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बलिया- जानें प्रत्याशी कितना कर सकते हैं खर्च, चुनाव आयोग ने तय की अधिकतम खर्च सीमा

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बलिया डेस्क : ज़िले में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की तैयारियां जोरों से चल रही हैं। इस बीच चुनाव आयोग ने प्रत्याशियों द्वारा चुनाव पर खर्च की जाने वाली रकम को लेकर एक गाइडलाइन जारी है। आयोग ने प्रत्याशियों की अधिकतम खर्च सीमा तय कर दी है।
चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए निर्देशों के मुताबिक, अब ग्राम पंचायत सदस्य के लिए खड़ा उम्मीदवार 10 हज़ार रुपए से अधिक खर्च नहीं कर सकेगा। इसी तरह ग्राम प्रधान और क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए अधिकतम खर्च सीमा 75 हजार रुपए रखी गई है।

ज़िला पंचायत सदस्य के प्रत्याशी को अधिकतम 1.5 लाख रुपए तक खर्च कर करने की अनुमति दी गई है। वहीं ब्लॉक प्रमुख 2 लाख तक खर्च कर सकता है। इन चुनावों में ज़िला पंचायत अध्यक्ष को सबसे ज़्यादा 4 लाख रुपए तक खर्च करने की छूट दी गई है।
आयोग के निर्देश के मुताबिक़, जिले की 940 ग्राम पंचायतों में होने वाले चुनाव के दौरान प्रत्याशियों द्वारा किए जाने वाले खर्च पर प्रशासन पूरी तरह से नजर रखेगी।

चुनाव के बाद प्रत्याशियों को खर्च की गई रकम का पूरा ब्यौरा चुनाव आयोग को देना होगा। इसके साथ ही चुनाव आयोग ने नामांकन प्रपत्र के साथ ही ज़मानत राशि का भी निर्धारण किया है। आयोग के निर्देशों के मुताबिक़, ग्राम पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी को 150 रुपये नामांकन पत्र का शुल्क और 500 रुपये की ज़मानत राशि देनी होगी। ग्राम प्रधान पद के प्रत्याशी को नामांकन पत्र का 300 रुपये शुल्क और 2000 रुपये जमानत राशि जमा करना होगा।

इसी तरह क्षेत्र पंचायत सदस्य 300 रुपये नामांकन पत्र का शुल्क व 2000 रुपये की ज़मानत राशि और जिला पंचायत सदस्य को 500 रुपये नामांकन पत्र का शुल्क और 4000 रुपये जमानत राशि देने होंगे। उम्मीदवार अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग अथवा महिला वर्ग से है तो उन्हें नामांकन शुल्क और जमानत राशि की आधी रकम ही जमा करनी होगी।
मीडिया रिपोर्ट की मानें तो चुनाव आयोग मार्च के आखिरी हफ्ते तक चुनाव को लेकर अधिसूचना जारी कर सकता है। सूत्रों के हवाले से ख़बर है कि यूपी पंचायत चुनाव चार चरणों में कराये जाएंगे।

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बलिया- CM योगी की आपत्तिजनक तस्वीर पोस्ट करने वाला युवक गिरफ्तार

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बलिया। सोशल नेटवर्किंग साइट्स पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक आपत्तिजनक तस्वीर  पोस्ट करने के आरोप में  चौबे छपरा निवासी आदर्श चौबे को गिरफ्तार किया गया है।बताया गया है कि युवक सोशल नेटवर्किंग साइट्स  पर अनाप-शनाप पोस्ट करता रहता था।शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के ख़िलाफ़ मामला दर्ज कर उसको गिरफ्तार कर लिया है। अपर पुलिस अधीक्षक संजय यादव ने शनिवार को बताया कि फेसबुक पर शुक्रवार को जिले के रेवती क्षेत्र के चौबे छपरा गांव के आदर्श चौबे ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का एक आपत्तिजनक

तस्वीर पोस्ट कर दिया। पुलिस ने इसकी जानकारी मिलने के बाद छानबीन की तथा इसके बाद शनिवार को रेवती थाना में उप निरीक्षक बीपी पांडेय की शिकायत पर आदर्श चौबे के ख़िलाफ़ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. थाना प्रभारी यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि पुलिस ने आरोपी आदर्श चौबे को गिरफ्तार कर लिया है।प्रभारी निरीक्षक पाण्डेय ने बताया कि थाना क्षेत्र के चौबे छपरा निवासी आदर्श चौबे उर्फ छोटू ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का फोटो महिला के रूप में बनाकर पोस्ट कर दिया था।

यही नहीं एनएच 31 पर चलने पर गान लाल जैसे पोस्ट भी किया है। बताया कि मुखबीर की सूचना पर एसआई बीपी पाण्डेय, राम अनन्त यादव,सोनू रजक आदि की टीम ने उक्त आदर्श चौबे को गंगा पाण्डेय के टोला से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने धारा 504,505 तथा 67 आईटी एक्ट के तहत मामला पंजीकृत कर गिरफ्तार आरोपी को चालान न्यायालय कर दिया।

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अंबिका चौधरी ने बसपा छोड़ा तो उमाशंकर सिंह ने भी बड़ी बात कह दी

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बलिया। अंबिका चौधरी के बसपा से इस्तीफा देते ही जिले में राजनीतिक हलचल मच गई है। अब अंबिका चौधरी पर बसपा विधानमंडल दल के उप नेता और रसड़ा से बसपा विधायक उमाशंकर सिंह ने कई आरोप लगाए हैं।

उमा शंकर सिंह ने अपने बयान में क्या कहा है? -उमाशंकर सिंह ने अंबिका चौधरी पर विश्वासघात का आरोप लगाते हुए कहा, ‘अंबिका ने अपने आचरण के अनुरूप कदम उठाया है जब उन्हें सपा से निकाल दिया गया तो बसपा ने उन्हें सम्मान दिया और अपने अपने क्षेत्र से अपना उम्मीदवार बनाया और अब उन्होंने ऐसा किया है। अंबिका चौधरी के बेटे आनंद चौधरी के चुनाव जीतने का जिक्र करते हुए उमाशंकर सिंह ने आगे कहा, ‘उनके बेटे आनंद बसपा के उम्मीदवार के रूप में ही चुनाव जीते और उन्हें बसपा ने जिला पंचायत अध्यक्ष पद हेतु अपना उम्मीदवार भी घोषित कर दिया था’

बसपा में नाराजगी है? जाहिर है उक्त बयान से बसपा की नाराजगी भी साफ झलक रही है। उमाशंकर सिंह का ऐसा कहना बताता है कि बसपा में अंबिका चौधरी के इस कदम को लेकर काफी रोष है। बताते चलें कि 19 जून को ही समाजवादी पार्टी ने आनंद चौधरी को अपना अधिकृत जिला पंचायत अध्यक्ष पद का प्रत्याशी बनाया है। आनंद अंबिका चौधरी के बेटे हैं और वार्ड नंबर से जिला पंचायत सदस्य हैं। आनंद चौधरी के सपा प्रत्याशी बनते ही अंबिका चौधरी ने भी बसपा से इस्तीफा दे दिया। जिले में एक ही दिन में यहा दो बड़ी राजनीतिक घटनाएं हुई जिसकी चर्चा बनी हुई है

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बलिया – मुख्यमंत्री से न कर पाएं शिकायत, पूरी कॉलोनी को ही घर में किया नजरबंद

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बलिया में बजबजाती नाली, जलजमाव और गड्ढानुमा सड़क को लेकर बीते गुरुवार को मार्च निकालने वाले श्रीराम विहार टैगोर नगर कालोनीवासियों को शुक्रवार को मुख्यमंत्री के आगमन के ठीक पहले पुलिस ने उनके घर में ही नजरबंद कर दिया। ताकि कालोनीवासी अपनी समस्या को लेकर मुख्यमंत्री से न मिल सकें।पुलिस की इस हरकत पर कालोनीवासी खासे नाराज हैं और कहा कि ये कोई प्रोटोकॉल नहीं है, जिले की डीएम तथा सीडीओ अपनी नाकामी छिपाने के लिए इस तरह की हरकत किए हैं। बलिया के निकम्मे अधिकारी मुख्यमंत्री से अपनी नाकामी छुपाने के लिए उन्हें

नज़रबंद कर दिया। बता दें कि श्रीराम विहार टैगोर नगर कालोनीवासियों को हर साल बरसात के समय नरक की जिंदगी जीना पड़ती है। समस्या का निदान हो इसलिए दर्जनों बार नगर पालिका से लेकर जिलाधिकारी के यहां गुहार लगा चुके हैं। लेकिन किसी के कानों में जूं तक नहीं रेंगी। इसी से नाराज होकर बीते गुरुवार को समाजसेवी अमित सिंह के नेतृत्व में कालोनीवासियों ने अब आंखें खोलो मोर्चा निकाला था। जबकि शुक्रवार को कालोनीवासियों ने अपनी समस्या की शिकायत मुख्यमंत्री योगी करने की सोची और इसके बारे में आदित्यनाथ को अवगत कराएंगे। लेकिन उसके पहले ही

समाजसेवी अमित सिंह के साथ-साथ सभी कालोनीवासियों को मंडी चौकी प्रभारी देवेंद्र दूबे ने नजरबंद कर दिया। पुलिस के इस अनैतिक कार्य से गुस्साए कालोनीवासियों ने बताया कि जिले के डीएम और सीडीओ अपनी नाकामी कहीं योगी के सामने न आ जाए इसलिए हम लोगों को नजरबंद करवा दिए।गौरतलब है कि इसी कालोनी में उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार उपेंद्र तिवारी का भी आवास है।उन्हें भी समस्याओं को लेकर कई बार कालोनीवासियों ने रू-बरू कराया। लेकिन वे भी सिर्फ नाम के ही मंत्री हैं। जिन मंत्री जी का कालोनी में घर है वो भी साफसफाई पर ध्यान नहीं देते।

रिपोर्ट – तिलक कुमार

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