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बैरिया

बलिया- जलेश्वर हत्याकांड के मास्टरमाइंड के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी

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बलिया । बैरिया में पूर्व जिला पंचायत सदस्य बलवीर सिंह उर्फ जलेश्वर सिंह हत्याकांड में कोर्ट ने फरार आरोपी हरि सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर दिया है। सीजेएम सुरेंद्र प्रसाद ने विवेचनाधिकारी के आवेदन पर यह आदेश पारित किया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हत्याकांड के सभी आरोपियों की सजा मिले, इसकी पूरी कोशिश की जा रही है। आरोपी पर हत्या की साजिश रचने का भी आरोप लगा है। बता दें बीते दिन हत्याकांड में शामिल कुख्यात बदमाश हरीश पासवान पुलिस मुठभेड़ में मारा गया था।
बता दें 7 जुलाई को बैरिया में चिरैया मोड़ के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने जलेश्वर की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उस समय वह गाड़ी के भीतर ही बैठे थे। मृतक के छोटे भाई रितेश कुमार सिंह ने बैरिया थाने में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें अभय भारती, सबल सिंह उर्फ अमृतेश और सुनील सिंह को पुलिस ने कुछ दिन बाद ही गिरफ्तार कर लिया था। सबल जमानत पर बाहर है जबकि अभय और सुनील की जमानत सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी थी।

वे दोनों जेल में हैं। चौथा आरोपित हरीश पासवान कुछ दिन पहले रसड़ा में एसटीएफ की मुठभेड़ में मारा गया। पांचवा आरोपित हरि सिंह तभी से फरार चल रहा है। उसी पर हत्या की पूरी साजिश रचने का आरोप है। वहीं जलेश्वर का परिवार न्याय की उम्मीद में है। हरीश पासवान के मुठभेड़ में मारे जाने के बाद से परिजनों का पुलिस पर भरोसा बढ़ गया है। और अब हरि सिंह के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी होने से भी परिवार को न्यायपालिका पर विश्वास बढ़ गया है। वहीं पुलिस का जल्द ही जल्द ही आरोपी हरि सिंह को गिरफ्तार कर लिया। और पीड़ित परिवार को न्याय मिलेगा।

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बैरिया

बलिया में फर्जी तरीके से मास्टरी हासिल करने की ये कहानी चौंका देगी!

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बैरिया के सोनबरसा की किरन सिंह ने अपने चचेरे भाई कुलदीप सिंह पर अपने पिता की नौकरी हथियाने का आरोप लगाया है।

बलिया जिले के बैरिया तहसील के अंतर्गत एक व्यक्ति द्वारा फर्जी तरीके से दत्तक पुत्र बनकर सरकारी शिक्षक के पद पर नौकरी करने का मामला सामने आया है। बैरिया के सोनबरसा की किरन सिंह ने अपने चचेरे भाई कुलदीप सिंह पर अपने पिता की नौकरी हथियाने का आरोप लगाया है। किरन सिंह ने बलिया जिलाधिकारी को इस मामले की पूरी जानकारी दी है और न्याय की मांग की है।

किरन सिंह ने जिलाधिकारी को लिखे पत्र में बताया है कि उनके पिता ललन सिंह की मृत्यू 2006 में 23 अप्रैल को हो गई थी। मृत्यू के दौरान ललन सिंह मुरली छपरा के एक प्राथमिक पाठशाला में बतौर प्रधानाध्यापक अपनी सेवाएं दे रहे थे। सर्विस के दौरान ही उनकी मौत एक सड़क दुर्घटना में हो गई। ललन सिंह की सिर्फ दो बेटियां थीं। संध्या सिंह और किरन सिंह।

कुलदीप सिंह ने बलिया जिले के बेसिक शिक्षा अधिकारी से मिलकर ललन सिंह की मृत्यू के बाद मिलने वाली नौकरी हड़प लिया। कुलदीप सिंह ललन सिंह के भाई का लड़का है। रिश्ते में कुलदीप सिंह किरन सिंह का चचेरा भाई लगता है। किरन सिंह ने जिलाधिकारी को लिखा है कि कुलदीप सिंह ने फर्जी तरीके से खुद को ललन सिंह का दत्तक पुत्र साबित कर दिया। जिसके मुरली छपरा के उसी स्कूल में कुलदीप सिंह बतौर सहायक अध्यापक कार्यरत है। जबकि गैर-कानूनी है क्योंकि नौकरी पर अधिकार ललन सिंह की बेटियों का था।

ललन सिंह का दत्तक पुत्र बनकर शिक्षक की नौकरी हड़पने वाला कुलदीप सिंह

ललन सिंह का दत्तक पुत्र बनकर शिक्षक की नौकरी हड़पने वाला कुलदीप सिंह

कुलदीप सिंह ने सरकार से पैसे मिलने की लालच में ललन सिंह की एक जमीन पर भी अपना नाम दाखिल करवाया है। जिस जमीन पर कुलदीप सिंह ने अपना नाम लिखवाया है वह एनएच से सटी हुई है। ऐसे में जमीन के ऐवज में सरकार की ओर से मोटी रकम मिलने वाली है। इसी लालच में ललन सिंह की मृत्यू के बाद उनकी दो बेटियों के बजाए कुलदीप सिंह ने अपना नाम दाखिल करवा लिया। आरोप है कि इस काम में तहसील के अधिकारियों ने कुलदीप सिंह का साथ दिया है।

जिलाधिकारी को लिखे पत्र में किरन सिंह ने बताया है कि कुलदीप सिंह के पिता का नाम मदन सिंह है ना कि कुलदीप सिंह। सबूत के तौर पर जिलाधिकारी को सोनबरसा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर कुलदीप सिंह के जांच की रिपोर्ट भेजी गई है। इस रिपोर्ट में कुलदीप सिंह ने अपने पिता का नाम मदन सिंह ही लिखवाया है।

किरन सिंह ने बलिया खबर से हुई बातचीत में कहा कि “कुलदीप सिंह के प्रमाण पत्रों की जांच कर उचित न्याय की जाए। मांग है कि कुलदीप सिंह की शिक्षक के पद पर फर्जी तरीके से हुई नियुक्ति रद्द की जाए। साथ ही जिस जमीन पर कुलदीप सिंह ने गलत तरीके से अपना नाम चढ़वाया है उस पर हम दोनों बहनों का नाम लिखा जाए। ताकि सरकार से मिलने वाली मुआवजे की राशि हमें मिले।”

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बलिया में अब यह आम बात है, नहीं है प्रशासन को फिक्र?

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बलिया के दलपतपुर में बैरिया-रेवती मार्ग पर गुरूवार को बालू से लदा एक ट्रक गड्ढे में फंस गया।

बलिया के दलपतपुर में बैरिया-रेवती मार्ग पर गुरूवार को बालू से लदा एक ट्रक गड्ढे में फंस गया। बालू से भरा यह ट्रक दलपतपुर और गंगा पांडेय के टोला के बीच गड्ढे में धंस गया। गड्ढे में धंसते ही ट्रक का पिछला धूरा टूट गया। जिसके बाद ट्रक का गड्ढे से निकलना मुश्किल हो गया। मुख्य सड़क होने की वजह से इस क्षेत्र में बैरिया-रेवती मार्ग पर भारी जाम लग गई। आवाजाही कुछ वक्त के लिए ठप रही।

गड्ढे में ट्रक धंसने और सड़क जाम होने की सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने सड़क से जाम हटाने की कोशिश की। कुछ देर की मेहनत-मशक्कत के बाद पुलिस जाम खाली कराने में सफल हो गई।

गौरतलब है कि पूरे बलिया जिले के छोटे से बड़े सड़क तक का हाल बेहाल ही है। कोई भी सड़क दुरूस्त नहीं है। जिले की ज्यादातर सड़कें गड्ढों से पटी पड़ी हैं। आए दिन जिले की जनता धरना-प्रदर्शन करती रहती है। ताकि उनके इलाके की सड़क की मरम्मत की जाए। बदले में प्रशासन की ओर से मिलती है महज कोरा आश्वासन। एनएच-31 बलिया से गुजरते हुए गड्ढों का डेरा लगता है। आवाजाही के दौरान लोगों में हमेशा दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

बीते 5 अक्टूबर को ही बलिया जिले के मालगोदाम चौराहे पर जन अधिकार मंच के बैनर तले सड़को की मरम्मत को लेकर लोगों ने प्रदर्शन किया था। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने जल्द से जल्द एनएच-31 सहित शहर के सभी मार्गों को दुरूस्त करने की मांग की थी। बारिश के दिनों में टूटे सड़क और भी घातक हो जाते हैं। गड्ढों में पानी लग जाने की वजह से आवागमन और भी मुश्किल हो जाता है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों को तब जिला प्रशासन ने आश्वासन दिया था कि सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने के लिए आज से ही अभियान शुरू कई जाएगी। हालांकि देखना होगा कि बलिया की जनता को अभी कब तक इन टूटे और गड्ढों से भरे सड़कों पर चलना होगा?

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बलिया: बैरिया से सेना के पूर्व अफसर को मैदान में उतार सकती है जदयू, BJP से हो सकता है गठबंधन!

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जदयू बलिया के बैरिया विधानसभा सीट से मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय को अपना प्रत्याशी घोषित करने का मन बना चुकी है।

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 को लेकर सभी राजनीतिक दल समीकरण साधने में लग गए हैं। बलिया में भी सियासी सरगर्मीयां बढ़ने लगी हैं। बिहार की सत्तरूढ़ पार्टी जनता दल यूनाइटेड ने भी उत्तर प्रदेश चुनाव में उतरने का मन बना लिया है। चर्चा है कि जदयू बिहार की ही तरह उत्तर प्रदेश में भी भारतीय जनता पार्टी के साथ गठबंधन कर चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है। जदयू बलिया के बैरिया विधानसभा सीट से मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय को अपना प्रत्याशी घोषित करने का मन बना चुकी है।

जदयू के प्रदेश अध्यक्ष अनुप पटेल ने बैरिया से मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय को चुनावी मैदान में उतारने को लेकर संकेत दे चुके हैं। हालांकि अब तक इसे लेकर औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। लेकिन माना जा रहा है कि अगर उत्तर प्रदेश चुनाव में भाजपा और जदयू एक साथ आते हैं और बैरिया की सीट जदयू के खाते में आती है तो मेजर रमेश उपाध्याय ही चुनाव लड़ेंगे। गौरतलब है कि बलिया जिले के बैरिया विधानसभा सीट से भाजपा के सुरेंद्र सिंह विधायक हैं। सुरेंद्र सिंह अक्सर अपने विवादित और उटपटांग बयानों के चलते सुर्खियों में रहते हैं।

कौन हैं रमेश चंद्र उपाध्याय? मेजर रमेश चंद्र उपाध्याय सेना के रिटायर्ड अधिकारी हैं। बीते साल 2020 में रमेश चंद्र उपाध्याय जदयू में शामिल हुए थे। 2019 लोकसभा चुनाव में रमेश चंद्र उपाध्याय ने बलिया से निर्दलीय चुनाव लड़ा था। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इससे पहले 2012 में भी रमेश चंद्र उपाध्याय हिंदू महासभा की टिकट पर बैरिया सीट से विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं।

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