Connect with us

बलिया

बलियाः कांशीराम आवास की बिजली काटी, यहां रहने वाले 300 परिवारों पर बकाया है 3 करोड़ बिल

Published

on

बलिया बिजली विभाग अब बकायेदारों पर कड़ी कार्रवाई कर रहा है। लंबे अरसे से बिजली बिल न भरने वाले के कनेक्शन काटे जा रहे हैं। रविवार देर शाट कांशीराम आवास की बिजली काट दी गई। यहां रहने वाले 300 से ज्यादा परिवारों पर बिजली विभाग का तीन करोड़ रुपए बिल बकाया है।

साल 2010 में बसपा सरकार के कार्यकाल में नगर पंचायत की ओर से बांसडीह-सहतवार मार्ग पर कांशीराम योजना के तहत करीब 300 आवासों का निर्माण कराया गया था। इन आंवटित आवासों में कई लोग रहते हैं। लेकिन यहां रहने वाले लोगों ने कभी अपने बिजली बिल का भुगतान नहीं किया।

बिजली विभाग के मुताबिक प्रत्येक उपभोक्ता पर 60 से 80 हजार रुपये का बकाया है। बिजली विभाग ने इन लोगों को कई बार नोटिस देकर बिल जमा करने की अपील की लेकिन किसी ने भुगतान नहीं किया। अंतत: रविवार की देर शाम को बिजली विभाग की टीम ने पूरे कांशीराम आवास की बिजली काट दी। वहीं आवासों में रहने वाले लोगों का कहना है कि आवास आवंटन के समय में कहा गया था कि बिजली का बिल नहीं लगेगा लेकिन अब बिल मांगा जा रहा है। आवास के लोगों ने बिजली व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।

इससे पहले भी 10 सितंबर को विभाग ने आवास की बिजली काटी थी। लेकिन उपभोक्ताओं के प्रदर्शन और समाजसेवियों के हस्तक्षेप से बिजली आपूर्ति कर दी गई थी। लेकिन विभाग ने दो सप्ताह के अंदर बिल जमा करने की मोहलत दी थी लेकिन किसी ने भी बिल जमा नहीं किया। लिहाजा विभाग ने बिजली काट दी।

Advertisement src="https://kbuccket.sgp1.digitaloceanspaces.com/balliakhabar/2022/10/12114756/Mantan.jpg" alt="" width="1138" height="1280" class="alignnone size-full wp-image-50647" />  
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

*

code

बलिया

बलिया के कई औषधि विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित, दवाई क्रय-विक्रय पर लगा प्रतिबंध

Published

on

बलिया में औषधि विभाग के द्वारा चलाए गए निरीक्षण अभियान में पाई गई अनियमितता के बाद कई औषधी विक्रय प्रतिष्ठानों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। इनसे औषधि क्रय-विक्रय पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

बता दें कि औषधि निरीक्षक ,खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने बताया है कि प्रतिष्ठानों के निरीक्षण के दौरान कमियाँ पायी गयी थी। इस दौरान अग्रिम कार्यवाही हेतु सहायक आयुक्त (औषधि), आजमगढ़ मण्डल, आजमगढ़ को प्रेषित की गयी थी। सहायक आयुक्त (औषधि), आजमगढ़ मण्डल, आजमगढ़ द्वारा पायी गयी कमियों के सम्बन्ध में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।

इस दौरान औषधि विक्रय प्रतिष्ठानों के द्वारा संतुष्टि पूर्ण जवाब नहीं दिया गया। जिसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए गए हैं। अब निलम्बन की अवधि के दौरान औषधियों का क्रय-विक्रय किया जाना अवैधानिक होगा एवं ऐसा करते हुए पाये जाने पर सम्बन्धित औषधि विक्रय प्रतिष्ठान के विरूद्ध औषधि एवं प्रशासन सामग्री अधिनियम-1940 के अन्तर्गत अग्रिम कानूनी कार्यवाही कर दी जायेगी।

निलम्बित किये गये प्रतिष्ठानों में मेसर्स रेशमा मेडिकल स्टोर, हास्पिटल रोड, मेसर्स के.जी.एन. मेडिकल स्टोर, सामुदायिक स्वास्थ्य केंन्द्र के सामने नियर रेवती हास्पीटल, पो0-रेवती, तथा मेसर्स महेश्वरी मेडिकल स्टोर, बंदुचक, पोस्ट- बाबूबेल, थाना- हल्दी, और मेसर्स मनोज मेडिकल स्टोर, केवरा, पो०- केवरा, थाना बासडीह, शामिल है।

Continue Reading

बलिया

सुरहाताल में नौकायन से पहले स्थानीय नाविकों को दिया गया प्रशिक्षण

Published

on

बलिया के सुरहा ताल में 10 दिसंबर से पक्षी महोत्सव का शुभारंभ होगा। इसमें नौकायन भी होगा। इसको लेकर नावों के सफल संचालन के लिए स्थानीय नाविकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण रखा गया।

बता दें कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बलिया व रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति के अंतर्गत तैयार की गई एसओपी के बारे विस्तृत रूप से नाविकों को बताया गया। नाविकों को लाइफ जैकेट को सही तरीके से पहनने, लाइफ व्याय रिंग के प्रयोग तथा नाव के रखरखाव एवं परिचालन में विशेष सावधानी बरतने के संबंध में विस्तृत रूप से प्रशिक्षित किया गया।

उक्त प्रशिक्षण में जिला आपदा विशेषज्ञ पीयूष सिंह बघेल, नायब तहसीलदार संत विजय सिंह ,रेड क्रॉस सोसाइटी से शैलेंद्र कुमार पांडे,अभिषेक राय तथा जनपद के प्रशिक्षित आपदा मित्र धर्मेंद्र ठाकुर ,राजकिशोर यादव सहित सुरहा ताल के आसपास के लगभग 2 दर्जन नाविक उपस्थित रहे।

Continue Reading

बलिया

बलियाः 10 साल बीते पर अब तक बनकर तैयार नहीं हुआ मांझी रेल पुल

Published

on

बलिया में विकास कार्यों की रफ्तार कितनी धीमी है, इसका अंदाजा लगाने के लिए मांझी रेल पुल ही काफी है। पिछले 10 सालों से निर्माणाधीन इस पुल का काम आजतक पूरा नहीं हुआ है। लोग अब भी पुल के पूरी तरह बनने की बांट जोह रहे हैं लेकिन पुल कब तक बनकर तैयार होगा यह कहना मुश्किल है।

बता दें कि साल 1856 में अंग्रेज इंजीनियर इंचकेप ने इसका निर्माण करवाया था। साल 1993 में भूंकप के झटके से पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इस पुल को सुधवाया गया तब से पुल पर राजधानी सहित दर्जनों मेल एक्सप्रेस, मालगाड़ी व पैसेंजर गाड़ियों का आवागमन जारी है।

150 साल पुराना यह पुल धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। लिहाजा इसके ठीक पास में वाराणसी-छपरा रेलखंड पर बकुल्हा मांझी रेलवे स्टेशनों के बीच सरयू नदी पर लगभग 300 करोड़ की लागत से नया पुल बन रहा है। लेकिन इसका निर्माण काफी धीमी गति से हो रहा है।

पिछले 10 सालों से बन रहे इस पुल का 95 फीसदी काम पूरा हो गया है लेकिन पुलिस का एक पाया निर्माण के साथ ही टेढ़ा हो गया। जिसकी मरम्मत में वक्त लगेगा। कहा जा रहा है कि पुल 6 महीने बाद ही बनकर तैयार हो पाएगा।

पूर्वोत्तर रेलवे जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह का कहना है कि मांझी रेल पुल का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को आदेशित किया गया है, सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो गर्मी के मौसम में नए रेल पुल पर ट्रेनें दौड़ने लगेगी।

 

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!