बलिया प्रशासन की लापरवाही से डायरिया की चपेट में 50 बच्चें समेत 86 लोग, एक की मौ’त

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रसड़ा डेस्क: बलिया के रसड़ा में प्रशासन की लापरवाही से शुक्रवार को दूषित पानी पीने से करीब 85 लोग बीमार हो गए। सभी को उल्टी-दस्त की शिकायत हुई। करीब 40 बीमार लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां आठ वर्षीय एक बच्ची की मौत हो गई। बाकि लोगों को इलाज चल रहा है। 9 लोगों की हालत गंभीर बताई जा रही है। बता दें की 20 दिन पूर्व ही ग्रामीणों की शिकायत पर ग्राम सभा एवम जल विभाग जाग गया होता इस तरह की बड़ी घटना नही होती।

नागपुर गांव के मियां बारी (राजभर बस्ती) स्थित पानी टंकी से 31 मार्च 2012 से पूरे गाँव मे पानी की सप्लाई होती थी। टंकी की पाइप एक पुलिया के समेत तीन जगहों से लीकेज होने के कारण ऊपरी पानी का रिसाव होता था। जिससे ग्रामीणों ने 20 दिन पूर्व ही इसकी शिकायत की थी। इस बस्ती में 54 परिवार रहते है। खास बात है कि मात्र एक इण्डियन मार्का मशीन जयराम के दरवाजे पर लगी है जो शो पीस बनकर ही है। खराब पानी देने से लोग इस नल का पानी नही पीते है।

एक सप्ताह पूर्व ही जयराम 30 वर्ष पुत्र स्व जगरनाथ की उलटी दस्त हुई थी जो इलाज कराने के बाद ठीक होगा। गुरुवार की सुवह रानी 18 वर्ष पुत्री लालधारी की उलटी दस्त शुरू हुआ तो उसका इलाज निजी चिकित्सक के यहां कराया लेकिन हालत ठीक न होने पर रसड़ा अस्पताल में भर्ती कराया। फिर क्या था गुरु वार की दोपहर वाद एक के बाद एक घरों में वच्चो समेत लोगो की हालत बिगड़ने लगी। और देखते ही अस्पताल में मरीजो की लाइन लग गयी।

नीद में सोया स्वास्थ्य महकमा भी जागा गांव में इलाज के लिये गया। आनन फानन में टंकी के पानी की सप्लाई भी बन्द कर दी गयी। शुक्रवार की सुवह एक बार फिर डायरिया की चपेट एक दर्जन से अधिक लोग चपेट में आ गये। जिससे 10 वर्षीय पूजा पुत्री जय नरायन ने दम तोड़ दिया। सरकार की हर घर मे शौचालय का सपना भी दम तोड़ता नजर आ रहा है।

ग्रामीणों की माने तो 54 घरों में किसी के पास शौचालय नही है लोग खुले में शौच करने को मजबूर है। बस्ती के चारो पर जलजमाव में कारण वातावरण भी प्रदूषित है। मुख्य चिकित्साधिकारी ने आकर स्वास्थ्य सेवाओं का जायजा। ग्रामीण दहशत में जीने को मजबूर हैं।

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