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बलिया में गंगा घाट पर कार्तिक पूर्णिमा स्नान के लिए उमड़े श्रद्धालु

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सूर्य उपसना के महीने कार्तिक मास का आज अंतिम स्नान है। कार्तिक पूर्णिमा स्नान को लेकर बलिया के लोगों में बेहद उत्साह है। सुबह से ही क्षेत्र के श्रीरामपुर घाट पर हजारों की संख्या में भक्त जुट गए हैं। सबसे पहले घाट पर गंगा आरती हुई और इसके बाद श्रृद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और भगवान सूर्य को अर्घ्य दिया।

बता दें कि इस बार कार्तिक पूर्णिमा पर ग्रह नक्षत्रों का विशेष व अनूठा संयोग बन रहा है। जिससे पूर्णिमा स्नान का महत्व बहुत बढ़ गया है। इसको देखते हुए सूर्य की पहली किरण निकलने से पहले ही श्रृद्धालु घाट पर इकट्ठा हो गए थे। स्नान के बाद भक्तों ने सूर्य की उपासना की। घाटों पर दान-पुण्य का सिलसिला भी जारी है।

मान्यताओं के मुताबिक, कार्तिक पूर्णिमा के ही दिन भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र कार्तिकेय का जन्म हुआ था, जबकि सृष्टि के पालनहार भगवान विष्णु ने आज ही के दिन मत्स्यावतार रूप धारण किया था। इस कारण कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान और पूजा अर्चना करने वाले को अक्षय पुण्य और स्वस्थ जीवन की प्राप्ति होती है।

इसी वजह से भृगु बाबा की नगरी बलिया में गंगा की धारा में स्नान करने वालो की भारी भीड़ उमड़ी हुई है। श्रद्धालु मोक्ष की कामना और बैकुंठ की प्राप्ति के साथ ही कोरोना की महामारी खत्म हो इसके लिए गंगा मईया से प्रार्थना कर रहे हैं। श्रीराम पुर गंगा घाट पर शाम को देव दीपावली भी धूम- धाम से मनाई जाएगी। वहीं अन्य धार्मिक आयोजनों का सिलसिला भी जारी रहेगा।

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बलिया स्वास्थ्य विभाग का एक और कारनामा, मुख्यमंत्री को दी व्यवस्थाओं की फर्जी रिपोर्ट

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बलिया में स्वास्थ्य विभाग के अब तक कई कारनामे देखने को मिले। जहां एक स्वास्थ्य विभाग का एक और कारनामा देखने को मिला है। जो अब मुख्यमंत्री के सामने तक झूठ पेश करने से नहीं डर रहे हैं। बलिया स्वास्थ्य विभाग में लापरवाही, मनमानी और अनियमितता के कई मामले सामने आने के बाद भी मुख्य चिकित्साधिकारी मुख्यमंत्री को बलिया में सभी अस्पतालों की व्यवस्था चाक-चौबंद बता रहे हैं।

बलिया के मुख्या चिकित्साधिकारी ने मुख्यमंत्री की जनसुनवाई में फर्जी रिपोर्ट लगाई है। जिसमें कहा गया है कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में व्यवस्थाएं चाक-चौबंद हैं। केवल चिकित्सकों की कमी है। शासन को अवगत कराया गया है। बता दें भाजपा नेता सूर्यभान सिंह ने लखनऊ में मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत की थी कि जनपद के सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थिति बदतर है।

शिकायत में कहा गया था कि जनरेटर नहीं चलते हैं। एंबुलेंस की सेवा अस्त-व्यस्त है। सीएम कार्यालय द्वारा सीएमओ से रिपोर्ट मांगी गई थी। मुख्य चिकित्साधिकारी ने मुख्यमंत्री कार्यालय को प्रेषित अपने रिपोर्ट में बताया कि जिले की सभी अस्पतालों पर जब बिजली नहीं रहती है तो लगातार जनरेटर चलते हैं। सभी व्यवस्था चाक-चौबंद है। केवल चिकित्सकों की कमी है।

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बलिया- स्कूलों में गर्मी की छुट्टियों का एलान, जाने कब से कब तक रहेंगी छुट्टियां

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बलिया में भीषण गर्मी के बीच स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां घोषित कर दी हैं। 20 मई से 15 जून जून तक ग्रीष्मकालीन अवकाश रहेंगे। जिला बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन स्कूलों में ग्रीष्मावकाश और शीतावकाश को लेकर बीएसए शिवनारायण सिंह ने दिशा-निर्देश जारी किया है। 16 जून से शैक्षणिक सत्र शुरू होगा।

बीएसए ने बताया कि शीतकालीन अवकाश 31 दिसंबर से 14 जनवरी तक था, जबकि ग्रीष्मावकाश 20 मई से शुरू हो रहा है, जो 15 जून तक रहेगा। ग्रीष्मावकाश के बाद सत्रारम्भ 16 जून से होगा। उप्र बेसिक शिक्षा परिषद के नियंत्रणाधीन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रबंधकों को निर्देशित किया है कि अवकाश के संबंध में कार्रवाई सुनिश्चित करें।

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बलिया : 2016 में हुई हत्या के आरोपी को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा

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बलिया में 2016 में हुई हत्या के मामले में आरोपी को कोर्ट ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही 10 हजार का अर्थदंड लगाया है। पुलिस की प्रभावी पैरवी के चलते आरोपी को सख्त सजा मिल सकी।

पुलिस के द्वारा चिन्हित मुकदमों के त्वरित निस्तारण का अभइयान चलाया जा रहा है। इसी के तहत मानिटरिंग सेल, विशेष लोक अभियोजक, संयुक्त निदेशक अभियोजन व पैरोकारों की प्रभावी पैरवी के चलते फेफना थाने में पंजीकृत धारा 302, 323, 504 भादवि में कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

अदालत ने अभियुक्त पवन कुमार यादव उर्फ छांगुर को धारा 302 भादवि में दोषी पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनायी। साथ ही 10 हजार रूपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया। अर्थ दण्ड अदा न करने की दशा में अभियुक्त को 02 वर्ष का  अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं, धारा 323 भादवि में दोषी पाते हुए 01 वर्ष का कारावास तथा एक हजार रूपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया।

अर्थ दण्ड अदा न करने की दशा में अभियुक्त को 02 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 504 भादवि में दोषी पाते हुए 02 वर्ष का कारावास तथा एक  हजार रुपये के अर्थ दण्ड से दण्डित किया गया। अर्थ दण्ड अदा न करने की दशा में अभियुक्त को 02 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

 

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