Connect with us

बलिया

सांसद नीरज शेखर ने बलिया के इस रेलवे स्टेशन का नाम जयप्रकाश नारायण के नाम पर रखने की मांग की

Published

on

नई दिल्ली: राज्यसभा में रेलवे पर चर्चा के दौरान भाजपा के सांसद नीरज शेखर ने बोलते कई मांग की। अपने भाषण की शुरुआत उन्होंने रेलवे के कर्मचारियों को धन्याद देते हुए की। उन्होंने कहा कि कोविड-19 के दौरान रेलवे कर्मचारियों ने सराहनीय कार्य किया मैं उन लोगों को नमन तथा आभार व्यक्त करता हूं।

उन्होंने सरकार का समर्थन करते हुए कहा कि यहां कई मेरे साथी को इस बात पर आपत्ति है कि रेलवे नया काम शुरू नहीं कर रहा है लेकिन मैं यह कहना चाहता हूं कि नये काम शुरू करने से भी महत्वपूर्ण वह काम है जो पिछले तीस- चालीस वर्षों से लटका पड़ा है।

उन्होंने कहा कि पूर्वांचल बलिया समेत बिहार की आम जनता को ध्यान में रखते हुए ट्रेन की जनरल बोगीयों में इजाफ़ा किये जाने के साथ एसी के बजाए स्लीपर बोगी की सुविधा बढ़ाई जाए, साथ ही हाल्ट स्टेशन पर टिकट ना मिलने की अफवाहों पर रोक लगाई जाए। उन्होंने रेलवे में हो रहे सुधार एवं स्वच्छता की सराहना करते हुए शौचालयों की सफाई में और सुधार लाने की मांग की।

उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में बलिया की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा कि मैं हमेशा से यह बात कहते हुए आ रहा हूं कि सन 1857 की स्वतंत्रता संग्राम की लड़ाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले मंगल पांडे बलिया के ही रहने वाले थे और 1942 में बलिया 14 दिनों के लिए आजाद हो गया था।

उन्होंने बलिया के बकुलहा स्टेशन का नाम लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर रखने की मांग करते हुए कहा कि यह आपातकाल के दौरान जेल गए लोगों के प्रति एक सच्चा सम्मान होगा। उन्होंने कहा कि मुझे आज भी याद है की जब प्रकाश नारायण की 100वीं जन्म शताब्दी समारोह मनाया गया था तो, अटल बिहारी वाजपेयी वहां पर गए थे और यह घोषणा किये थे लेकिन उसके बावजूद भी यह काम पूरा नहीं हो सका पर अब मैं यह चाहता हूं कि उनकी यह घोषणा भी पूरी की जाए। इन सबके साथ-साथ उन्होंने रेल लाइनों के दोहरीकरण और उनके विद्युतीकरण के काम को तेज करने की मांग की।

बलिया

पानी में डूबा चिलकहर विकासखंंड, चौराहों पर घुटनों- घुटनों तक पानी, लोग परेशान

Published

on

बलिया इस वक्त बारिश के कहर से जूझ रहा है। हर जगह पानी ही पानी नजर आ रहा है। सड़के तालाब बन गई हैं। पैदल चलने को भी जगह नहीं है। लोगों के घरों में पानी भर गया है। इसी बीच जिले के चिलकहर विकासखंड की तस्वीरें सामने आई है। जहां बारिश का कहर और अधिकारियों की लापरवारी एक दम ठीक तरीके से नजर आ सकती है।पूरा चिलकहर विकासखंड पानी में डूब गया है। हर जगह जलजमाव है। लोगों को आने-जाने में परेशान हो रही है। हालात यह है कि नगर में जलनिकासी की कोई दुरुस्त व्यवस्था नहीं है। जिसके चलते पूरे नगर में पानी भर गया है। सड़के नजर नहीं आ रही है। घुटनों-घुटनों तक पानी में चौराहे डूब चुके हैं।

ऐसे में लोग, खासकर छोटे- बच्चों और महिलाओं को खासी परेशानी आ रही है। ब्लॉक परिसर में लगभग करोड़ों रुपए का काम करवाने के अधिकारी दावे करते हैं लेकिन कुछ देर आई बारिश ने इन सभी दावों की पोल खोल कर रख दी है।

रिपोर्ट- कृष्ण मोहन पांडे

Continue Reading

बलिया

शासन ने दी बलिया में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज संचालन की अनुमति, मिलेगा बेहतर इलाज

Published

on

उत्तर प्रदेश सरकार ने बलिया जिले में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के संचालन की अनुमति दे दी है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने बलिया जिले में पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर मेडिकल कॉलेज के संचालन की अनुमति दे दी है। प्रदेश सरकार ने बलिया समेत कुल 16 जनपदों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज शुरू करने की अनुमति दी है। माना जा रहा है कि इस फैसले के बाद बलिया जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार आएगी। जिले के गम्भीर मरीजों को अब इलाज के लिए किसी दूसरे शहर की दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। बड़ी बीमारियों का उपचार भी इस मेडिकल कॉलेज में हो सकेगा।

पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज बनाने की अनुमति मिल चुकी है। लेकिन इस मेडिकल कॉलेज की नींव बलिया में कहां पड़ेगी यह अब तक सुनिश्चित नहीं हुआ है। मेडिकल कॉलेज के लिए कैसे और कब तक बनकर तैयार होगा इसे लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है। मेडिकल कॉलेज के संचालन को लेकर फिलहाल कोई रोडमैप तैयार नहीं है। अभी सिर्फ इसे लेकर सरकार की ओर से स्वीकृति दी गई है।

बलिया के लोगों में पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज खोले जाने की घोषणा से खुशी है। माना जा रहा है कि अब अपने इलाज के लिए लोगों को कहीं भटकना नहीं पड़ेगा। अब तक जिले की जनता गम्भीर बिमारियों के उपचार के लिए वाराणसी और गोरखपुर जैसे शहरों में जाने को मजबूर थे। जिला अस्पताल की व्यवस्था दुरुस्त ना होने की वजह से लोगों को इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है। लोगों का मानना है कि इस मेडिकल कॉलेज के शुरू होने के बाद हर रोज जिला अस्पताल से मरीजों को दूसरे किसी शहर रेफर नहीं किया जाएगा।

बता दें कि मेडिकल कॉलेज के निर्माण को लेकर पिछले दो सालों से कवायद हो रही है। लेकिन मेडिकल कॉलेज अब तक जमीन पर नहीं उतर सका है। 2019 में प्रदेश सरकार के निर्देश पर इसे लेकर जमीन भी चिन्हित की गई थी। राजकीय निर्माण निगम की ओर से 326 करोड़ का प्रस्ताव भी बनाया गया। लेकिन फिर यह परियोजना ठंडे बस्ते में चली गई। इसके बाद जिला प्रशासन की ओर से सर्वे टीम ने कई जगह जमीन का सर्वे किया। लेकिन हर बार मानक पूरा न होने की वजह से मामला आगे न बढ़ सका। अब देखने वाली बात होगी कि पीपीपी मॉडल पर मेडिकल कॉलेज कब तक जमीन पर उतरती है?

Continue Reading

बलिया

बलिया में अंधी रफ्तार का कहर, मॉर्निंग वॉक पर निकले बुजुर्ग को बुलेट ने मारी टक्कर, मौके पर मौत

Published

on

बलिया में सड़क हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे। ताजा मामला सामने आया है बैरिया-रेवती मार्ग से, जहां गंगा पांडेय के टोला में मॉर्निंग वॉक कर घर आ रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग को बैरिया के तरफ से आ रही बुलेट सवार ने टक्कर मार दी। जिससे बुजुर्ग गंभीर रुप से घायल हो गए। जिन्हें स्थानीय लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा ले गए। जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना को अंजाम देने के बाद बाइक सवार भाग गया। जिसके बाद घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने बैरिया रेवती मार्ग जाम कर दिया। रेवती एसएचओ ने कार्यवाई का आश्वासन देकर जाम को समाप्त कराया। बताया जा रहा है कि घटना शुक्रवार की है जहां 70 वर्षीय बरमेश्वर पांडेय रोज की तरह शुक्रवार को भी बैरिया रेवती मार्ग पर मॉर्निंग वॉक कर अपने घर की तरफ वापस लौट रहे थे। उसी दौरान वह बैरिया की तरफ से आ रही तेज रफ्तार बुलेट की चपेट में आ गए।

घटना के बाद बुलेट चालक मौके से फरार हो गया। इस दौरान सड़क पर गिरकर बुरी तरह जख्मी बरमेश्वर पांडे को लोग इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा ले गए। जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। गंगापांडे के टोला में यह सूचना पहुंचते ही आक्रोशित ग्रामीण सड़क पर उतर कर बैरिया रेवती मार्ग जाम कर दिए। प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। सूचना पर पहुंचे थानाध्यक्ष यादवेंद्र पांडे ने ग्रामीणों को समझाया।

ग्रामीण बुलेट चालक पर कार्यवाही तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक मदद की मांग कर रहे थे। इस दौरान विधायक सुरेंद्र सिंह ने भी फोन पर आंदोलित लोगों से बात की। रेवती एसएचओ यादवेंद्र पांण्डेय ने त्वरित कार्यवाई और परिवारजनों की मदद का आश्वासन दिया तब जाकर जाम समाप्त हुआ।

Continue Reading

TRENDING STORIES

error: Content is protected !!