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बलियाः शादी के डेढ़ साल बाद नवविवाहिता की संदिग्ध मौत, परिजनों ने ससुरालियों पर लगाए आरोप

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बलियाः शादी के डेढ़ साल बाद नवविवाहिता की मौत का मामला सामने आया है। जानकारी के मुताबिक गड़वार थाना क्षेत्र के सिकरिया कला गांव निवासी ऐनुल कमाल की बेटी शमा परवीन की शादी डेढ़ साल पहले सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के मटूरी गांव में किताबुद्दीन खान के पुत्र अब्दुल सलाम उर्फ हीरो से हुई थी। लेकिन शादी के कुछ महीनों बाद ही पति-पत्नी के बीच किसी तीसरी युवती को लेकर विवाद होने लगा। शमा ने इसकी जानकारी अपने मायके वालों को भी दी।

बताया जा रहा है कि शमा का पति अब्दुल अपनें एक भाई के साथ हैदराबाद मे रहकर किसी प्राइवेट कम्पनीं में काम करता है। वहां भी उसी लड़की को लेकर विवाद हुआ। शमा ने एक दिन परेशान होकर अपने भाई अरशद कमाल को फोन किया और शिकरिया कला ले जाने की बात कही। जब अरशद ने शमा के जेठ अब्दुल से बात की तो उसने कहा कि मेरी पत्नी बीमार है, 10-15 दिन बाद जब वो ठीक हो जाएगी तो शमा को ले जाना।

इसकी जानकारी अरशद ने मृतिका को दी। शनिवार सुबह अचानक शमा की मौत की खबर उसके परिजनों को दी। अरशद ने आरोप लगाया कि जब मैं अपनी बहन के ससुराल मटूरी पहुंचा तो इन लोगों ने मुझे अपनी बहन का फोन देने से इनकार कर दिया, तब मुझे शक हुआ। जिसके बाद अरशद ने थाने में तहरीर दी कि उसे सूचना मिली थी कि मेरी बहन शमा परवीन ने रोशनदान से लटक कर फांसी लगा ली। हम लोग पहुंचे तो वहां किताब उद्दीन अब्दुल कलाम उर्फ मंसूर तथा देवर नवाब खान मौके पर मौजूद थे तथा बहन का शव उसके कमरे में बेड पर पड़ा था। ऐसे में मेरी बहन के मौत के कारणों की जांच की जाए।

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सुरहाताल में नौकायन से पहले स्थानीय नाविकों को दिया गया प्रशिक्षण

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बलिया के सुरहा ताल में 10 दिसंबर से पक्षी महोत्सव का शुभारंभ होगा। इसमें नौकायन भी होगा। इसको लेकर नावों के सफल संचालन के लिए स्थानीय नाविकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण रखा गया।

बता दें कि जिलाधिकारी के निर्देशानुसार जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, बलिया व रेडक्रास सोसायटी के माध्यम से प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस दौरान उत्तर प्रदेश नाव सुरक्षा एवं नाविक कल्याण नीति के अंतर्गत तैयार की गई एसओपी के बारे विस्तृत रूप से नाविकों को बताया गया। नाविकों को लाइफ जैकेट को सही तरीके से पहनने, लाइफ व्याय रिंग के प्रयोग तथा नाव के रखरखाव एवं परिचालन में विशेष सावधानी बरतने के संबंध में विस्तृत रूप से प्रशिक्षित किया गया।

उक्त प्रशिक्षण में जिला आपदा विशेषज्ञ पीयूष सिंह बघेल, नायब तहसीलदार संत विजय सिंह ,रेड क्रॉस सोसाइटी से शैलेंद्र कुमार पांडे,अभिषेक राय तथा जनपद के प्रशिक्षित आपदा मित्र धर्मेंद्र ठाकुर ,राजकिशोर यादव सहित सुरहा ताल के आसपास के लगभग 2 दर्जन नाविक उपस्थित रहे।

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बलियाः 10 साल बीते पर अब तक बनकर तैयार नहीं हुआ मांझी रेल पुल

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बलिया में विकास कार्यों की रफ्तार कितनी धीमी है, इसका अंदाजा लगाने के लिए मांझी रेल पुल ही काफी है। पिछले 10 सालों से निर्माणाधीन इस पुल का काम आजतक पूरा नहीं हुआ है। लोग अब भी पुल के पूरी तरह बनने की बांट जोह रहे हैं लेकिन पुल कब तक बनकर तैयार होगा यह कहना मुश्किल है।

बता दें कि साल 1856 में अंग्रेज इंजीनियर इंचकेप ने इसका निर्माण करवाया था। साल 1993 में भूंकप के झटके से पुल क्षतिग्रस्त हो गया। इस पुल को सुधवाया गया तब से पुल पर राजधानी सहित दर्जनों मेल एक्सप्रेस, मालगाड़ी व पैसेंजर गाड़ियों का आवागमन जारी है।

150 साल पुराना यह पुल धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। लिहाजा इसके ठीक पास में वाराणसी-छपरा रेलखंड पर बकुल्हा मांझी रेलवे स्टेशनों के बीच सरयू नदी पर लगभग 300 करोड़ की लागत से नया पुल बन रहा है। लेकिन इसका निर्माण काफी धीमी गति से हो रहा है।

पिछले 10 सालों से बन रहे इस पुल का 95 फीसदी काम पूरा हो गया है लेकिन पुलिस का एक पाया निर्माण के साथ ही टेढ़ा हो गया। जिसकी मरम्मत में वक्त लगेगा। कहा जा रहा है कि पुल 6 महीने बाद ही बनकर तैयार हो पाएगा।

पूर्वोत्तर रेलवे जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह का कहना है कि मांझी रेल पुल का कार्य जल्द से जल्द पूरा कराने के लिए कार्यदायी संस्था को आदेशित किया गया है, सब कुछ ठीक-ठाक रहा तो गर्मी के मौसम में नए रेल पुल पर ट्रेनें दौड़ने लगेगी।

 

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MLA उमाशंकर ने विस में उठाया बंद पड़े ओवरहेड टैंकों व जर्जर बिजली तारों का मुद्दा

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बसपा विधायक उमाशंकर सिंह विधानसभा में बलिया से जुड़े मुद्दे उठाते रहते हैं। मंगलवार को विधायक सिंह ने जिले में बंद पड़े ओवरहेड टैंकों, जर्जर विद्युत तारों व डीएपी के अभाव का मुद्दा उठाया।

विधायक ने विधानसभा में अवगत करता हेुए बताया कि खनवर, कुरेजी, अठिलापुरा, सिसवार, हजौली, जाम, शाहमुहम्मदपुर के ओवर हेड टैंक चालू किए जाने के कुछ समय बाद ही बंद हो गए। पिपरा पट्टी बहीरापुर, प्रधानपुर में टैंक तैयार हैं फिर भी चालू नहीं किए जा सके। इसके चलते स्थानीय लोगों को काफी ज्यादा परेशानी हो रही हैं।

इसके साथ ही विधायक ने चिलकहर ब्लॉक में विद्युत आपूर्ति हेतु लगभग 50 वर्ष पुराने लगे 33 व 11 केवीए के जर्जर तारों को तत्काल बदलने की मांग की। उन्होंने कहा कि पुराने जर्जर तारों से हादसे होने का डर बना रहता है। साथ ही बिजली आपूर्ति भी प्रभावित होती हैं ऐसे में जल्द से जल्द तारों को बदला जाए ताकि स्थानीय लोगों की परेशानी दूर हो सके।

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