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पूर्वांचल

किसानों के लिए योगी सरकार का बड़ा फैसला, अब 72 घंटे में मिल जायेगी पेमेंट

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट की बैठक में नई गेहूं खरीद नीति को मंजूरी देते हुए ज्यादा से ज्यादा खरीद केंद्र खोलने का निर्णय लिया गया है. लोकभवन में आयोजित इस बैठक में नई गेहूं नीति, सिनेमा हॉल के लाइसेंस प्रणाली के सरलीकरण समेत 20 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है.

 

राज्य में एक अप्रैल से 15 जून तक गेहूं की खरीद होगी. साथ ही यह भी तय किया गया है कि 72 घंटे में किसानों को ऑनलाइन भुगतान किया जाएगा. केंद्र सरकार ने साल 2018-19 के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 1735 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है. इसपर 10 रुपये प्रति क्विंटल उतराई दी जाएगी.

 

कैबिनेट की बैठक में यह भी तय किया गया कि बीमा योजना को संस्थागत वित्त विभाग से लेकर राजस्व विभाग को सौंपा जाएगा. वहीं पंडित दीन दयाल आदर्श नगर पंचायत योजना को भी मंजूरी दे दी गई है.

 

कैबिनेट ने उद्योग विभाग से भी जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी. उत्तर प्रदेश सीमेंट कॉरपोरेशन के कर्मचारियों को राज्य सरकार के दूसरे विभाग में समायोजित करने का निर्णय लिया गया है. सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को पहले ही इस पर आदेश दिया था.

 

राज्य सरकार ने गन्ना किसानों को बढ़ावा देने के लिए उन्हें सम्मानित करने का फैसला किया है. सरकार ने कहा कि अब राज्य स्तर के तीन बेहतर किसानों को प्रशस्ति पत्र देकर मुख्यमंत्री सम्मानित करेंगे.

 

कैबिनेट ने गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के निर्माण के मानक में बदलाव को हरी झंडी दी है. यहां पर अब 10 मंजिल का बीआरडी मेडिकल कॉलेज बनेगा. इससे पहले 16 मंजिल के निर्माण को मंजूरी मिली थी.

 

इसके साथ ही सरकार गंगा नदी के किनारे बिजनौर से बलिया तक 27 जिलों में नदी की दोनों तरफ हरित पट्टी बनाएगी. यह हरित पट्टी एक-एक किलोमीटर की होगी. इसके बाद दूसरे चरण में सहायक नदियों को शामिल किया जाएगा. सरकार इस योजना को स्वयंसेवी संगठनों की मदद से आगे बढ़ाएगी. इसमें एक व्यक्ति एक वृक्ष योजना भी शामिल होगी.

 

कैबिनेट ने प्रदेश में आठ रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण को भी मंजूरी दी. कुंभ मेले के लिए स्थाई निर्माण के भी निर्देश दिए गए.

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पूर्वांचल

पूर्वांचल में टीकाकरण में पिछड़ गया बलिया, मिला छठा स्थान

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कोविड टीकाकरण में बलिया पिछड़ गया है। पूरे पूर्वांचल के सभी दस जनपदों में टीकाकरण के मामले में बलिया का नाम छठे स्थान पर आया है। इस सूची में सबसे शीर्ष पर वाराणसी का नाम है। बलिया में अब तक आधी आबादी को भी कोविड का टीका नहीं लगाया जा सका है। स्वास्थय एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़े के अनुसार बलिया में अब तक महज 11,46,739 लोगों को ही कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए टीका लगाई जा सकी है। यह आंकड़ा पूरे बलिया की आधी आबादी के भी बराबर नहीं है।पूरे बलिया जिले की आबादी लगभग 32 लाख से ज्यादा है। लेकिन अभी तक लगभग साढ़े ग्यारह लाख लोगों को ही कोविड की लगाई गई है। बता दें कि केंद्र सरकार के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से पूर्वांचल के सभी जिलों में हुए टीकाकरण का आंकड़ा जारी किया। यह आंकड़ा गत सोमवार यानी 13 सितंबर के दोपहर तक हुए टीकाकरण की है। इसमें कुल दस जिलों के आंकड़े शामिल हैं। जिसमें बलिया को छठा स्थान मिला है। इस सूची में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी सबसे ऊपर काबिज है। इसके बाद आजमगढ़, जौनपुर, गाजीपुर और मीरजापुर का नाम है। बलिया से भी कम टीकाकरण मऊ, चंदौली, भदोही और सोनभद्र में हुई है।

बलिया में ग्राम पंचायत स्तर पर कैंप लगाकर लोगों को कोरोना की टीका लगाई जा रही है। इसके बावजूद भी जिले में टीकाकरण की स्थिति खराब है। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ही जिले की पचास फीसदी से भी कम आबादी को टीका लगाई गई है। जबकि इनमें से कई लोगों को टीका लगाए जाने का फर्जी प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है।बीते अगस्त महीने की 27 अगस्त को पूरे देश में एक करोड़ लोगों को कोविड टीका लगाए जाने का दावा किया गया था। इसी दिन अकेले उत्तर प्रदेश में 29 लाख लोगों के टीकाकरण का दावा किया गया था। हालांकि उसी दिन बलिया जिले के हुसैनाबाद गांव से यह खबर आई थी कि गांव के लगभग तीस लोगों को बिना वैक्सीन लगाए ही टीकाकरण का प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया था। जिले में चिकित्साकर्मियों की कमी होने की वजह से टीकाकरण पर असर पड़ा है। लेकिन प्रशासन और जिले के नेताओं का ध्यान इस ओर नहीं है।

 

 

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पूर्वांचल

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर जल्द शुरु होगा आवागमन, उद्योग-धंधों को मिलेगी उडान

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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे को लेकर अच्छी खबर सामने आई है। कहा जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे पर जल्द ही आवागमन शुरु हो जाएगा। संभावना जताई जा ही है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 24 सितंबर को लखनऊ आ रहे हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि इसी दौरान पीएम के द्वारा लोकार्पण किया जा सकता है।लखनऊ से गाजीपुर तक 341 किमी लंबे पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरू होने में अब कुछ दिन ही शेष हैं। कार्यदायी संस्था यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी सितंबर माह में प्रधानमंत्री द्वारा इसके लोकार्पण की बात कह चुके हैं। सूत्रों के मुताबिक 24 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लखनऊ आने का कार्यक्रम निर्धारित है। ऐसे में पीएम पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया जा सकता है।

इस एक्सप्रेस-वे पर आवागमन शुरु होने से व्यापारियों को काफी ज्यादा फायदा होगा। खास तौर पर जनपद के रेशमी साड़ी और ब्लैक पॉटरी के कारोबार से जुड़े लोगों में काफी हर्ष है। रेशमी साड़ी के कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि एयर और रोड कनेक्टिविटी मजबूत होने से कस्बे में व्यापारियों की आमद बढ़ेगी, जिससे कारोबार अच्छा होगा। वहीं निजामाबाद के ब्लैक पॉटरी कारोबारियों का कहना है कि एक्सप्रेस-वे बनने के बाद उन्हें लखनऊ, आगरा, दिल्ली आदि जगहों पर माल की आपूर्ति करना आसान हो जाएगा।22494.66 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से पूर्वांचल के विकास को नई गति मिलेगी। मंदुरी हवाई अड्डा भी इसमें अहम भूमिका निभाएगा। क्योंकि यहां से उड़ान शुरू होने के बाद जिले में हवाई यातायात भी मजबूत होगा। जनपद से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे नौ जिलों को जोड़ेगा।

 

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पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे जल्द होगा शूरू, बलिया वासियों को ऐसे मिलेगा फायदा!

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बलिया। लखनऊ से गाजीपुर तक जाने वाली पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे लगभग बनकर तैयार हो गया है। इस परियोजना का लोकार्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसी महीने करने वाले हैं। जिसकी जानकारी यूपीडा के सीईओ (मुख्य कार्यपालक अधिकारी) और अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश अवस्थी ने निरीक्षण के दौरान दी। उन्होंने कहा कि इसी महीने प्रधानमंत्री रोड के लोकार्पण का कार्यक्रम है। रोड का लगभग 97 प्रतिशत तक हो गया है। जल्द ही इस रोड पर गाड़ियां दौड़ेंगी। यह पूर्व एक्सप्रेस-वे बलिया से जुड़ेगा। बलिया से नजदीक होने की वजह से लोगों को लाभ मिलेगा।अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि इस बार बारिश कुछ ज्यादा हुई है। इस कारण मार्ग पर कुछ जगह पानी लग गया था, जिसको दुरुस्त कराया जा रहा है। इसके अलावा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सभी जगह बिजली के तार, लाइटें, सिग्नल लगाने का कार्य पूर्ण हो चुका है। लेन मार्किंग कर ली गई है, रोड पूरा कंप्लीट है। करीब 97 फीसदी कार्य पूरा हो गया है। इसके अलावा सुल्तानपुर के कूड़ेभार में एयर स्ट्रिप को लेकर एयर फोर्स के अधिकारियों के साथ भी निरीक्षण किया गया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे वायु सेना के विमान उतारे जाएंगे। अवनीश अवस्थी ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे मार्ग की क्वालिटी अच्छी है और इस पर 160 से 170 किमी/प्रतिघंटा की स्पीड से वाहन को चलाया जा

सकता है। हालांकि 120 किमी प्रति घंटे की स्पीड से ही नियम निर्धारित है। इसके अलावा पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के किनारे इंडस्ट्रियल पार्क के लिए मुख्यमंत्री का प्रस्ताव है, जिस पर कार्य हो रहा है। जगह चिन्हित की जा रही है कि कहां-कहां पर इंडस्ट्रियल पार्क बनेगा। क्योंकि इसी से पूर्वांचल के विकास का मार्ग निर्धारित होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सर्विस लेन, ट्वायलेट ब्लॉक के कार्य को छह अक्टूबर तक पूर्ण करें। जिलाधिकारी को पेट्रोल पंप का तत्काल लाइसेंस जारी करने के निर्देश दिए। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर पौधरोपण और टोल प्लाजा के सभी कार्यां को सितंबर माह के अंत तक हर हाल में पूरा करने के भी निर्देश दिए गए।इस मौके पर डीएम राजेश कुमार, पुलिस अधीक्षक सुधीर सिंह, यूपीडा के अधिकारी सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि पूर्वांचल में विकास को रफ्तार देने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ से आजमगढ़ होते हुए गाजीपुर तक सिक्स लेन के पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण शुरू करवाया था। इस एक्सप्रेस-वे की लम्बाई 340.824 किमी है और इसे भविष्य में आठ लेन का किया जा सकता है। इस परियोजना से जनपद लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर, आजमगढ़, मऊ, बलिया और गाजीपुर लाभान्वित होंगे।

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