Connect with us

featured

CMO को DM-SP समेत सभी अधिकारियों ने दी श्रद्धांजलि, मंत्री बोले- उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता

Published

on

बलिया: मुख्य चिकित्साधिकारी डा जितेंद्र पाल के निधन से जिला प्रशासन के साथ जिले के अन्य विभागों में भी शोक की लहर है। सोमवार की सुबह जैसे ही यह सूचना जिले में लोगों के बीच पहुंची, चहुंओर शोक की लहर दौड़ पड़ी। जिला अस्पताल परिसर में शोक सभा का आयोजन हुआ जिसमें राज्यमंत्री आनंद स्वरूप शुक्ल, जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही, मुख्य विकास अधिकारी विपिन कुमार जैन समेत अन्य आला अफसर मौजूद थे। शोक सभा में मौजूद सभी लोगों ने स्व. पाल के चित्र पर माल्यार्पण कर उनको श्रद्धाजंलि अर्पित की।

इस दौरान राज्य मंत्री श्री शुक्ल ने कहा कि अत्यंत दुखद घटना है। डॉ पाल जनता के प्रति प्रति संवेदनशील अधिकारियों में एक थे। कोरोना के कठिन काल में उनके योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।

कोरोना के खतरनाक हालात वाले दौर में किए बेहतर काम: डीएम

जिलाधिकारी एसपी शाही ने कहा कि यह हम सबके लिए दुखद घटना है जिसकी भरपाई मुश्किल है। जब जिले को कोरोना ने पूरी तरह अपनी चपेट में ले लिया था, तब शासन की ओर से डॉ. पाल की तैनाती यहां हुई। उस खतरनाक हालात वाले दौर में इन्होंने काफी बेहतर काम किया। जिला प्रशासन की अपेक्षा के अनुरूप चिकित्सकीय सेवाओं को बेहतर रूप दिया। नतीजन कुछ दिन बाद ही कोरोना केस में कमी आनी शुरू हो गयी। इस तरह कोरोना से जनपद को निजात दिलाने में उनका अहम योगदान रहा, जो कि आजीवन याद रहेगा।

संतकबीरनगर के रहने वाले थे डॉ पाल

कोरोना के चलते एसजीपीजीआई में अंतिम सांस लिए डॉ जितेंद्र पाल मूल रूप से संतकबीर नगर के रहने वाले थे। वे गोरखपुर में भी काफी समय तक वरिष्ठ परामर्शदाता के रूप में कार्यरत रहे। सीएमओ के रूप में यह उनकी पहली तैनाती थी। उनका एक लड़का व एक लड़की थी। लड़का एमबीबीएस करने के बाद पीजी कर रहा है।

25 को गया था सैम्पल, 29 से बिगड़ी थी हालत

दिवंगत सीएमओ डॉ जितेंद्र पाल ने तबीयत थोड़ी गड़बड़ होने पर 25 दिसंबर को जांच कराई थी, जिसकी रिपोर्ट 26 की शाम को आई। सिर्फ रिपोर्ट ही नहीं आई, बल्कि बीएचयू से फोन भी आया कि यह केस हाईली पॉजिटिव है। इनको तत्काल आइसोलेट किया जाए। इसके बाद उन्होंने खुद को आइसोलेट कर लिया था, लेकिन 29 दिसंबर को हालत थोड़ी खराब होने लगी तो वे तत्काल लखनऊ चले गए और पीजीआई में भर्ती में हो गए। स्थिति बिगड़ती गयी और 2 जनवरी को वेंटिलेटर पर चले गए। अंततः 4 जनवरी को उन्होंने अंतिम सांस ली।

उनके कांटेक्ट में आए और लोग हुए थे पॉजिटिव

सीएमओ डॉ पाल के पॉजिटिव आने और उनकी हालत खराब होने के बाद उनके कांटेक्ट में आए अन्य लोगों की भी जांच कराई गई। उसमें से भी दो और लोग पॉजिटिव आ गए। हालांकि, दोनों लोग आइसोलेट हैं और उनकी हालत पूरी तरह ठीक है।

इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने भी दी श्रद्धांजलि

जिला अस्पताल स्थित ट्रामा सेंटर के प्रांगण में हुई शोकसभा में इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के सदस्यों ने दो मिनट का मौन रख विनम्र श्रद्धांजलि दी। सोसाइटी के अध्यक्ष डीएम समेत अन्य सदस्यों ने दिवंगत सीएमओ के चित्र पर माल्यार्पण कर उनको याद किया। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ.हरिनंदन प्रसाद, डॉ. पीके सिंह, डॉ जीपी चौधरी, डॉ एसके तिवारी, डॉ. एके मिश्रा, डॉ. सिद्धार्थ मणि दुबे, सीएमएस डॉ बीपी सिंह, सीएमएस महिला डॉ सुमिता सिन्हा, आयुष्मान भारत के चंद्रशेखर सिंह व अनुपम सिंह, डॉ पंकज ओझा, शैलेंद्र पांडे, जयप्रकाश तिवारी, विजय कुमार शर्मा, संजय गुप्ता, सुरेंद्र सिंह खालसा आदि थे।

featured

बलिया के साहित्यकारों ने बढ़ाया मान, मिला साहित्य अकादमी भाषा सम्मान

Published

on

बलिया के दो साहित्यकारों को संयुक्त अकादमी भाषा सम्मान की घोषणा की गई है। भोजपुरी भाषा में उत्कृष्ट लेखन के लिए साहित्यकार डॉ. अशोक द्विवेदी व अनिल ओझा ‘नीरद’ को संयुक्त रूप से साहित्य अकादमी भाषा सम्मान से नवाजा जाएगा। भोजपुरी में यह सम्मान, हरेराम द्विवेदी, मोती बीए और धरीक्षण मिसिर को पहले मिल चुका है।

साहित्य अकादमी के द्वारा शनिवार को 2020 के अनुवाद पुरस्कारों की घोषणा भी की गई है। इसमें 24 पुस्तकों को साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार 2020 के लिए अनुमोदित किया गया। यह घोषणा साहित्या अकादमी के द्वारा कामायनी सभागार में अकादमी अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में कार्यकारी मंडल की बैठक में की गई।

आपको बता दें कि अनिल ओझा ‘नीरद’ रुद्रपुर, गायघाट, बलिया के मूल निवासी हैं। वह फिलहाल पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में रहते हैं। वहीं डॉक्टर अशोक द्विवेदी बलिया शहर के निवासी है। दोनों ने बलिया का मान बढ़ाया है। विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अध्यक्ष अजित दुबे ने इस पर कहा कि विगत 8 वर्षों के बाद गैर मान्यता प्राप्त भाषा की श्रेणी में भोजपुरी के साहित्यकारों का सम्मान भोजपुरी भाषा और साहित्य के लिए प्रोत्साहित करने वाला निर्णय है। इसमें सम्मान स्वरूप एक लाख रुपया और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

24 भाषाओं के लेखक जो हुए पुरस्कृत

मान्यता प्राप्त 24 भाषाओं में पुरुस्कार दिए जाते हैं। जिसमें अपूर्व कुमार शइकीया-असमिया,  अंग्रेजी-अरुंधति सुब्रमण्यम, हिंदी-अनामिका, शंकर-बांग्ला, बोडो-स्व.धरणीधर औवारि, गुजराती-हरीश मीनाश्रू, कन्नड़-एम. वीरप्पा मोइली, कश्मीरी- स्व. हृदय कौल भारती, कोंकणी-आर. एस. भास्कर, मैथिली-कमलकान्त झा, नेपाली-शंकर देव ढकाल, उडिय़ा-यशोधरा मिश्रा, पंजाबी-गुरदेव सिंह रूपाणा, मलयालम-ओमचेरी एन.एन. पिल्लई, मणिपुरी-देवेन सिंह, राजस्थानी-भंवरसिंह सामौर,  संताली-रूपचंद हांसदा, सिंधी-जेठो लालवाणी, तमिल-इमाइयम, तेलगू-निखिलेश्वर,संस्कृत-महेश चन्द्र शर्मा गौतम, और उर्दू-हुसैन-उल-हक को सम्मानित किया गया है।

 

Continue Reading

featured

बलिया में बिजली चोरों पर कार्यवाही, 14 लोगों पर केस दर्ज, 25 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे

Published

on

बलिया में बिजली चोरों का आतंक है। अब इनके आतंक को कम करने के लिए बिजली विभाग ने कमर कस ली है। लगातार विभागीय अधिकारियों के द्वारा अवैध रूप से विद्युत उपयोग करने वालों पर कार्यवाही की जा रही है। शनिवार को विद्युत विभाग के अधिकारियों व विजलेंस टीम ने नगर के अस्पताल रोड पर छापामारी कर विद्युत कनेक्शनों की जांच की। इस दौरान कुल 14 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का केस दर्ज करवाया। इसके अलावा 25 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए और बकाया बिल के एवज में साढ़े तीन लाख रुपये की वसूली की।

आपको बता दे कि बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए अब विभाग ने लाइन लॉस वाले फीडरों को चिन्हित किया है। इसके तहत ज़िले के विभिन्न इलाकों के फीडरों की चेकिंग की जा रही है। शनिवार को विशुनीपुर उपकेंद्र के अस्पताल रोड फीडर की जांच पड़ताल के लिए शनिवार को विद्युत विभाग के अवर अभियंता आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने अस्पताल रोड स्थित आवासों के कनेक्शनों की जांच की।

इस दौरान कुल 10 लोग चोरी से बिजली का प्रयोग करते मिले जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। चार ऐसे उपभोक्ता मिले जिनकी बिजली बिल बकाया में काटी गई थी लेकिन वह बिजली का प्रयोग कर रहे थे, इनके खिलाफ भी जेई हिमालय चौहान ने विद्युत थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। इस कार्यवाही से इलाके में हड़कंप मच गया। बिजली चोरों में अफरा तफरी का माहौल देखा गया। पूरी कार्यवाही के दौरान बिल बकाया होने के कारण 25 उपभोक्तओं की बिजली काटी गई और कुल साढ़े तीन लाख रुपये बकाया बिल के सापेक्ष वसूली भी की गई। वहीं विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि लाइन लॉस वाले फीडरों के कनेक्शन आदि की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई लगातार चलेगी।

Continue Reading

featured

डी. फार्मा. की परीक्षा में शाहीन परवीन ने किया बलिया टॉप, शहबान मेमोरियल कॉलेज ने लहराया परचम

Published

on

शाहीन परवीन ने डी. फार्मा. की परीक्षा में बलिया जनपद में टॉप किया है।

उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद ने साल 2021 के मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस साल यह परीक्षा कोरोना महामारी की वजह से ऑनलाइन ही हुई थी। डिप्लोमा इन फार्मेसी में शाहीन परवीन ने पूरे बलिया जनपद में टॉप किया है। शाहीन परवीन ने डिप्लोमा इन फार्मेसी के अंतिम वर्ष की परीक्षा 90 फीसदी अंक हासिल किया है। शाहीन परवीन बलिया के नगरा स्थित मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी की छात्रा हैं।

उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद की 2021 के परीक्षा में मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्र छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस साल पूरे कॉलेज का रिजल्ट 96 फीसदी रहा है। कॉलेज में सबसे अधिक अंक शाहीन परवीन को मिला है। कॉलेज में दूसरा स्थान हासिल किया है नवाज़ अहमद ने। नवाज़ को 88 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं। संजीदा अतीक़ 86 फीसदी अंकों के साथ तीसरे स्थान पर काबिज हैं। जबकि विनीता रंजन और अभिषेक यादव क्रमशः 82.5 और 80.5 फीसदी अंकों के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।

मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रबंधक मुहम्मद इमरान ने कॉलेज के विद्यार्थियों की इस सफलता पर कहा कि “मैं अपनी संस्था की ओर से शाहीन परवीन को विशेष बधाई देता हूं। साथ ही अन्य परीक्षार्थियों को भी बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। बच्चों के परिवार वालों को भी बधाई।” उन्होंने आगे कहा कि “ऐसा पहली बार हुआ कि परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई। इसमें इंटरनेट एक बड़ी चिंता थी। परीक्षा के दौरान भी कई बार परीक्षार्थियों को इंटरनेट की दिक्कतों से सामना करना पड़ा। लेकिन अंत में सफलता हासिल हुई।”

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!