Connect with us

बलिया स्पेशल

ये है आप के सांसद का आदर्श गांव- स्वास्थ्य सेवा बद से बदतर, टूटे रास्तों पर….

Published

on

बलिया /सलेमपुर–  सांसद रविंद्र कुशवाहा ने 1 दिसंबर 2016 को सांसद आदर्श गांव योजना के तहत एक गाँव को गोद लिया था लेकिन हालात जैसे पहले थे वैसे ही अब हैं। बड़े ही अचंभे की बात है कि सांसद ने इस गांव को बजट तो दिया लेकिन गांव आदर्श गांव नहीं बन पाया। अक्तूबर 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांसद आदर्श योजना शुरू की थी. जिसमें 2016 तक एक और 2019 तक तीन गाँवों को आदर्श बनाना था. इसी योजना के तहत सलेमपुर सांसद रविन्द्र कुशवाहा ने कुशहर गाँव को गोद लिया है. सांसद ने जब इस गाँव को गोद लिया था तब वादों की झड़ी लगा दी थी.

गाँव वालों को लगा था की अब उनका गाँव विकास के पथ पर आगे बढेगा .कुशहर गाँव में अठडड़िया, चौबेपुर, बुद्धिरामपुर, गिरि की मठिया, गुआस पुरवे आते है जो आजादी के बाद से ही सुविधारहित रहे है.गोद लेने के बाद सांसद कुशवाहा ने यहाँ कुछ सीसी सड़के बनवाई है. गाँव वालों के मुताबिक़ सांसद ने केवल उनसे बड़े-बड़े वादे किये मगर कभी उन वादों पर खरा नहीं उतर पाए. गाँव में स्वास्थ्य सेवाओं का हाल चौपट है यहाँ कोई अस्पताल मौजूद नहीं. गाँव में प्राथमिक स्तर के बाद पढाई की सुविधा मौजूद नहीं.

वादे के मुताबिक़ स्थानीय सांसद यहाँ इंटर और डिग्री कॉलेज खुलवाने में विफ़ल रहे है. गाँव की तमाम गलियां अब भी कच्ची है और गाँव वाले इन टूटे रास्तों पर चलने को मजबूर है. गाँव में पीने के पानी की गंभीर समस्या है मगर सांसद अपने अब तक के कार्यकाल में इतने साल बाद भी इसका निदान नहीं कर पाए. .जानकरी के लिए बता दें की गांवों के विकास के लिए सांसद आदर्श ग्राम योजना (SAGY) शुरू हुई थी. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने 11 अक्टूबर 2014 को यह योजना शुरू की थी.

इस योजना के तहत देश के सभी सांसदों को एक साल के लिए एक गांव को गोद लेकर वहां विकास कार्य करना होता है. इससे गांव में बुनियादी सुविधाओं के साथ ही खेती, पशुपालन, कुटीर उद्योग, रोजगार आदि पर जोर दिया जाता है. योजना में तीन बातों पर जोर योजना में तीन बातों पर जोर दिया जाता है.यह मांग पर आधारित हो, समाज द्वारा प्रेरित हो और इसमें जनता की भागीदारी हो. इस योजना का उद्देश्‍य संबंधित सांसद की देख-रेख में चुनी हुई ग्राम पंचायत में रहने वाले लोगों के जीवन स्‍तर में सुधार लाना है. इस योजना में सामाजिक और आर्थिक विकास के लिए सार्वजनिक सेवाओं तक पहुंच में सुधार पर भी जोर दिया जाता है. ये गांव आस-पास की अन्‍य ग्राम पंचायतों के लिए आदर्श बनते हैं.

 

featured

Ballia News- फेफना में ऐतिहासिक सामूहिक विवाह समारोह का आयोजन, 551 जोड़े की हुई शादी

Published

on

बलिया। 551 वैवाहिक जोड़े, अग्निकुंड, लाल जोड़े पहन सजी दुल्हनें और सेहरा बांधे दूल्हे… यह नजारा था बलिया के फेफना में। जहां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 551 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। रविवार को इस ऐतिहासिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ।

इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए भव्य तरीके से तैयारियां की गई थी। कार्यक्रम की शुरुआत राम-सीता विवाह से हुई। कार्यक्रम में विवाह से पूर्व राज्यमंत्री उपेंद्र तिवारी ने समारोह में आए लोगों का अभिनंदन और स्वागत किया। दिल्ली और लखनऊ से आए कलाकारों ने राम और सीता के विवाह का नाटक मंचन किया।कलाकारों ने अपने लोक कला के माध्यम से लोगों को राम और सीता के आदर्श जीवन के बारे में बताया। वैवाहिक समारोह में आये जोड़ों ने जनपद के प्रभारी मन्त्री अनिल राजभर,राज्य मंत्री उपेंद्र तिवारी उनकी धर्मपत्नी श्रीमती दीपिका तिवारी और भाजपा नेता डॉक्टर विपुलेन्द्र प्रताप से आशीर्वाद ग्रहण किया।

विवाह कार्यक्रम की शुरुआत बनारस से आए ब्राह्मणों के मंत्रोच्चारण के साथ हुआ। 551 जोड़ों ने आज एक साथ एक होने का वचन लिया और एक दूजे के हो गए। यद्यपि 551 जोड़ों का रजिस्ट्रेशन हुआ था परंतु यह संख्या बढ़कर 765 हो गई थी ।इसके लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी थी ।लोगों के खाने-पीने और जलपान की व्यवस्था की गई थी।

लड़कियों के कपड़े बदलने और सिंगार के लिए अलग व्यवस्था की गई थी। साथ ही पुरुष और महिला प्रसाधन की व्यवस्था प्रशासन द्वारा की गई थी ।पुलिस प्रशासन द्वारा पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था की गई थी क्योंकि लोगों की संख्या एक लाख से ऊपर होने के कारण अव्यवस्था फैलने का खतरा था।वैवाहिक कार्यक्रम में माननीय मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी और उनकी धर्मपत्नी ने पूजा अर्चना करके वर वधु को आशीर्वाद दिया और उनके नए जीवन के लिए मंगल कामना की। वैवाहिक कार्यक्रम में उपस्थित अन्य अधिकारी गणों और जिला स्तरीय अधिकारियों ने भी वर वधु को आशीर्वाद दिया ।वैवाहिक कार्यक्रम के उपरांत वर वधु को कुछ घरेलू सामान जैसे कि बर्तन का सामान ,सूटकेस दिया गया। इस कार्यक्रम में उपस्थित कलाकारों ने लोगों का भरपूर मनोरंजन किया।

कार्यक्रम में दोनों पक्षों के लोग उपस्थित थे। इस वैवाहिक कार्यक्रम में जोड़ों की शादी उनके धर्म और रीति रिवाज के अनुसार कराई गई क्योंकि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह संकल्प था कि हर लड़की की शादी पूरे सम्मान और रीति रिवाज के साथ कराई जाए ।उसी को ध्यान में रखकर शासन-प्रशासन और माननीय मंत्री श्री उपेंद्र तिवारी और जिला प्रशासन ने यह कार्यक्रम संपन्न कराया।

Continue Reading

featured

सांसद नीरज शेखर ने रेल मंत्री से की मांग, बलिया से चले कामायनी एवं सुहेलदेव एक्सप्रेस

Published

on

बलिया। भारतीय जनता पार्टी के राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने शनिवार को भारत सरकार के रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा है। राजधानी नई दिल्ली में नीरज शेखर ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मांग की है कि कामायनी एक्सप्रेस और सुहेलदेव एक्सप्रेस को बलिया से चलाया जाए। ताकि बलिया की जनता भी इन दोनों एक्सप्रेस ट्रेनों का लाभ आसानी से ले सके।

राज्यसभा सांसद नीरज शेखरर ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पत्र सौंपकर सात मांगें की हैं। नीरज शेखर ने कामायनी एक्सप्रेस और सुहेलदेव एक्सप्रेस को बलिया से चलाने की मांग की है। इसके अलावा हमसफर एक्सप्रेस का स्टॉप बलिया रेलवे स्टेशन पर तीन दिन करने, हरिहर नाथ एक्सप्रेस में एसी कोच की संख्या बढ़ाने की भी मांग की है।

बता दें कि कामायनी एक्सप्रेस वाराणसी से चलकर बांद्रा तक जाती है। तो वहीं सुहेलदेव एक्सप्रेस गाजीपुर से चलकर आनंद बिहार टर्मिनल तक जाती है। सांसद नीरज शेखर ने अब इन दोनों ट्रेनों को बलिया से चलाने की मांग की है। बलिया के लोगों को इन ट्रेनों से सफर करने के लिए पहले वाराणसी और गाजीपुर जाना पड़ता है। जबकि बलिया से चलाने पर दोनों के रास्ते में वाराणसी और गाजीपुर आ सकते हैं।

बलिया रेलवे स्टेशन के बाहरी परिसर के सौंदर्यीकरण के लिए मकराना पत्थर लगाने की मांग भी सांसद नीरज शेखर ने की है। बलिया शहर में स्थित रेलवे स्टेशन पर शहर के दोनों छोर को जोड़ने वाले फुट ओवरब्रिज के मरम्मत की मांग भी रखी गई है। चुनाव नजदीक है तो लोगों को उम्मीद है कि ये मांगें पूरी हो जाएंगी। लेकिन देखना होगा कि रेल मंत्रालय नीरज शेखर के पत्र पर क्या संज्ञान लेता है।

Continue Reading

बलिया स्पेशल

बलिया में एक साथ 13 अभियुक्तों पर जिला बदर की कार्रवाई, मचा हड़कंप!

Published

on

बलियाः बलिया जिले में इन दिनों खूब जिला बदर की कार्रवाई हो रही है। बुधवार को जिला मजिस्ट्रेट अदिति सिंह ने गुण्डा एक्ट अधिनियम के तहत 13 लोगों को छह महीने के लिए जिला बदर किया है। वहीं 3 लोगों पर इस अधिनियम के तहत कार्यवाही करने के लिए जारी कारण नोटिस वापसी की कार्यवाही की है। जिसके बाद जिले में हड़कंप मचा गया है।

जिलाधिकारी ने जिन लोगों को जिला बदर किया है उनमें, मुलायम यादव पुत्र ध्रुप यादव निवासी भरवलिया थाना खेजुरी, रंजीत राजभर पुत्र बिरबल राजभर निवासी पाण्डेय का पोखरा कस्बा बांसडीह थाना बांसडीह, सोनू उर्फ शाहिल पुत्र परमात्मा सिंह निवासी छोटकी सेरिया थाना बांसडीह, पंकज यादव उर्फ रितेश पुत्र जगलाल यादव निवासी श्रीनगर थाना रेवती, सुनील राम पुत्र विजय कुमार राम सा0 प्रबोधपुर थाना हल्दी, छोटेलाल पुत्र परसन निवासी सुखपुरा थाना सुखपुरा, धर्मेन्द्र सिंह पुत्र पंचानन्द सिंह निवासी पिपरापट्टी थाना पकडी, कमलेश राजभर पुत्र मिठाईलाल निवासी भेडौरा थाना उभांव जनपद बलिया, गौतम सिंह पुत्र विधाता सिंह निवासी ग्राम आलेख टोला थाना बैरिया, मुकेश साहनी

पुत्र इकबाल साहनी निवासी बसन्तपुर थाना सुखपुरा, अविनाश उर्फ कल्लू पुत्र जनार्दन यादव निवासी बिठुवा थाना उभांव, छटठू यादव पुत्र रामसागर यादव निवासी ग्राम शिवरामपुर थाना बांसडीह, सोनू सिंह पुत्र सन्तोष सिंह उर्फ मुन्ना सिंह निवासी ग्राम प्रधानपुर थाना रसड़ा शामिल हैं। वहीं मेराजुद्दीन उर्फ बकरीद पुत्र छोटक कुरैशी निवासी गंधी कस्बा सिकन्दरपुर थाना सिकन्दरपुर, अशरफ कुरैशी पुत्र छोटक कुरैशी निवासी गंधी कस्बा सिकन्दरपुर थाना सिकन्दरपुर, अबरार पुत्र छोटक कुरैशी निवासी गंधी कस्बा सिकन्दरपुर थाना सिकन्दरपुर के खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस वापस लेने का निर्णय जिला मजिस्ट्रेट अदिति सिंह ने लिया है।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!