Connect with us

उत्तर प्रदेश

शौचालय नहीं होने की वजह से हुआ था रेप, UP पुलिस ने इनाम के पैसों से किया गिफ्ट

Published

on

यूपी पुलिस ने एक रेप पीड़िता के घर शौचालय निर्माण के लिए 10 हजार रुपये भेंट कर अच्छी मिसाल पेश की है। दरअसल, यूपी के महोबा जिले में बीते दिसंबर सुबह के 3 बजे घर से बाहर शौच के लिए गई एक छह साल की बच्ची के साथ रेप की वारदात सामने आई थी। जिसके बाद रेप के आरोपी को पकड़ने के लिए पांच पुलिसकर्मियों की एक टीम गठित की गई थी।

पुलिस ने 2 दिन में रेप आरोपी को पकड़ा पुलिस ने इस केस में मुस्तैदी दिखाते हुए 2 दिन के भीतर रेप आरोपी को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे डाल दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई को देखते हुए एक स्थानीय एनजीओ और विधायक ने पुलिस को क्रमश: 5 हजार और 5100 रुपये का इनाम देने की घोषणा की। लेकिन पुलिस ने इन पैसों को खुदे लेने की जगह बच्ची के पिता को सौंप दिया।

अपने सैलरी से बचे पैसे देंगे पुलिसकर्मी बीते 2 फरवरी को पैसे मिलने के बाद महोबा पुलिस के इन पांचों पुलिसकर्मियों ने इनाम में मिले कुल 10 हजार रुपये को बच्ची के पिता को शौचालय निर्माण कराने के लिए सौंप दिया। इंस्पेक्टर विक्रम आदित्य सिंह ने बताया, ‘हम जानते हैं कि टॉयलेट निर्माण के लिए इतनी राशि पर्याप्त नहीं है इसलिए हम बाकि के पैसों को अपनी तनख्वाह से देंगे। हम बच्ची के घर में शौचालय बनता हुआ देखना चाहते हैं।’

पुलिस की हो रही प्रशंसा महोबा के एसपी, एन कोलंची ने बताया कि पुलिसकर्मियों को जब ये पता चला कि बच्ची के घर में टॉयलेट ने होने की वजह से उसे घर से बाहर जाना पड़ता था जहां उसके साथ रेप की वारदात हुई तभी पुलिसकर्मियों ने बच्ची के घर में शौचालय निर्माण के लिए पैसे जुटाने का फैसला ले लिया था। बता दें कि महोबा पुलिस के इस कार्य की पूरे इलाके में प्रशंसा हो रही है।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

featured

CM योगी का आदेश, बलिया में वेंटिलेटर, L-3 बेड्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाए

Published

on

 बलिया । कोरोना से लोगों के बचाव को लेकर उप्र की योगी सरकार अलर्ट मोड़ पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कोरोना संक्रमण से लोगों को बचाने के लिए सूबे में किए गए चिकित्सा प्रबंधों की रोज समीक्षा कर रहे हैं।

राज्य में रोजाना कितने लोग कोरोना की चपेट में आ रहे हैं और उनके इलाज के लिए जिलों में क्या क्या कदम उठाये जा रहे है  तथा प्रदेश में प्रतिदिन कितने लोगों ने टीकाकरण कराया, मुख्यमंत्री इसकी भी समीक्षा  रोज कर रहे हैं।

वहीं बलिया को लेकर सीएम योगी खास निर्देश दिया है सीएम ऑफिस के आफिसियाल ट्विटर हैंडल से ट्वीट किया गया है कि बलिया में वेंटिलेटर व HFNC को फंक्शनल किया जाए तथा एल-3 बेड्स की सुविधा उपलब्ध कराई जाए।  बात दें की बलिया में कोरोना के रोज औसतन 100 मरीज मिल रहे हैं , इसी को देखते हुए स्वास्थ विभाग को अलर्ट किया गया है ।

Continue Reading

featured

आरक्षण को लेकर असली पिक्चर अभी बाकी, नई सूची को सुप्रीम कोर्ट में दी गई चुनौती

Published

on

दिल्ली डेस्क : उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में आरक्षण को लेकर पिक्चर अभी बाकी है. नई आरक्षण सूची जारी होते ही इसका मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. हाई कोर्ट के वकील अमित कुमार भदौरिया के मुवक्किल ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. इसमें लखनऊ हाई कोर्ट के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में  चुनौती दी गई है.

दरअसल, इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने पंचायत चुनाव में 2021 के आरक्षण फॉर्मूले को खारिज करते हुए 2015 के चक्रानुक्रम के आधार पर नए सिरे से सीटों के आवंटन व आरक्षण का आदेश दिया था.

हाईकोर्ट ने साफ  किया था कि प्रदेश में पंचायत चुनाव के लिए जारी की गई नई आरक्षण प्रणाली नहीं चलेगी बल्कि 2015 को आधार मानकर ही आरक्षण सूची जारी की जाए. अदालत ने राज्य सरकार को आरक्षण की कार्रवाई 27 मार्च तक पूरी करने को कहा था. हाईकोर्ट ने चुनाव की प्रक्रिया 25 मई तक पूरी कराने का आदेश भी दिया था.

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किया जाए

Published

on

लखनऊ। पंचायत चुनावों में आरक्षण पर हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है। हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कहा कि वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किया जाए। इसके पूर्व राज्य सरकार ने स्वयं कहा कि वह वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण व्यवस्था लागू करने के लिए तैयार है। वहीं इस पर न्यायमूर्ति रितुराज अवस्थी व न्यायमूर्ति मनीष माथुर की खंडपीठ ने 25 मई तक त्रिस्तरीय चुनाव संपन्न कराने के लिए भी आदेश पारित किए हैं।

हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में 11 फरवरी 2021 के शासनादेश को चुनौती दी गई थी। जिसमें कहा गया है कि पंचायत चुनाव में आरक्षण लागू किये जाने सम्बंधी नियमावली के नियम 4 के तहत जिला पंचायत, सेत्र पंचायत व ग्राम पंचायत की सीटों पर आरक्षण लागू किया जाता है। आरक्षण लागू किये जाने के सम्बंध में वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानते हुए 1995, 2000, 2005 व 2010 के चुनाव सम्पन्न कराए गए।

याचिका में आगे कहा गया कि 16 सितम्बर 2015 को एक शासनादेश जारी करते हुए वर्ष 1995 के बजाय वर्ष 2015 को मूल वर्ष मानते हुए आरक्षण लागू किये जाने को कहा गया। उक्त शासनादेश में ही कहा गया कि वर्ष 2001 व 2011 के जनगणना के अनुसार अब बड़ी मात्रा में डेमोग्राफिक बदलाव हो चुका है लिहाजा वर्ष 1995 को मूल वर्ष मानकर आरक्षण लागू किय अजाना उचित नहीं होगा। 16 सितम्बर 2015 के उक्त शासनादेश को नजरंदाज करते हुए, 11 फरवरी 2021 का शासनादेश लागू कर दिया गया। जिसमें वर्ष 1995 को ही मूल वर्ष माना गया है। यह भी कहा गया कि वर्ष 2015 के पंचायत चुनाव भी 16 सितम्बर 2015 के शासनादेश के ही अनुसार सम्पन्न हुए थे।

Continue Reading

TRENDING STORIES