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बलिया- त्योहारों को लेकर बलिया डीएम और एसपी ने अधिकारियों के साथ की बैठक, की ये अपील !

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बलिया: दुर्गापूजा, दशहरा, बारावफात व अन्य त्योहारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए जिलाधिकारी श्रीहरि प्रताप शाही ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक की। उन्होंने शांति व्यवस्था व कोविड-19 से बचाव का ध्यान रखते हुए त्योहारों को मनाने की अपील की। बैठक में पूजा समितियों से आए लोगों को शासन की गाइडलाइन से अवगत कराया गया और उनसे उपयोगी सुझाव भी लिए गए।

जिलाधिकारी ने बताया कि शासन की ओर से हल्की शिथिलता इसलिए दी गई है कि पूरी सतर्कता व स्वयं की सुरक्षा का ध्यान रखते हुए त्योहार को मनाया जाए। आगामी दिनों में अत्यधिक भीड़भाड़ वाले त्योहार पड़ रहे हैं, जिसमें दुर्गापूजा भी है। उन्होंने बताया कि कोरोना का खतरा अभी टला नहीं है। इसलिए आयोजक इस पर विशेष ध्यान देंगे कि इस अवसर पर भीड़-भाड़ नहीं हो। उस हिसाब से व्यवस्था करें कि शारीरिक दूरी बनी रहे। खुले में ही कोई आयोजन हो, जहां पर्याप्त जगह हो।

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मूर्ति स्थापना व रामलीला का कार्यक्रम चौराहा या सड़क पर नहीं होगा। पारंपरिक रूप से वहीं होगा जहां पर्याप्त जगह होगी। खुले में भी कई तरह की शर्तों व सतर्कता के साथ ही आयोजन होगा। आने-जाने के लिए कम से कम दो गेट से अधिक गेट, हैंडवाश, सेनेटाइजर, थर्मल स्कैनर आदि की व्यवस्था आयोजक को करनी होगी। सर्दी, खांसी या जिनका टेम्परेचर ज्यादा होगा, उनको अंदर नहीं जाने दिया जाएगा, बल्कि उनको अलग बैठा दिया जाए।

दर्शन के लिए लाइन लगने की स्थिति जहां होगी, वहां उचित दूरी पर गोला बनेगा और शारिरिक दूरी का पालन कराना होगा। कार्यक्रम के आयोजक व कार्यकर्ता मास्क जरूर पहने रहेंगे। वालंटियर प्रशिक्षित होने चाहिए। पंडाल या स्थल पर माइक से हमेशा प्रचार प्रसार कर कोविड-19 के प्रति जागरूकता सम्बन्धी बातें बताई जाएगी और पोस्टर-बैनर भी लगाना होगा।

बिना अनुमति कोई कार्यक्रम नहीं- डीएम श्री शाही ने साफ किया कि बिना मजिस्ट्रेट की अनुमति के न तो मूर्ति स्थापना होगा और न मूर्ति विसर्जन या कोई रैली। सभी एसडीएम-सीओ यह सुनिश्चित कराएंगे। सम्बन्धित थानाध्यक्ष की यह जिम्मेदारी होगी कि गाइडलाइन व प्रशासन को शर्तों का कहीं उल्लंघन नहीं हो।

मूर्तिकारों से की ये अपील- जिलाधिकारी ने बैठक में मौजूद मूर्तिकार बन्धुओं से कहा कि मूर्तियों की साइज छोटी ही हो। शासन की जो गाइडलाइन है उसी के अनुसार चलना होगा। मूर्तिकारों से अपील किया कि मूर्ति बनाने में रंग रूप के लिए ऐसे किसी केमिकल का प्रयोग न करें, जो पानी में जाए तो नुकसानदेह साबित हो। प्राकृतिक सामग्री का ही प्रयोग किया जाए।

बैठक में मौजूद दुर्गापूजा समिति और अन्य वरिष्ठ लोगों से पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ ने कहा कि त्योहार जरूर मनाएं, पर लापरवाही नहीं बरती जाए। कोविड-19 के हर प्रोटोकाल का पालन अनिवार्य रूप से करें। ऐसा कोई कार्य न करें, जिससे नुकसान की कोई सम्भावना बने। समस्त एसओ अपने क्षेत्र के साउंड वालों को पहले से अवगत करा दें कि कहीं भी मानक से ज्यादा साउंड नहीं लगाएं। शासन की गाइड लाइन के अनुसार ही हर कार्यवाही हो। बैठक में नपा चेयरमैन अजय कुमार, एडीएम रामआसरे, एएसपी संजय कुमार, एसडीएम सदर राजेश यादव समेत अन्य अधिकारी व आम लोग मौजूद थे।

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बलिया के साहित्यकारों ने बढ़ाया मान, मिला साहित्य अकादमी भाषा सम्मान

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बलिया के दो साहित्यकारों को संयुक्त अकादमी भाषा सम्मान की घोषणा की गई है। भोजपुरी भाषा में उत्कृष्ट लेखन के लिए साहित्यकार डॉ. अशोक द्विवेदी व अनिल ओझा ‘नीरद’ को संयुक्त रूप से साहित्य अकादमी भाषा सम्मान से नवाजा जाएगा। भोजपुरी में यह सम्मान, हरेराम द्विवेदी, मोती बीए और धरीक्षण मिसिर को पहले मिल चुका है।

साहित्य अकादमी के द्वारा शनिवार को 2020 के अनुवाद पुरस्कारों की घोषणा भी की गई है। इसमें 24 पुस्तकों को साहित्य अकादमी अनुवाद पुरस्कार 2020 के लिए अनुमोदित किया गया। यह घोषणा साहित्या अकादमी के द्वारा कामायनी सभागार में अकादमी अध्यक्ष डॉ. चंद्रशेखर कंबार की अध्यक्षता में कार्यकारी मंडल की बैठक में की गई।

आपको बता दें कि अनिल ओझा ‘नीरद’ रुद्रपुर, गायघाट, बलिया के मूल निवासी हैं। वह फिलहाल पश्चिम बंगाल के हावड़ा जिले में रहते हैं। वहीं डॉक्टर अशोक द्विवेदी बलिया शहर के निवासी है। दोनों ने बलिया का मान बढ़ाया है। विश्व भोजपुरी सम्मेलन के अध्यक्ष अजित दुबे ने इस पर कहा कि विगत 8 वर्षों के बाद गैर मान्यता प्राप्त भाषा की श्रेणी में भोजपुरी के साहित्यकारों का सम्मान भोजपुरी भाषा और साहित्य के लिए प्रोत्साहित करने वाला निर्णय है। इसमें सम्मान स्वरूप एक लाख रुपया और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया जाता है।

24 भाषाओं के लेखक जो हुए पुरस्कृत

मान्यता प्राप्त 24 भाषाओं में पुरुस्कार दिए जाते हैं। जिसमें अपूर्व कुमार शइकीया-असमिया,  अंग्रेजी-अरुंधति सुब्रमण्यम, हिंदी-अनामिका, शंकर-बांग्ला, बोडो-स्व.धरणीधर औवारि, गुजराती-हरीश मीनाश्रू, कन्नड़-एम. वीरप्पा मोइली, कश्मीरी- स्व. हृदय कौल भारती, कोंकणी-आर. एस. भास्कर, मैथिली-कमलकान्त झा, नेपाली-शंकर देव ढकाल, उडिय़ा-यशोधरा मिश्रा, पंजाबी-गुरदेव सिंह रूपाणा, मलयालम-ओमचेरी एन.एन. पिल्लई, मणिपुरी-देवेन सिंह, राजस्थानी-भंवरसिंह सामौर,  संताली-रूपचंद हांसदा, सिंधी-जेठो लालवाणी, तमिल-इमाइयम, तेलगू-निखिलेश्वर,संस्कृत-महेश चन्द्र शर्मा गौतम, और उर्दू-हुसैन-उल-हक को सम्मानित किया गया है।

 

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बलिया में बिजली चोरों पर कार्यवाही, 14 लोगों पर केस दर्ज, 25 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे

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बलिया में बिजली चोरों का आतंक है। अब इनके आतंक को कम करने के लिए बिजली विभाग ने कमर कस ली है। लगातार विभागीय अधिकारियों के द्वारा अवैध रूप से विद्युत उपयोग करने वालों पर कार्यवाही की जा रही है। शनिवार को विद्युत विभाग के अधिकारियों व विजलेंस टीम ने नगर के अस्पताल रोड पर छापामारी कर विद्युत कनेक्शनों की जांच की। इस दौरान कुल 14 लोगों के खिलाफ बिजली चोरी का केस दर्ज करवाया। इसके अलावा 25 उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए और बकाया बिल के एवज में साढ़े तीन लाख रुपये की वसूली की।

आपको बता दे कि बिजली चोरी पर रोक लगाने के लिए अब विभाग ने लाइन लॉस वाले फीडरों को चिन्हित किया है। इसके तहत ज़िले के विभिन्न इलाकों के फीडरों की चेकिंग की जा रही है। शनिवार को विशुनीपुर उपकेंद्र के अस्पताल रोड फीडर की जांच पड़ताल के लिए शनिवार को विद्युत विभाग के अवर अभियंता आशुतोष पांडेय के नेतृत्व में विजिलेंस टीम ने अस्पताल रोड स्थित आवासों के कनेक्शनों की जांच की।

इस दौरान कुल 10 लोग चोरी से बिजली का प्रयोग करते मिले जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। चार ऐसे उपभोक्ता मिले जिनकी बिजली बिल बकाया में काटी गई थी लेकिन वह बिजली का प्रयोग कर रहे थे, इनके खिलाफ भी जेई हिमालय चौहान ने विद्युत थाने में मुकदमा दर्ज करवाया। इस कार्यवाही से इलाके में हड़कंप मच गया। बिजली चोरों में अफरा तफरी का माहौल देखा गया। पूरी कार्यवाही के दौरान बिल बकाया होने के कारण 25 उपभोक्तओं की बिजली काटी गई और कुल साढ़े तीन लाख रुपये बकाया बिल के सापेक्ष वसूली भी की गई। वहीं विद्युत विभाग के अधिशासी अभियंता चंद्रेश उपाध्याय ने बताया कि लाइन लॉस वाले फीडरों के कनेक्शन आदि की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई लगातार चलेगी।

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डी. फार्मा. की परीक्षा में शाहीन परवीन ने किया बलिया टॉप, शहबान मेमोरियल कॉलेज ने लहराया परचम

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शाहीन परवीन ने डी. फार्मा. की परीक्षा में बलिया जनपद में टॉप किया है।

उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद ने साल 2021 के मुख्य परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। इस साल यह परीक्षा कोरोना महामारी की वजह से ऑनलाइन ही हुई थी। डिप्लोमा इन फार्मेसी में शाहीन परवीन ने पूरे बलिया जनपद में टॉप किया है। शाहीन परवीन ने डिप्लोमा इन फार्मेसी के अंतिम वर्ष की परीक्षा 90 फीसदी अंक हासिल किया है। शाहीन परवीन बलिया के नगरा स्थित मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी की छात्रा हैं।

उत्तर प्रदेश प्राविधिक शिक्षा परिषद की 2021 के परीक्षा में मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्र छात्राओं ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस साल पूरे कॉलेज का रिजल्ट 96 फीसदी रहा है। कॉलेज में सबसे अधिक अंक शाहीन परवीन को मिला है। कॉलेज में दूसरा स्थान हासिल किया है नवाज़ अहमद ने। नवाज़ को 88 फीसदी अंक प्राप्त हुए हैं। संजीदा अतीक़ 86 फीसदी अंकों के साथ तीसरे स्थान पर काबिज हैं। जबकि विनीता रंजन और अभिषेक यादव क्रमशः 82.5 और 80.5 फीसदी अंकों के साथ चौथे और पांचवें स्थान पर हैं।

मु. शहबान मेमोरियल कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रबंधक मुहम्मद इमरान ने कॉलेज के विद्यार्थियों की इस सफलता पर कहा कि “मैं अपनी संस्था की ओर से शाहीन परवीन को विशेष बधाई देता हूं। साथ ही अन्य परीक्षार्थियों को भी बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। बच्चों के परिवार वालों को भी बधाई।” उन्होंने आगे कहा कि “ऐसा पहली बार हुआ कि परीक्षा ऑनलाइन आयोजित की गई। इसमें इंटरनेट एक बड़ी चिंता थी। परीक्षा के दौरान भी कई बार परीक्षार्थियों को इंटरनेट की दिक्कतों से सामना करना पड़ा। लेकिन अंत में सफलता हासिल हुई।”

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