Connect with us

बलिया स्पेशल

बलिया में परिणाम के बीच नयी सियासी हलचल, प्रशासन पर लगा बड़ा आरोप, धरने पर प्रत्याशी

Published

on

,बलिये में लोकसभा का परिणाम आने में समय लग सकता हैं लग सकता है ।ख़बरों के मुताबिक इस समय बलिया कोतवाली पर गठबन्धन प्रत्याशी सनातन पांडेय जी के साथ मा संग्राम सिंह यादव जी जिलाध्यक्ष समाजवादी पार्टी बलिया मा अम्बिका चौधरी जी पूर्व मंत्री और सभी वरिष्ट समाजवादी नेता धरना प्रदर्शन कर रहे हैं

गठबंधन प्रत्याशी का आरोप लोकतंत्र को कुचल के बीजेपी ने अपने उम्मीदवार को जिताया।
शहर कोतवाली के सामने गठबंधन के नेता धरने पर बैठें।

6 बजे : मतगणना के 18 वें चक्र में वीरेंद्र सिंह मस्त (भाजपा) को 461022 मत, सनातन पांडेय (सपा) 447760 मत प्राप्‍त हुए हैं। वहीं भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त 13262 वोट से आगे चल रहे हैं।

5.50 बजे : कांटे की लड़ाई के बीच भाजपा व सपा समर्थकों में जमकर मारपीट हुई। गठबंधन प्रत्याशी सनातन पांडेय की गाड़ी पर पथराव के बाद सनातन पांडेय को पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाला।

5.25 बजे : 17 वें चरण की मतगणना में वीरेंद्र सिंह मस्त (भाजपा) ने 409790 मत, सनातन पांडेय (सपा) ने 408364 मत हासिल किया है। यहां पर भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त 1426 वोट से आगे चल रहे हैं।

5.15 बजे : 16 वें चरण की मतगणना में सनातन पांडेय (सपा) 398797, भाजपा से वीरेंद्र सिंह मस्त को 393397 मत मिले हैं। इस तरह सपा के सनातन पांडेय 5400 वोट से आगे चल रहे हैं।

5 बजे : 15 वें चरण की मतगणना में सपा के सनातन पांडेय ने 380970 मत पाकर पहले स्‍थान पर और भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त 367622 मत पाकर दूसरे स्‍थान पर चल रहे हैं। वहीं सपा के सनातन पांडेय 13348 वोट से आगे चल रहे हैं।

2.40 बजे : 11 वें चरण में वीरेंद्र सिंह मस्त (भाजपा) 263250 मत, सनातन पांडेय (सपा) 245342 मत मिले हैं। इस प्रकार भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त 17908 वोट से आगे चल रहे हैं।

1.55 बजे : दसवें चरण की मतगणना में भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त 230127 मत पाकर पहले स्‍थान पर, सपा के सनातन पांडेय 215080 मत पाकर दूसरे स्‍थान पर हैं। वहीं भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त 15047 वोट से आगे चल रहे हैं।

1.35 बजे : नौंवें चरण की मतगणना में भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त ने कुल 213834 मत हासिल किए हैं वहीं गठबंधन की ओर से सनातन पांडेय ने 199090 मत हासिल किया है। इस प्रकार से भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त 14744 वोट से आगे चल रहे हैं।

1.20 बजे : आठवें चरण की मतगणना में वीरेंद्र सिंह मस्त (भाजपा) ने कुल 190707 मत प्राप्‍त किया है वहीं गठबंधन की ओर से सनातन पांडेय ने 176513 मत हासिल किया है।

11.50 बजे : पांचवें चक्र में बलिया में सनातन पांडेय (सपा) को 135868 मत, भाजपा के वीरेंद्र सिंह मस्त को 97032 मत मिले हैं। इस प्रकार सपा काे 38836 मतों की बढ़त मिल चुकी है।

11.40 बजे : चौथे चरण में वीरेंद्र सिंह मस्त(भाजपा) 50110, सनातन पांडेय (सपा) 75229 मत पा चुके हैं। जबकि सपा ने 25119 मतों से बढ़त बना रखी है।

Advertisement
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

featured

अधिकारी बेलगाम ! दफ्तर पर ताला बलिया में धरने पर बैठे पार्षद, काम ठप

Published

on

बलिया जिले के चितबड़ागांव नगर पंचायत में सभासदों ने अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार पर 1 करोड़ 60 लाख रुपये का गबन करने का आरोप लगाकर कार्यालय में ताला लगा दिया है। सभासदों का कहना है कि अधिशासी अधिकारी ने आम जनता के करोड़ों रुपये का घोटाला किया है। कार्यालय बंद होने से चितबड़ागांव के लोगों को जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र, नाम खारिज दाखिल आदि के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

अधिशासी अधिकारी यानी ईओ जो सरकारी अधिकारी होता है। नगर पंचायत के कार्यों की जिम्मेदारी इन्ही की होती है। नगर पंचायत के अध्यक्ष और सभासदों के साथ समन्वय बना कर नगर में स्वच्छता, स्वास्थ्य, शिक्षा, आवास, विकास आदि के क्षेत्रों में सुधार लाना उनका काम होता है । इन सभी कार्यों की जिम्मेदारी अधिशासी अधिकारी यानि ईओ की ही होता है। चितबड़ागांव नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार पर सभासदों ने करोड़ों के गबन के आरोप लगाए हैं।

जो लोग कहते हैं की इस सरकार में अधिकारी बेलगाम होते जा रहें है, उनकी बाते बलिया के चितबड़ागांव में साबित होती दिख रही हैं। इस बार के नगर पंचायत के चुनाव में भाजपा ने पूरी दमदारी से चुनाव लड़ा और नगर पंचायत में पहली बार कमल खिलाने में सफल हो गए। लेकिन भाजपा के अध्यक्ष और भाजपा की सरकार होने के बावजूद उनकी बातों को सरकारी अधिकारी अनसुना कर दे रहें हैं।

सभासदों ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी से जांच कराने की मांग की थी, जिसमें ईओ को दोषी पाया गया था। लेकिन अब तक उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वे यह भी कहते हैं कि ईओ ने अपने आप को बचाने के लिए अधिकारियों को रिश्वत दी है। खबरों के अनुसार, 29 अगस्त को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर अधिशासी अधिकारी के खिलाफ जांच की मांग की गई थी। जिसके बाद जिलाधिकारी ने त्रिस्तरीय जांच करवाई थी। जांच में सभी आरोप सही पाए गए थे। इसके बाद जिलाधिकारी ने 20 नवंबर को रिपोर्ट शासन को भेज दिया था। लेकिन अभी तक अधिशासी अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई है। इसी से नाराज होकर सभासदों ने सोमवार को कार्यालय में ताला लगा दिया। सभासदों का कहना है कि अधिशासी अधिकारी ने कम्बल, डस्टबीन, कस्तूरबा गाधी आवासीय विद्यालय का सुन्दरीकरण,आदि में करोड़ों रुपये का घोटाला किया है।

पिछले पांच दिन से इस नगरपंचाय का कार्यालय बंद है और सभासद धरने पर हैं। दफ्तर में ताला बंद कर सरकारी कार्य में बाधा डालना सही नहीं है। लेकिन सभासदों का भी गुस्सा जायज है। जब उनके आरोपों की जांच हो चुकी है और आरोप सही पाए गए हैं, तो फिर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है? यह भी गौर करने की बात है कि अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार पर पहले भी कई आरोप लग चुके हैं। पिछले साल में भी उन पर गबन का आरोप लगा था। उस समय भी जांच में आरोप सही पाए गए थे। लेकिन तब भी उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। ऐसे में यह सवाल उठता है कि क्या अधिशासी अधिकारी अनिल कुमार किसी के संरक्षण में हैं? क्या उनके खिलाफ कार्रवाई इसलिए नहीं हो रही है क्योंकि वे किसी ताकतवर नेता के करीबी हैं? या मामला कुछ और है ?

Continue Reading

उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मिले मंत्री दानिश, बलिया के लिए की ये मांग !

Published

on

उत्तर प्रदेश सरकार के राज्य मंत्री दानिश आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बलिया में अटल आवासीय विध्यालय बनाने का प्रस्ताव रखा है और अब इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई है। अब जल्दी ही आवासीय विद्यालय बनकर तैयार होगा, जिससे बलिया और आसपास के इलाकों के विद्यार्थी लाभान्वित होंगे।

राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी ने बताया कि सीएम योगी आदित्यनाथ बलिया के विकास के प्रति गंभीर हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से बलिया में 500 से अधिक क्षमता के छात्र-छात्राओं के अध्ययन के लिए अटल आवासीय विद्यालय का निर्माण कराए जाने के संबंध में संबंधित को निर्देशित करने का निवेदन किया है।

बता दें कि श्रमिकों के बच्चों के लिए अटल आवासीय योजना के तहत निःशुल्क शिक्षा की सुविधा, रहने की सुविधा, खाने की सुविधा, स्वच्छ पेयजल की सुविधा, खेलकूद एवं मनोरंजन से जुड़ी सभी प्रकार की सुविधा, स्कूल ड्रेस एवं बच्चों के पढ़ाई संबंधित सभी प्रकार की सामग्री सुविधा मुहैया कराई जाएगी।

Continue Reading

featured

बलिया में इतने दिनों के लिए धारा-144 लागू

Published

on

बलिया में 17 नवंबर से 14 जनवरी, 2024 तक की अवधि के लिए धारा 144 लागू किया गया है। इस बाबत जिला मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार ने बताया है कि जनपद सीमा के अन्तर्गत किसी भी सार्वजनिक स्थानों पर पांच या पांच से अधिक व्यक्ति एक समूह के रूप में एक साथ एकत्रित नहीं होगे और न ही कोई जुलूस निकालेगें और न ही कोई धरना प्रदर्शन करेगा और न ही कोई ऐसी अफवाह फैलायेगें जिससे शान्ति व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़े। विशेष परिस्थितियों में जुलूस आदि के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति प्राप्त किया जाना अनिवार्य होगा।

यह प्रतिबन्ध परम्परागत, सामाजिक या धार्मिक संस्कारों एवं रीति-रिवाज तथा जुमे की नमाज पर लागू नहीं होगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार का अस्त्र-शस्त्र जैसे लाठी, डण्डा, चाकू, भाला, फरसा, बन्दूक, राइफल, रिवाल्वर, पिस्टल आदि आग्नेयास्त्र या अन्य धारदार हथियार एवं किसी प्रकार के विस्फोटक पदार्थ को लेकर नहीं चलेगा और न ही ऐसा करने के लिये किसी को प्रेरित करेगा। यह प्रतिबन्ध सिक्खों द्वारा परम्परागत रूप से धारण होने वाले कृपाण तथा ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों/ कर्मचारियों पर लागू नहीं होगा। बूढे, बीमार, विकलांग, अपंग तथा अन्य व्यक्ति सहारे के लिए लाठी, डण्डे अथवा छड़ी का प्रयोग कर सकते है।

कोई भी व्यक्ति किसी सार्वजनिक स्थान, मन्दिर, मस्जिद,गुरुद्वारा, चर्च, सड़क मकान के अन्दर अथवा छत पर ईट, पत्थर, शीशा, बोतल व कॉच के टुकड़े तथा विस्फोटक आदि एकत्र नहीं करेगें और न ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिकता भड़काने वाले पोस्टर, बैनर, कटआउट आदि न तो लगायेगा और न ही किसी अन्य को ऐसा करने के लिए प्रेरित करेगा।

कोई भी व्यक्ति ऐसी अफवाह अथवा ऐसा नारा नहीं लगायेगा और न ही ऐसा पर्चा छापेगा और न बटवायेगा जिससे किसी वर्ग विशेष की भावना को ठेस पहुचे और न ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी प्रकार के सार्वजनिक संचार साधन तथा मार्ग पर अवरोध उत्पन्न नहीं करेगा और न ही ऐसा करने के लिए किसी अन्य को प्रेरित करेगा। कोई भी व्यक्ति सड़क, जल मार्ग, रेलमार्ग, कार्यालय, पेट्रोल पम्प आदि का घेराव नहीं करेगा, न ही यातायात के आवागमन में अथवा किसी प्रकार के सार्वजनिक संचार आदि व्यवस्था में अवरोध उत्पन्न करेगा। ऐसा करने के लिए कोई भी व्यक्ति किसी को न तो उकसाएगा और न ही प्रोत्साहित करेगा। उक्त आदेश का उल्लंघन भारतीय दंड विधान की धारा 188 के अंतर्गत दंडनीय अपराध होगा।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!