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पूर्वांचल

गाज़ीपुर से अफ़ज़ाल अंसारी ने केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा को हरा कर दर्ज़ की बड़ी जीत

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गाजीपुर- सपा और बसपा गठबंधन के प्रत्‍याशी अफजाल अंसारी ने 566082 मत प्राप्‍त कर रेल राज्‍य मंत्री मनोज सिन्हा को 119392 मतों से हराकर बसपा का खाता खोला। मनोज सिन्हा को यहां से कुल 446690 मत मिले। भाजपा के मनोज सिन्हा यहां पर गठबंधन के उम्‍मीदवार अफजाल अंसारी से 120956 मतों से हारे तो बसपा का पहली बार यहां से खाता खुला।

गुरुवार देर रात बस बजे चुनाव परिणाम घोषित होते ही लोकसभा गाजीपुर को नया सांसद मिल गया। गाजीपुर लोकसभा सीट के लिए सातवें चरण में 19 मई को 58.60 फीसद मतदान हुआ था। पिछली बार भाजपा प्रत्‍याशी मनोज सिन्‍हा ने 17 फीसद मत पाकर जीत हासिल की थी।

Uttar Pradesh-Ghazipur
Results
O.S.N. Candidate Party EVM Votes Postal Votes Total Votes % of Votes
1 AJIT PRATAP KUSHAWAHA Indian National Congress 19656 178 19834 1.79
2 AFZAL ANSARI Bahujan Samaj Party 564144 1938 566082 51.2
3 BHANU PRAKASH PANDEY Communist Party of India 7833 11 7844 0.71
4 MANOJ SINHA Bharatiya Janata Party 443188 3502 446690 40.4
5 ISHWARI PRASAD KUSHWAHA Communist Party of India (Marxist-Leninist) (Liberation) 4935 11 4946 0.45
6 BRIJENDRA KUMAR VERMA Kisan Mazdoor Sangharsh Party 1015 4 1019 0.09
7 BHARAT Janta Raj Party 949 0 949 0.09
8 RAJESH KUMAR YADAV Pragatisheel Manav Samaj Party 1813 9 1822 0.16
9 Dr. RAJESH KUMAR SINGH Bhartiya Jan Nayak Party 1226 6 1232 0.11
10 RAMJI Suheldev Bharatiya Samaj Party 33868 9 33877 3.06
11 RAMPRAVESH SHARMA ALIAS RINKOO Moulik Adhikar Party 3388 4 3392 0.31
12 VED PRAKASH Nationalist Janshakti Party 2396 4 2400 0.22
13 SANTOSH KUMAR YADAV Pragatishil Samajwadi Party (Lohia) 2429 19 2448 0.22
14 HRIDAYA NARAYAN SINGH Independent 6219 2 6221 0.56
15 NOTA None of the Above 6831 40 6871 0.62
Total 1099890 5737 1105627

 

 

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पूर्वांचल को प्रधानमंत्री दे रहे भर-हाथ सौगात, बलिया के हिस्से सिर्फ वादे क्यों?

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भारत के प्रधानमंत्री और भाजपा के खेवनहार नरेंद्र मोदी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सक्रिया हो चुके हैं। पूरे उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री की जनसभाएं आयोजित की जा रही हैं। प्रधानमंत्री मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक ही मंच से योजनाओं-परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण कर रहे हैं। पूर्वांचल को भी खूब उपहार दिए जा रहे हैं। तो सवाल है कि पूर्वांचल के एक बड़े जनपद बलिया को क्या मिल रहा है?

उत्तर प्रदेश विधानसभा में कुल 403 सीटें हैं। इनमें अकेले पूर्वांचल के खाते में 160 से अधिक सीटें मौजूद हैं। ऐसे में पूर्वांचल का राजनीतिक महत्व हर दल और नेता जानते हैं। खबरों के मुताबिक पिछले दो महीने प्रधानमंत्री तीन बार पूर्वांचल का दौरा कर चुके हैं। इस महीने यानी दिसंबर में भी उनके दो दौरे होने वाले हैं। आगामी 7 दिसंबर को प्रधानमंत्री गोरखपुर और 13 दिसंबर को वाराणसी में पधारेंगे। दोनों ही जिलों में पीएम मोदी कई परियोजनाओं का लोकार्पण करने वाले हैं।

वाराणसी से बहुत दूर नहीं है बलिया जनपद। यहां कुल सात विधानसभा सीटें हैं। इनमें से पांच विधानसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक विराजमान हैं। लेकिन पूर्वांचल में परियोजनाओं के बौछार के बीच बलिया में सूखा पड़ा हुआ है। सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य किसी भी क्षेत्र में बलिया को उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार या केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की ओर से क्या मिला ये बड़ा सवाल है।

बीते महीने की 16 तारिख को प्रधानमंत्री मोदी ने पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे नौ जिलों से होकर गुजरता है। लेकिन बलिया की पहुंच से यह एक्सप्रेस-वे कोसों दूर है। बलिया के लोगों को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर सफर करने के लिए काफी सोचना पड़ेगा। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे बलिया के पड़ोसी जिला गाजीपुर से होकर जाता है। बलिया के लोगों को पहले यहां तक पहुंचना होगा। सरकार की ओर से बलिया को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए एक लिंक एक्सप्रेस-वे बनाने की योजना है। लेकिन अब तक लिंक एक्सप्रेस-वे कहीं धरातल पर नहीं दिखती है।

लिंक एक्सप्रेस-वे का काम पहले यूपीडा को सौंपी गई थी। लेकिन अब इसे एनएचएआई को थमा दिया गया है। पचास करोड़ की राशि भी आवंटित की गई थी। जिसे अब यूपीडा एनएचएआई को देगी। लिंक एक्सप्रेस-वे का ब्लू प्रिंट भी गलत बनाया गया था। तकरीबन सोलह गांवों में लिंक एक्सप्रेस-वे का ब्लू प्रिंट में एनएच-31 के रूट पर ही बना दिया गया था। लिंक एक्सप्रेस-वे कब तक बनकर तैयार होगा कहा नहीं जा सकता।

हिंदुस्तान की एक खबर के अनुसार 7 दिसंबर को गोरखपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज परिसर स्थित रीजनल मेडिकल रिसर्च सेंटर की नौ लैबों का लोकार्पण करेंगे। बलिया जिले में मेडिकल कॉलेज की मांग लंबे अरसे से हो रही है। गत 25 अक्‍टूबर को प्रधानमंत्री ने सिद्धार्थनगर से उत्तर प्रदेश के नौ मेडिकल कॉलेजों का उद्घाटन किया था। लेकिन इनमें से एक भी बलिया की जमीन पर नहीं है। जिले में एक भी कायदे की सरकारी अस्पताल नहीं है। गंभीर रोगियों को वाराणसी के बीएचयू में रेफर करना पड़ता है। जिला अस्पताल भ्रष्टाचार और दुर्व्यवस्था की भेंट चढ़ गया है। यह बात खुद भाजपा नेता रामइकाबल सिंह ही कई बार कह चुके हैं। जिला अस्पताल की जर्जर हालत को लेकर जिले के छात्रों ने कुछ ही महीने पहले बलिया बंद का आयोजन किया था।

गत 20 अक्‍टूबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कुशीनगर इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया था। बलिया जिले में एयरपोर्ट बनाने की मांग कई सालों से हो रही है। लेकिन सरकार का ध्यान इस ओर नहीं गया है। अक्सर भाजपा के मंत्री और सांसद-विधायक यह तर्क देते नजर आते हैं कि बलिया में एयरपोर्ट बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है। गौरतलब है कि रसड़ा से बसपा के विधायक उमाशंकर सिंह ने पिछले दिनों के एक अखबार के कार्यक्रम में भाजपा सरकार में मंत्री आनंद स्वरूप शुक्ला की मौजदूगी में कहा था कि “सरकार चाहे तो मैं अपनी जमीन देने को तैयार हूं।”

बलिया जिले की कुल आबादी तीस लाख से अधिक है। बेरोजगारी के मामले में बलिया प्रदेश भर के अग्रणी जिलों में शुमार है। बेरोजगारी का आलम ये है कि लाखों की संख्या में नौजवान जिले से पलायन करने पर मजबूर हैं। युवा दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में जाकर मेहनत-मजदूरी कर रहे हैं। क्योंकि बलिया में कल-कारखाने या रोजगार के अन्य साधन चौपट हैं। फैक्ट्री लगाने की मांग भी मेडिकल कॉलेज और एयरपोर्ट की ही तरह हो रही है। लेकिन यहां भी हाल वही है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा का चुनाव बस कुछ ही महीनों बाद होने वाला है। प्रदेश की सत्ता में वापसी करना भाजपा के लिए एक चुनौती है। जिससे निपटने के लिए भाजपा ने अपने सबसे बड़े खिलाड़ी को मैदान में उतार दिया है। परियोजनाओं की बाढ़-सी आई हुई है। बलिया के लोग निहार रहे हैं कि इस बाढ़ की कोई धारा उन तक पहुंचेगी या मंचों से बड़े-बड़े दावों के बारिश से ही खुद को सराबोर करना होगा?

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तीन मार्गों को मिलाकर बन गया नया स्टेट हाईवे, पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा बलिया

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ghajipur-turtipar road and purvanchal express-way

बलिया जिले को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़े जाने के लिए शासन की ओर से लगातार कोशिश की जा रही है। लिंक एक्सप्रेस-वे का निर्माण भी बलिया जिले को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए हो रहा है। अब एक और रास्ता बनाया जा रहा है जो बलिया को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ेगा। लोक निर्माण विभाग ने गाजीपुर से तुर्तीपार तक के तीन सड़कों को मिलाकर स्टेट हाईवे घोषित कर दिया है।

लोक निर्माण विभाग के अधीशासी अभियंता ने मीडिया से बातचीत में कहा है कि “गाजीपुर से तुर्तीपार रोड अब स्टेट हाईवे हो गया है। इसे कोड भी आवंटित कर दिया गया है। यह रास्ता पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ता है। इसलिए संबे समय से इसे गड्ढा मुक्त किए जाने की मांग हो रही थी।”

गाजीपुर से तुर्तीपार तक के 74 किलोमीटर लंबी तीन सड़कों को मिलाकर स्टेट हाईवे बना दिया गया है। लोक निर्माण विभाग की ओर से इसे स्टेट हाईवे कोड 108 दिया गया है यानी एसएच-108. एसएच-108 का 47 किलोमीटर हिस्सा बलिया से गुजरता है। इस हाईवे को अगले वर्ष में फोर लेन बनाने की योजना है। फिलहाल इसे गड्ढा मुक्त बनाया जा रहा है। दैनिक जागरण की एक खबर के मुताबिक बलिया के 47 किलोमीटर हिस्से में अब तक पांच सौ से ज्यादा गड्ढे भर दिए गए हैं।

बलिया के हिस्से की सड़क का चालीस लाख रुपए की लागत से पैचवर्क किया गया है। हालांकि पूरी एसएच-108 का हाल अभी दुरुस्त नहीं हो सका है। गाजीपुर के हिस्से की सड़क अभी भी गड्ढों से पटी हुई है। गाजीपुर में 27 किलोमीटर का मार्ग है। इसे गड्ढा मुक्त किया जाना अभी बाकि है। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर कासिमाबाद राही इसी रास्ते बलिया आते-जाते हैं।

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बलिया के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा बिहार, जानिए पूरा रूट

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बलिया के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़ेगा बिहार, जानिए पूरा रूट

भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन कर दिया है। अब पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से बिहार को जोड़ने की तैयारी हो रही है। एनएचएआइ बिहार को बलिया के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की योजना बना रही है। पहले पटना-बक्सर फोर लेन को हैदरिया के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने की बात चल रही थी। लेकिन अब इस चर्चा पर पूर्ण विराम लग गया है।

एनएचएआइ की योजना है कि बिहार को बलिया से होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ा जाए। ताकि पटना से दिल्ली जाने में 18 से 20 घंटे के बजाए 10 से 12 घंटे ही लगें। अब तक पटना-बक्सर फोर लेन को हैदरिया के नजदीक पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने पर मंथन चल रहा था। लेकिन अब योजना बदल गई है। दैनिक जागरण ने एनएचएआइ का बयान छापा है कि बलिया के नजदीक से बिहार को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे कनेक्टिवटी मिलेगी। यहां भी एक पुल है।

बता दें कि हैदरिया के समीप पटना-बक्सर फोर लेन को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए एनएचएआइ ने कंसल्टेंट तय कर लिया था। लेकिन योजना बदले जाने के बाद कंसल्टेंट से काम वापस लिए जाने की खबर है। इसके बाद एनएचएआइ नई रूट पर काम शुरू कर देगा।

बक्सर से बलिया की दूरी लगभग चालीस किलोमीटर है। बक्सर और पटना के बीच की दूरी लगभग 140 किलोमीटर है। पटना से बक्सर होते हुए बलिया का रूट बनेगा। यहां से फिर पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे तक पहुंचने का मार्ग तय होगा। बलिया को पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए लिंक एक्सप्रेस-वे का काम चल रहा है। बलिया से गाजीपुर होते हुए पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर पहुंचा जा सकेगा।

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के जरिए लोग लखनऊ तक कम समय में ही पहुंच जाएंगे। जिसके बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे से होते हुए राजधानी पहुंचा जा सकेगा। एक्सप्रेस-वे की इस जाल से गुजरते हुए बिहार से दिल्ली पहुंचने के बीच लगभग छह से आठ घंटे तक का समय कम लगेगा। हालांकि बता दें कि यह काम इतनी जल्दी पूरा होने वाला नहीं है। अब तक महज योजना ही बनाई गई है।

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