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बलिया स्पेशल

बांसडीह रोड- दो पक्षों के बीच मारपीट, पुलिस बल तैनात

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बांसडीहरोड थाना क्षेत्र के दिउली गांव में बुधवार की शाम एक पूजा स्थल के पास किसी बात को लेकर दो पक्षों  के बीच विवाद  पैदा हो गया जिसमे जम कर मारपीट हुई । इस दौरान दोनों तरफ से चले ईंट-पत्थर चले । दैनिक जागरण की रिपोर्ट के मुताबिक  दोनों पक्षों के युवकों के बीच पहले से ही किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। शाम को पूजा स्थल के पास इसको लेकर फिर मारपीट हो गई। इसी बीच दोनों तरफ से ईंट पत्थर चलने लगे। सूचना पाकर एसओ सतेंद्र राय मौके पर पहुंचे। अन्य थानों की फोर्स भी बुला ली गई। इसकी सूचना पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने आधा दर्जन युवकों को हिरासत में लिया है। पुलिस ने बवाल करने वालों को खदेड़ दिया। इसके बाद स्थिति नियंत्रित हुई। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों की तरफ से आधा दर्जन युवकों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद गांव में तनाव व्याप्त है। देर रात तक पुलिस फोर्स तैनात रही।

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रोहित सिंह ने मोदी-योगी के खिलाफ खोला मोर्चा बलिया में चलाया ये अभियान!

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बलिया डेस्क : राजनीतिक दल युवा चेतना प्रमुख रोहित सिंह ने  केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार को  किसान और जन विरोधी क़रार दिया. बलिया जनसंपर्क अभियान चला रहे हैं रोहित सिंह ने किसानों से मुलाकात कर उन्हें कृषि बिल 2020 से होने वाले नुकसान से अवगत कराया और कहा कि केंद्र की मोदी और प्रदेश की योगी सरकार किसान विरोधी है.

बलिया बेलहरी ब्लाक अंतर्गत कई गाँवों का युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने द्वार-द्वार पाँव-पाँव कार्यक्रम के तहत दौरा कर जनता से भेंट कर कृषि बिल-2020 से देश को होने वाले नुकसान से अवगत कराया.  रोहित सिंह ने जनता को देश बचाने हेतु आगे आने का आवाहन भी किया.

उन्होंने कहा की भाजपा कृषि क्षेत्र को निजी हाथों में देने का कुचक्र रच रही है।श्री सिंह ने कहा की भाजपा किसानों को ठग रही है हमारा देश कृषि आधारित राष्ट्र है परंतु मोदी शासन में किसान आत्महत्या को बाध्य हैं. श्री सिंह ने कहा की किसान-नौजवान भूखा है फिर देश की तरक़्क़ी कैसे होगी.

श्री सिंह ने कहा की युवा चेतना गाँव,गरीब,किसान,मजदूर और नौजवान के बेहतरी की लड़ाई लड़ रही है।श्री सिंह ने कहा की देश में अघोषित आपातकाल है जो भाजपा का विरोध करेगा वो देशद्रोही हो जाएगा. श्री सिंह ने कहा की योगी राज में अपराध अपने चरम पर है. श्री सिंह ने कहा की 2022 में सत्ता का महापरिवर्तन सुनिश्चित है.

श्री सिंह ने कहा की हम पूरे पूर्वांचल का दौरा कर जनता को जागरुक कर रहे हैं।श्री सिंह ने कहा की भाजपा का नाश अहंकार से होगा. इस अवसर पर बैजू राय,राकेश यादव,पिंटू यादव,सैफ़ नवाज,आलोक राय,आदित्य चौबे आदि उपस्थित रहे.

बलिया मालदेपुर मोड़ निवास पर राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की जयंती पर स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी एवं युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह उनके चित्र पर पुष्पांजलि किया. स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने कहा की दिनकर वीर रस के कवि थे.

स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने युवाओं से उनके दिखाए रास्ते पर चलने की अपील की.
युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह ने कहा की हम दिनकर के वंशज हैं बिना डरे सरकार की ग़लत नीतियों के खिलाफ जनता के लिए लड़ेंगे.

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देश की प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी से पढ़ चूका नौजवान बलिया में चला रहा ‘नेताजी टी प्वाइंट’, बड़े-बड़े अधिकारी भी मुरीद !

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बलिया डेस्क : चाय बेचने वाले को आपने प्रधानमंत्री बनते तो देखा है! लेकिन क्या किसी पोस्ट ग्रेजुएट छात्रनेता को आपने चाय बेचते देखा है? नहीं देखा तो बलिया के आक़िब को देख लीजिए। दिल्ली की जामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा करने वाले आक़िब ने बलिया के गडवार रोड के पास एक चाय का कैफे खोला है। उनके कैफे का नाम ‘नेताजी टी प्वाइंट’ है।

‘नेताजी टी प्वाइंट’ क्यों – कैफे के नाम के सवाल पर उन्होंने बताया कि ये नाम बलिया की एक पुरानी चाय की दुकान के नाम पर रखा है। जो अब बंद हो चुकी है। आक़िब बताते हैं कि जिस पुरानी दुकान के नाम पर उन्होंने अपने कैफे का नाम रखा है, वहां कभी पूर्व पीएम चंद्रशेखर बैठकर चाय की चुस्की लिया करते थे।

कैफे पर आते हैं बड़े-बड़े अधिकारी और नेता –  बलिया ख़बर  से बातचीत के दौरान आक़िब ने बताया कि उन्होंने दिल्ली छोड़कर बलिया में इसलिए कैफे खोला है ताकि वह बलिया के लोगों की सेवा कर सकें और उन्हें मेट्रो सिटीज़ जैसे कैफे का मज़ा दे सकें। आक़िब ने अपने इस कैफे को पिछले महीने ही खोला है, लेकिन थोड़े ही दिनों में उनका कैफे पूरे ज़िले में मशहूर हो गया है।

आक़िब बताते हैं कि उनके कैफे पर नेताओं से लेकर बड़े-बड़े अधिकारी, व्यापारी,  छात्र और आमजन सभी आते हैं।  उनके कैफे पर कांग्रेस के ज़िलाध्यक्ष भी चाय की चुस्की ले चुके हैं। सभी को उनकी चाय बहुत पसंद आती है।

कई तरह की चाय- आक़िब के कैफे में तकरीबन आधा दर्जन किस्मों की चाय मिलती है। जिसमें नेताजी स्पेशल चाय और तंदूरी चाय सबसे ज़्यादा मशहूर हैं।

चाय के लिए किया कई शहरों का दौरा- आक़िब बताते हैं कि उन्होंने बलियावासियों को बेस्ट चाय पिलाने के लिए सूबे के कई शहरों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्हें जहां की चाय अच्छी लगी, उन्होंने उसे बनाने की तकनीक सीख ली और अपने मेन्यू में शामिल कर लिया। उन्होंने ये कैफे तकरीबन 11 महीनों की रिसर्च के बाद खोला है।

आक़िब की राजनीति में दिलचस्पी और कैफे खोलने तक का सफ़र– बलिया में जन्में मोहम्मद आक़िब को बचपन से ही राजनीति में गहरी दिलचस्पी रही है। ग्रेजुएशन के समय से ही वह छात्र राजनीति में काफी सक्रिया रहे हैं। बलिया से ही ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन करने के बाद वह दिल्ली गए और वहां की जामिया यूनिवर्सिटी से पीजी डिप्लोमा किया।

इसके बाद वह बलिया वापस लौट आए और लॉ कॉलेज में दाखिला ले लिया। आक़िब का कहना है कि उन्होंने कैफे भी राजनीति में दिलचस्पी की वजह से खोला है। उन्होंने बताया कि पहले वाले नेताजी टी प्वाइंट पर देश के प्रधानमंत्री रहे चंद्रशेखर जैसी हस्तियां बैठकर देश की सियासत पर चर्चा किया करती थीं।

इसी से उन्हें टी कैफे खोलने का आइडिया मिला। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनके कैफे पर भी सियासत से जुड़ी हस्तियां आएं और देश के मुस्तक़बिल को बेहतर बनाने की दिशा में चर्चा करें।

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बलिया

मंत्री जी आप के क्षेत्र के नगर पंचायत में बाबू का काम कर रहे है सफाई कर्मचारी !

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बलिया। हमेशा से राजनैतिक सुर्खियों में रहने वाला फेफना विधानसभा क्षेत्र में स्थित आदर्श नगर पंचायत चितबड़ागांव जो इन दिनों अपने हाल पर आंसू बहाने को विवश है। जबकि इस क्षेत्र से विधायक उपेंद्र तिवारी जो वर्तमान सरकार में प्रभावशाली मंत्री भी है।

बावजूद नगर पंचायत कार्यालय में बाबू, कर्मचारी व चालकों व सफाई कर्मचारियों की भारी कमी है। यही नहीं अभी यहां स्थायी रूप से अधिशासी अधिकारी की भी तैनाती नहीं है। हालांकि प्रशासन द्वारा बलिय नगर पालिका अधिशासी अधिकारी को अतिरिक्त प्रभार चितबड़ागांव का सौंपा गया है।

लेकिन वह भी विगत 25 दिनों से नगर पंचायत में नहीं पहुंच रहे हैं। जिसके कारण विभागीय कार्य ठप पड़ा हुआ है। कार्यालय के बाबू फाइल लेकर बलिया आते हैं और श्री विश्वकर्मा से फाइलों पर दस्तखत करवाकर पुन: वह चितबड़ागांव जाते हैं। लेकिन आखिर कब तक यह सिलसिला चलता रहेगा। कार्यालय में मृत और जन्म प्रमाणपत्र में विलंब इसलिए हो रहा है कि यहां अस्थायी रूप से कोई अधिकारी की तैनाती नहीं है।

बुधवार को बलिया खबर ने चितबड़ागांव नगर पंचायत का हाल जाना तो यहां देखा गया कि एक कमरे में बाबू  फाइलों को निबटाने में लगे हुए थे। वहीं दूसरी ओर एक कमरे में सफाई कर्मचारी असगर व भक्त मोहन सिंह कर का काम देख रहे गणेश गोंड बाबूओं का काम कर रहे थे। वहीं ईओ का चेंबर बंद पड़ा हुआ था। एक कमरे में कंप्यूटर आपरेटर काम काज निबटा रहे थे और कुछ फरियादी, ईओ व चेयरमैन का बंद दरवाजा देख निराशा होकर वापस लौट गए।

ईओ पर आखिर कौन मेहरबान- बलिया जिले में कुल सात विधानसभा है, उनमें नगर विधानसभा व फेफना विस क्षेत्र से चुने गए विधायक प्रदेश सरकार में मंत्री है। दोनों विधानसभाओं में गौर करें तो बलिया नगर पालिका परिषद व चितबड़ागांव नगर पंचायत दोनों की कमान आखिर ईओ दिनेश कुमार विश्वकर्ता को ही क्यों सौंपी गई है। मंत्रियों के क्षेत्र में ईओ की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं।

सरकार ने वाहन तो दिया लेकिन चालक नहीं – नगर पंचायत चितबड़ागांव में जेसीबी, ट्रैक्टर, टेंपो, ई-रिक्शा, लोडर सहित कई वाहन सरकार की मेहरबानी से मिला। लेकिन उनकी जगह एक भी चालक नहीं है। किसी तरीके से नगर पंचायत व्यवस्था को सुचारू रूप से चला रही है। यहां पंप आपरेटर की भी कमी है। दो पंप आपरेटर के सहारे 15 वार्डों में पानी की आपूर्ति की जा रही है।

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आबादी 50हजार और सफाई कर्मचारी मात्र 60- नगर पंचायत चितबड़ागांव में कुल 15 वार्ड है। इन वार्डों पर यदि गौर करें तो यहां की आबादी लगभग 50 हजार के उपर है। वहीं दस हजार घर भी है। वार्डों व मुहल्लों की सफाई में मात्र 60 कर्मचारी ही लगाए गए हैं। आप समझ सकते हैं कि इन वार्डों की सफाई किस तरीके से हो रही होगी।

चेयरमैन व ईओ के लिए न तो वाहन है और न ही चालक- नगर पंचायत में चेयरमैन और ईओ के लिए न तो कोई वाहन है और न ही कोई चालक। आखिर कैसे 15 वार्डों में चेयरमैन व ईओ सफाई कार्यों का जायजा लेंगे। अपने समय में चितबड़ागांव नगर पंचायत में मानक के अनुरूप कर्मचारी, बाबू, चालक व व्यवस्थाएं बेहतर रहती थी। लेकिन विगत 15 वर्षों से नगर पंचायत का हाल खराब है। उसको ठीक करने के लिए अभी तक शासन व प्रशासन की तरफ से कोई विशेष पहल नहीं हो पा रही है।

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