Ballia Exclusive- करोड़ों के घोटाले के आरोपी विदेश भागने की फिराक में

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बलिया डेस्क: गरीब और अल्प आय वर्ग वाली सूक्ष्म बीमा योजना में पौने दो लाख बीमाधारकों के करीब डेढ़ सौ करोड़ रुपये घोटाले के मामले में दो आरोपियोंको पुलिस अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है। जबकि मामले में एक बार बीडब्ल्यू और तीन बार एनबीडब्ल्यू जारी हो चुका है। इसके बावजूद प‌ुलिस 82, 83 की कार्रवाई करने में हिलाहवाली कर रही है। उधर, सूत्रों की मानें तो आरोपी विदेश भागने की फिराक में हैं।

दो माह पहले सीओ अरूण कुमार सिंह ने बताया था कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जल्द ही 82, 83 की कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अभी तक कार्रवाई न होना पुलिस की भूमिका पर सवालिया निशान लगा रहा है। नवंबर 2008 में पंजीकृत एनजीओ जीएसएसए ने मालगोदाम रोड पर कार्यालय खोला। यह संस्था बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण में पंजीकृत है। इसने सूक्ष्म बीमा कार्यालय मंडल गोरखपुर से जुड़कर कार्य शुरू किया।

संस्था के एजेंटों ने एलआईसी की सूक्ष्म बीमा की पालिसी जीवन मधुर, जीवन दीप, जीवन मंगल के नाम से मासिक किस्त और फिक्स्ड डिपाजिट के लिए रुपये जमा कराए। पहली किस्त को छोड़कर संस्था ने कोई भी किस्त गोरखपुर स्थित सूक्ष्म बीमा कार्यालय में जमा नहीं कराया। बीमा अवधि पूर्ण होने पर एमडी महावीर सिंह के हस्ताक्षर से सैकड़ों बीमाधारकों को बैंक आफ बड़ौदा के चेक दिए गए थे, जो बाउंस हो गए।

इसके बाद एजेंट अमरनाथ पांडेय ने 28 सितंतर 2018 को शहर कोतवाली में महावीर सिंह, इंद्रावती सिंह व पंकज सिंह के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा पंजीकृत कराया। इसमें एक मां व दो बेटे शामिल हैं। पुलिस ने स्वाट टीम के सहयोग से बीते 14 नवंबर 2018 को फेफना थाना क्षेत्र के सिंहाचवर से महावीर सिंह को गिरफ्तार किया। शेष दो आरोपी इंद्रावती सिंह व पंकज सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

गौरतलब है कि तीनों आरोपियों के खिलाफ सिर्फ कोतवाली में ही नहीं, बल्कि जनपद के अलग-अलग थानों में कुल 28 मुकदमे पंजीकृत कराए गए हैं। इसके क्रम में शहर कोतवाली चार मुकदमों के साथ रसड़ा कोतवाली में तीन, सुखपुरा थाना में छह, दुबहर थाना चार, भीमपुरा थाने पांच में मुकदमा दर्ज है तथा नगरा थाने में छह मुकदमे पंजीकृत है।

ये सभी मुकदमा अलग-अलग एजेंटों द्वारा आरोपी इंद्रावती सिंह, महावीर सिंह, पंकज सिंह के खिलाफ किया गया है। वहीँ बलिया के एएसपी संजय कुमार के मुताबिक मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। हमारा प्रयास है कि जल्द से जल्द आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। यदि ऐसा नहीं हो पाता है तो हम जल्द ही कुर्की जब्ती की कार्रवाई शुरू कराएंगे।

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