिसाब से रसीद बुक दी गई थी।

उन्होंने कहा, ‘‘आचार्य यशवंत सिंह ने स्वेच्छा से तीन रसीद बुक ली, लेकिन बाद में उन्हें जमा नहीं किया। सिंह ने विद्यालय से स्वयं त्यागपत्र दिया है”। संघ के जिला प्रचारक सत्येंद्र ने बताया कि संघ की तरफ से राम मंदिर निर्माण के लिए चंदा जमा करने का कोई दबाव नहीं बनाया जाता। उन्होंने खुद पर लगे आरोपों को निराधार करार देते हुए कहा कि आचार्य यशवंत सिंह अनुशासनहीन व्यक्ति हैं और वह शैक्षणिक कार्यों में भी कोई दिलचस्पी नहीं लेते।

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बलिया स्पेशल

मतदान कर्मिकों के ट्रेनिंग में 157 कर्मी अनुपस्थित, CDO बोले- ट्रेनिंग में हिस्सा लें वरना होगा मुकदमा

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बलिया: त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में लगे मतदान कर्मिकों का प्रशिक्षण मंडी समिति तिखमपुर में जारी है। दूसरे दिन भी दो पालियों में ट्रेनिंग दी गई, जिसमें 157 कर्मी अनुपस्थित रहे। इसमें इसमें 38 पीठासीन अधिकारी, 38 मतदान अधिकारी प्रथम, 45 मतदान अधिकारी द्वितीय, 36 मतदान अधिकारी तृतीय व 38 मतदान अधिकारी शामिल है। मुख्य विकास अधिकारी प्रवीण वर्मा ने एक बार फिर चेतावनी दी है कि अगर अगले दिन ट्रेनिंग में प्रतिभाग नहीं किया तो निर्वाचन कार्य में लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

प्रशिक्षण में निर्वाचन प्रक्रिया की महत्वपूर्ण बातों को समझाते हुए अपर जिलाधिकारी राम आसरे ने कहा कि पार्टी रवानगी से पहले अपनी स्टेशनरी व मतपत्र अवश्य मिला लें। यह सही रहा तो आपकी आधी समस्या यहीं खत्म हो जाएगी। इसमें चूक हुई तो काफी दिक्कतें होगी। मतदान स्थल पर पहुंचने के बाद फिर मिला लें। इस बार चार पदों का चुनाव एक साथ है, लिहाजा सावधानी के साथ सभी दिशा-निर्देश सुन लें और समझ लें। मतदान के दिन अगर लगे कि बॉक्स भर सकता है तो थोड़ी देर पहले सेक्टर मजिस्ट्रेट को बता दें। कोरोना को लेकर सावधानी बरतने की भी बात कही। बतौर ट्रेनर मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ अशोक कुमार, जिला कृषि अधिकारी विकेश कुमार पटेल व राजकीय इंटर कालेज के प्रधानाचार्य अतुल तिवारी ने पूरी निर्वाचन प्रक्रिया के बारे में विस्तार से समझाया।

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बलिया

बलिया पुलिस ने कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन में कुल 563 व्यक्तियों का चालान किया

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बलिया डेस्क:   जिले में कोरोना के बढते मामले के बीच पिछले एक सप्ताह से कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन के सम्बन्ध में बलिया पुलिस द्वारा अब तक कुल 12 मुकदमें पंजीकृत किये गये । जिनमें अभियुक्तों की संख्या 83 है । इसी क्रम में आज बलिया पुलिस द्वारा दोपहर 02 बजे से 03 बजे तक का एक अभियान चलाया गया।

जिसमें लोगो को मास्क वितरण किया गया एवं कोरोना गाइड लाइन के विषय में समझाया व जागरूक किया गया। इसी दौरान कोरोना गाइड लाइन के उल्लंघन में कुल 563 व्यक्तियों का चालान किया गया। जिनसे जुर्माने के रूप में कुल 7,100 रू0 वसूला गया ।

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डीएम ने 4 अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया, एक का रोका वेतन

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बलिया: कोरोना काल में लापरवाही पर जिलाधिकारी अदिति सिंह ने चार अपर मुख्य चिकित्साधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

कोविड-19 की समीक्षा बैठक से गायब रहने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए तीन दिनों के अंदर जवाब मांगा है। अन्यथा की स्थिति में विभागीय प्रतिकूल कार्यवाही की बात कही है। दरअसल, 14 अप्रैल की बैठक में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी विजय यादव अनुपस्थित थे,​ जिसकी वजह से एल-1 कोविड अस्पताल फेफना के कार्यों की जानकारी नहीं हो सकी। इस पर जिलाधिकारी ने डॉ यादव को कारण बताओं नोटिस जारी करने के साथ ​अग्रिम आदेश तक वेतन पर रोक लगाने का आदेश सीएमओ को दिया है। इसी प्रकार 15 अप्रैल की बैठक से एसीएमओ डॉ आरके सिंह, एसीएमओ डॉ राजनाथ व एसीएमओ डॉ जेआर ​तिवारी गायब थे। इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा है कि इस महामारी की स्थिति में यह लापरवाही ठीक नहीं है।

निजी चिकित्सालय में पॉजिटिव केस मिलने पर कंट्रोल रूम को सूचना देना अनिवार्य

जिलाधिकारी अदिति सिंह ने निर्देश दिया है कि निजी चिकित्सालय में जांच के दौरान अगर कोई पॉजिटिव मिलता है तो उसकी सूचना इंटीग्रेटेड कमाण्ड एण्ड कंट्रोल सेंटर को जरूर दें। कंट्रोल रूम का नम्बर 0549822082, 05498221856, 05498223918 या 9454417979 है।

जिलाधिकारी ने कहा है कि ऐसा संज्ञान में आया है कि बिना कमाण्ड सेंटर को अवगत कराए पॉजिटिव मरीज को अन्य बड़े अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। उन्होंने सीएमओ को निर्देशित किया है कि सभी निजी चिकित्सालयों को इस सम्बन्ध में दिशा-निर्देश जारी कर दें। अगर सूचना नहीं देते हैं तो उन अस्पतालों पर कार्रवाई सुनिश्चित कराएं।

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