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जिले में दो और मिले मरीज, संख्या हुई 105

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बलिया। जिले में शुक्रवार की देर शाम दो नया कोरोना पॉजिटिव केस सामने आया हैं। जिलें में कुल मरीजों की संख्या 105 हो गई है। जिले में अब तक कुल 103 पॉजिटिव केस थे। इसमे से 70 मरीज स्वस्थ होकर अपने घर जा चुके हैं। उन्हें होम क्वॉरंटीन रहने की सलाह दी गई है। जबकि 35 एक्टिव केस है। इसकी पुष्टि करते हुए जिलाधिकारी ‌श्रीहरि प्रताप शाही ने की। बताया कि शहर कोतवाली क्षेत्र के उमरगंज निवासी जिला अस्पताल के एक डाक्टर का कर्मचारी है। जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। जबकि दूसरा दुबहर थाना के बंधुचक गांव का पॉजिटिव मिला है। इनकी रिपोर्ट जिला अस्पताल में जांच के लिए लगे ट्रूनाट मशीन जांच के बाद पॉजिटिव आई है।

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बलिया

EXCLUSIVE: बलिया का एक गांव ऐसा भी, जहां आज तक आरक्षित सीट पर नहीं हुआ चुनाव

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बलिया डेस्क : इस समय जिले में ग्राम पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं तेज हो गई है. सभी गांवों में प्रधान पद के प्रत्याशी अपनी तैयारी भी शुरू कर दिये है. वहीं, सभी प्रत्याशियों की निगाहें इस समय परिसीमन पर टीकी हुई है. किस गांव को कौन से वर्ग के लिए आरक्षित सीट होगा यह जानने के लिए सभी बेचैन दिख रहे है.

जिले में कई ऐसे गांव है जिसमें सबसे अधिक पिछड़ा वर्ग की आबादी होने के बाद भी 1995 से लेकर अब तक एक बार भी आरक्षित सीट पर चुनाव नहीं कराया गया है. इसी तरह गड़वार ब्लाक के अतर्गत सिंहपुर गांव है. इस गांव में 4500 आबादी है. इस गांव में सबसे अधिक पिछड़ा वर्ग की आबादी है. 2015 में हुए ग्राम पंचायत के चुनाव के अनुसार इस गांव में कुल 2200 वोटर है.

वहीं, पहले नंबर पर पिछड़ा वर्ग के वोटर है. दूसरे नंबर पर सामान्य है. तीसरे नंबर पर एसएसी और चौथे नंबर पर एसटी है. इस गांव में पिछड़ा वर्ग के वोटरों की सख्या 1125 है. वहीं, सामान्य वोटरों की संख्या 700 है. फिर एससी वोटरों की संख्या 300 के करीब है. वहीं, एसटी वोटरों की संख्या सिर्फ 75 है. इसके बाद भी सिंहपुर गांव में 1995 के बाद से अब तक आरक्षित सीट पिछड़ा वर्ग के लिए नहीं किया गया.

जब से ग्राम पंचायती चुनाव हो रहा है इस गांव में सामान्य ही सीट पर चुनाव कराया गया है. जनसंख्या के लिहाज से या वोटरों की गिनती से भी देखा जाय तो सिंहपुर गांव सबसे अधिक पिछड़ा वर्ग के ही वोटर (1125) है. वहीं दूसरे नंबर पर सामान्य के वोटरों की सख्या (700) है. फिर भी हमेशा से इस गांव में सामान्य ही सीट पर ग्राम प्रधान का चुनाव कराया गया है.

ऐसे किया जाता है आरक्षित सीट- वर्ष 2015 के चुनाव के बाद इस बार अब चक्रानुक्रम आरक्षण का यह दूसरा चक्र होगा. चक्रानुक्रम आरक्षण का अर्थ यह है कि आज जो सीट जिस वर्ग के लिए आरक्षित है, वो अगले चुनाव में वह सीट उस वर्ग के लिए आरक्षित नहीं होगी. बतादें कि ओबीसी के 27 फीसदी आरक्षण में एक तिहाई सीटें ओबीसी महिला के लिए तय होंगी, फिर ओबीसी के लिए आरक्षित बाकी सीटें ओबीसी महिला या पुरुष दोनों के लिए अनारक्षित होगा.

अनारक्षित में भी पहली एक तिहाई सीट महिला के लिए होगी. आरक्षण तय करने का आधार ग्राम पंचायत सदस्य के लिए गांव की आबादी होती है. ग्राम प्रधान का आरक्षण तय करने के लिए पूरे ब्लाक की आबादी आधार बनती है. ब्लाक में आरक्षण तय करने का आधार जिले की आबादी और जिला पंचायत में आरक्षण का आधार प्रदेश की आबादी बनती है.

बता दें कि किसी एक विकास खंड में 100 ग्राम पंचायतें हैं. वहां 2015 के चुनाव में शुरू 27 ग्राम प्रधान पद पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किए गए थे. अब इस बार के पंचायत चुनाव में इन 27 के आगे वाली ग्राम पंचायतों के आबादी के अवरोही क्रम में (घटती हुई आबादी) प्रधान पद आरक्षित होंगे.

इसी तरह अगर किसी एक विकास खंड में 100 ग्राम पंचायतें हैं और वहां 2015 के चुनाव में शुरू की 21 ग्राम पंचायतों के प्रधान के पद एससी के लिए आरक्षित हुए थे तो अब इन 21 पदों से आगे वाली ग्राम पंचायतों के पद अवरोही क्रम में एससी के लिए आरक्षित होंगे.

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बलिया में स्वास्थ्य व्यवस्था का बुरा हाल, वेंटिलेटर की कमी से रोज़ जाती है 12-15 मरीज़ों की जान

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बलिया डेस्क : एक तरफ प्रदेश की योगी सरकार उत्तम स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराने का ढोल पिट रही है। दूसरी तरफ जनपद बलिया में आलम यह है कि पर्याप्त वेंटीलेटर न होने के कारण मरीज को जीवन-मरण के बीच जूझना पड़ रहा है। जो तीमारदार सक्षम है वह तो किसी प्रकार आर्थिक रूप से शोषित होने के बाद भी कोशिश जारी रखे हैं, लेकिन जो लचार और मजबूर है उसके मरीज या तो जवानी में दम तोड़ रहे हैं या फिर बचपन में ही उसका प्राण पखेड़ू उड़ रहा है।

आंकड़ों के मुताबिक जनपद बलिया की कुल आबादी लगभग 35 लाख से उपर है पर जनपद में आलम यह है कि सिर्फ आठ ही वेंटीलेटर मयस्सर है, जो नाकाफी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वेंटीलेटर के अभाव में रोजाना दर्जनों जानें जाती है, लेकिन सामने वही मामले आते है जो एक्सीडेंटल होते हैं, बावजूद वेंटीलेटर के अभाव में जान गंवाते हैं। इमरजेंसी में तैनात एक कर्मचारी के मुताबिक वेंटीलेटर के अभाव में जनपद में रोजाना औसतन 12 से 15 लोगों की जानें जाती है।

वेंटीलेटर लैस एंबुलेंस तो मानो एक सपना – सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में कुल आठ वेंटीलेटर है जो कि बसंतपुर स्थिति एल-2 कोविड केयर सेंटर पर है। अब आठ में से कितने कारगर ये तो जांच का विषय है, जिसको खबर के भाग-2 में प्रकाशित किया जाएगा।

फिलहाल आपकी जानकारी के लिए बता दें कि वैज्ञानिकों ने ऐसे भी एंबुलेंस ईजाद किए हैं, जो एक्सीडेंटल मरीज को स्पॉट से उठाने के साथ-साथ वेंटीलेटर पर ले लेते हैं फिर नजदीक के अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन ऐसा एंबुलेंस बलियावासियों के लिए एक सपना है।

सिर्फ एल-2 में वेटीलेटर की व्यवस्था- उपरोक्त आठ वेंटीलेटर तो स्थायी रूप से बसंतपुर स्थित एल-2 अस्पताल पर है। जिला अस्पताल से संबंधित मरीजों को सीधे यहीं रेफर किया जाता है। जबकि कोरोना के पूर्व ये सारे वेंटीलेटर जिला अस्पताल पर ही मौजूद थी।

लेकिन कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कोविड केयर सेंटर बनाया गया और उसी समय से वेंटीलेटर यहीं लगाया गया है, ऐसे में अन्य मरीज यदि आते हैं तो उन्हें यहीं भेजा जाता है, कभी-कभी तो इतने में भी जान चली जाती है।

80 प्रतिशत केस होता है रेफर- वेंटीलेटर वह मानव आविष्कार है जिसके सही समय प्रयोग पर मरणाशन्न मरीज को भी नया जीवन मिल सकता है। लेकिन जनपद बलिया और यहां के जनप्रतिनिधियों की अर्कमण्यता के कारण जिला अस्पताल में रोजाना 80 प्रतिशत केसेस ऐसे आते है, जिन्हें रेफर कर दिया जाता है।

28 दिनों से गोरखपुर मेडिकल कालेज में भर्ती- बीते 31 अक्टूबर की सुबह द्वारिकापुरी कोलानी निवासी पत्रकार रोशन जायसवाल के पुत्र सूर्यांश जायसवाल की तबियत अचानक सीरियस हो गई। इसके बाद सरकारी व्यवस्था के बारे में पता लगाया गया तो पता चला कि वेंटीलेटर है लेकिन बच्चों के लिए नहीं है।

इसके बाद एक निजी नर्सिंगहोत में ले जाया गया, जहां से आजमगढ़ रेफर किया गया और आजमगढ़ में भी स्पेशल चाइल्ड वेंटीलेटर न मिलने के कारण सूर्यांश अभी मस्तिस्क ज्वर से गोरखपुर मेडिकल कालेज में जूझ रहा है। बीते 28 दिनों से अभी भी वेंटीलेटर पर है।

वहीँ इस बारे में सीएम्एस बीपी सिंह का कहना है कि आठ वेंटीलेटर है जो एल-2 अस्पताल पर है। कोरोना केयर में रखा गया है। जनपद में वेंटीलेटर लैस कोई एंबुलेंस नहीं है।

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बलिया आकर गरजे बिहार भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष, बंगाल चुनाव को लेकर किया बड़ा ऐलान

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बलिया। भाजपा के बिहार प्रदेश अध्यक्ष संजय जयसवाल का बलिया आगमन पर जगह जगह सैकड़ों कार्यकर्ताओ ने गाजे बाजे के साथ स्वागत किया। मांझी के रास्ते आए प्रदेश अध्यक्ष का बैरिया,दुबहर, नरही,फेफना ,सोहांव ,भरौली के कार्यकर्ताओं ने स्वागत किया।इस दौरान बलिया शहर मे पत्र प्रतिनिधियों से वार्ता के दौरान कहा किया बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि कश्मीर में अनुच्छेद 370 खत्म करने से हमारे कश्मीरी भाई-बहन खुश हैं। ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि 70 सालों से भारत माता के ऊपर इस तरह की धारा लगी हुई थी। आज कश्मीरियों को वो सारे अधिकार मिल चुके हैं, जो भारत के प्रत्येक नागरिक के पास हैं।कश्मीर में से शांति बरकरार है।

 

 

साथ ही संजय जायसवाल ने विपक्ष पर जमकर निशाना साधा।संजय जायसवाल ने कहा कि महागठबंधन घोटालेबाजों का गठबंधन है. जिनको-जिनको जेल जाने से डर था उन सबने मिलकर महागठबंधन बनाया। पूरे भारत में एनडीए की अच्छी सरकार है।इस बार भी बिहार में पूर्ण बहुमत से एनडीए की सरकार बनी है। कहा कि बिहार की तर्ज पर पं. बंगाल मे भी एनडीए की सरकार बननी तय है। राष्ट्रीय अध्यक्ष व गृहमंत्री जी द्वारा लगातार वहां कार्यक्रम चलाए जा रहा है। बंगाल की जनता तृमुल सरकार से परेशान हो चुकी है। इस मौके पर जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू,संजय मिश्रा महामंत्री प्रदीप सिंह, अरुण सिंह, पंकज सिंह, संतोष सिंह , रियाज अहमद, आरकेस दूबे, देवब्रत दूबे, अमित दूबे,डा. अंजनी पाण्डेय आदि लोग उपस्थित रहे।

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