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प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भ्रष्टाचार पर बलिया कांग्रेस कमेटी ने क्या अल्टीमेटम दे दिया?

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कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने गड़वार थाना क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ अपर पुलिस पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया।

शनिवार को बलिया कांग्रेस कमेटी ने जिले के अपर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा। बलिया कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश पांडेय के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने अपर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की। कांग्रेस कमेटी के सदस्यों ने गड़वार थाना क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ अपर पुलिस पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया। आरोप लगाया गया है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा डाक्टर समय से ड्यूटी पर नहीं आते हैं। साथ ही आम लोगों के साथ अभद्रता भी करते हैं।

अपर पुलिस अधीक्षक को दिए गए पत्रक में मांग की गई है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डाक्टर द्वारा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव विवेकानंद पाठक पर दर्ज कराए गए मुकदमे की जांच की जाए। बलिया से आने वाले कांग्रेस के प्रदेश महासचिव राघवेंद्र सिंह ने कहा है कि “गड़वार थाना के अंतर्गत आने वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में संविदा के डाक्टर ड्यूटी पर नहीं आते हैं। ड्यूटी पर आते भी हैं तो शराब के नशे में धुत होकर अस्पताल को अय्याशी का अड्डा बनाने का काम करते हैं।”

राघवेंद्र सिंह ने कहा कि “जनता अपनी समस्याओं को लेकर जब स्वास्थ्य केंद्र पहुंचती है तो उनसे बदतमीजी की जाती है।” बलिया कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ओम प्रकाश पांडेय ने कहा कि “पूर्व में चिकित्सा अधिकारी को इस मामले में अवगत कराया गया था। लेकिन भ्रष्टाचार में डूबे हुए डाक्टर ने एक राजनीतिक और सामाजिक व्यक्ति पर फर्जी मुकदमा कर दिया है। यह अत्यंत निंदनीय है। हमारी मांग है कि उस डाक्टर की जांच कराई जाए। साथ अविलंब कार्रवाई की जाए।”

बता दें कि विवेकानंद पाठक इलाहाबद उच्च न्यायालय के अधिवक्ता भी हैं। बलिया के मुख्या चिकित्सा अधिकारी को सौंपे ज्ञापन में उन्होंने लिखा है कि “मैंने पूर्व में भी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के संविदा डा. विनोद सिंह द्वारा जनता के साथ किए जा रहे दुर्व्यवहार और गुंडागर्दी के विषय पर आपको (मुख्या चिकित्सा अधिकारी को) प्रार्थना पत्र दिया था। लेकिन आपके विभाग की ओर से इस पर कार्रवाई नहीं की गई।”

बलिया के जिला अस्पताल से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों तक में व्याप्त भ्रष्टाचार का मुद्दा बार-बार उठाया जा रहा है। ज्यादा दिन नहीं बीते हैं जब बलिया में छात्र नेताओं ने जिला अस्पताल में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ बलिया बंद का आयोजन किया गया था।

ओम प्रकाश पांडेय ने चेतावनी दी है कि अगर जल्दी जांच कर कार्रवाई नहीं की गई तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरेंगे। बलिया के अपर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात करने गई कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में मुख्य रूप से सचितानंद तिवारी, बृजेश सिंह गाट, जैनेंद्र कुमार पांडेय, सागर सिंह राहुल, उमा शंकर पाठक, कन्हैया पांडेय समेत दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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बलिया

BJP विधायक सुरेंद्र सिंह ने बैरिया विधानसभा से अखिलेश यादव को दी चुनाव लड़ने की चुनौती

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बलियाः आने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनैतिक संग्राम शुरु हो चुका है। नेताओं के बीच में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। तो वहीं अपनी जीत का दावा कर रहे नेता विपक्षी नेताओं को चुनौती देने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं।

इसी बीच बीजेपी विधायक सुरेंद्र सिंह ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपने विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। मंगलवार को सुरेंद्र सिंह जिला मुख्यालय पर बीजेपी किसान मोर्चा के द्वारा आयोजित ट्रैक्टर रैली को लेकर प्रेसवार्ता कर रहे थे। तभी उन्होंने यह बयान दिया।

मीडिया से बात करते हुए सुरेंद्र सिंह सपा अध्यक्ष और उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर जमकर बरसे। उन्होंने अखिलेश यादव पर आरोप तो लगाए ही साथ ही उन्होंने अखिलेश को बैरिया सीट से चुनाव लड़ने की चुनौती भी दे डाली। उन्होंने कहा कि यदि वह पूर्व मुख्यमंत्री को एक लाख मतों से पराजित नहीं कर पायेंगे तो चुनावी राजनीति से सन्यास ले लेंगे।

इसी के साथ सुरेंद्र सिंह ने भारतीय किसान यूनियन नेता राकेश टिकैत को भी आड़े हाथों लिया और उन्हें पेशेवर राजनेता करार दिया। उन्होंने कहा कि टिकैत ‘फंडिंग’ की बदौलत ही राजनीति कर रहे हैं। वह सपा और कांग्रेस के कहने पर किसान आंदोलन करा रहे हैं। साथ ही कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया है तो फिर आंदोलन जारी रखने का क्या औचित्य है।

भाजपा विधायक सुरेंद्र सिंह ने राकैत टिकैत और सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर ‘बेईमान’ होने का आरोप लगाया और कहा कि यह दोनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी के सामने नहीं टिक पायेंगे। उन्होंने कहा कि मोदी ने संसार को अपना परिवार माना है जबकि अखिलेश यादव के लिए उनका परिवार ही संसार है। परिवार को ही संसार मानने वाला ‘बेईमान’ होता है। वहीं भाजपा विधायक के इन बयानों के बाद सियासी पारा चढ़ता हुआ नजर आ रहा है।

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बलियाः अनियंत्रित ट्रक ने बुजुर्ग को मारी टक्कर, गंभीर हालत में उपचार जारी

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बलियाः एनएच-31 पर एक हादसा हो गया। जहां अलसुबह एक बुजुर्ग को अनियंत्रित ट्रक ने अपनी चपेट में ले लिया। जिससे बुजुर्ग गंभीर रुप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया।

बताया जा रहा है कि केहरपुर निवासी 65 वर्षीय रमाकांत ओझा किसी काम से रामगढ़ बाजार गए थे। तभी यह हादसा हुआ। ओझा अपना काम कर घर वापस आ रहे थे। तभी हल्दी थाना क्षेत्र के रामगढ़ में स्थित स्टेट बैंक के समीप ट्रक ने उन्हें टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक मौके से फरार हो गया। वहीं बुजुर्ग को अस्पताल पहुंचाया गया जहां उनका इलाज जारी है।

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बलिया में कितने फीसदी लोग हैं गरीब, नीति आयोग ने बता दिया

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भारत सरकार के नीति आयोग ने देशभर के राज्यों और जिलों का बहुआयामी गरीबी सूचकांक यानी एमपीआई जारी किया है। नीति आयोग के इस बहुआयामी गरीबी सूचकांक में बलिया जिले के लोगों की गरीबी का आंकड़ा भी बताया गया है। एमपीआई के मुताबिक बलिया में तेरह लाख पैंतीस हजार नौ सौ साठ (1335960) लोग गरीब हैं। बलिया की कुल आबादी लगभग 36 लाख है।

नीति आयोग के रिपोर्ट के अनुसार बलिया की कुल आबादी के 37.11 प्रतिशत लोग गरीब हैं। आयोग ने सभी जिलों के ग्रामीण और शहरी इलाकों में भी गरीबी के आंकड़े जारी किए हैं। बलिया के ग्रामीण इलाकों में गरीबी शहरी क्षेत्रों से ज्यादा है। हालांकि ये अंतर बहुत अधिक नहीं है। जनपद के ग्रामीण क्षेत्रों में 37.73 फीसदी लोग गरीब हैं। तो वहीं शहरी आबादी के 31.60 फीसदी लोग गरीब हैं। आंकड़े बताते हैं कि बलिया के शहरी और ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच बहुत ज्यादा अंतर नहीं है।

उत्तर प्रदेश गरीबी के मामले में बलिया 37वें स्थान पर है। जबकि पड़ोसी आजमगढ़ और मऊ क्रमशः 50वें और 51 वें पायदान पर हैं। यानी कि आजमगढ़ और मऊ के मुकाबले बलिया में गरीबी ज्यादा है। हालांकि शहरी इलाकों में गरीबी के मामले में मऊ अन्य दो जिलों से भी आगे है।

गौरतलब है कि गत शुक्रवार यानी 27 नवंबर को नीति आयोग ने एमपीआई जारी की थी। नीति आयोग ने देशभर के राज्यों और जिलों में वर्ष 2015-16 के बेसलाइन सर्वे पर बहुआयामी गरीबी सूचकांक तैयार की है। इस सूचकांक में लोगों के स्वास्थ्य, शिक्षा और जीवन स्तर को पैमाना बनाया गया है। इसमें पोषण, बाल किशोर मृत्यु दर, प्रसव पूर्व देखभाल, स्कूली शिक्षा, खाना पकाने के ईंधन, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, आवास, संपत्ति और बैंक खाते की संख्या को भी आधार बनाया गया है।

सूचकांक में सभी मानकों की स्थिति को अलग-अलग बताया गया है। बलिया में पोषण 40.90 प्रतिशत है। बाल और किशोर मृत्यु दर 5.92 फीसदी। प्रसव पूर्व देखभाल 41 फीसदी। स्कूली शिक्षा 11.86 प्रतिशत। स्कूल में उपस्थिति 8.47 फीसदी। खाना पकाने के ईंधन में 81.61 प्रतिशत। स्वच्छता में 76.73 फीसदी। बैंक खाते बलिया में 3.60 प्रतिशत हैं।

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