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बलिया स्पेशल

बलिया समेत पूर्वांचल के 21 ज़िलों को मिलेगी निर्बाध बिजली, बदले जाएंगे जर्जर तार व पोल

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बलिया डेस्क : पूर्वांचल में जर्जर तार व पोल की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। इससे आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। इस समस्या को दूर करने के लिए पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम ने अब ठोस कदम उठाया है। निगम ने बलिया समेत 21 जिलों के जर्जर तार और पोल बदलने के प्रस्ताव को मंज़ूरी दे दी है।

माना जा रहा है कि निगम ने ये फैसला बलिया के बैरिया में घटी उस घटना को देखते हुए लिया है, जिसमें जर्जर तार टूटने से हुई तीन लोगों की मौत हो गई थी। इस कार्य को पूरा करने के लिए एशियन डेवलपमेंट बैंक ने निगम को 641 करोड़ रुपए देने की घोषणा की है।
निगम की मंज़ूरी के बाद अब पूर्वांचल के 21 ज़िलों में एक हजार की आबादी वाले 15,334 गांवों के जर्जर तार व पोल बदले जाएंगे। इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए 18 महीने का लक्ष्य तय किया गया है।

बताया जा रहा है कि देश की छह बड़ी कंपनियों को इसपर प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने की जिम्मेदारी दी गई है। कंपनियों ने स्वीकृत किए गए जिलों में सर्वे शुरू कर दिया है। सर्वे का ठेका जोन वाइज आवंटित किया गया है। बलिया में इस प्रोजेक्ट को पूरा करने में करीब 47 करोड़ रुपये खर्च होंगे, इससे 910 गांवों में गुजरी जर्जर लाइनें दुरुस्त की जाएंगी। निगम के अधिशासी अभियंता एसके सोनौरिया ने बताया कि सर्वे पर काम तेजी से चल रहा है। उम्मीद है कि जल्द ही जनता को कार्य धरातल पर दिखना शुरू हो जाएगा।

पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम के प्रबंध निदेशक डा. सरोज कुमार ने बताया कि वन टाइम सेटलमेंट स्कीम से बकाए के बोझ को हल्का किया जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के उपभोक्ताओं पर 5651 करोड़ जबकि शहरी क्षेत्र में 1301 करोड़ की बकायेदारी है। एक मार्च से लागू की गई इस स्कीम से ब्याज राशि माफ करते हुए पूरा बकाया वसूला जा रहा है।
कार्ययोजना स्वीकृत हो चुकी है। अब बलिया समेत प्रभावित जिलों से सर्वे रिपोर्ट का इंतजार हो रहा है। छह जोन वाइज रिपोर्ट बन रही है।

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गंगा-घागरा में बढ़ा जलस्तर! इलाके में प्रशासन के लोग नदारद

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बलिया। पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश की वजह से नदियों के किनारे वाले इलाकों में अबगी से बाढ़ जैसी स्थिति होने लगी है। लगातार हो रही बारिश से न सिर्फ कटानरोधी कार्यो की सरकारी पोल खुल रही है, बल्कि गंगा और घाघरा नदियां उफनाने लगी हैं। पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही भारी बारिश से गंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन गंगा किनारे रह रहे लोगों को अलर्ट जारी कर रहा है। नदियों के जलस्तर में वृद्धि का क्रम यूं ही बना रहा तो घाघरा नदी लाल निशान को पार कर सकती है, क्योंकि लाल निशान और नदी के बीच का फासला महज 17 सेमी बाकी रह गया है।

रविवार को सिचाई विभाग के बाढ़ अनुभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के मुताबिक, बलिया के गायघाट गेज पर गंगा नदी का जलस्तर सुबह 8 बजे 52.400 मीटर रिकार्ड दर्ज किया गया। यहां खतरा विन्दु 57.615 मीटर है। वहीं, डीएसपी हेड पर घाघरा नदी का जलस्तर 63.840 मीटर तथा चांदपुर गेज पर 57.08 मीटर दर्ज किया गया।डीएसपी हेड पर खतरा बिंदु 64.01 मीटर तथा चांदपुर गेज पर 58 मीटर है। इस तरह डीएसपी हेड पर घाघरा नदी खतरा बिंदु से महज 17 सेमी दूर है। वहीं गंगा में पानी इतना हो गया है कि बाढ़ का पानी एनएच-31 को छूने लगा है।

गंगा नदी के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। गंगा के डेंजर प्वाइंट किलोमीटर 27.500 के पास स्थिति भयावह दिख रही है। यहां स्पर निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे का सहारा लेकर नदी एनएच-31 को छूने लगी है।लेकिन बाढ़ विभाग व कार्यदायी संस्था का कहीं अता-पता नहीं है। निचले हिस्से में पानी भरने लगा है, मगर सरकारी लोग नदारद हैं। यदि नदी का रूख और बाढ़ विभाग की नीति नहीं बदली तो जिले में विषम परिस्थिति से सामना करना पड़ सकता है।

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बालू तस्करी के सवाल पर SHO ने पत्रकार को दी धमकी- “बालू के चक्कर में मत पड़ो झेलना पड़ जाएगा”

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बलिया। ज्यादा लाल बालू के चक्कर में पड़ोगे तो झेलना पड़ जायेगा ? जी हां यह धमकी है दोकटी थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह की। दरअसल एक वरिष्ठ पत्रकार ने जब थानाध्यक्ष से बिहार स्थित महुली घाट का पीपा पुल खुलने के साथ गंगा नदी के जल मार्ग द्वारा बिहार के कोइलवर से लाल बालू की तस्करी के बारे में पूछा गया तो थानाध्यक्ष कुछ इस तरीके पत्रकार को धमकाया कि ज्यादा बालू के चक्कर में पड़ोगे झेलना पड़ जाएगा।

बता दें कि क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर जल मार्ग द्वारा बिहार के कोइलवर से नाव द्वारा लादकर पुलिस की मिलीभगत से लाल बालू की आवक तेज हो गई है। दोकटी पुलिस व लालगंज चौकी पुलिस की मिली भगत से लाल बालू के तस्करों की बल्ले बल्ले हो गई है। इसके पूर्व जिला प्रशासन ने लाल बालू को अवैध बताते हुए काफी दिनों से बालू की आवक उत्तर प्रदेश में बंद करा दिया था। बिहार के डोरीगंज से ट्रक के माध्यम से सरकार को रायल्टी देकर बालू आता था। जो काफी महंगा पड़ता था।

उस समय से लाल बालू के छोटे-छोटे तस्कर इस फिराक में थे कि महुली पीपा पुल खुले तो उनका धंधा शुरू हो। 15 जून को महुली पीपा के पुल खुलते ही बिहार और उत्तर प्रदेश सरकार को बिना टैक्स दिए बड़े बड़े नाव के माध्यम से जल मार्ग द्वारा दोकटी थाना क्षेत्र के शिवपुर घाट, सती घाट, दोकटी घाट पर बालू का भंडारण शुरू हो गया है। ऐसे में लोगों में यह खास चर्चा है कि पहले पुलिस ने लाल बालू पर रोक लगा रखा था।

अब कौन सा कानून पास हो गया कि दर्जनों नाव लाल बालू लेकर घाटों पर चहलकदमी कर रही हैं । बालू गिरने के साथ ही ट्रेक्टरों के द्वारा बालू उठाकर ईधर उधर गांव के बगीचों में या सूनसान स्थानों पर बालू भण्डारण किया जा रहा है। दिन रात सड़को पर ट्रैक्टरों की गडग़ड़ाहट सुनाई दे रही है।

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बलिया के इन युवाओं ने रोशन किया नाम, अब आसमां में भरेंगे उड़ान

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बलिया। हैदराबाद के डुंडीगल में शनिवार को हुई पासिंग आउट परेड में बलिया के युवा भी फ्लाइंग अफसर बने हैं। रविवार का दिन बलिया के होनहार छात्रों के नाम रहा। जिले से 3 युवा  देश की रक्षा के लिए एयर फोर्स में फ्लाइंग अफसर बने हैं। इन युवाओं की सफलता देख कर माता-पिता अपने बच्चों को भी बड़ी नौकरियों में जाने के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। कंबाइंड ग्रेजुएशन परेड में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरके सिंह भदौरिया ने सभी को मेडल प्रदान किया और बतौर फ्लाइंग ऑफिसर देश की सेवा करने की शुभाकामना दी।

बिल्थरारोड के कुमार सचिन – तहसील के निवासी कुमार सचिन ने लगन के बूते खुले आसमान में लंबी उड़ान भरी है। शनिवार को बलिया के सचिन भी वायुसेना में फ्लाइंग आफिसर बने। कुमार सचिन की इस सफलता की खबर मिलते ही परिजनों में खुशी की लहर दौड़ गई। जबकि क्षेत्रवासियों ने भी सचिन को जनपद और देश का गौरव बताया। अपने चार भाईयों और एक बहन में तीसरे नंबर के 23 वर्षीय कुमार सचिन शुरु से ही पढ़ाई लिखाई में मेधावी रहे हैं।सचिन ने अपनी कड़ी मेहनत के बल पर एनडीए का करीब दो वर्ष का प्रशिक्षण पूरा कर लिया। कुमार सचिन के पिता व्यवसायी हैं। परिजन बेटे की कामयाबी पर नगर में मिठाई बांट रहे हैं। वहीं नगरपंचायत चेयरमैन दिनेश गुप्ता ने भी बिल्थरारोड के सपूत कुमार सचिन के फ्लांइग आफिसर बनने पर बधाई दी। युवा सचिन से सीख लेते हुए आगे बढ़कर कुछ बड़ा करने की प्रेरणा ले रहे हैं। नौजवानों में एक नई उम्मीद की किरण जगी है, जिससे वो और ज़्यादा पढ़ाई में मेहनत कर रहे हैं।

सुखपुरा की अनमोल सिंह- सुखपुरा क्षेत्र के खरहाटार गावं की रहने वाले रिटायर सुबेदार मेजर बलराम सिंह की बेटी अनमोल सिंह एयर फोर्स में फ्लाइंग आफिसर बनी है। उनकी इस कामयाबी पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। कड़ी मेहनत के बलबूते मंजिल को छूना नामुमकिन नहीं, इस बात को अनमोल ने सच कर दिखाया है। जांबाज बेटी अनमोल सिंह ने अपने घर, परिवार सहित जिले का गौरव बढ़ाया है. रिटायर सूबेदार मेजर बलराम सिंह के पिता स्वर्गीय श्रीपति सिंह एक साधारण किसान थे। फिलहाल बलराम सिंह अपने पूरे परिवार के साथ नागपुर महाराष्ट्र में रहते हैं।जिराबस्ती के अंकुर पांडेय को फाइटर जेट पायलट के रूप में कमीशन- जीराबस्ती गांव के अंकुर पांडेय ने भारतीय वायु सेना में फ्लाइंग ऑफिसर बने हैं। फ्लाइंग ऑफिसर अंकुर पांडे ने भारतीय वायु सेना में फाइटर जेट पायलट के रूप में कमीशन पाकर बलिया जिले को गौरवान्वित किया। फ्लाइंग ऑफिसर अंकुर पांडेय देवतानंद पांडेय के पुत्र हैं जोकि खुद भी भारतीय वायु सेना से सेवानिवृत्त हैं। भारतीय वायु सेना में एक लड़ाकू पायलट के रूप में कमीशन मिलने पर अंकुर के रिश्तेदार और क्षेत्र के लोग बधाई दे रहे हैं।

अंकुर पांडेय को 19 जून 2021 को भारतीय वायु सेना में कमीशन किया गया है। यहां तक का सफर तय करना अंकुर की पढ़ाई के प्रति लगन और जज़्बे को दिखाता है, जिससे उनको सफलता हासिल हुई है।अंकुर पांडेय ने अपनी स्कूली शिक्षा केन्द्रीय विद्यालय से की, जबकि इंजीनियरिंग स्ट्रीम में स्नातक की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद अंकुर कठोर तैयार करते हुए भारतीय वायु सेना के फ्लाइंग स्ट्रीम के लिए चयनित हो गए। यह पूरे जनपद के लिए गर्व का क्षण है।

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