Connect with us

featured

बलिया में नामांकन के पहले दिन जमकर उड़ी सोशल डिस्टेंस की धज्जियां, नहीं दिखी कोई व्यवस्था

Published

on

बलिया डेस्क: नामांकन का पहला दिन और साथ में शुरू हुए नवरात्रि के पहला दिन, ऐसे में प्रत्याशी पहले देवी मंदिरों पर जाकर मत्था टेंके फिर अपने समर्थकों के साथ नामांकन करने पहुंचे। इस दौरान देवी मंदिरों में जहां प्रत्याशी तथा उनके समर्थकों की भारी भीड़ देखी गई।

वहीं जिला मुख्यालय सहित जनपद के सभी ब्लाक मंगलवार को खचाखच भरा रहा। मजे की बात यह रही कि पूर्व मंत्री अंबिका चौधरी अपने पुत्र आनंद चौधरी के साथ सिटी मजिस्ट्रेट के कोर्ट पहुंचे और उन्होंने पहला नामांकन पत्र दाखिल किया। उसके बाद सपा के जिलाध्यक्ष राजमंगल यादव की पत्नी रंजू देवी नामांकन के लिए पहुंची।

इनके साथ पूर्व मंत्री नारद राय व राजमंगल यादव मौजूद रहे। वहीँ वार्ड नम्बर 24 से मरगूब अख्तर तो वार्ड नंबर 16 से नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी के पुत्र रणजीत चौधरी ने नामांकन पत्र दाखिल किया। इसके अलावा कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप सिंह, सच्चितानंद तिवारी ने भी नामांकन पत्र दाखिल किया। नामांकन के पहले दिन भाजपा, कांग्रेस सपा, बसपा, आम आदमी पार्टी, जन अधिकार पार्टी, सुभासपा सहित अन्य राजनैतिक दलों के घोषित प्रत्याशियों ने नामाकन पत्र दाखिल किया।

नामांकन के दौरान टीडी कालेज चौराहा स्थित जिला मजिस्ट्रेट के मुख्य द्वार पर पुलिस का पहला लगा रहा। अंदर प्रवेश करने वाले एक प्रत्याशी व एक प्रस्तावक को बकायदे चेक करने के बाद उन्हें जानें की अनुमति दी गई। जिलाधिकारी कार्यालय, अपर जिलाधिकारी कार्यालय, मुख्य राजस्व अधिकारी कार्यालय, उपजिलाधिकारी कार्यालय, अपर जिलाधिकारी कार्यालय, सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय व उप चकबंदी न्यायालय में वार्ड नंबर एक से ५८ तक क्र प्रत्याशियों ने नामांकन पत्र दाखिल किया।

जमकर उड़ी सोशल डिस्टेंस की धज्जियां
नामांकन स्थल पर कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए कोई व्यवस्था नहीं की गई। जिसके चलते लोग कतारबद्ध तरीके से नामांकन पत्र दाखिल करते रहे। करीब सभी अधिकारियों के कोर्ट में सोशल डिस्टेंस का पालन ठीक से नहीं कराया गया। कारण यह भी है कि प्रत्याशियों के भीड़ के आगे प्रशासन को भी पीछे हटना पड़ा। सुबह से शाम तक प्रत्याशियों व प्रस्तावक की भीड़ लगी रही। अंदर और बाहर भीड़ के चलते महिलाएं पूरी तरह से कोरोना संक्रमण से भयभीत रहा। देरतक खड़े होने के बाद अधिकतर कई प्रत्याशी जमीन पर बैठ गए। अंदर-बाहर भीड़ को देख पुलिस को भी पीछे हटना पड़ा।

 

featured

बलिया में टायर व पेट्रोल शव जलाने का वीडियो वायरल, 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड

Published

on

बलिया ।  बलिया में पुलिस की संवेदनहीनता सामने आई है। यहां गंगा में बहती लाशों को निकाल कर अंतिम संस्कार के समय उस पर पेट्रोल छिड़क दिया गया, जिससे वह जल्दी जल जाए। इतना ही नहीं चिता पर लकड़ी के साथ-साथ टायर भी रख दिए गए।

इसका वीडियो वायरल होने के बाद एसपी ने पांच सिपााहियों को सस्पेंड कर दिया है। पूरे मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक संजय कुमार को सौंपी गई है ।

 

बताया गया है कि विडिओ यह फेफना के माल्देपुर घाट का है। यहां गंगा नदी से लाशों को निकालने के बाद सही तरीके से उनका अंतिम संस्कार नही किया जा रहा है।

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि चिता पर लड़की के साथ टायर रखे गए हैं। शव को जल्दी से जलाने के लिए बीच-बीच में उसपर पेट्रोल भी छिड़का जा रहा है। यह सब सिपाहियों की मौजूदगी मे होता है।

Continue Reading

featured

बुजुर्ग महिला को आवास नहीं मिला तो बलिया के बलवंत ने चंदा जुटा कर बनवा दिया घर

Published

on

बलिया। कहते हैं रोटी कपड़ा और मकान के लिए ही लोग जीवन भर संघर्ष करते रह जाते हैं। इसमें भी मकान का तो क्या ही कहना। जैसा समय है, व्यक्ति रोटी, कपड़ा का जुगाड़ कर ले बहुत है। लेकिन बलिया के एक शख्स ने कमाल का काम किया है।

पुराना मकान

सहतवार के बिसौली गांव के रहने वाले बलवन्त ने एक दिव्यांग महिला का घर बनवाने की जिम्मेदारी ले ली है। वह बीते कुछ महीनों से चंदा जुटा कर धीरजा देवी का घर बनवा रहे हैं।
देखिए कुछ तस्वीरें

मुख्यमंत्री तक ने नहीं सुनी बात
बलवंत बताते हैं कि शासन-प्रशासन के यहां वह दौड़ भाग करके थक गए। लेकिन सत्ता में बैठे किसी भी जनप्रतिनिधि का ना तो मन पसीजा और ना ही अपनी निधि से एक गरीब के लिए वह घर ही बनवा पाए।

उन्होंने धीरजा देवी का घर बनवाने के लिए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री तक से गुहार लगाई। सीएम आदित्यनाथ के के जनता दरबार में कहने के बाद भी उनकी बात नहीं सुनी गई और गरीब का घर नहीं बन सका।

बलवंत ने हमें बताया की बलिया के तत्कालीन डीएम भवानी सिंह खंगरौत तक बात गई थी। राज्यसभा सांसद नीरज शेखर ने धीरजा देवी के घर के लिए डीएम से कहा था। बलवंत खुद कई बार जिम्मेदारी समझते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर कह चुके हैं लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।

लगातार संपर्क और दौड़ भाग के बाद भी जब किसी ने कोई मदद नहीं की तो बलवंत ने खुद ही घर बनवाने का बीड़ा उठा लिया। बलवंत ने तय किया है कि वह चंदा जुटा कर ही धीरजा राजभर का घर बनवाएंगे। फिलहाल घर बन रहा है और इलाके में इस प्रयास की काफी चर्चा हो रही है। बलवंत ने बताया कि लोगों का सहयोग रहा तो दो-तीन महीनों में ही घर तैयार भी हो जाएगा।

Continue Reading

featured

बेटी के सिर से उठ गया था पिता का साया, उमाशंकर सिंह ने निभाई पिता की भूमिका, कराई शादी

Published

on

बलिया। जिले के रसड़ा विधानसभा से विधायक उमाशंकर सिंह ने क्षेत्र के एक गांव की गरीब बेटी की शादी अपने खर्च पर कराई है। जिसकी चर्चा पूरे इलाके में हो रही है।  बता दें कि शादी के ठीक छह महीने पहले  नेहा के पिता का साया उसके सिर से उठ गया।

छठ पूजा के दिन ही कुछ लोगों ने रसड़ा क्षेत्र के सरया गांव निवासी हीरामन यादव की गोली मारकर हत्या कर दी। पूरा परिवार बेसुध पड़ा था। पिता के शव पर बेटी का विलाप सबको झकझोर दे रहा था। भारी भीड़ के बीच रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह भी मौके पर पहुंचे थे। बेटी नेहा चीख-चीखकर कह रही थी, अब उसकी शादी कैसे होगी? मेरा कन्यादान कौन करेगा?

उसके सवाल लोगों का कलेजा चीर रहे थे। विधायक ने भरोसा दिया कि पिता को तो मैं वापस नहीं ला सकता लेकिन दोषियों पर कार्रवाई जरूर कराएंगे तथा शादी भी उसी धूमधाम से सम्पन्न कराएंगे, जैसा आपके पिता चाहते थे।

छह महीना पहले बंधायी गयी इस आस को रसड़ा विधायक उमाशंकर सिंह ने 14 मई को पूरा किया। बेटी के तिलक से लेकर विवाह तक की सारी तैयारी अपनी देखरेख में करायी। बेटी के लिए उपहार व बरातियों-रिश्तेदारों के स्वागत में कोई कमी न रह जाय, इसकी सारी तैयारी खुद पूरी करायी।

तिलक के दिन ढेर सारा उपहार नेहा की ससुराल जगदीशपुर में भेजवाया तो 14 मई को शादी के दिन घंटों नेहा के घर पर एक अभिभावक की तरह मौजूद रहे। द्वारपूजा से लगायत अन्य सभी रस्मों में तत्परता से एक ‘बाबुल की भूमिका निभायी। कन्यादान नेहा के चाचा ने किया।

Continue Reading

TRENDING STORIES