डोनाल्ड ट्रंप और किम जोंग के बीच ऐतिहासिक मुलाकात आज, टिकी दुनिया की निगाहें

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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरिया के राष्ट्रपति किम जोंग-उन मंगलवार सुबह विश्व के सबसे विकट माने जाने वाले परमाणु संकट का हल निकालने के लिए मुलाकात करेंगे. इस ऐतिहासिक मुलाकात पर पूरी दुनिया की निगाहें लगी हुई हैं. दोनों नेता सिंगापुर में हैं, जहां दुनिया भर से हजारों पत्रकार पहले से ही पहुंच गए हैं. यह पहली बार है कि अमेरिका के राष्ट्रपति उत्तर कोरिया के नेता से मुलाकात कर रहे हैं.अमेरिका ने सिंगापुर सम्मेलन से पहले कहा कि उत्तर कोरिया के साथ चर्चा ‘उम्मीद से ज्यादा तेजी’ से बढ़ रही है.

अमेरिका के साथ नए रिश्ते
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों नेताओं के बीच बैठक से पहले अधिकारियों के बीच प्रारंभिक स्तर की वार्ता हुई. वाइट हाउस ने पुष्टि करते हुए कहा कि ट्रंप और किम स्थानीय समयनुसार 9 बजे आमने-सामने (वन-ऑन-वन) मुलाकात करेंगे. इस दौरान वहां केवल अनुवादक मौजूद रहेंगे.यह सम्मेलन दोनों नेताओं के हाथ मिलाने से शुरू होगी. ट्रंप मंगलवार शाम ही सिंगापुर से रवाना हो जाएंगे. इससे पहले उत्तर कोरिया की सरकारी मीडिया ने अमेरिका के साथ एक ‘नए रिश्ते’ का जिक्र किया.

किम को सता रहा है इस बात का डर
अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पाम्पिओ के अनुसार,अमेरिका परमाणु निरस्त्रीकरण के बदले उत्तर कोरिया को एक ‘बहुत विशेष’ सुरक्षा आश्वासन देगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि अमेरिका पूर्ण निरस्त्रीकरण से कम कुछ भी स्वीकार नहीं करेगा.कुछ विशेषज्ञ इस बैठक को ‘सांकेतिक’ करार दे रहे हैं. उत्तर कोरिया ने कोरियाई प्रायद्वीप पर पूरी तरह निरस्त्रीकरण करने की बात मानी है और पहले ही अपने परमाणु स्थल को ध्वस्त कर दिया है.अमेरिका चाहता है कि उत्तर कोरिया संपूर्ण निरस्त्रीकरण करे, वहीं किम को डर है कि सभी परमाणु हथियारों को नष्ट करने के बाद अमेरिका उस पर हमला कर सकता है.

3000 पत्रकार कवर करेंगे वार्ता
ट्रंप-किम शिखर वार्ता कवर करने वाले पत्रकारों को भारतीय व्यंजन भी जाएंगे परोसे जाएंगे. मशहूर भारतीय व्यंजन पुलाव और चिकन करी उन 45 अन्य व्यंजनों की सूची में शामिल है जिसे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग-उन की शिखर वार्ता कवर करने यहां पहुंचे करीब 3000 पत्रकारों के लिए तैयार किया गया है.

मुलाकात का क्या है भारतीय कनेक्शन
सिंगापुर में भारतीय मूल के दो मंत्री-विवियन बालकृष्णन और के. शानमुगम- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के बीच होने वाली शिखर बैठक को सुगम बनाने के लिए अहम भूमिका निभा रहे हैं. सिंगापुर के विदेश मंत्री बालकृष्णन ने हाल के दिनों में वाशिंगटन , प्योंगयांग और बीजिंग की महत्वपूर्ण यात्राएं की हैं ताकि उनके देश की मेजबानी में हो रही ऐतिहासिक बैठक के लिए आखिरी क्षणों में कोई व्यवधान ना आए. बालकृष्णन ने यह भी कहा कि सिंगापुर सरकार किम के होटल बिल का खर्च उठा रही है.

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