Connect with us

शिक्षा

यूपी: डीएलएड में प्रवेश के लिए रजिस्ट्रेशन 3 अप्रैल से

Published

on

डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजुकेशन (डीएलएड) 2018-19 सत्र में प्रवेश के लिए ऑनलाइन आवेदन 3 अप्रैल से शुरू होगा। पूर्व में बीटीसी नाम से संचालित डीएलएड की सरकारी और निजी कॉलेजों में तकरीबन सवा दो लाख सीटों पर प्रवेश के लिए अभ्यर्थी 23 अप्रैल की शाम 6 बजे तक रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। आवेदन शुल्क 4 से 25 अप्रैल तक जमा होगा।

ऑनलाइन आवेदन पूर्ण करने और प्रिंट आउट लेने की समयसीमा 27 अप्रैल की शाम 6 बजे तक है। सचिव शासन मनीषा त्रिघाटिया ने डीएलएड प्रवेश का शासनादेश 6 मार्च को जारी किया है। समय सारिणी के अनुसार आवेदन के लिए एनआईसी लखनऊ 27 मार्च तक साफ्टवेयर तैयार करेगा। सचिव परीक्षा नियामक प्राधिकारी एलनगंज की ओर से 28 मार्च तक विज्ञापन जारी होगा।
अभ्यर्थियों को ऑनलाइन आवेदन में की गई त्रुटि में संशोधन का मौका एक मई से 4 मई की शाम 6 बजे तक मिलेगा। अभ्यर्थियों के वर्गवार/श्रेणीवार मेरिट के क्रम में राजकीव एवं निजी संस्थानों में आवंटित सीटों के सापेक्ष चयन के लिए 15 से 28 मई तक संस्थान का विकल्प चुनने का अवसर दिया जाएगा। विकल्प के क्रम में एनआईसी 30 मई तक संस्था आवंटित करेगा।

संबंधित संस्थान में दस्तावेजों की जांच और प्रवेश 8 जून तक होगा। यदि सीट बचती है तो 12 से 21 जून तक अभ्यर्थियों से विकल्प लिया जाएगा। द्वितीय चक्र में आवंटित संस्थान में प्रवेश की अंतिम तिथि 29 जून रखी गई है। प्रशिक्षण एक जुलाई से शुरू होगा।

निजी कॉलेजों को 30 अप्रैल तक देंगे संबद्धता
इलाहाबाद। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद (एनसीटीई) से मान्यता प्राप्त निजी कॉलेजों को डीएलएड 2018-19 की संबद्धता 30 अप्रैल तक दी जाएगी। वर्तमान में सरकारी व निजी कॉलेजों में डीएलएड की तकरीबन 2.10 लाख सीटें हैं। संबद्धता के लिए 200 संस्थानों की फाइलें विचाराधीन है। प्रत्येक कॉलेज में 50 सीट के हिसाब से 10 हजार सीट और बढ़ेंगी। यदि अंतिम समय से पहले और कॉलेज संबद्धता के लिए आवेदन करते हैं तो संख्या और बढ़ेगी।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code

बलिया

बलिया के आर.के. मिशन स्कूल में धूमधाम से मना नवरात्रि महोत्सव, बच्चों ने दी मनमोहक प्रस्तुति

Published

on

बलिया के सबसे प्रतिष्ठित आर.के. मिशन स्कूल के छात्र छात्राओं ने नवरात्रि के शुभ अवसर पर नवरात्रि उत्सव धूमधाम से मनाया। । कार्यक्रम का शुभारंभ माता के जयकारे के साथ आरती से हुआ। माता के नौ रूपों को स्कूली बच्चियों के तीन समूह के द्वारा प्रदर्शित किया गया। सभी तीनों समूह के बच्चियों ने एक से बढ़कर एक आकर्षक प्रस्तुति दी। इस मौके पर हिंदी शिक्षक श्री आशुतोष पांडे ने नवरात्रि के महत्व पर विस्तृत प्रकाश डालते हुए कहा कि मां दुर्गा ना केवल शक्ति प्रदाता है अपितु कष्टों का विनाश करती है। मां दुर्गा की पूजा महामारी को भी रोकती है। नवरात्रि महोत्सव में विभिन्न वर्ग के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया ।इस अवसर पर डांडिया नृत्य का भी आयोजन हुआ जो अत्यंत ही मनोहारी रहा। छात्र-छात्राओं द्वारा डांडिया युग में नृत्य प्रस्तुत किया गया। कक्षा नर्सरी से प्रथम तक के बच्चों में सक्रिय रूप से भाग लिया। डांडिया नृत्य में भारती राय ,शिवम, देवांश ,अभिनीत चौधरी, आयशा, आयत खान, ,ईशा गुप्ता, प्रत्यूष मिश्रा ,सान्वी अग्रवाल व आराध्या पांडे का प्रदर्शन सर्वोत्कृष्ट रहा। शिक्षिका रीता देवी, रीता त्रिपाठी, अपूर्वा श्रीवास्तव, प्रगति सिंह व अंजनी प्रजापति ने नवरात्रि महोत्सव में सक्रिय योगदान दिया।

लाला रत्नेश्वर ( प्रधानाचार्य आर.के. मिशन स्कूल बलिया )ने सभी विद्यालय परिवार को दशहरा व नवरात्रि उत्सव पर अपने शुभकामना दी।
श्री हर्ष श्रीवास्तव (प्रबंधक आर.के. मिशन स्कूल, बलिया) ने अपने संबोधन में कहा कि नवरात्रि उत्सव के दौरान नौ दिवस में नौ ग्रहों की भी पूजा की जाती है । दुर्गा जी की पूजा शक्ति व समृद्धि को प्राप्त करने के लिए अति आवश्यक है। उन्होंने समस्त शिक्षक शिक्षिकाओं और छात्र छात्राओं को दशहरा के पावन उत्सव पर बधाई दी। इस अवसर पर समस्त शिक्षक- शिक्षिका उपस्थित रहे।

Continue Reading

बलिया

बलियाः जमुनाराम मेमोरियल स्कूल में हुआ स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

Published

on

बलिया के चितबड़ागांव में जमुना राम मेमोरियल स्कूल में मेडिकल चेकअप कैंप का आयोजन किया गया। इस दौरान छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य की जांच की गई। इस स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन प्रबंधक डॉक्टर धर्मात्मा नंद के द्वारा किया गया।

जमुना राम मेमोरियल स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के बौद्धिक विकास के साथ ही शारीरिक स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जाता है। ताकि कोई भी बच्चा बीमारियों की चपेट में न आए और मन लगाकर पढ़ाई कर सके। इसी क्रम में विद्यालय में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया।

जिसमें आंखों की जांच, ऑक्सीजन लेवल, दात की जांच, ब्लडप्रेशर व अन्य जांच की गई। इस दौरान मेडिकल जांच टीम के संयोजक डॉक्टर गिरिजेश पाण्डेय उपस्थित रहे। विद्यालय के प्रधानाचार्य एवं समस्त स्टाफ़ भी उपस्थित रहे। इस दौरान प्रबंधक डॉक्टर धर्मात्मा नन्द ने सभी बच्चों एवं स्टाफ़ को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया एवं इसके महत्व पर प्रकाश डाला।

Continue Reading

featured

‘सुप्रीम’ फैसले से बलिया के मयंक बनेंगे बिहार में जज, जानिए पूरा मामला

Published

on

मयंक कुमार पांडेय

गाहे-बगाहे लोगों का भरोसा न्याय तंत्र से डगमगाने लगता है। लेकिन देश की अदालतें हमेशा अपने फैसलों से जनता का भरोसा लोकतंत्र के इस जरूरी खंभे पर टिकाए रहती हैं। एक बार फिर ऐसा ही हुआ है। देश की सर्वोच्च अदालत यानी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले ने एक साधारण पृष्ठभूमि के युवक के साथ अन्याय होने से बचा लिया है। पूरा मामला आगे बताएंगे। एक लाइन में ख़बर ये है कि बलिया ज़िले के बांसडीह के रहने वाले मयंक कुमार पांडेय बिहार में जज बनने वाले हैं।

बिहार लोक सेवा आयोग ने मयंक पांडेय की नियुक्ति पर रोक लगा दी थी। मेरिट लिस्ट में होने के बावजूद मयंक की नियुक्ति पर ब्रेक लगा था। मयंक को पटना हाईकोर्ट से भी निराशा हाथ लग चुकी थी। लेकिन जब ये मामला सुप्रीम कोर्ट में पहुंचा था तब फैसला मयंक के हक में आया है। अब बिहार में सिनियर जज जूनियर डिविजन के तौर पर न्याय व्यवस्था में मयंक अपनी भूमिका निभाते नज़र आएंगे।

क्या है मामला ?

बिहार लोक सेवा आयोग यानी BPSC ने साल 2018 में पीसीएस (जे) की परीक्षा कराई। मयंक पांडेय भी परीक्षा में शामिल हुए। परिणाम सामने आया तो मयंक का नाम मेरिट लिस्ट में शुमार था। नियुक्ति प्रक्रिया आगे बढ़ी। अब उन्हें अपने सभी दस्तावेजों के ओरजिनल कॉपी के साथ हाजिर होने को कहा गया। मयंक सभी दस्तावेजों की ओरिजिनल कॉपी के साथ पहुंचे। लेकिन इनमें चरित्र प्रमाण पत्र यानी कैरेक्टर सर्टिफिकेट की फर्स्ट कॉपी नहीं थी।

मयंक कुमार पांडेय बलिया ख़बर के साथ बातचीत में बतातें है कि कैरेक्टर सर्टिफिकेट किसी और जगह जमा होने की वजह से ओरिजिनल कॉपी नहीं दे पाया था। बस इसी बात पर BPSC ने उनकी नियुक्ति रोक दी। मयंक इस मामले में पटना हाईकोर्ट भी गए। हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। लेकिन हाईकोर्ट ने BPSC के फैसले को सही करार दिया। इस तरह हाईकोर्ट से मयंक को निराशा हाथ लगी।

हाईकोर्ट से जब फैसला मयंक के हक में नहीं आया तब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर दस्तक दी। सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस एस. अब्दुल नज़ीर और जस्टिस विक्रम सेठ की बेंच ने इस मामले में सुनवाई की। सुनवाई के बाद कोर्ट ने अब अपना फैसला सुनाया है। कोर्ट ने BPSC को नियुक्ति पर लगी रोक को हटाने के आदेश दिए हैं। साफ कहा गया है कि कैरेक्टर सर्टिफिकेट की ओरिजिनल कॉपी नहीं जमा करने की वजह से नियुक्ति रोकना कतई जायज नहीं है। इस तरह सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को भी पलट दिया है।

मयंक को जानिए ?

दिमाग़ में ये सवाल तो आ ही रहा होगा कि जिस मयंक कुमार पांडेय की बात हो रही है वो हैं कौन? तो जल्दी-जल्दी बता देते हैं। मयंक पांडेय ज़िला बलिया से आते हैं। विधानसभा क्षेत्र बांसडीह लगता है। शुरुआती पढ़ाई-लिखाई ज़िला-जवार से ही हुई है। शुरुआती मतलब स्नातक यानी ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई बलिया से ही कर रखी है। सतीश चंद्र कॉलेज (एस. सी. कॉलेज) से ग्रेजुएट हैं। लेकिन इसके बाद लॉ की पढ़ाई करने के लिए मयंक पांडेय दिल्ली पहुंच गए। दिल्ली यूनिवर्सिटी यानी DU से लॉ की डिग्री हासिल की। अब पड़ोसी राज्य बिहार में जज बनने वाले हैं।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!